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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

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1300 प्रवासी मजदूरों को 35 बसें छोड़ने जाएंगी भिवानी

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को जिला से पहली बार प्रशासन बड़ी तदाद में उनके घर भेजने जा रहा है। रविवार को प्रशासन 1300 प्रवासी मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से बिहार भेजेगा। भिवानी रेलवे स्टेशन तक मजदूरों को छोड़कर आने के लिए रोडवेज से 35 बसें मांगी गई है। रविवार सुबह 8 बजे बसें इनको लेकर भिवानी के लिए रवाना होंगी। बिहार जाने वाले जिला भर में फंसे 2175 प्रवासी मजदूरों की प्रशासन ने सूची तैयार की है। शनिवार को 1417 प्रवासी मजदूरों को जिला मुख्यालय में बुलाया गया। डेरा राधा स्वामी सत्संग घर और डेरा सच्चा सौदा सत्संग घर में रोका गया है। यहां पर इन मजदूरों की हर दो घंटे बाद स्क्रीनिंग की जा रही है।
डेरे के सेवादार भोजन उपलब्ध करवाने में जुटे
पहली बार बड़ी तदाद में प्रवासी मजदूरों को यहां पर एकत्रित किया गया है। इनके खाने पीने और रहने की व्यवस्था के लिए डेरा राधा स्वामी सत्संग घर और डेरा सच्चा सौदा मददगार साबित हुए हैं। डेरा राधा स्वामी सत्संग घर में मजदूरों को पूड़ी छोले और दाल चावल का खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा चाय पानी की भी डेरे की तरफ से व्यवस्था की जा रही है।
खुफिया विभाग दे रहा सरकार को पल-पल की रिपोर्ट
डेरे में रोके गए प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य विभाग हर दो घंटे बाद स्क्रीनिंग कर रहा है। इसके लिए 50 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सरकार इन मजदूरों की व्यवस्था को लेकर खुफिया विभाग से पल-पल की रिपोर्ट मांग रही है। इसके अलावा खुफिया विभाग के अधिकारी प्रवासी मजदूरों का डाटा एकत्रित करने में जुटे हुए हैं। अगर कहीं प्रवासी मजदूर फंसे हैं तो उन्हें शेल्टर होम में लाया जा रहा है।
बिहार जाने के लिए जिन प्रवासी मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन्हें एकत्रित किया जा रहा है। इन्हें भिवानी से जाने वाली स्पेशल ट्रेन में रवाना किया जाएगा। किसी भी प्रवासी मजदूर को पैदल नहीं जाने दिया जाएगा। - संजय बिश्रोई, एसडीएम, फतेहाबाद।
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लॉकडाउन में खूब हुई नशा तस्करी

