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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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20 साल में पहली बार अप्रैल का पहला सप्ताह रहा ठंडा, आज रात से फिर बारिश के आसार

कोरोना संकट के बीच 20 साल में पहली बार अप्रैल का पहला सप्ताह अपेक्षाकृत ठंडा है।

6 अप्रैल 2020

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भिवानी

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

कोलकत्ता से बंद कैंटर में आए 31 लोग

देश भर में लॉक डाउन है। सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई है और उल्लंघन पर प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इन सबके बावजूद कोलकाता से एक कंपनी का बंद बॉडी का कैंटर हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भिवानी पहुंचा। कैंटर में 31 लोगों को जानवरों की तरह ठूस रखा था। सामुदायिक दूरी तो दूर की बात सभी को ढंग से बैठने तक की जगह नहीं थी। इनमें 24 पुरुष, तीन महिलाएं और चार बच्चे थे। सभी कीे मेडिकल जांच करवाई गई जिसमें सभी फिट मिले। पुलिस ने सभी 27 के खिलाफ पुलिस केस भी दर्ज किया गया है। राज्यों और जिलों की सीमाएं सील होने के बावजूद ये लोग यहां तक कैसे पहुंचे ये बड़ा सवाल है। पुलिस जांच में जुटी है।
मामला बुधवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे का है। औद्योगिक थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक कैंटर संदिग्ध हालत में भिवानी-रोहतक मार्ग पर आ रहा है जिसमें कुछ लोग हैै। हुन्नामल प्याऊ के साथ थाना पुलिस की ओर से नाका लगाया हुआ है। जहां रोहतक रोड से आए टैंकर को रुकवाया गया। जांच की तो काफी संख्या में लोगों को बंद बॉडी के कैंटर में थे। पुलिस इन्हें सीधे ही सामान्य अस्पताल ले गई। जहां इन्हें न केवल गिना बल्कि सभी की मेडिकल जांच करवाई गई। कैंटर में चालक समेत 24 पुरुष, तीन महिलाएं और चार बच्चे थे।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये लोग भिवानी, हिसार, हांसी, जींद और राजस्थान की सीमा से लगे गांवों के रहने वाले हैं। ये सभी कोलकाता की एक गद्दे बनाने की कंपनी में काम करते थे और उसी कंपनी के कैंटर से लॉक डाउन के दौरान घर लौट रहे थे। मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी वीरेंद्र सिंह और औद्योगिक पुलिस थाना एसएचओ विक्रम जोनसन मौके पर पहुंचे। सामान्य अस्पताल में जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया। सभी 27 के खिलाफ धारा 188 के तहत केस दर्ज किया है और कैंटर को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
तो क्या कहीं नहीं हुई कैंटर की जांच...
बड़ा सवाल यह है कि हजारों किलोमीटर का सफर तय कर कैंटर भिवानी तक पहुंच गया और क्या इसकी कहीं जांच नहीं हुई। कोरोना वायरस के अलर्ट के चलते सभी राज्यों की सीमाएं सील है। जिलों में भी नाकेबंदी है। साथ ही किसी के भी पलायन पर रोक है। बावजूद इसके कैंटर में चार बच्चों और तीन महिलाओं सहित 31 लोगों को ठूंस रखा था।
तबलीगी जमात के जलसे के आठ लोग आए तो क्वारंटाइन सेंटर में हुए 11 लोग
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के जलसे में शामिल हुए भिवानी के आठ लोगों को लोहानी के अस्पताल में बनाए क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। यहां रखे लोगों की संख्या अब 11 हो गई है। अभी तक भिवानी में 470 पैसेंजर की लिस्ट आई है। जिनमें से 205 लोग अपने 28 दिन का ऑब्जर्वेशन पूरा कर चुके है। 141 लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक सात लोगों के सैंपल जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजे है और सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही है।
हमें सुबह गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद नाके के पास पहुंचे कैंटर की लांच की गई तो इसमे लोग थे। चार बच्चों सहित 31 लोग थे। सभी के खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई है। सभी की मेडिकल जांच करवाई गई है जिसमें सभी फिट मिले। सभी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। -इंस्पेक्टर विक्रम जोनसन, एसएचओ, औद्योगिक थाना।
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1600 प्रवासी मजदूरों को बांटा खाना

