विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

Coronavirus in Haryana: अंबाला के मृतक को समधन से हुआ था संक्रमण, महिला पर दर्ज होगा केस

कोरोना महामारी से जान गंवाने वाले अंबाला निवासी मरीज को अपनी बेटे की सास से संक्रमण मिला था।

10 अप्रैल 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

अंबाला

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

लॉकडाउन तोड़ने वालों पर जमकर चला पुलिस का डंडा, 2120 वाहनों के चालान कर वसूले 47.18 लाख

लॉकडाउन तोड़ने वालों पर जमकर चल रहा है पुलिस का डंडा, 2120 वाहनों के चालान कर वसूले 47.18 लाख माई सिटी रिपोर्टर अंबाला। लॉकडाउन तोड़ने वालों पर पुलिस का डंडा खूब चल रहा है। अब तक पुलिस 83 केस दर्ज कर 95 आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है। दो हजार से ज्यादा वाहनों के चालान कर 47 लाख रूपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला जा चुका है। ताजा दर्ज किए गए 19 मामलों में भी पुलिस 35 आरोपियों को पकड़ चुकी है। कोरोना वायरस की वजह से राज्य सरकार की ओर से प्रदेशभर में लॉकडाउन घोषित किया गया था। सरकार ने आदेश की अनुपालना न करने वाले नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिले में पुलिस ऐसे 83 मामले दर्ज कर 95 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही 224 वाहनों को जब्त किया गया। 2120 वाहनों के चालान कर उनसे 47.18 लाख रूपये का जुर्माना वसूला गया। मोटरसाइकिल सवार बने ज्यादातर शिकार पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान बिना किसी जरुरी कार्य के बाहर घूमने वाले लोगों पर जमकर कार्रवाई की। सबसे ज्यादा शिकार मोटरसाइकिल सवार बने। इनके खिलाफ पुलिस ने चालान की कार्रवाई की। साथ ही जिनके दस्तावेज पूरे नहीं थे उन्हें जब्त किया। नारायणगढ़, शहजादपुर, बराड़ा व मुलाना थाना एरिया में ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने दुकानें व होटल खोलने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की। लक्ष्मी नगर के संजीव को पुलिस ने जलबेड़ा रोड पर बिना अनुमति दुकान खोलने पर काबू किया। ... और पढ़ें

सफाई कर्मचारियों का सम्मान, तालियां बजाकर बरसाए फूल

अंबाला। कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन में बेहतर सफाई के लिए बुधवार को सेक्टर-1 अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सफाई कर्मचारियों पर फूल बरसाए गए। 450 रिहायशी भवनों वाले इस सेक्टर की सफाई का जिम्मा सात कर्मचारी संभाल रहे हैं। घरों से रोज कूड़ा उठाने के साथ सेक्टर की सभी सड़कों को साफ सुथरा रखना भी इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। मुश्किल समय में सेक्टरवासियों को स्वच्छता की सुविधा उपलब्ध करवाने पर अब एसोसिएशन ने सभी कर्मचारियों को सम्मानित किया। साथ ही उन्हें परिवार के लिए राशन देने के साथ मास्क, गलब्ज व सैनिटाइजर्स भी उपलब्ध करवाए गए। मिले सम्मान के बाद हर सफाई कर्मचारी बेहद उत्साहित नजर आया। एसआई को भी मिला सम्मान सेक्टर-1 की अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बुधवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। प्रधान सुधीर शर्मा की अगुवाई में सेक्टरवासियों ने लॉकडाउन के बावजूद सेक्टर में बेहतर सफाई कर रहे सभी कर्मचारियों को सम्मानित करने का फैसला किया था। उपप्रधान वीके छिब्बर, व सचिव जनकराज ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के साथ नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर राकेश धारीवाल रिक्की को भी शॉल देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि जब देश के ज्यादातर नागरिक कोरोना वायरस की वजह से अपने घरों में बंद हैं। ऐसे में अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर ये कर्मचारी उनके घरों से कूड़ा उठा रहे हैं। साथ ही सेक्टर की सफाई भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इन्हें सम्मान देना सबकी जिम्मेदारी है। इसी वजह से सभी नौ कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। ... और पढ़ें

