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यूपी की बिटिया को मिला पीएम रिचर्स फेलोशिप पुरस्कार, किया ऐसा कारनामा कि हर कोई है हैरान

निधि पांडेय। निधि पांडेय।

यूपी: मुठभेड़ में घायल एक लाख का इनामी बदमाश गिरफ्तार, 12 मुकदमे हैं दर्ज

साढ़े चार वर्ष पहले पुलिस को चकमा देकर भागे एक लाख रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। एसओजी टीम की मदद से हर्रैया पुलिस को यह कामयाबी मिली। एसपी हेमराज मीना ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि शुक्रवार रात 11 बजे विशेषसरगंज हर्रैया मार्ग पर ग्राम नदायें के पास से अभियुक्त कमलेश मांझी निवासी कौशल्या घाट थाना रामजन्मभूमि जनपद अयोध्या को गिरफ्तार कर लिया।

उसके पास से दो डबल बैरल बंदूक, एक पिस्टल, बाइक, आठ कारतूस, एक चोरी की बाइक बरामद किया है। उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल 2016 को छावनी थाने के गौरिया नयन गांव के पास स्वाट टीम और छावनी पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। जिसमें गोंडा निवासी राम कुमार यादव पुलिस की गोली से मारा गया था। उसके साथ मौजूद कमलेश मांझी निवासी कोतवाली अयोध्या गोली लगने से घायल हो गया था।

पुलिस उसे गिरफ्तार करके जिला अस्पताल ले गई। उसके पैर में गोली फंसी हुई थी। पहली मई को उसका ऑपरेशन करके गोली निकलने की योजना थी। इसके एक दिन पहले ही 30 अप्रैल को सुबह ब्रश करने के बहाने हथकड़ी समेत कमलेश जिला अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी।  

 
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यूपी: तेज रफ्तार पिकअप पेड़ से टकरा कर गड्ढे में पलटी, दो की मौत

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां तरकुलवा थाना क्षेत्र के कसया-देवरिया सड़क पर सोंहुला रामनगर के समीप शनिवार की सुबह अनियंत्रित मुर्गा लदा पिकअप पेड़ से टकराकर गड्ढे में गिर गई। हादसे में पिकअप चालक सहित दो की मौत हो गई। वहीं एक युवक गंभीर घायल है। जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आजमगढ़ जिले के थाना फूलपुर कस्बा निवासी फैसल (23) पुत्र लल्लन, रानीसराय निवासी छोटू (20) व नवादा निवासी आतिक (20) पुत्र नियाज अन्य साथियों के साथ चंदौली जिले के कहानियां से मुर्गा पिकअप पर लोड कर बिहार के बेतिया जिले के नौतन लेकर जा रहे थे।

अभी गाड़ी तरकुलवा थाना क्षेत्र के सोंहुला रामनगर गांव के समीप पहुंचा था कि पिकअप चला रहे फैसल को नींद आ गई। पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर गड्ढे में पलट गई।

इस दौरान सड़क पर टहल रहे युवकों ने पुलिस को सूचना देकर मदद करने में जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस पिकअप का दरवाजा काट कर सभी को बाहर निकाली। जिसमें चालक फैसल की मौत हो गई थी। पुलिस तीनों युवकों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया।

इलाज के दौरान छोटू की मौत हो गई। वहीं घायल आतिक का इलाज चल रहा है। पुलिस मृतकों का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजवा दिया। मृतकों के परिजन तहरीर देगें तो कार्रवाई की जाएगी।

 
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बिना गुनाह किए ही पुलिस कस्टडी में गुजारे 14 दिन, परिवार बोला- 'भगवान किसी को न दिखाए ऐसा दिन'

अमर उजाला आपको ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहा है। जिनका वजूद साजिश के जाल में फंसकर तिनके की तरह बिखर गया। शाहपुर इलाके के ज्ञानू तिवारी अमर उजाला की टीम से बातचीत के दौरान भावुक हो गए और बोले कि भाई साहब कुछ भी नहीं बचा, 14 दिन तो अपराधियों की तरह ही मैंने और परिवार ने गुजारे हैं। लगता था कि क्या कर दिए हैं।