कोरोना महामारी के दौरान लागू हुए लॉकडाउन उम्मीद थी कि नशा पर लगाम लगेगी, लेकिन नशा की तस्करी अन्य दिनों के मामले में बढ़ी और नशा लेने वाले लोगों में भी इजाफा हुआ। खुद पुलिस महकमे के आंकड़े इस बात को ब्यां कर रहे हैं कि किस तरह से नशा की तस्करी हुई। ऐसे में ये भी स्वाभाविक है कि लोगों तक नशा आसानी से पहुंचा। इसकी गिरफ्त में आए नशेड़ियों को नशा छोड़ने का मौका नहीं मिला। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान नशा मुक्ति केंद्र को ही बंद कर दिया। पहले बजट के अभाव में 30 से 10 बेड कर दिया और अब आइसोलेशन वार्ड बनाने का हवाला देकर 10 बेड की जगह भी ले ली गई है।
नशा से जुड़े मरीजों को दाखिल करने के लिए न बेड है और न जगह। नशा के मरीजों को को लेकर चर्चा में रहने वाले जिले में एकमात्र नशा मुक्ति केंद्र को भी खत्म कर दिया गया है।
रोजाना 80 से 90 ओपीडी : नशा से संबंधित मरीजों की रोजाना 80 से 90 मरीजों की ओपीडी आ रही है। लॉकडाउन के दौरान जब जनरल ओपीडी बंद की गई थी तब भी 40 से 50 मरीजों की ओपीडी जारी थी। अब हेरोइन, एल्कोहल, अफीम, गांजा और मेडिकल नशा से जुड़े मरीज रोजाना आ रहे हैं लेकिन जगह के अभाव में दवा देकर घर भेजा जा रहा है।
लॉकडाउन में कोई एंबुलेंस में तो कोई कैंटर में छिपाकर लाया हेरोइन : लॉकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन की तरफ से बेशक सख्ती थी लेकिन शातिर तस्करों ने हेरोइन तस्करी में कमी नहीं छोड़ी। दो माह के दौरान तस्कर एंबुलेंस में तो कोई पुलिसकर्मी का सहारा लेकर हेरोइन लाया। 3 मई को पुलिस ने एंबुलेंस में सवार तीन युवकों को 120 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। सीआईए ने भूना में 900 ग्राम हेरोइन के साथ तीन युवकों को पकड़ा। टोहाना में पुलिस ने 938 ग्राम हेरोइन के साथ यूपी के दो पुलिस कर्मियों को पकड़ा। एंटी नारकोटिक्स टीम ने कैंटर सवार तीन युवकों को 688 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा।
लॉकडाउन के दौरान ये पकड़ा गया नशा
हेरोइन - 3 किलो 200 ग्राम
चूरापोस्त - 38 किलोग्राम
अफीम - 3 किलो 95 ग्राम
गांजा - 105 ग्राम
नशीली गोलियां - 8030
अफीम के पौधे - 225
अवैध शराब - 7430 अंग्रेजी,
अवैध लाहन - 12060 किलोग्राम
चलती भट्टी- 9
लॉकडाउन से पहले नशा मुक्ति में दाखिल हुए मरीज :
मई 2018 से 18 मार्च 2020 - 825
रोजाना ओपीडी - 80 से 90
20 की स्वीकृति नहीं मिली तो 10 बेड को जगह का इंतजार : जिला की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए पुराना सिविल सर्जन कार्यालय को नशा मुक्ति केंद्र बनाया गया। 10 बेड से बढ़ाकर इसे 30 बेड किया गया। लेकिन अप्रैल माह में मंजूरी न मिलने के कारण 20 बेड का बजट नहीं आया और वापस 10 बेड का हो गया। कोरोना महामारी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने नशा मुक्ति केंद्र की ब्रांच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया। लेकिन नशा मुक्ति केंद्र को जगह नहीं दी गई। पहले नर्सिंग हॉस्टल को नशा मुक्ति केंद्र के लिए जगह देने की प्लानिंग थी लेकिन उसे अब स्कूल हेल्थ को जगह दे दी गई। इसके चलते अब नशा मुक्ति केंद्र के पास न जगह है और न बेड हैं। मरीज आ रहे हैं और दवा लेकर वापस जा रहे हैं।
इसलिए है नशा मुक्ति केंद्र की जरूरत : नशा की लत से जुड़े मरीज को डॉक्टरों की निगरानी में नशा मुक्ति केंद्र में रखा जाता है। यहां पर मरीज को 14 दिन तक दवा दी जाती है। इसके अलावा कॉउंसलिंग की जाती है। 14 दिन की दवा देने के बाद समीक्षा की जाती है कि मरीज किस स्थिति में है। इसके बाद मरीज की डोज कम करके डिस्चार्ज किया जाता है। यहां पर मरीज रहने व खाने पीने की व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई जाती है।
नशा मुक्ति केंद्र की जगह को लेकर टीम के साथ सलाह चल रही है। खैरातीखेड़ा, अहरवां और नागपुर पीएचसी खाली हैं, इन जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल अभी समीक्षा की जाएगी। - डॉ.मनीष बंसल, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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बस में पंचकूला 7 यात्री गए, 29 आए