लॉकडाउन की विपरीत परिस्थिति में भी जान का जोखिम उठाकर विभिन्न सामाजिक संगठन प्रवासी व जरूरतमंदों परिवारों तक खाना और जरूरी खाद्य वस्तुएं पहुंचाने में लगे हैं। अमर उजाला फाउंडेशन ने ऐसे सामाजिक संगठनों के जज्बे को सलाम करने और इस पुनित कार्य में भागेदारी निभाने के लिए जनकल्याण ट्रस्ट कोलकाता, हलवासिया विद्या विहार स्कूल और स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन की टीम के साथ प्रवासी मजदूर परिवारों को 1600 खाने के पैकेट बांटे। इस मौके पर क्षत्रिय महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष ओमबीर सिंह तंवर ने जरूरतमंद लोगों को भोजन बांटा। ओमबीर सिंह तंवर ने लॉक डाउन के दौरान लोगों को घर के अंदर ही परिवार के साथ सुरक्षित रहने का आह्वान किया। जनकल्याण ट्रस्ट कोलकाता एवं हलवासिया विद्या विहार स्कूल के मैनेजर शिवशंकर कसेरा ने कहा कि हलवासिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों के सहयोग से प्रवासी मजदूर परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है। खाने के पैकेट के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सूखा राशन भी बांटा जा रहा है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि पूरे देश में लॉकडाउन लगे आठ दिन बीत चुके हैं उनका संगठन लगातार सात दिनों से प्रवासी मजदूरों को रोजाना एक हजार से 1200 पैकेट खाने के पैकेट मुहैया करा रहा है। इसी तरह पूरे शहर में जहां से भी उनके पास खाने के पैकेट उपलब्ध कराए जाने की सूचना आती है तो तुरंत उनकी टीम वहां पहुंचकर भोजन उपलब्ध करा रही है। सिटी स्टेशन पर जनकल्याण ट्रस्ट कोलकाता व स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे भोजन वितरण की शुरूआत जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल ने की। उन्होंने लोगों से खाना वितरण के दौरान सामुदायिक दूरी रखने का आह्वान किया। क्वारंटाइन सेंटर के सुरक्षा इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने खाने के पैकेट वितरण के दौरान जुटे प्रवासी मजदूरों को सामुदायिक दूरी में बैठाने की व्यवस्था कायम कराई। अमर उजाला फाउंडेशन के भोजन वितरण कार्यक्रम में सेक्टर 13 चौकी इंचार्ज सतीश कुमार, गुप्चर विभाग के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार, हलवासिया विद्या विहार विद्यालय के प्राचार्य गोपालनंद कौशिक, महिला पार्षद पति सुरेंद्र पूनिया टीटी, छात्र नेता सुर्या प्रताप सिंह तंवर, अविनाश सुरेखा, कृष्ण कसेरा, अजय गुप्ता, सुमित गुप्ता, बबलू, विपिन मित्तल, हिमांशु गुप्ता, सुरेंद्र अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, नंबरदार एसोसिएशन प्रधान इंद्रपाल सिंह कालू नंबरदार, एंटी क्राइम यूथ के प्रदेश संयोजक अभिषेक बंसल, अनिल डिपो होल्डर, रमेश सैनी, नत्थूराम सैनी, अश्विनी सैनी, हिमांशु परमार, रामबीर सिंह तंवर, मंजीत, विजय शर्मा, विजय कुमार, नवीन स्वामी उपस्थित रहे। ... और पढ़ें

कोरोना वायरसः लॉकडाउन में कोलकाता से एक कंपनी के कैंटर में भिवानी पहुंचे 31 लोग, मचा हड़कंप

देशभर में लॉकडाउन होने के बावजूद कोलकाता से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके एक कंपनी के कैंटर में 31 लोग भिवानी पहुंच गए। भिवानी-रोहतक मुख्य मार्ग पर हुन्नामल प्याऊ पर लगे औद्योगिक पुलिस थाना के नाके पर बुधवार सुबह कैंटर को जांच के लिए रोका गया। कैंटर खुलवाया गया तो उसके अंदर 31 लोग ठूस-ठूस कर भरे हुए थे। इनमें तीन महिलाएं और चार छोटे बच्चे भी शामिल थे।

पूछताछ करने पर पता चला कि ये लोग भिवानी, हिसार, हांसी, जींद और राजस्थान की सीमा से लगे गांवों के रहने वाले हैं। सभी कोलकाता में गद्दे बनाने की कंपनी में काम करते थे और उसी कंपनी के कैंटर से घर लौट रहे थे। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि हजारों किलोमीटर के सफर के दौरान इन लोगों को क्या किसी ने नहीं रोका?

मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी वीरेंद्र सिंह और औद्योगिक पुलिस थाना एसएचओ विक्रम जोनसन मौके पर पहुंचे और सभी को जिला सामान्य अस्पताल में जांच के लिए लाया गया।
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खाद्य सामग्री के बाद अब फल-सब्जियों के दाम भी निर्धारित

कोविड-19 महामारी के दौरान इन दिनों काला बाजारी और मनमाफिक खाद्य सामग्री के दाम वसूलने का खेल भी खूब चल रहा है। इसी के चलते अब खाद्य सामग्री के बाद जिला प्रशासन फल और सब्जियों के दाम भी तय कर दिए है। निर्धारित दाम से अधिक वसूलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधीश अजय कुमार ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं।
जिलाधीश अजय कुमार ने बताया कि कोविड-19 के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से फल-सब्जियों के अधिक दाम नहीं वसूलने दिए जाएंगे। इसके लिए प्रति किलोग्राम के हिसाब से रेट निर्धारित किए हैं।
अधिक वसूले तो 8295232147 पर करें शिकायत
निर्धारित रेट से अधिक रुपये वसूलने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी व्यक्ति से निर्धारित रेट से ज्यादा रुपये वसूल किए जाते हैं तो नागरिक जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक भिवानी के कमरा नंबर 41 में दूरभाष नंबर 8295232147 पर या कंट्रोल रूम पर एसएमएस, व्हाट्स एप अथवा टेलीफोन पर सूचना दे सकते हैं।
ये रहेंगे दाम
फल और सब्जियां दाम (प्रति किलो)
आलू, प्याज व टमाटर 25 रुपये
गोभी व चप्पलकद्दू 20 रुपये
घीया 17 रुपये
संतरा छोटा साइज 45 रुपये
बड़ा साइज 60 रुपये
केला छोटा साइज 40 रुपये दर्जन
केला बड़ा साइज 60 रुपये दर्जन
बैंगन गोल 20 रुपये
बैंगन छोटा गोल 25 रुपये
अदरक 125 रुपये
लहसुन 140 रुपये
हरी मिर्च 140 रुपये
मटर 55 रुपये
खीरा पोली हाउस 25 रुपये
ककड़ी 20 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये
धनिया 20 रुपये
पेठा 17 रुपये
पता गोभी 15 रुपये
भिंडी 45 रुपये
करेला 40 रुपये
पपीता 40 रुपये
आम 100 रुपये
अनार 100 रुपये तक
सेब 100 रुपये तक
अंगूर 80 रुपये तक
मौसमी 40 रुपये तक
तरबूज 30 रुपये तक
मूली 20 रुपये
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बामला गांव की शिक्षिका बहनें डॉक्टरों के लिए बना रहीं मास्क