हाथ बांधे ज्ञानू की आंखें भर आईं। बोले-थाने गया, पुलिस वाले यही पूछना शुरू किए बताओ हत्या किए हो या कराए हो? यह सुनकर सन्न रह गया। फिर कुछ देर बाद एसपी सिटी आए। उनके बात करने के बाद लगा कि नहीं मुझे इंसाफ मिल जाएगा, लेकिन उनके जाने के बाद फिर से पुलिस वालों के वही तीखे सवाल।

यह पूछने पर कि आखिर मन में क्या चल रहा था कि कैसे बचेंगे? बोल पड़े, यही लग रहा था कि अब तो कुछ बचा नहीं है। पूरी जिंदगी की कमाई इज्जत भी चली गई और वह भी बिना कुछ किए? पत्नी और घर की महिला को थाने में बैठा लिया गया था। इतनी जलालत कि हिसाब नहीं। किसी तरह से एक रिश्तेदार के जरिए बंगलूरू में रहने वाली एकलौती बेटी से बात हुई, उसे भी झूठा दिलासा दिया कि सब कुछ ठीक है, परेशान मत हो। मगर ऐसी परेशानी, ता जिंदगी नहीं भूल पाएंगे हम सब वे 14 दिन। पूरा परिवार यही दुआ कर रहा कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाएं।
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संतकबीरनगर में 11 संक्रमितों की रिपोर्ट आई निगेटिव, तीन नए मिले पॉजिटिव

ज्ञानू तिवारी।
संतकबीरनगर जिले में शनिवार को आई रिपोर्ट में तीन लोग कोरोना पॉजिटिव मिले है। पूर्व में पॉजिटिव मिले 11 लोग ठीक हुए है। इसके अलावा 1585 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तक जिले में 2922 लोग पॉजिटिव मिल चुके है। जबकि 40 संक्रमित की मौत हो चुकी है।

अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि शनिवार को तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसमे खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र में दो और हैंसर ब्लॉक क्षेत्र में एक लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पूर्व में पॉजिटिव मिले 11 लोग स्वस्थ्य हुए है।

अपर सीएमओ ने बताया कि अब तक 2922 लोग पॉजिटिव मिल चुके है। जबकि 40 संक्रमित की मौत हो चुकी है। 105 लोग एक्टिव है। 2777 लोग ठीक हो चुके है। 1585 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 3146 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। अपर सीएमओ ने अपील की है कि जो लोग संक्रमित के संपर्क में आए हो, वे खुद अपनी जांच करा लें।
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इस वजह से लगा था 'गोल्डन कार्ड' पर ग्रहण, अब जिले के हर गांव में चलेगा विशेष अभियान

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत गोरखपुर जिले के हर गांव में गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए एक नवंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत उन गांवों में शिविर लगेगा, जहां एक भी गोल्डेन कार्ड नहीं बने हैं। ऐसे गांवों की सूची तैयार की गई है। आशा के माध्यम से लाभार्थियों तक शिविर की सूचना पहुंचाई जाएगी।

यह जानकारी सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने दी। बताया कि कोविड-19 के प्रसार के कारण गोल्डन कार्ड बनाने के अभियान पर काफी असर पड़ा है। ऐसे में अब ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनवाने हैं, जिससे की लाभार्थियों को लाभ मिल सके। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने निर्देश दिए हैं।

सीएमओ ने बताया कि योजना के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय की देखरेख में यह अभियान चलना है। अभियान के दौरान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने पर 10 रुपये प्रति कार्ड आशा कार्यकर्ता को भी दिए जाएंगे। प्रयास है कि 26 अक्तूबर तक संबंधित गांवों की आशा कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों का प्रिंटेड डेटा उपलब्ध करा दें। जागरूकता के उद्देश्य से प्रत्येक आशा को योजना से संबंधित 50 लीफलेट भी दिए जाएंगे।
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इस दर्दनाक कहानी को पढ़कर भर आएंगी आपकी आंखें, जानिए एक घिनौनी साजिश ने कितनों को कर दिया तबाह