हरियाणा रोडवेज की जिला मुख्यालय से दिल्ली और पंचकूला के लिए बस सेवा जारी है लेकिन अभी अन्य स्टों पर बस सेवा जल्द शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है। शुक्रवार सुबह रोजाना की पंचकूला के लिए रोडवेज परिसर से बस रवाना हुई। बस में सात यात्री पंचकूला के लिए गए। वापसी में इसी बस में पंचकूला से फतेहाबाद के लिए 29 यात्री आए हैं। 30 लोगों ने आनलाइन बुकिंग करवाई थी। एक ने बुकिंग रद करवाते हुए 29 लोग आए। अधिकारियों के मुताबिक तीन दिन की छुट्टी के चलते वहां तैनात कर्मचारी और अधिकारियों ने बुकिंग करवाई है।
अब डेढ़ घंटा देरी से चलेगी दिल्ली की बस :
शुक्रवार को दिल्ली से हरियाणा रोडवेज की बस वाया सिरसा होकर यहां पर आई। दिल्ली से चली बस में जिला की कोई सवारी न होने के कारण बस सीधा पंचकूला पहुंची। यहां से दिल्ली के लिए यात्रियों को लेकर फतेहाबाद रोडवेज परिसर में पहुंची। यहां से पांच यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए। पहले दिल्ली के लिए यहां से बस चलने का समय तीन बजे था लेकिन अब इसे साढ़े 4 बजे कर दिया गया है। वहीं हिसार से दंपति दिल्ली जाने के लिए फतेहाबाद से रवाना हुआ। दंपति ने बताया कि उन्होंने झांसी जाना है और उनकी ट्रेन 24 को है। हिसार से दिल्ली के लिए बस न होने के कारण वह फतेहाबाद आए हैं। दो दिन अब दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रुकेंगे।
अभी अन्य रूटों पर नहीं चलेगी बस
जिला के अंदर वह दूसरे जिलों में रोडवेज बसें चलने का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अभी तक रोडवेज अधिकारियों के पास बस चलाने को लेकर कोई योजना नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि बस चलाने के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।
पंचकूला और दिल्ली के लिए बसें जा रही हैं। अभी अन्य रूटों पर बसें चलाने की कोई योजना नहीं है। मुख्यालय से आदेश आने का इंतजार किया जा रहा है। - आरएस पूनिया, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
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मां-बेटी की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

टोहाना के गांव चंदडकला में मां-बेटी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों मां बेटी 23 मई को दिल्ली से टोहाना आई थी। यहां आने के बाद 24 को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए थे। बुधवार देर रात्रि रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर विभाग की टीम उनको अग्रोहा मेडिकल में रेफर करने की तैयारी कर रहा है। वहीं उनकी ट्रेवल हिस्ट्री जांच कर रहा है।
जानकारी अनुसार गांव चंदडकला की रहने वाली 50 वर्षीय महिला अपनी 16 वर्षीय बेटी के साथ दिल्ली से 23 मई को टोहाना आई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मां-बेटी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए थे। वहीं दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया था। बुधवार रात्रि को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग अग्रोहा मेडिकल भेजने की तैयारी में जुट गया। इस बारे में एसएमओ डॉ. हरविंद्र सागु ने बताया कि दोनों मां-बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को रेफर किया जाएगा।
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टोहाना में दिल्ली से लौटी मां-बेटी मिलीं कोरोना पॉजिटिव, अब अग्रोहा रेफर करने की तैयारी

टोहाना के गांव चंदड़ कलां में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। यहां दो महिलाएं इस वायरस से संक्रमित मिली हैं। दोनों मां-बेटी 23 मई को दिल्ली से टोहाना आई थीं, जिसके बाद 24 को नागरिक अस्पताल में उनका सैंपल लिया गया और जांच को भेजा गया था। पीड़ितों को अब अग्रोहा रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, उपमंडल के गांव चंदड की रहने वाली 50 वर्षीय महिला अपनी 16 वर्षीय बेटी के साथ दिल्ली से 23 को टोहाना आई थी, जिसके बाद विभाग की टीम ने सैंपल लेकर जांच को भेजा। दोनों पीड़ित नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थीं। बुधवार की देर रात्रि दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली।

इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी यात्रा इतिहास को खंगालना शुरू कर दिया और अग्रोहा रेफर करने की कार्रवाई भी जारी कर दी गई। इस बात की पुष्टि करते हुए एसएमओ डॉ. हरविंद्र सागू ने बताया कि दोनों मां-बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब इनको रेफर किया जाएगा।
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घर में नहीं दिया प्रवेश तो सास-ससुर के गेट पर धरना देकर बैठी रही नवविवाहिता, पुलिस का समझाना भी गया बेकार

भूना में नवविवाहिता को पति के घर प्रवेश न मिलने पर उसने बुधवार दोपहर बाद तीन घंटे तक सास-ससुर की कोठी के आगे धरना दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को धरना खत्म करने का आग्रह किया और कानूनी कार्रवाई का रास्ता बताने के लिए प्रेरित किया। लेकिन नवविवाहिता उसी समय सास-ससुर की कोठी में जाने के लिए अड़ी रही। जबकि नवविवाहिता के सास-ससुर ने कोठी को अंदर से ताला लगा दिया था।
पिछले साल 13 अप्रैल को हुई थी शादी, पति से चल रहा विवाद
एमएससी मैथ पास नवविवाहिता पिंकी ने बताया कि हिंदू रीति रिवाज के अनुसार 13 अप्रैल 2019 को उसकी शादी पुराने पंजाब नेशनल बैंक के पास जयंत खुराना के साथ हुई थी। पिंकी का आरोप है कि उसके परिजनों ने शादी धूमधाम से की थी और लगभग 70 लाख खर्च किए थे परंतु शादी के कुछ दिन बाद ही जयंत खुराना उसे भूना से गुड़गांव ले गया क्योंकि वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। और अब सरकारी जॉब में लग गया है। पिंकी ने बताया कि पति पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न होने के बाद वह कई महीनों से अपने मायके सेक्टर 14 हिसार में रह रही थी। मामले को लेकर पिंकी के पिता ने कई बार पंचायती रूप से सुलझाने की कोशिश भी की थी। मगर 27 मई को पंचायती तौर पर मामला निपटना निर्धारित हुआ था। किंतु दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण पिंकी ने अपने पति के घर आकर प्रवेश करना चाहा तो सास-ससुर ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया जिसके बाद उसने खुराना की कोठी के गेट के सामने धरना दे दिया।
पति-पत्नी का विवाद, हमें कोई लेना-देना नहीं : खुराना दंपती
इस संबंध में नए विवाहिता के ससुर मुनीष खुराना ने बताया कि यह संपत्ति उनकी है। जिस पर बेटे और उसकी पत्नी का कोई हक नहीं है। बेटा-बहु कानूनी रूप से हम दोनों से अलग रह रहे हैं।
परिवारिक विवाद था पंचायती तौर पर चल रही है बैठक
थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि नवविवाहिता ने घर में जाने की जिद को लेकर कोठी के बाहर धरना दिया था। इसकी सूचना मिलते ही उसे समझाने के लिए प्रयास किए गए। परंतु पारिवारिक विवाद था इसलिए पंचायत की तौर पर वार्तालाप गणमान्य व्यक्तियों के बीच हो रही है। अगर पुलिस में लिखित में शिकायत मिलती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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भांभू पंजाबी गैंग के सरगना पर मामला दर्ज