फाइन आर्ट से पीएचडी कर रही एक सरकारी स्कूल की प्राध्यापिका के मन में आए ख्याल ने कमाल कर दिखाया है। सिलाई मशीन से उसका दूर दूर तक कोई नाता नहीं था, लेकिन फिर भी अपने मन की आवाज सुनकर उसने हाथों से कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे डॉक्टर्स और नर्स की सुरक्षा कवच को सिलना शुरू किया। उनके इस कार्य में छोटी शिक्षिका बहन ने भी हाथ बटाया। हम बात कर रहे हैं दो शिक्षिकाओं की, जिन्होंने लॉकडाउन में घर बैठे ही देश सेवा का अनूठा जज्बा दिखाया है।
भिवानी के रोहतक रोड पर शहर से मात्र नौ किलोमीटर दूर गांव बामला की स्नेहलता व हेमलता दोनों बहनें शिक्षिका हैं। स्नेहलता अंबाला के सरकारी स्कूल में प्राध्यापिका हैं, जबकि उनकी छोटी बहन हेमलता प्राइवेट स्कूल में टीचर है। दोनों बहनें नौ भाई बहनों में छठे व सातवें नंबर पर हैं। उनके दो बड़े भाई दिल्ली पुलिस में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं, जबकि एक भाई आनंद कुमार इन दिनों जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में देश की सीमा पर पहरा दे रहा है। पुलवामा हमले से 15 दिन पहले ही उसे वहां तैनात किया गया था।
स्नेहलता ने बताया कि उसका पूरा परिवार देश सेवा में जुटा है। उसके पिता उमेद सिंह 15 साल पहले सरकारी स्कूल से हेड टीचर के पद से रिटायर हुए थे। उनकी मां जयदेवी ने उन्हें हमेशा परोपकारी कार्यों के लिए प्रेरित किया है। उसकी ड्यूटी लॉकडाउन से पहले अंबाला में थी और 22 मार्च को वह एक दिन के बंद में गांव बामला अपने मायके आई थी। उसकी छोटी बहन हेमलता जींद में शादीशुदा है, वह भी बामला में ही लॉकडाउन से पहले आई थी। दोनों बहनें घर बैठे लॉकडाउन के दौरान अमर उजाला अखबार पढ़ते हुए देश के हालातों पर नजर बनाए हुए थी।
अखबार में मास्क की कालाबाजारी भी सुर्खियां बनी हुई थी। ऐसे में उन्हें सूझा कि वे भी क्यों न अपना योगदान दें। इसके लिए फाइन आर्ट में पीएचडी कर रही स्नेहलता के दिमाग में मास्क बनाने का आइडिया आया। उसने घर में रखे सफेद रंग के सूती कपड़े से 200 मास्क बना दिए। ये मास्क उसने डेमो के तौर पर सीले थे, लेकिन जब ये मास्क सरकारी अस्पताल में अपने भाई के माध्यम से पहुंचाए तो अस्पताल के चिकित्सकों ने डबल लेयर के मास्क की मांग की। जिसका सैंपल अस्पताल से लिया और फिर डबल लेयर के मास्क बनाना शुरू किए। कोविड के खिलाफ जंग लड़ रहे सरकारी डॉक्टर्स और नर्सों के लिए दोनों बहनों ने डबल लेयर के 500 मास्क सीलकर भेजे। इसके बाद सरकारी डॉक्टर्स ने टोपी की डिमांड रखी। इसका सैंपल भी दोनों बहनों तक पहुंचा। इसके बाद उन्होंने घर बैठे ही 150 टोपी भी तैयार करके भेजी।
स्नेहलता ने बताया कि सरकारी डॉक्टर्स और नर्सों को उनका काम बेहतर लगा और उनसे अब एक हजार मास्क और टोपी तैयार करने का आग्रह किया है। इस कार्य में दोनों बहनें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इन्हें तैयार करने में लगी हैं।
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कोरोना : 31 में से 28 सैंपल की रिपोर्ट आई निगेटिव, स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस

कोरोना वायरस पॉजिटिव केस आने के बाद पूरे जिले के लोगों में हड़कंप मचा है। खासकर मानहेरू और संडवा गांव में। दोनों ही गांव सील है। अब दोनों के संपर्क में आने वाले 11 और लोगों को क्वारंटीन सेंटर लोहानी लाया गया है। जहां अब 47 लोग हो गए हैं। राहत भरी खबर ये है कि शनिवार को भेजे गए 31 सैंपलों में से रविवार को 28 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन 28 में 14 दोनों पॉजिटिव मिलने वालों के परिजन भी हैं। बाकी तीन सैंपल की रिपोर्ट देर रात तक आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पॉजिटिव पाए गए दोनों जमातियों से दिल्ली से आने के बाद कहां-कहां गए, किस-किस से मिले ये पूछताछ में जुटी हुई है और जिन-जिनके नाम बताए जा रहे हैं। उनको क्वारंटीन सेंटर लोहानी लाया जा रहा है। अब तक क्वारंटीन सेंटर लोहनी में 48 लोगों को रखा गया है, जबकि दोनों पॉजिटिव को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, गांवों में भी अब लोगों में डर है। इसी कारण कई गांवों में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नाकेबंदी की है।
पॉजिटिव व्यक्ति ने दी गलत सूचना, होम क्वारंटीन के बाद भी घूमता रहा बाहर
कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद से गांव संडवा और मानहेरू में सनसनी का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने गांव को सील कर दिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि पॉजिटिव पाया गया एक व्यक्ति सही जानकारी नहीं दे रहा था। वह होम क्वारंटीन किए जाने के बावजूद बाहर घूमता रहा। पहली जांच के दौरान 23 मार्च को रैपिड टीम को बताया कि वह दिल्ली नहीं गया, बल्कि मेरठ गया था। मेरठ से जमात करके आया है। दिल्ली की जमात से उसका कोई लेना-देना नहीं है। एसएमओ डॉ. जितेंद्र ने बताया कि पहले बताया कि वे पांच व्यक्ति एक बापोड़ा गांव से, तीन मानहेरू से मेरठ गए थे। 22 मार्च को मेरठ से आए और रात्रि के समय मानेहरू में रुके। अगले दिन वह संड़वा में आया, जिसके बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया। उसे घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई। बावजूद इसके वह बाहर घूमता रहा। लोगों ने इसकी शिकायत भी दी। रैपिड टीम वहां पहुंची तो पॉजिटिव पाए व्यक्ति ने कहा कि वह घर पर ही रहता है। रैपिड टीम जब तीसरी बार जांच के लिए गई तो व्यक्ति ने अपने बयान बदल दिए और कहा कि वह मेरठ गया ही नहीं, वह तो तावडू गया था और वहां से आया है। बार-बार बयानों के बदलने पर टीम ने एक मार्च को उसे लोहानी अस्पताल में क्वारंटीन किया।
गांव में लगाया नाका
थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि बार-बार गांव संड़वा से शिकायत आ रही थी कि जो लोग होम क्वारंटीन किए हैं, वे घर से निकल रहे हैं। इस शिकायत के बाद अब संड़वा गांव में पुलिस ने होम क्वारंटीन किए लोगों के घरों के पास नाका लगाया है।
लॉकडाउन उल्लंघन पर 36 हो चुके गिरफ्तार
लॉकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से भी कार्रवाई की जा रही है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस 36 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि लॉकडाउन की अब तक की अवधि के दौरान 1234 वाहनों के चालान काटे गए हैं और 139 वाहनों को जब्त किया गया है। जांच के दौरान छह लाख 76 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। 14 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किए गए हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर नौ पर एफआईआर हुई है। दो लोगों के खिलाफ क्वारंटीन की पालना का उल्लंघन कर दूसरे का जीवन जोखिम में डालने पर केस दर्ज किए है। 36 लोगों को लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोरोना से संबंधित झूठी सूचना या अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई : डीसी
उपायुक्त अजय कुमार ने डीआरडीए हॉल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को कोरोना से संबंधित झूठी सूचना या अफवाह नहीं फैलानी चाहिए। पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे बिना कोई सच्चाई जाने किसी भी व्यक्ति को जांच करवाने या क्वारंटीन करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग या पुलिस प्रशासन पर दबाव न बनाएं, जिससे कि प्रशासन का काम प्रभावित हो। कोरोना संक्रमण से संबंधित किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में रीपू दमन सिंह ढ़िल्लो आईएएस भी मौजूद रहे। बैठक में एडीसी डॉ. मनोज कुमार, नगराधीश सुरजीत सिंह, एसडीएम महेश कुमार, एसडीएम तोशाम संदीप सिंह, एसडीएम लोहारू जगदीशचंद, उप पुलिस अधीक्षक विरेंद्र सिंह, तहसीलदार मोहनलाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक अनिल कालड़ा आदि मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन
फेसबुक, ट्वीटर, यू-ट्यूब, वेब पोर्टल या अन्य सोशल प्लेटफार्म पर कोरोना से संबंधित आधारहीन व गलत सूचना पर नजर रखने के लिए राज्य मुख्यालय स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। पुलिस की साइबर सेल भी इन पर नजर रखे हुए है। आमजन को सोशल अथवा अन्य कहीं से कोई सूचना भ्रामक या तथ्यों से परे लगती है तो वे इसकी सूचना पुलिस को दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर बिना किसी पुष्टि किए गलत पोस्ट करने वाले या फारवर्ड करने वालों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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तब्लीगी जमात से भिवानी लौटे दो जमाती मिले कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