बेआबरू हुए, अपनों की नजरों में गिरे, कंगाल हुए और पेशानी पर वह पहचान चस्पा हो गई, जिससे उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता ही नहीं था। जीते जी मार देने वाली यह कहानी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के हर उस शख्स की है, जो किसी की घिनौनी साजिश का शिकार हो गया। एक साजिश ने उसे कातिल बना दिया। दुष्कर्मी बना दिया। और न जाने कैसी-कैसी घिनौनी पहचान उस पर जमाने और पुलिस की कलम ने चस्पा कर दी।
 
कुछ पर ऊपर वाले की मेहर हुई और पुलिस की कलम की इबारत बदल गई। नतीजा, अब वे पुलिस के कागजों में कातिल नहीं हैं, न ही दुष्कर्मी। ये उनके लिए अंतहीन काली रात के दौरान सुबह होने जैसा है। मगर, इस रात की सुबह नहीं होती तो...? पूरी जिंदगी जेल में गुजरती, परिवार तिल-तिल मरता। अब जब वह स्याह रात गुजर गई तो उनके दिल में बस एक मलाल है, जिसने उनकी और उनके अपनों की जिंदगी को दोजख बना दिया, क्या उनसे कोई सवाल करेगा? क्या उनकी करनी का कोई फल उन्हें कभी मिलेगा? उन पुलिस वालों का क्या होगा, जो किसी साजिशिए का हथियार बन गए?

पीड़ितों के मन में सवालों का तूफान है। सबक सिखाने को सख्त कानून है, फिर भी जिम्मेदार पुलिस की कलम ऐसे घिनौने साजिशियों को सजा दिलाने के नाम पर नपुंसक क्यों हो जाती है? क्यों न्याय के बीज नहीं बो पाती? पुलिस अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी कौन बताएगा? उन पुलिसवालों को क्या कोई इनाम मिलेगा, जिन्होंने किसी फरिश्ते की तरह साजिश के शिकार उन जैसों की बिगड़ी तकदीर संवार दी? दिल को शीशे की मानिन्द किर्च-किर्च कर देने वाले ये तमाम अहसास और सवाल, अमर उजाला को उन्हीं वक्त के मारों से मिले, जिनका वजूद साजिश के जाल में फंसकर तिनके की तरह बिखर गया। आइए दिल को छू लेने वाले ऐसे ही कुछ अहसास आपसे साझा करते हैं। हम दुआ करते हैं और आप भी करें कि ऐसे दिन किसी को न दिखाए। तो चलिए आज एक अनछुए-अनदेखे सफर पर-
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पत्नी से अवैध संबंध के शक में कर दी थी दोस्त की हत्या, एक साल बाद ऐसे हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कैंपियरगंज इलाके के धरमपुर गांव के राजबारी टोला निवासी बब्बन मौर्या का शव करीब एक साल पहले उसके घर के पास मिला था। अब एक साल बाद इस घटना का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी को दबोच लिया है। पता चला है कि बब्बन के दोस्त ने पत्नी से अवैध संबंध के शक में उसकी हत्या कर दी थी।

ये है मामला
इस मामले को हादसा बताकर पुलिस दो बार फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर चुकी थी। एसएसपी ने एक बार फिर फाइल खुलवाकर मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराई तो हत्या के साक्ष्य मिले। पुलिस इस मामले के दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।  एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी क्राइम आलोक वर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया।

अफसरों ने बताया कि 3 जून 2019 को बब्बन मौर्या का शव उसके घर के पास ही मिला था। इसमें पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन फिर जांच में यह कहते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी कि शराब के नशे में सड़क पर गिर जाने से बब्बन के सिर में चोट लग गई और उसकी मौत हो गई। इस मामले की फाइल दोबारा क्राइम ब्रांच में खोली गई तो एक बार फिर यही रिपोर्ट लगाकर फाइल को बंद कर दिया गया।
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