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सावन में कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगा कर्ज की समस्या  से छुटकारा
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सावन में कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगा कर्ज की समस्या से छुटकारा

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चार दशक तक गंडक नदी के किनारे चलती थी 'जंगल पार्टी' की सरकार, खेत बोता था किसान, फसल काटते थे डकैत

बिहार बार्डर से सटे जिले के उत्तरी छोर पर गंडक नदी के दियारा में चार दशक तक जंगल पार्टी के डकैतों की हुकूमत चलती थी। बंदूक के बल पर दिनदहाड़े अपहरण, फिरौती और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देकर ये अपराधी नेपाल देश में छिप जाते थे।

खैरा व बेंत की तस्करी और बालू घाटों से अवैध वसूली के चलते जंगल डकैतों के पास रुपये और हथियारों की कमी नहीं होती थी। हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस भी इनसे सीधे मुठभेड़ से बचने लगी थी। वर्ष 1970 के आसपास शुरू हुआ यह तांडव वर्ष 2010 तक चलता रहा।

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गंडक नदी के दोनों तरफ की जमीन बेहद उपजाऊ है। आजादी के काफी पहले से इस क्षेत्र में धान व गन्ने की खेती होती रही है। बाद में वाल्मीकिनगर के जंगल से खैरा की लकड़ी व बेंत काटकर देश के बड़े शहरों में भेजा जाने लगा। इस धंधे से जब कई प्रभावशाली लोग जुड़े तो लकड़ी व बेंत का यह कारोबार अवैध रूप से भी चलने लगा।
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नारायणी गंडक नदी। नारायणी गंडक नदी।

गोरखपुर में भी हैं विकास दुबे जैसे बदमाश, मुकदमों की है लंबी लिस्ट, जानिए किस पर कितने केस

अपराध के रास्ते राजनीति में आए लोगों पर नजर रखने के लिए गोरखपुर जिले के टॉप टेन बदमाशों की पुरानी सूची खंगाली जा रही है। कानपुर की घटना से पहले ही जिले में बनी ऐसी ही एक टॉप टेन की सूची में पिपरौली ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह का नाम तीसरे नंबर पर दर्ज है।

सुधीर के अलावा सूची में माफिया प्रदीप सिंह, विनोद उपाध्याय और अयोध्या जायसवाल का नाम शामिल है। सूची में एक मृत बदमाश का नाम भी शामिल है। पुलिस अब बदमाशों के आपराधिक इतिहास व उनकी गतिविधि की जानकारी नए सिरे से तलाश रही है।
 
जानकारी के मुताबिक, कानपुर मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। अफसर किसी भी बदमाश को राजनीतिक हो या दूसरा संरक्षण, छोड़ने के मूड में नहीं है। इसी क्रम में जिले के टॉप टेन की सूची निकाली गई है जिसे अब अपडेट भी किया जा रहा है।

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आपको बताएं, यूपी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पूर्व पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सभी जिलों से टॉप टेन बदमाशों की एक सूची तैयार कराई थी। इस सूची में उन लोगों के नाम भेजे गए थे, जिनके खिलाफ सख्ती से पूरे जिले में शांति कायम रह सके। इसी क्रम में गोरखपुर पुलिस ने 10 लोगों का नाम शासन को भेजा था। लिस्ट में शामिल बदमाशों में ज्यादातर जमानत पर बाहर हैं।
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खुशखबर: गोरखपुर में इस चौराहे पर भी बनेगा मेट्रो स्टेशन, जानिए कितना आएगा खर्चा

कोरोना संकट के बीच विकास कार्यों को गति मिलने के साथ ही शहर की बड़ी परियोजनाओं में से एक मेट्रो को लेकर भी कवायद तेज हो गई है। निर्माण सामग्री स्टोर करने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गौतम बुद्ध छात्रावास के पीछे करीब पांच हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की गई है। वहीं पर सर्विस सब स्टेशन बनाया जाएगा।