भिवानी। तब्लीगी जमात में शामिल होकर लौटे जिले के दो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। एक पॉजीटिव तोशाम क्षेत्र के गांव संड़वा से है तो दूसरा गांव मानहेरू से है। शुक्रवार देर रात साढ़े 11 बजे के बाद पीजीआई से आठ सैंपलों की रिपोर्ट आई थी। इनमें दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव देख स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। रात हो की दोनों मरीजों को सामान्य अस्पताल में बनाए आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर उपचार शुरू किया गया। इतना ही नहीं रात को ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम गांव संडवा और मानहेरू पहुंची और पॉजिटिव आए दोनों लोगों के 14 परिजनों और 12 अन्य लोगों को लोहानी क्वारंटीन अस्पताल लेकर पहुंचे। इसके अलावा जिन लोगों को लोहानी क्वारंटीन सेंटर से शुक्रवार को फ्री किया था, उन्हें भी वापस लाया गया। रातभर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें इन्हें लाने में जुटी रही। शनिवार को विभाग ने 31 और लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
पॉजिटिव मिले लोगों में एक की उम्र 52 वर्ष है तो दूसरे की 28 वर्ष है। दोनों ही 20 मार्च को दिल्ली से आए थे। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने के बाद एक अप्रैल को टीम इनके घर पहुंची और दोनों को लोहानी क्वारंटीन किया गया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग इनके परिजनों को होम क्वारंटीन किया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें संडवा और मानहेरू पहुंचीं। एक पॉजिटिव व्यक्ति के छह और दूसरे के आठ परिजनों और 12 अन्य लोगों को क्वांरटीन सेंटर लाया गया। इसके अलावा शुक्रवार को जो क्वारंटीन सेंटर से होम क्वारंटीन किए गए थे, उन्हें भी वापस लाया गया। अब क्वारंटीन सेंटर में 37 लोग हैं, जिनमें से 31 के सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई रोहतक लैब में भेजे गए और 24 घंटे में रिपोर्ट आने का इंतजार है।
निजामुद्दीन की जमात से लौटे आठ लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से संडवा और मानहेरू से लाए गए एक-एक जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन्हें उपचार के लिए आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है। इनके परिजनों समेत कुल 37 लोगों को क्वारंटीन सेंटर में रखा है। 31 के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लोग घबराये नहीं बल्कि धैर्य से काम लें। लॉकडाउन का अच्छे से पालन करें। - डॉ. जितेंद्र कादयान, सिविल सर्जन
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संडवा और मानहेरू में कोरोना संक्रमित दो जमाती मिलने के बाद गांव सील, कराए सैनिटाइज, पुलिस तैनात

जमातियों के परिजनों को क्वारंटीन के लिए लेकर जाती कोविड-19 टीम।
भिवानी/तोशाम। जिले के गांव संडवा और मानहेरू में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद जिलेभर में हड़कंप मचा है। दोनों गांवों को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है और दोनों गांवों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जांच अभियान चला रही हैं और पूरे गांव को सैनिटाइज किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचे और संदेश दिया कि घबराएं नहीं, बस अपने घरों में रहें। राशन व अन्य कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग दोनों गांवों में स्क्रीनिंग करेगा। दोनों गांवों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और 50-50 की आबादी पर जांच टीमें बनाई हैं। सभी ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
इधर, दोनों पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी दिनभर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जुटाती रहीं। इन दोनों के संपर्क में आए परिजनों समेत 26 लोगों को क्वांरटीन सेंटर लोहानी भेजा है। यहां क्वारंटीन 37 लोगों में से 31 के सैंपल पीजीआई रोहतक भेजे गए हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुए तब्लीगी जमात के जलसे में शामिल हुए भिवानी के 22 लोगों की पहचान हुई है। इनमें संडवा और मानहेरू के दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों को नागरिक अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
12 दिन किस-किस के संपर्क में आए, तलाश में जुटे सभी
दोनों पॉजिटिव जमाती 20 मार्च को भिवानी आए थे। इसके बाद दोनों को एक अप्रैल को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। 12 दिन तक वे अपने परिवार के साथ रहे। इसके अलावा गांव में भी घूमे और अन्य लोगों के भी संपर्क में आए। एक तो दादरी जिले के विभिन्न गांवों में भी गया। अब स्वास्थ्य विभाग ने दोनों के परिजनों और संपर्क में आए कुछ लोगों को तो क्वारंटीन सेंटर लोहानी भेज दिया है। मगर अभी भी काफी लोग ऐसे हैं, जो इनके संपर्क में तो थे, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की मानें तो एक तो अपनी जानकारी भी सही नहीं दे रहा हैं। इनके 14 परिजनों व कुछ अन्य को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है।
अन्य गांवों और कॉलोनियों में भी सहमे लोग
संडवा और मानहेरू के अलावा गांवों पुर, बामला, सेक्टर-13, दिनोद में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंची और यहां से उन जमातियों को क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया जो घर भेज दिए गए थे। इन्हें ले जाने के कारण इन क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति रही। चर्चाएं रहीं कि पहले भी इन्हें ले जाया गया और शायद इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है, इसी कारण इन्हें दोबारा लिया गया है। मगर स्वास्थ्य विभाग ने यहां स्थिति स्पष्ट कर दी है कि अभी तक सिर्फ दो ही पॉजिटिव सामने आए हैं और दोनों की हालत ठीक है। दोनों का इलाज चल रहा है। अफवाहों पर ध्यान न दें और अफवाहें न फैलाए।
पॉजिटिव पाए गए पड़ोसियों को घर में किया क्वारंटीन
संडवा गांव में लोग सकते में हैं। गांव के लोग एक-दूसरे से फोन पर ही संपर्क साध जानकारी जुटा रहे हैं। दोनों गांव की गलियां पूरी तरह सुनसान हैं और लोग घरों में कैद। स्वास्थ्य विभाग ने गांव संड़वा में जांच के लिए 10 टीम बनाई हैं। पॉजिटिव आए व्यक्ति के आासपास के करीब आधा दर्जन से अधिक परिवारों को 14 दिन तक घरों में रहने की हिदायत दी है। पूरे गांव को सील कर दिया है। गांव के मुख्य रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात है। करीब 16 कर्मचारी गांव की गलियों में गश्त कर रहे हैं। सरपंच हवासिंह ने बताया कि गांव को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा है।
एसडीएम पहुंचे गांव, सावधानी का दिया संदेश
एसडीएम संदीप कुमार ने शनिवार को गांव संडवा का दौरा किया। उन्होंने वासियों से कहा कि वे संकट की इस घड़ी में न घबराएं। प्रशासन उनके साथ है। किसी प्रकार की झूठी अफवाह पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारा बनाकर रखें। लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। गांव में बाहर से आने वाले व्यक्ति पर निगरानी रखें। अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे तो उसकी सूचना पुलिस को दें। लॉकडाउन के दौरान किराना, फल और सब्जी की दुकानें गांव में सुबह छह से दोपहर एक बजे तक खुलेंगी।
कोरोना संक्रमित मिलने पर गांव मानहेरू में तैनात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम।
कोरोना संक्रमित मिलने पर गांव मानहेरू में तैनात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम।- फोटो : Bhiwani
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लॉकडाउन : अब दाल, रिफाइंड तेल, मसालों के भी रेट तय