शराब ठेकेदारों के कारिंदों पर जानलेवा हमला करने वाले भांभू पंजाबी गैंग के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने हिसार व अग्रोहा में दाखिल अलग-अलग घटनाओं में दो घायलों के बयान लेकर मंगलवार देर रात ये कार्रवाई की है। पुलिस बयान में 35 वर्षीय अतुल राज इंदाछोई निवासी ने बताया कि 25 मई की सायं को वह पवन कुमार ठेकेदार के अलग-अलग चार ठेकों से कैश कलेक्शन लेकर पिकअप चालक रमेश कुमार बैजलपुर के साथ आ रहा था। लेकिन हिसार रोड पर पुराने बस स्टैंड के पास पीछे से एक बोलेरो गाड़ी में चार युवक को ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों में विक्रम भांभू नाढोडी व मंदीप उर्फ पंजाबी चौबारा को वह पहले से जानता था। लेकिन अवैध पिस्तौल तान कर खड़े युवकों को पहचान नहीं पाया। हमलावरों ने उसे जान से मारने के लिए ताबड़तोड़ लाठी-डंडे व लोहे की राड मार कर घायल कर दिया और गाड़ी के शीशे भी तोड़ डाले।
उपरोक्त हमलावर 24 हजार रुपये लूट कर ले गए। हमलावरों ने जाते-जाते धमकी दी कि ठेकेदार रमेश पूनिया के इशारे पर उन्होंने कार्रवाई को अंजाम दिया है। भविष्य में उसके साथ कोई टकराएगा तो उसका भी यही हश्र होगा। एसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि घायल के बयान पर हमलावर पंजाबी गैंग के सरगना मंदीप उर्फ पंजाबी, भांभू गैंग के मुखिया विक्रम भांभू व दो अज्ञात युवकों तथा शराब ठेकेदार रमेश कुमार पूनिया के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 325, 307, 394, 506, 427 व 120 बी तथा अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
उधर विरेंद्र शर्मा मॉडल टाउन निवासी भूना ने पुलिस बयान में बताया कि वह ठेकेदार रामफल उर्फ बच्ची की पिकअप गाड़ी का ड्राइवर है। मंगलवार को वह गाड़ी लेकर दफ्तर जा रहा था तो शांति निकेतन स्कूल वाली गली में पहुंचा तो सामने से दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोगों ने गाड़ी के आगे बाइक लगाकर रोक लिया। जिनमें हमलावर ने देसी पिस्तौल उसकी कनपटी तान दी। मंदीप उर्फ पंजाबी ने हाथ में लोहे की रॉड और विक्रम भांभू ने लकड़ी के बिंडा से उस पर हमला बोल दिया। वही सिल्लू नायक व सुरजी नायक ने कई लाठियां उस पर बरसाई। घायल ने बताया कि हमलावरों का दो दिन पहले ठेकेदार के साथ लड़ाई झगड़ा हुआ था, उसी के चलते उस पर जानलेवा हमला किया गया है। पुलिस जांच अधिकारी एसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि घायल रविंद्र शर्मा के बयान पर आरोपी विक्रम भांभू नाढोड़ी , जज भूना, मंदीप उर्फ पंजाबी चौबारा, सिल्लू नायक भूना व सुरजी नायक भूना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 148, 149, 307 व अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस हमलावरों को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है।
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हरियाणाः धान रोपाई पर प्रतिबंध के खिलाफ सड़कों पर कांग्रेस, धरने पर बैठे सैलजा-सुरजेवाला

धान रोपाई पर सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेस हरियाणा आखिरकार सड़क पर उतर गई और डीसी दफ्तर के सामने सांकेतिक धरना दिया। फतेहाबाद के लघुसचिवालय में दिए गए इस धरने की अध्यक्षता कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व आल इंडिया कांग्रेस के मीडिया विंग के अध्यक्ष रणदीप सुरजेवाला ने की।

हालांकि इस धरने में सोशल डिस्टेसिंग का पालन बिल्कुल भी नहीं किया गया और धरने में शामिल आधे से ज्यादा लोगों के मुंह पर ढंग से मास्क तक नहीं लगा हुआ था। फिर भी किसानों द्वारा इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन करने के बाद अब विपक्ष के तौर पर कांग्रेस ने इस मसले को भुनाने का फैसला किया है। इसी के चलते बुधवार सुबह 11 बजे ही सांकेतिक धरने की सूचना औपचारिक रूप से दी गई और दोपहर में दोनों कांग्रेस नेता फतेहाबाद पहुंच भी गए।
        
