सुमेर सागर: ताल की जमीन पर घर बनाने वालों को जीडीए करेगा 'बे-ताल', खेल में शामिल अफसरों की भी खैर नहीं

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Updated Fri, 03 Jul 2020 09:56 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला।

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

सार

  • प्राधिकरण ने क्षेत्र में बने सभी मकानों के मानचित्रों की जांच शुरू की
  • मानचित्र स्वीकृत करने वाले अफसरों-कर्मचारियों पर भी लटकी तलवार

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ताल सुमेर सागर की जमीन पर बने जिन दो मकानों का मानचित्र स्वीकृत है उसे अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) निरस्त करने की तैयारी में जुट गया है। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित लोगों ने जानकारी छिपा कर धोखे से मानचित्र स्वीकृत करा लिए थे। यही नहीं ताल क्षेत्र व उसके आस-पास के घरों को जारी हुए मानचित्र की भी जांच शुरू कर दी गई है।  
विज्ञापन

बुधवार तक सात फाइलें मिली है। प्राधिकरण सभी का सत्यापन करा रहा है। ज्यादातर में बैनामे के कागजात नहीं होने से गाटा संख्या का पता नहीं लग पा रहा जिससे प्राधिकरण ने सदर तहसील को पत्र लिखकर ताल के सभी गाटा संख्या की जानकारी मांगी है, उसी के आधार पर मानचित्र जांचे जाएंगे।
 
प्राधिकरण के मुताबिक अगर गलत तरीके से मानचित्र पास करने के खेल में विभाग के किसी अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने भी बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह को पत्र लिखकर संबंधित पर कार्रवाई की अपील की है।

दरअसल ताल सुमेर सागर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यह बात सामने आई थी कि यशवंत सिंह पुत्र पदुमदेव सिंह व आशीष सक्सेना पुत्र स्व. गंगा प्रसाद सक्सेना ने वर्ष 2001 में अपने मकान का मानचित्र पास कराया है। इसको लेकर जीडीए पर भी सवाल उठने लगे तो यहां भी अब जांच शुरू हो गई है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

गूगल मैप से जुटाई जानकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us