भिवानी। लॉकडाउन के दौरान अब खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने, महंगी मिलने का बहाना बना मनमाफिक दाम वसूलने वाले दुकानदारों की खैर नहीं है। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान भिवानी जिले में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य पदार्थों के रेट निर्धारित किए गए हैं। जरूरी खाद्य वस्तु पर निर्धारित रेट से ज्यादा बिक्री करते हुए मिला तो उसके खिलाफ ईसी एक्ट के तहत कार्रवाई भी होगी। दरअसल फलों और सब्जियों के रेट निर्धारित किए जाने के बाद अब जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने भी किराना के अंतर्गत आने वाली जरूरी खाद्य वस्तुओं के रेट निर्धारित किए हैं।
लॉकडाउन की वजह बता दुकानदार आगे से ही सामान महंगा मिल रहा का बहाना बना रहे थे। यही वजह थी कि उपभोक्ताओं तक जो दाल 100 से 120 में मिलनी थी उसके भी डेढ़ सौ रुपये चुकाने पड़ रहे थे। खाद्य वस्तुओं के अधिक रेट वसूले जाने की शिकायतें भी कंट्रोल रूम में मिलने लगी। दो दिनों के दौरान ही कंट्रोल रूम में दस शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जरूरी खाद्य वस्तुओं के रेट निर्धारित कराए हैं।
निर्धारित दाम प्रति किलो व प्रति लीटर के हिसाब से
वस्तु मूल्य रुपये
1. मूंग दाल छिलका 100 से 110
2. तूर दाल 90 से 100
3. मूंग दाल साबुत 100 से 110
4. मूंग दाल धुली 110 से 120
5. उड़द दाल धुली 100 से 110
6. उड़द दाल बिना धुली 90 से 105
7. मसूर दाल 65 से 75
8. चना दाल 62 से 70
9. चीनी 36 से 38
10. चावल परमल 30 से 35
11. चावल सरबती 50 से 60
12. आटा 24 से 28
13. रिफाइंड ऑयल 95 से 105
14. नमक 18 से 20
15. हल्दी 160 से 180
16. लाल मिर्च 200 से 240
17. जीरा 200 से 240
18. राजमा 100 से 115
19. काले छोले 55 से 60
20. बेसन 70 से 75
21. मेदा 30 से 32
22. सरसों का तेल 95 से 100
(नोट : ये खुदरा मूल्य प्रति किलो हैं।)
यदि कोई किराना दुकानदार जरूरी खाद्य वस्तुओं को निर्धारित रेट से अधिक मूल्य पर बिक्री करता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की विभिन्न टीमें खाद्य वस्तुओं के रेट की निगरानी कर रही हैं। खाद्य वस्तुओं की बिक्री के संबंध में कोई भी सूचनाएं एवं शिकायत व्हाट्सएप नंबर 8295232147 पर दे सकते हैं।
- अनिल कालरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।
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22 हुई जमातियों की संख्या, आठ के लिए सैंपल भेजे