तकरीबन एक घंटे तक डीसी दफ्तर के बाहर धरना देने के बाद कुमारी सैलजा व रणदीप सुरजेवाला ने डीसी नरहरि सिंह बांगड़ को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस धरने में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के दो पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने दूरी बनाए रखी। इस मौके पर कांग्रेस महिला अध्यक्ष कृष्णा पूनियां, विधायक शीशपाल केहरवाला, राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया विंग सचिव विनीत पूनियां, सिरसा के होशियारी लाल शर्मा, विनय शर्मा, कपिल पूनियां, नरेंद्र मग्घर आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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टिड्डी दल दिखे तो 01667-231122 पर दें सूचना,

कृषि विभाग के अधिकारियों को डीसी डॉ नरहरि सिंह बांगड़ ने निर्देश दिए कि वे टिड्डी दल से किसानों की फसल को बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध करें। उन्होंने बताया कि टिड्डी का प्रकोप एक प्राकृतिक आपदा है जिसकी पड़ोसी राज्य राजस्थान में आक्रमण की सूचनाएं आ रही है। उन्होंने बताया कि गंगानगर की सीमा तक और सुरतगढ़ में टिड्डी दल किसानों की फसल पर आक्रमण कर रहा है। इसलिए समय रहते सभी व्यापक प्रबंध किए जाए। डीसी ने जिले के किसानों से आग्रह किया है कि वे अपने फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहे। कृषि विभाग व जिला प्रशासन के साथ तालमेल बनाए रखें।
डॉ. अनिल वीर सिंह जिला नोडल अधिकारी नियुक्त, 231122 पर दें सूचना
उपायुक्त डॉ बांगड़ ने बताया कि जिला में टिड्डी नियंत्रण हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. अनिल वीर सिंह को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जिनका दूरभाष नंबर 87083-25893 है तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फतेहाबाद में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जिसका दूरभाष नंबर 01667-231122 है। उन्होंने बताया कि जिला के सभी खंडों में निगरानी कमेटी का गठन किया है जिसमें दो अधिकारी शामिल है। इनका मुख्य कार्य अपने खंड में टिड्डी नियंत्रण अभियान की निगरानी करना है तथा टिड्डी के आक्रमण बारे सूचना का आदान-प्रदान करना है। खंड फतेहाबाद में विषय विशेषज्ञ सुभाष चंद्र (दूरभाष नंबर 94667-28519) व खंड कृषि अधिकारी अनूप सिंह (दूरभाष नंबर 94163-63787), खंड भूना में सहायक गन्ना विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद (दूरभाष नंबर 94667-44007), भूना व खंड कृषि अधिकारी, भूना रामफल नैन (दूरभाष नंबर 93552-90700), खंड रतिया में विषय विशेषज्ञ रामेश्वर दास (दूरभाष नंबर 94660-16452) व खंड कृषि अधिकारी सुभाष हुड्डा, रतिया (दूरभाष नंबर 98965-68320), खंड भट्टुकलां में उप मंडल कृषि अधिकारी भीम सिंह, फतेहाबाद (दूरभाष नंबर 92152-25694) व खंड कृषि अधिकारी सतीश ज्याणी, भट्टूकलां (दूरभाष नंबर 94166-44922), खंड जाखल में विषय विशेषज्ञ संजय सेलवाल (दूरभाष नंबर 94161-66218) व विषय विशेषज्ञ अजय ढिल्लो, (दूरभाष नंबर 98962-06599) व खंड टोहाना में उप मण्डल कृषि अधिकारी मुकेश महला, टोहाना (दूरभाष नंबर 92557-57697) इंचार्ज होंगे व टिड्डी आक्रमण बारे सूचना इन नंबरों पर दी जा सकती है।
टिड्डी दल को बैठने से रोकना ही बेहतर उपाय
इस मौके पर कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि खेतों में टिड्डी दल दिखाई देने पर डीजे, थाली, ढोल, नगाड़े, खाली पीपों की तेज अवाज करके टिड्डी दल को बैठने से रोका जा सकता है क्योंकि टिड्डी दल बैठने पर ही नुकसान करता है व तेज आवाज में टिड्डियां नही बैठती है। उन्होंने बताया कि टिड्डी आक्रमण की अवस्था में जिला कीटनाशक की उपलब्धता बारे भी इंतजाम किए जा रहे हैं जिस हेतु हैफेड को 5 हजार लीटर, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम को 3 हजार लीटर व हरियाणा बीज विकास निगम को 2 हजार लीटर क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी के भंडारण करने बारे आदेश दे दिए गए हैं। यह कीटनाशक टिड्डी आक्रमण के समय किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में उपलब्ध ट्रैक्टर चलित स्प्रे पंप व अन्य स्प्रेयर बारे जानकारी एकत्रित की जा रही है ताकि समय पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। टिड्डी नियंत्रण हेतु किसान इनमें से किसी एक कीटनाशक, क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी, 2.5 मि.लि., क्लोरपायरीफॉस 50 ईसी, 1.0 मि.लि., डेल्टामेथ्रीन 2.8 ईसी, 1.0 मि.लि. व लेंबडासाईहेलोथ्रीन 5 ईसी, 1.0 मि.लि. दवाई को एक लीटर पानी में मिलाकर टिड्डी प्रभावित क्षेत्र पर छिड़काव करके टिड्डी का नियंत्रण कर सकते हैं । कीटनाशक का छिड़काव टिड्डी दल के ठहराव के समय करना ही उचित होता है ।
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सुबह 10 बजे ही 41 के पार पहुंचा तापमान