इसके पहले डीपीआर में सर्विस सब स्टेशन के लिए ह्वी पार्क के पास जमीन चिह्नित की गई थी, मगर जीडीए ने इसपर आपत्ति जता दी थी। अब नए सिरे से फिर से जगह चिह्नित कर रिपोर्ट राइट्स को भेज दी गई है।

उधर, राइट्स व लखनऊ रेल मेट्रो कॉरपोरेशन ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का अनुमोदन कर शासन को भेज दिया है। जल्द ही प्रदेश कैबिनेट से इसे मंजूरी भी मिल जाने की उम्मीद है। रविवार को गोरखपुर दौरे पर आए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने भी इसके संकेत दिए हैं।
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संतकबीरनगर में दो और मिले कोरोना पॉजिटिव, जिले में एक्टिव संक्रमितों की संख्या हुई 73

Gorakhpur metro
संतकबीरनगर में मंगलवार को आई रिपोर्ट में दो और कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 12 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। पूर्व में पॉजिटिव पाए गए दो लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने से उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब तक 287 लोग पॉजिटिव मिल चुके है। जबकि सात संक्रमित की मौत हो चुकी है।

अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि मंगलवार को दो लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिसमें दुधारा क्षेत्र के भभौरा गांव निवासी 32 वर्षीय युवक पॉजिटिव मिला है। 22 जून को युवक मुंबई से लौटा था। रैंडम जांच में युवक पॉजिटिव मिला है।

उसी क्षेत्र के मकदूमपुर की 25 वर्षीय महिला पॉजिटिव मिली है। 19 जून को महिला मुंबई से हवाई जहाज से परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ लखनऊ तक आई थी। उसके बाद फिर वाहन से घर लौटी थी। सभी का रैंडम जांच हुआ। जिसमें महिला पॉजिटिव मिली। जबकि परिवार के चार अन्य की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

पॉजिटिव मिले लोगों को सेंट थॉमस इंटर कॉलेज के एलवन अस्पताल में क्वारंटीन करा दिया गया। जबकि पूर्व में पॉजिटिव पाए गए दो लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने से उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अपर सीएमओ ने बताया कि अब तक 287 लोग पॉजिटिव मिल चुके है। जबकि सात संक्रमित की मौत हो चुकी है। 73 लोग एक्टिव हैं। जबकि 214 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।

 मंगलवार को 739 लोगों का नमूना लेकर जांच को भेजा गया है। अब तक 11368 लोगों का नमूना जांच को भेजा जा चुका है। जिसमें 8877 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 2191 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसमें 198 की रिपोर्ट रीपिटेड है। 32 जगह कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का मनाया गया 86वां जन्मदिन, लोगों ने कहा- मिलना चाहिए भारत रत्न

बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का 86वां जन्मदिन कुशीनगर स्थित तिब्बती बौद्ध मंदिर में मनाया गया। आयोजन भारत तिब्बत सहयोग मंच की ओर से किया गया। बौद्ध अनुयायियों के साथ स्थानीय लोगों ने उनके स्वस्थ रहने व दीर्घायु होने की कामना की। वहीं धर्म गुरु दलाईलामा को भारत रत्न दिलाए जाने की मांग की।

मुख्य अतिथि विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि पूजनीय धर्मगुरु दलाई लामा का सपना तिब्बत स्वतंत्रता का पूरा हो सकता है। देश में नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है, इसलिए मुमकिन है। अध्यक्षता डॉ. सीएस सिंह ने किया।

भारत तिब्बत सहयोग मंच के क्षेत्रीय संयोजक डॉ. शुभलाल ने कहा कि कूटनीतिक राजनीति से चीन पर विजय प्राप्त करने के लिए धर्म गुरु दलाईलामा को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए। कार्यक्रम को सुरेश प्रसाद गुप्त व ओमप्रकाश सिंह ने विचार व्यक्त किया।

इसके पूर्व अतिथियों ने उनके चित्र पर पुष्पार्चन किया। संचालन जनार्दन ने किया। अंत में तिब्बत मंदिर के प्रभारी ताशी ने आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, विनोदकांत मिश्र, चंद्रिका शर्मा, डॉ.वीना कुमारी, डॉ.अंबरीष कुमार विश्वकर्मा, डॉ.सीमा गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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कोरोना संक्रमण के नए-नए लक्षण मिलने से डॉक्टर भी हैरान, इन मरीजों को दे रहे हैं ये खास सलाह