राशन न मिलने से छावनी की भूरमंडी के सैकड़ों लोग परेशान

अम्बाला कोरोना वायरस के चलते देश में 23 मार्च से लॉक डाऊन जारी होने के दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद राशन न मिलने से छावनी की भूरमंडी के सैकड़ों बाशिंदे परेशान है । राशन कार्ड लेकर महिलाओं व पुरुष कार्ड धारकों ने अपने वार्ड पार्षद और प्रशासन के खिलाफ राशन उपलब्ध न करवाए जाने के आरोप लगाए । स्थानीय महिलाओं का कहना है कि यहाँ कुछ लोगों को तो थोड़ा बहुत राशन मिला है, जबकि ज्यादातर लोग इससे वंचित रह गए हैं । जब वोट की जरुरत होती है तो उनका प्रयोग किया जाता है मगर उसके बाद कोई सुनने वाला नहीं है । उनका कहना है कि कइयों के पास पीली व कुछ के पास हरे राशन कार्ड भी हैं लेकिन उन्हें न तो सरकार और न ही किसी अन्य की तरफ से राशन मिला है । उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन जल्द उन्हें राशन उपलब्ध करवाए । हालाँकि इस बारे में स्थानीय पार्षद से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला । इस बस्ती के ज्यादातर नुमाइंदे गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं । यह लोग नौकरी पेशा वाले व फैक्ट्री में काम करने वाले मजदुर हैं जो लॉक डाऊन में राशन की भारी दिक्कत का सामना कर रहे हैं। इनका कहना है कि राशन कार्ड होने के बावजूद इन्हे राशन नहीं मिल रहा है । वे इसके लिए कई जगह गुहार लगा चुके हैं लेकिन इनकी सुनवाई नहीं हो रही । इनका आरोप है बाहर राशन लेने जाने पर पुलिस के डंडों का डर अलग रहता है । उनकी मांग है इस संकट की घडी में उन्हें राशन दिलवाया जाना चाहिए । ... और पढ़ें

Coronavirus in Haryana: अंबाला के मृतक को समधन से हुआ था संक्रमण, महिला पर दर्ज होगा केस

कोरोना महामारी से जान गंवाने वाले अंबाला निवासी मरीज को अपनी बेटे की सास से संक्रमण मिला था। यह सच सामने आने के बाद अब महिला के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। शुक्रवार को उक्त पटियाला निवासी महिला की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई।

बताया जा रहा है कि महिला विदेश यात्रा करके लौटी थी। उसके बाद वह हरजीत सिंह के संपर्क में आई थी। बुधवार को हालत खराब होने पर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार के इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो प्रशासन हरकत में आया।

प्रदेश में कुल संक्रमित 162 मरीजों में से अंबाला में 7, भिवानी में 2, चरखी दादरी में 1, फरीदाबाद में 28, फतेहाबाद में 1, गुरुग्राम में 32, हिसार में 1, जींद में 1, करनाल में 5, कैथल में 2, नूंह में 38, पलवल में 28, पानीपत में 4, पंचकूला में 5, रोहतक में 1, सिरसा में 3, सोनीपत में 2 और झज्जर में 1 मरीज सामने आ चुका है।
... और पढ़ें
कोरोना, लॉकडाउन और बढ़ते मामले कोरोना, लॉकडाउन और बढ़ते मामले

मालगाड़ियों और विशेष पार्सल ट्रेनों के संचालन में लगे रनिंग स्टॉफ की हो रही थर्मल स्क्रीनिंग