नौतपा शुरू होने के दूसरे दिन भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सुबह 10 बजे ही यहां का तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया। दोपहर तक तापमान 46 डिग्री को पार कर गया जिस कारण लोग घरों में कैद हो गए। लू के थपेड़ों से आदमी तो क्या जानवर व पेड़-पौधे भी मुरझा गए। उधर सोमवार रात को लोड बढने से शहर के 11 केवी लाइन पर इंसूलेटर डिक्स फट जाने से शहर में तीन घंटे से ज्यादा बिजली कटौती रही। बिजली कटौती त्रस्त लोगों ने 33 केवी घर पर पहुंच कर निगम के विरुद्ध प्रदर्शन किया।
भीषण गर्मी में अब फिर उन्हें मजबूरन घरों में कैद होना पड़ गया। लू के थपेड़ों से जनजीवन ठहरा सा नजर आया तो दोपहर का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार रात को धर्मशाला रोड जवाहर चौक व शक्ति नगर को जाने वाली 11 केवी लाइन के ऊपर पर लगा इंसूलेटर डिस्क फट गया जिस कारण जवाहर चौक, रतिया चुंगी रोड, थाना रोड, डीएसपी रोड, धर्मशाला रोड, तहसील चौक क्षेत्र व यहां बसी आबादी में बिजली सप्लाई बंद हो गई। लोगों ने बिजली शिकायत घर में फोन किया तो किसी कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया। बिजली कटौती से त्रस्त लोग भट्टू रोड पर 33 केवी सब स्टेशन के पावर हाउस पहुंच गए जहां लोगों ने प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं का कहना था कि बिजली कर्मी फोन नहीं उठा रहे। हेल्प डेस्क के कर्मचारी फोन बिजी करके छोड़ देते हैं। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं बिजली कर्मचारी बिजली दुरुस्त करने में जुट गए तब जाकर लोगों में गुस्सा शांत हुआ। वहीं नौतपा के दूसरे दिन स्कूली युवाओं ने नहर में जाकर ठंडे पानी का लुत्फ उठाया। झलनियां-धांगड़ नहर में युवाओं ने नहाकर गर्मी का इंजाय किया। मालूम हो कि सोमवार को ही जिला की 18 नहरों में पानी की बहाली हुई है।
तापमान 45 डिग्री पहुंच जाने के बाद बिजली का लोड बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रिपिंग का फ्यूज का उड़ना सामान्य बात है। जब तक बारिश नहीं आती या तापमान में कमी नहीं आती तब तक लोड कम होना मुश्किल है।
-धीरज झोरड़, एसडीओ, डीएचबीवीएन, फतेहाबाद।
फतेहाबाद शहर में ट्रांसफार्मर की क्षमता इसी सप्ताह 200 केवीए कर दी जाएगी
डीसी नरहरि सिंह बांगड़ ने बिजली निगम के अधिकारियों को आदेश दिए कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए निगम पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने में देरी न करें। उपायुक्त मंगलवार को अपने कार्यालय में निगम के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गर्मी में बढ़ोतरी हो रही है। बिजली विभाग के अधिकारी अपनी ड्यूटी पर अपडेट रहते हुए शीघ्र बिजली सप्लाई को दुरुस्त करना सुनिश्चित करें। जो ट्रांसफार्मर ऑवरलोड है उनकी क्षमता को बढ़ाने में देरी न करें। उन्होंने कहा कि जिले के सभी शहरों सहित गांवों में बिजली सप्लाई को दुरुस्त करने में किसी तरह की कोई कोताही न करें। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद शहर के 16 ट्रांसफार्मर की क्षमता 100 केवीए की है जिन पर लोड अधिक है उनकी इसी सप्ताह में क्षमता 200 केवीए कर दी जाएगी।
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टोकन जारी करने में फर्जीवाड़े का आरोप