भिवानी। तब्लीगी जमात के जलसे में शामिल होकर लौटे छह और लोगों की पहचान हुई है। इन सभी को क्वारंटीन सेंटर लोहानी भेजा गया है। क्वारंटीन सेंटर भेजे गए जमातियों की संख्या अब 22 हो गई है। सरपंचों व अन्य की शिकायत पर सामने आए जमातियों में आठ के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं इनके परिजनों को होम क्वारंटीन किया गया है।
30 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुए तब्लीगी जमात के जलसे में भिवानी से भी काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। अब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब तक 22 की पहचान कर चुकी है। पहले दिन आठ, दूसरे दिन आठ और शुक्रवार को तीसरे दिन छह जमाती सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी के गांव पहुंची और एक-एक कर सभी को एंबुलेंस से लोहानी अस्पताल में बनाए क्वारंटीन सेंटर में भेजे गए। इनमें से आठ लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजे गए हैं। इन सभी 22 के परिजनों को भी होम क्वारंटीन किया है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि शुक्रवार तक 22 लोगों को बाबा योगीनाथ अस्पताल लोहानी में बने क्वारंटीन सेंटर भेजा था, जिसमें से नौ को घर भेज हैं। वहीं 13 में से 8 के सैंपल जांच के लिए पीजीआई रोहतक लैब भेजे गए हैं। उनकी रिपोर्ट 24 घंटे तक आएगी। डॉ. राजेश ने बताया कि भिवानी मेें अब तक सात यात्रियों के पहले सैंपल लिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव रही। जिले में अभी तक कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है।
गांवों में सहमे लोग, सता रहा कोरोना का डर
जिले के गांव बामला, दिनोद, मानहेरू, बहल, पुर, बापोड़ा, संडवा, भिवानी के सेक्टर 13 से जमाती मिलने के बाद यहां के लोगों में हड़कंप मचा है। साधारण खांसी, बुखार वाले को भी शक की नजर से देखा जा रहा है। इन गांवों में जनता कर्फ्यू जैसा हाल है। लॉकडाउन के बावजूद इन गांवों के लोग सुबह-शाम बाहर निकल रहे थे, लेकिन अब पूरी तरह लोग घरों में रह रहे हैं।
116 पर रखी जा रही नजर
अभी तक 471 यात्रियों की लिस्ट राज्य मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग को मिली है। इनमें से 31 यात्री विदेश चले गए और 84 यात्री दूसरे जिले व दूसरे राज्यों से हैं। 387 यात्री भिवानी से थे। सिविल सर्जन ने बताया कि इनमें अभी तक 239 का 28 दिन का समय पूरा हो चुका है। बाकी 116 यात्रियों को 28 दिन तक निगरानी रखा जाएगा। कोविड-19 के जिला भिवानी के को-ऑर्डिनेटर डॉ. राजेश ने लोगों से आह्वान किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। कोरोना वायरस संबंधी जानकारी के लिए 01664-242130, 9050397313 और हेल्पलाइन नंबर 7027847102, 108 पर संपर्क करें।
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हरियाणा में कोरोना के 27 नए मामले, जमातियों के कारण बढ़ी संख्या, 71 तक पहुंचा आंकड़ा

हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव केस तेजी से बढ़ने लगे हैं। शनिवार को 27 नए मामले सामने आए हैं। कुल पीड़ितों का आंकड़ा 71 पहुंच चुका है। मरकज से संबंध रखने वालों की संख्या 28 पहुंच गई है। इनमें एक नेपाल का रहने वाला है। जबकि पांच तमिलनाडु, तीन केरल, तीन पश्चिम बंगाल और तेलंगाना, बिहार और यूपी के दो-दो लोग हैं। वहीं पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र के एक-एक लोग शामिल हैं।

इनमें से आधा दर्जन जमाती हरियाणा से संबंध रखते हैं। सबसे ज्यादा पलवल जिले में 13 नए मामले सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। फरीदाबाद में आठ और कैथल में भी एक जमाती पॉजिटिव पाया गया है। सभी मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी आइसोलेट कर दिया गया है। 

वहीं कोरोना से अंबाला में मौत के बाद शुक्रवार को रोहतक की एक महिला की दिल्ली में कोरोना की वजह से मौत हो गई थी, जिसकी किडनी खराब थी, उसे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

पलवल में संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा
मरीजों के आंकड़े में पलवल पहले नंबर पर पहुंच गया है। पलवल में अब 17 केस हो गए हैं, जिनमें से एक ठीक हो चुका है। इसी तरह से 15 मरीजों के ठीक होने के बाद अब अंबाला में 3, भिवानी 2, फरीदाबाद 13 इस जिले में आठ मामले बढ़े हैं। गुरूग्राम 8, हिसार 1, करनाल 1, कैथल 1, नूंह 3, पलवल 16, पानीपत 1, पंचकूला में 2, रोहतक 1, सिरसा में 3 मरीज है।
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भिवानी बाजार एप से शहरवासी घर बैठे मंगवा सकेंगे राशन