थर्मल स्क्रीनिंग होने के बाद ही मालगाड़ियों और विशेष पार्सल ट्रेनों की कमान रनिंग स्टॉफ को सौंपी जा रही है। पूरी तरह से फिट स्टॉफ को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। रेलवे द्वारा रनिंग स्टॉफ की सुरक्षा को लेकर जरूरी हिदायतों का पालन हो रहा है। उनकी सुरक्षा को लेकर गुरुवार उन्हें एक हेल्थ कीट जारी की गई ताकि वह ड्यूटी के दौरान अपना पूरा ध्यान रख सकें। देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल का स्टॉफ सरहानीय कार्य कर रहा है।
थर्मल स्क्रीनिंग
ट्रेन परिचालन से पहले रनिंग स्टॉफ की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। ड्यूटी के लिए हस्ताक्षर/आरम्भ करने से पहले लोको लॉबी में यह कार्य किया जा रहा है। ट्रेन का प्रत्येक चालक दल इस कार्य में उत्कृष्ट योगदान दे रहा है।
सफाई की तरफ विशेष ध्यान
लोको, लॉबी, रनिंग रूम और सामान्य क्षेत्र के कीटाणु शोधन / गहरी सफाई की तरफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रस्थान के लिए तैयार हो रहे लोको को ठीक से कीटाणु रहित किया जाता है। इसके बाद संपूर्ण लॉबी और आम क्षेत्र जो कर्मचारियों के लगातार संपर्क में आता है, ठीक से साफ किया जा रहा है।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए रनिंग स्टॉफ को जरूरी हिदायत दी गई है कि एक रेस्ट रूम में दो से अधिक कर्मचारी नहीं होंगे और एक ही समय में 4 कर्मचारियों तक के उपयोग के लिए डाइनिंग टेबल को सीमित किया गया है।
दी जा रही सुरक्षा / सफाई किट
प्रत्येक लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को एक किट प्रदान की जाती है। इसमें 3 लेयर मास्क ,1 जोड़ी दस्ताने, 1 डेटॉल साबुन, 1 अल्कोहल आधारित तरल सैनिटाइजर, लाइजोल और 4 टिश्यू पेपर साप्ताहिक आधार पर उपयोग के लिए दिए जा रहे हैं।
... और पढ़ें

मालगाड़ियों और विशेष पार्सल ट्रेनों के संचालन में लगे रनिंग स्टॉफ की हो रही थर्मल स्क्रीनिंग

थर्मल स्क्रीनिंग होने के बाद ही मालगाड़ियों और विशेष पार्सल ट्रेनों की कमान रनिंग स्टॉफ को सौंपी जा रही है। पूरी तरह से फिट स्टॉफ को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। रेलवे द्वारा रनिंग स्टॉफ की सुरक्षा को लेकर जरूरी हिदायतों का पालन हो रहा है। उनकी सुरक्षा को लेकर गुरुवार उन्हें एक हेल्थ कीट जारी की गई ताकि वह ड्यूटी के दौरान अपना पूरा ध्यान रख सकें। देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल का स्टॉफ सरहानीय कार्य कर रहा है।
थर्मल स्क्रीनिंग
ट्रेन परिचालन से पहले रनिंग स्टॉफ की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। ड्यूटी के लिए हस्ताक्षर/आरम्भ करने से पहले लोको लॉबी में यह कार्य किया जा रहा है। ट्रेन का प्रत्येक चालक दल इस कार्य में उत्कृष्ट योगदान दे रहा है।
सफाई की तरफ विशेष ध्यान
लोको, लॉबी, रनिंग रूम और सामान्य क्षेत्र के कीटाणु शोधन / गहरी सफाई की तरफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रस्थान के लिए तैयार हो रहे लोको को ठीक से कीटाणु रहित किया जाता है। इसके बाद संपूर्ण लॉबी और आम क्षेत्र जो कर्मचारियों के लगातार संपर्क में आता है, ठीक से साफ किया जा रहा है।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए रनिंग स्टॉफ को जरूरी हिदायत दी गई है कि एक रेस्ट रूम में दो से अधिक कर्मचारी नहीं होंगे और एक ही समय में 4 कर्मचारियों तक के उपयोग के लिए डाइनिंग टेबल को सीमित किया गया है।
दी जा रही सुरक्षा / सफाई किट
प्रत्येक लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को एक किट प्रदान की जाती है। इसमें 3 लेयर मास्क ,1 जोड़ी दस्ताने, 1 डेटॉल साबुन, 1 अल्कोहल आधारित तरल सैनिटाइजर, लाइजोल और 4 टिश्यू पेपर साप्ताहिक आधार पर उपयोग के लिए दिए जा रहे हैं।
... और पढ़ें

