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घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को नहीं जाना पड़ेगा पुलिस स्टेशन, घर पर ही मिलेगा न्याय

डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Updated Sat, 21 Mar 2020 01:12 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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सार

  • घर जाकर घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाएगी पुलिस
  • 112 पर फोन करने पर दो महिला सिपाही घर जाकर करेंगी पंजीकरण, आरोपित को देंगी हिदायत
  • 6 महीने तक केस का होगा फॉलोअप, दोबारा हिंसा होने पर आरोपित पर होगी कड़ी कार्रवाई

विस्तार

सवेरा योजना में जिस प्रकार बुजुर्गों का पंजीकरण हो रहा है, उसी प्रकार पुलिस अब घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के घर जाकर पंजीकरण करेगी। महिला पुलिसकर्मी उनकी समस्याओं को सुनकर न्याय दिलाएगी। यही नहीं, पुलिस छह माह तक केस का फॉलोअप करेगी। दोबारा हिंसा होने पर पुलिस आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मामले की सीधे लखनऊ कंट्रोल रूम से भी लगातार मॉनीटरिंग की जाएगी।
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डॉयल 112 पर आए दिन घरेलू हिंसा की शिकायतें आती हैं। थानों पर भी घरेलू हिंसा के मामले आते हैं। उनमें से अधिकांश पेंडिंग हैं और पीड़ित महिलाएं परेशान होकर थाने, अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर काटती रहती हैं। इससे निजात दिलाने के लिए पुलिस विभाग ने यह नया तरीका अपनाया है।
कार्रवाई न होने से पड़ी जरूरत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में स्थानीय पुलिस की लापरवाही से घरेलू हिंसा व छेड़खानी सहित अन्य मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती, जिससे महिलाएं परेशान रहती हैं। वे कई बार डॉयल 112 पर कॉल करती हैं और अधिकारियों व थाने का चक्कर लगाती रहती हैं। पुलिस के एक आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन दस मामले घरेलू हिंसा के आते हैं।
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ऐसे होगा पंजीकरण

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