कोरोना वायरस के लक्षणों ने डॉक्टरों को हैरान कर दिया है। आए दिन नए-नए लक्षणों के साथ मरीज कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। किसी को बुखार के साथ सिर दर्द तो किसी को बुखार के साथ उल्टी-दस्त हो रहा है। जांच में ऐसे केस में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं। यही वजह है कि डॉक्टर अब बुखार के मरीजों को जांच की सलाह दे रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि बुखार को हल्के में न लें। यदि जरा सी भी दिक्कत हो तो बिना जांच कराए दवा बिल्कुल न खाएं। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि बुखार के मरीज खुद से दवा का सेवन न करें।

अगर तबीयत खराब होती है तो तत्काल जिला अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाएं। ग्रामीण मरीज सीएचसी और पीएचसी पर भी डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से भी जांच कराई जा रही है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।
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गोरखपुर वासियों को जल्द मिलेगा चंडीगढ़ के सुखना लेक जैसा नजारा, यहां चल रही है तैयारी

अस्तित्व खो चुके गोरखपुर जिले के ताल सुमेर सागर को दोबारा वजूद में लाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ताल की जमीन से अवैध कब्जा ध्वस्त कराने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल चंडीगढ़ के सुखना लेक की तरह ताल सुमेर सागर को भी विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए ले-आउट तैयार कर लिया गया है। सोमवार को इसे अंतिम रूप देने के लिए सदर तहसील में आर्किटेक्ट के साथ प्रशासन की बैठक भी हुई।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के मुताबिक, 10 एकड़ में करीब छह एकड़ में मुख्य ताल होगा। उसके किनारे-किनारे करीब 1.5 किलोमीटर का जॉगिंग ट्रैक होगा। चार एकड़ में पार्क, गाड़ियां खड़ी करने के लिए पार्किंग और फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा। म्यूजिकल फाउंटेन, लाइटिंग और लोगों के बैठने के लिए बेंच आदि की भी व्यवस्था की जाएगी।

उनका कहना है कि वजूद खो चुुके सुमेर सागर ताल को फिर से ताल का स्वरूप देने से यह शहर की एक अलग पहचान तो बनेगा ही, आस-पास के 1.10 लाख लोगों को जलभराव से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही ताल से जल संचय भी हो सकेगा।

दोबारा चल रही पैमाइश
ताल सुमेर सागर की रविवार से दोबारा पैमाइश शुरू कर दी गई है। सोमवार को भी पैमाइश का काम चलता रहा। माना जा रहा है कि इस बार की पैमाइश में कुछ और भी अवैध निर्माण सामने आ सकते हैं।
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बीमार बेटे के इलाज के लिए परेशान था पिता, उठा लिया ये खौफनाक कदम

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां आर्थिक तंगी के कारण बीमार बेटे का इलाज नहीं करा पाने से दुखी पिता ने खुद को आग लगा ली। बुरी तरह से झुलसी हालत में गांव और परिवार वाले उसे अस्पताल ले गए लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या का केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

जानकारी के मुताबिक जिले के पथरा थानाक्षेत्र के सेहरी बुजुर्ग गांव निवासी लवकुश (34) के बड़े बेटे कर्ण (06) को बीते तीन साल से सिरदर्द की शिकायत है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने और लॉकडाउन में जमा पूंजी भी खत्म होने के कारण लवकुश अपने बेटे का इलाज ठीक ढंग से नहीं करा पा रहा था। इस कारण वह परेशान रह रहा था।

सोमवार को बेटे के सिर में तेज दर्द हुआ, दर्द से तड़पते बेटे को देखकर लवकुश विचलित था। इस दौरान लवकुश देर रात घर से खेत की ओर निकला और गांव के दक्षिण सिवान में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगा ली।
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