लॉक डाउन की आड: 47 शिक्षकों के साथ 22 चुतर्थ श्रेणी कर्मी वेतन को तरसे

जिले की सबसे नामी संस्थाओं में शामिल श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन आने वाले एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 47 शिक्षकों के सामाने लॉक डाउन में परिवार चलाने के साथ अपने घर के खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है। बात यहीं खत्म नहीं होती हालात यह हैं कि स्कूल में कार्यरत 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और उनके परिवार वालों के आगे तो भूखा मरने की नौबत ही आ चुकी है। क्योंकि इन 69 कर्मचारियों में से अभी तक किसी भी कर्मचारी को मार्च महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला। ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन के कारण बिल न बने हों। सैलेरी के बिल भी बन चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक न तो प्रिंसिपल ने स्टाफ के वेतन के बारे में कोई प्लान बनाया न ही मैनेजमेंट ने इस पर कोई ध्यान देना लाजमी समझा। बता दें कि गत वर्ष यह स्कूल अपनी इसी तरह की अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में रहा था और यहां पर शिक्षा विभाग को एडमिनिस्ट्रेट लगाना पड़ा था। बता दें कि सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, फैक्ट्रियों, दुकानदारों व संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि लॉक डाउन की अवधि में किसी भी कर्मचारी का वेतन न काटा जाए। इतना ही नहीं नगर निगम और परिषदों ने अपने एरिया में रहने वाले प्रवासी लोगों का तो किराया भी माफ करने के आदेश पारित किए हुए हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन अपने स्टाफ का वेतन देने को तैयार नहीं है। श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन शहर में 4 स्कूल चल रहे हैं। एसए जैन स्कूल में इस समय करीब 1200 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
बता दें कि लंबे समय से विवादों में चल रहे इस स्कूल में कुलदीप भुटानी मैडम को कार्यवाहक प्रिंसिपल बनाया गया था। लेकिन इसी लॉक डाउन की अवधि में पहले से ही प्रिंसिपल रह चुके नीरज बाली ने दोबारा से पूर्ण रूप से प्रिंसिपल का पदभार संभाल लिया। अलबत्ता अब प्रबंधन यह भी नहीं कह सकता कि प्रिंसिपल नहीं हैं। वेतन दिलाने की सारी जिम्मेदार प्रिंसिपल की होने के बावजूद खुद प्रिंसिपल ही इस पूरे मामले से अब पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। कहा मेरे संज्ञान में नहीं है मामला मैं तो 29 को बिल बना आया था। यदि बिल बनाते तो वह पास क्यों नहीं हुए? इसका जवाब खुद उनके पास भी नहीं था।
... और पढ़ें