भिवानी। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकारी तौर पर प्रदेश में भिवानी ऐसा पहला जिला है, जहां शहरवासियों के लिए भिवानी बाजार नाम से एप लॉन्च किया गया है। इसके माध्यम से शहरवासी घर बैठे खाद्य सामग्री के साथ दूध, फल, सब्जी व दवाइयां मंगवा सकेंगे। उपायुक्त अजय कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में इस एप को लॉन्च किया।
कोविड-19 के चलते लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। वहीं लोगों को जरूरी वस्तुएं लेने के लिए घरों से बाहर भी निकलना पड़ता है। मगर जिला प्रशासन ने भिवानी बाजार नाम से एप की सुविधा दी है, जिससे शहरवासी घर बैठे ही सामान ऑर्डर कर सकेंगे। डीसी ने बताया कि इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से नागरिक सीधे ऑर्डर कर सकते हैं और इसके अलावा इसके दिए गए फोन नंबर पर फोन या व्हाट्सएप की भी सुविधा है। उन्होंने बताया कि इन वस्तुओं को घर मंगवाने पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। फिलहाल इस एप के साथ 40 खाद्य सामग्री स्टोर, दूध के लिए एक वेंडर, फल-सब्जी के लिए सात और दवाइयों के लिए 10 मेडिकल स्टोर को जोड़ा गया है।
ऐसे कार्य करेगा एप
डीसी अजय कुमार ने बताया कि गूगल स्टोर के माध्यम से इस एप्लीकेशन को डाउनलोड किया जाएगा। इसके बाद रजिस्टर करने के लिए नए यूजर पर लिंक करना होगा। फिर नाम, मोबाइल नंबर, नजदीक का एरिया व पासवर्ड की सूचना भरनी होगी। रजिस्टर करने के पश्चात आप इस एप्लीकेशन से किराने का सामान, दवाइयां, दूध, फल व सब्जियां आर्डर कर सकते हैं। इस दौरान एनआईसी के निदेशक पंकज बजाज ने भी एप के प्रयोग के बारे में से जानकारी दी।
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जिले के 30 निजी चिकित्सक अब फोन पर देंगे मरीजों को परामर्श

भिवानी। लॉकडाउन के चलते जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद है। इस कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब मरीजों की इस समस्या का समाधान फोन होगा। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों की ऑन कॉल सेवाओं की ड्यूटी लगाई है। यानी मरीज फोन पर ही चिकित्सक से संपर्क कर दवाइयां लिखवा सकेंगे। 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों की सूची तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी गई है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र काद्यान ने बताया कि अब जिले से कोई भी मरीज अपनी बीमारी से संबंधित जानकारी और दवाई फोन के माध्यम से डाक्टर से संपर्क करके जान सकता है। विभाग द्वारा तैयार की गई सूची में भिवानी शहर के सभी स्पेशलिस्ट जैसे महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, छाती रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, सर्जन आदि सभी स्पेशलिस्ट शामिल हैं। इस नई व्यवस्था से मरीजों की समस्याएं दूर होंगी।
खांसी-जुकाम के प्रति गंभीर हुए लोग, सामान्य अस्पताल पहुंच रहे 150 से अधिक
कोरोना वायरस के चलते सामान्य अस्पताल में ओपीडी सुविधा भले ही बंद कर दी गई हो, इसके बावजूद अस्पताल में दो जगह बनाए फ्लू ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार के है, जिन्हें कोरोना वायरस का खतरा सता रहा है। दो दिन पूर्व ही आयुष विभाग में स्पेशल ओपीडी की शुरूआत की गई। यहां भी 80 मरीज ओपीडी में पहुंचे। कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामान्य मरीजों को एक-एक माह की दवाइयां देकर ओपीडी बंद कर दी है। यहीं कारण है कि सामान्य अस्पताल परिसर में दो जगह बनाए फ्लू ओपीडी वार्ड में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। दोनों ही जगह दो से तीन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। आयुष विभाग की नई ओपीडी में करीब 80 मरीज जांच के लिए पहुंचे।
ये चिकित्सक देंगे ऑन कॉल सेवाएं
महिला रोग विशेषज्ञ
डॉ. प्रियंका 9901218219
डॉ. सुमन पूनिया 9416492286
डॉ. ओमशीला गुलिया 9215541239
डॉ. मोनिका गोयल 9812042760
डॉ. नीलम 9896364380
डॉ. वंदना पूनिया 9812151824
डॉ. रीचा पूनिया 7840000591
डॉ. रेनू चुघ 9416359277
डॉ. छवी चुघ 9215330041
शिशु रोग विशेषज्ञ
डॉ.अंकित खत्री 8950899996
डॉ. संदीप लाठर 9991290888
डॉ. भूपेंद्र भारद्वाज 9728881440
मेडिसिन
डॉ. नीरज मित्तल 9034453054
डॉ. नितेश गोयल 7056403900
नेत्र रोग विशेषज्ञ
डॉ. मोनिका मित्तल 9254589075
डॉ. नरेन्द्र तनेजा 9355565288
फिजिशियन
डॉ. वेद प्रकाश अंचल 7007668411
डॉ. करन पूनिया 9812315035
डॉ. वीके चुघ 9354499567
सर्जन
डॉ. आरपी शर्मा 9416126223
डॉ. साहिल पूनिया 9660058775
डॉ. त्रिलोकी गुप्ता 9416358473
डॉ. संजय सिंगला 9991265830
डॉ. रणबीर पंघाल 9416058764
हड्डी रोग विशेषज्ञ
डॉ. सतवीर धनखड़ 9467074267
डॉ. संजीव मंदोला 9812128156
छाती रोग विशेषज्ञ
डॉ. सुशील धमीजा 9812030447
गेस्ट्रो
डॉ. मयंक चुघ 9215660939
नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ
डॉ. वैशाली पूनियां 7568241824
त्वचा रोग विशेषज्ञ
डॉ.यूएस पाहवा 9812051224
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