लॉक डाउन की आड: 47 शिक्षकों के साथ 22 चुतर्थ श्रेणी कर्मी वेतन को तरसे

जिले की सबसे नामी संस्थाओं में शामिल श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन आने वाले एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 47 शिक्षकों के सामाने लॉक डाउन में परिवार चलाने के साथ अपने घर के खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है। बात यहीं खत्म नहीं होती हालात यह हैं कि स्कूल में कार्यरत 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और उनके परिवार वालों के आगे तो भूखा मरने की नौबत ही आ चुकी है। क्योंकि इन 69 कर्मचारियों में से अभी तक किसी भी कर्मचारी को मार्च महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला। ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन के कारण बिल न बने हों। सैलेरी के बिल भी बन चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक न तो प्रिंसिपल ने स्टाफ के वेतन के बारे में कोई प्लान बनाया न ही मैनेजमेंट ने इस पर कोई ध्यान देना लाजमी समझा। बता दें कि गत वर्ष यह स्कूल अपनी इसी तरह की अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में रहा था और यहां पर शिक्षा विभाग को एडमिनिस्ट्रेट लगाना पड़ा था। बता दें कि सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, फैक्ट्रियों, दुकानदारों व संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि लॉक डाउन की अवधि में किसी भी कर्मचारी का वेतन न काटा जाए। इतना ही नहीं नगर निगम और परिषदों ने अपने एरिया में रहने वाले प्रवासी लोगों का तो किराया भी माफ करने के आदेश पारित किए हुए हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन अपने स्टाफ का वेतन देने को तैयार नहीं है। श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन शहर में 4 स्कूल चल रहे हैं। एसए जैन स्कूल में इस समय करीब 1200 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
बता दें कि लंबे समय से विवादों में चल रहे इस स्कूल में कुलदीप भुटानी मैडम को कार्यवाहक प्रिंसिपल बनाया गया था। लेकिन इसी लॉक डाउन की अवधि में पहले से ही प्रिंसिपल रह चुके नीरज बाली ने दोबारा से पूर्ण रूप से प्रिंसिपल का पदभार संभाल लिया। अलबत्ता अब प्रबंधन यह भी नहीं कह सकता कि प्रिंसिपल नहीं हैं। वेतन दिलाने की सारी जिम्मेदार प्रिंसिपल की होने के बावजूद खुद प्रिंसिपल ही इस पूरे मामले से अब पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। कहा मेरे संज्ञान में नहीं है मामला मैं तो 29 को बिल बना आया था। यदि बिल बनाते तो वह पास क्यों नहीं हुए? इसका जवाब खुद उनके पास भी नहीं था।
... और पढ़ें

दोसड़का के इंजीनियर ने घरेलू सामान से बनाया वेंटिलेटर, 2 लोगों को एक साथ मिलेगी सुविधा

देश में कोरोना के मरीज धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। अभी हालात काफी कंट्रोल में है। सरकार और प्रशासन की सख्ती के कारण लॉक डाउन नियमों का पालन हो रहा है। लेकिन अगर हालात बिगड़े तो इसे संभालने के लिए सबसे उपयोगी वस्तु वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी जो भारत में व्यक्तियों की संख्या के हिसाब से नाममात्र है। आमजन की जान से जुड़ी इस सुविधा को गांव दोसड़का के एक इंजीनियर ने तैयार किया है और वो भी बेहद ही कम खर्च पर। गांव दोसड़का निवासी इंजीनियर विशाल भंडारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आने वाले समय में दवाइयों के साथ-साथ वेंटिलेटर की विशेष आवश्यकता होगी। यह सुविधा मौजूदा समय में बढ़े अस्पतालों में ही उपलब्ध है, इसके लिए लोगों को भारी-भरकम फीस अदा करनी पड़ती है। इसलिए आमजन से जुड़ी इस अहम वस्तु को तैयार करने के लिए उन्होने दिन-रात एक कर दिए। उनके अथक प्रयास से एक मिनी वेंटिलेटर तैयार हुआ है जो आने वाले समय में कोरोना मरीजों के लिए काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
विशाल ने बताया कि उन्होंने मिनी वेंटिलेटर तैयार करने के लिए घरेलू सामान का ही इस्तेमाल किया है जो आसानी से बाजार में भी मिल जाता है। इसमें लगभग 8 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यह एक समय में 2 मरीजों के लिए कारगर सिद्ध हो सकता है। इसे तैयार करने के बाद कुछ डाक्टरों की भी राय ली गई, उन्होंने इसे एक आकर्षक व कम खर्च पर आधारित एक विशेष अविष्कार बताया। विशाल ने बताया कि अगर भारत सरकार से इसे मान्यता मिल जाती है तो वह कुछ और वेंटिलेटर बनाकर अस्पतालों और संस्थाओं को देंगे।।
... और पढ़ें

दोसड़का के इंजीनियर ने घरेलू सामान से बनाया वेंटिलेटर, 2 लोगों को एक साथ मिलेगी सुविधा

देश में कोरोना के मरीज धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। अभी हालात काफी कंट्रोल में है। सरकार और प्रशासन की सख्ती के कारण लॉक डाउन नियमों का पालन हो रहा है। लेकिन अगर हालात बिगड़े तो इसे संभालने के लिए सबसे उपयोगी वस्तु वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी जो भारत में व्यक्तियों की संख्या के हिसाब से नाममात्र है। आमजन की जान से जुड़ी इस सुविधा को गांव दोसड़का के एक इंजीनियर ने तैयार किया है और वो भी बेहद ही कम खर्च पर। गांव दोसड़का निवासी इंजीनियर विशाल भंडारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आने वाले समय में दवाइयों के साथ-साथ वेंटिलेटर की विशेष आवश्यकता होगी। यह सुविधा मौजूदा समय में बढ़े अस्पतालों में ही उपलब्ध है, इसके लिए लोगों को भारी-भरकम फीस अदा करनी पड़ती है। इसलिए आमजन से जुड़ी इस अहम वस्तु को तैयार करने के लिए उन्होने दिन-रात एक कर दिए। उनके अथक प्रयास से एक मिनी वेंटिलेटर तैयार हुआ है जो आने वाले समय में कोरोना मरीजों के लिए काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
विशाल ने बताया कि उन्होंने मिनी वेंटिलेटर तैयार करने के लिए घरेलू सामान का ही इस्तेमाल किया है जो आसानी से बाजार में भी मिल जाता है। इसमें लगभग 8 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यह एक समय में 2 मरीजों के लिए कारगर सिद्ध हो सकता है। इसे तैयार करने के बाद कुछ डाक्टरों की भी राय ली गई, उन्होंने इसे एक आकर्षक व कम खर्च पर आधारित एक विशेष अविष्कार बताया। विशाल ने बताया कि अगर भारत सरकार से इसे मान्यता मिल जाती है तो वह कुछ और वेंटिलेटर बनाकर अस्पतालों और संस्थाओं को देंगे।।
... और पढ़ें

ओलेक्स पर सोफा बेचना पड़ा महंगा, खाते से साफ हुए 1

ओलेक्स पर घर का सोफा बेचना महंगा पड़ गया। खरीदने वाले ने गुगल पे के जरिए बेचने वाले के खाते से 18 हजार रुपए से ज्यादा की राशि साफ कर दी। फ्रॉड की भनक लगने के बाद अब पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस ने भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक ठग का पता नहीं चल पाया है। डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले राजकुमार ने पंजोखरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने घर का सोफा बेचने के लिए ओलेक्स पर विज्ञापन दिया था। विज्ञापन देखने के बाद उसके पास एक कॉल आई थी। उसने सोफा खरीदने की बात कही। तय रकम को उसने गुगल पे के जरिए ट्रांसफर करने की बात कही। राजकुमार ने बताया कि वह आरोपी की बातों में आ गया। इसके लिए उसे जानकारी उपलब्ध करवाई दी गई। इसके बाद आरोपी ने उसके बैंक खाते से केवल 152 रुपये छोड़कर कुल 18417 रूपये साफ कर दिए। पुलिस ने शिकायत के बाद अब आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही आरोपी को तलाशने की बात कह रही है। ... और पढ़ें

ओलेक्स पर सोफा बेचना पड़ा महंगा, खाते से साफ हुए 1

ओलेक्स पर घर का सोफा बेचना महंगा पड़ गया। खरीदने वाले ने गुगल पे के जरिए बेचने वाले के खाते से 18 हजार रुपए से ज्यादा की राशि साफ कर दी। फ्रॉड की भनक लगने के बाद अब पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस ने भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक ठग का पता नहीं चल पाया है। डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले राजकुमार ने पंजोखरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने घर का सोफा बेचने के लिए ओलेक्स पर विज्ञापन दिया था। विज्ञापन देखने के बाद उसके पास एक कॉल आई थी। उसने सोफा खरीदने की बात कही। तय रकम को उसने गुगल पे के जरिए ट्रांसफर करने की बात कही। राजकुमार ने बताया कि वह आरोपी की बातों में आ गया। इसके लिए उसे जानकारी उपलब्ध करवाई दी गई। इसके बाद आरोपी ने उसके बैंक खाते से केवल 152 रुपये छोड़कर कुल 18417 रूपये साफ कर दिए। पुलिस ने शिकायत के बाद अब आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही आरोपी को तलाशने की बात कह रही है। ... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us