लॉकडाउन में बिना राशन कार्ड धारकों और एपीएल परिवारों को राशन उपलब्ध करवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। सर्वे में शिक्षकों ने जिन परिवारों को अयोग्य घोषित किया था प्रशासन ने उन्हें राशन देने के लिए डिस्ट्रेस राशन कूपन जारी कर दिया है। यानी की ये परिवार डिपो पर जाकर राशन ले सकते हैं। जबकि जरूरतमंद परिवारों को राशन से वंचित कर दिया है।
इस फर्जीवाड़ा का खुलासा खुद सर्वे करने वाले शिक्षकों ने किया है। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्येक बूथ पर जाकर वोटर कार्ड की लिस्ट के मुताबिक सर्वे किया गया। सर्वे में उन परिवारों को शामिल किया गया जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, आमदनी एक लाख रुपये से कम है। इसके अलावा बाहर से आए हुए हैं। सर्वे करके रिपोर्ट संबंधित विभाग को दे दी गई। अब राशन टोकन उन लोगों को जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें अयोग्य घोषित किया गया था। यानि की इन परिवारों को राशन की जरूरत नहीं है। जिन जरूरतमंदों के नाम सूची में दिए गए थे उनके राशन टोकन जारी नहीं किए गए हैं। शिक्षकों के सर्वे से बाहर राशन टोकन जारी किए जा रहे हैं। नप की रिपोर्ट के मुताबिक 15 हजार परिवारों का सर्वे हुआ, इसमें से 12 हजार परिवारों का डाटा आनलाइन हुआ है। इसके अलावा 750 ऐसे लोग हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है।
इतने परिवारों के जारी हुए टोकन
टोहाना - 4741
रतिया - 2257
भूना - 4005
भट्टू - 2348
जाखल - 1227
फतेहाबाद - 5331
ये मिलेगा राशन
डिस्ट्रेस राशन टोकन धारक को 5 िलो गेहूं प्रति व्यक्ति गेहूं और परिवार को एक किलो दाल दी जानी है। ये राशन मई और जून माह का मिलेगा।
ये बोले गुरु जी
मैंने वार्ड नंबर 9 के बूथ नंबर 37 में सर्वे किया था। सर्वे के दौरान घर-घर जाकर सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक सर्वे किया गया। फाइनल रिपोर्ट दी गई कि यहां पर किसी को राशन की जरूरत नहीं है। अब उसके बूथ के 6 परिवार को डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी कर दिए हैं। जब परिवार को टोकन देने के लिए गए तो तीन परिवार ऐसे मिले जिनकी कोठी हैं। इसके अलावा एक परिवार उन्हें मिला नहीं है और दो लेने से इन्कार कर दिया। जब शिक्षकों के सर्वे का मानना ही नहीं था तो सर्वे क्यों करवाया जा रहा है। - समीर नरूला, सर्वे करने वाला शिक्षक
मैंने वार्ड नंबर 19 में सर्वे किया था। सर्वे के दौरान 19 परिवार ऐसे मिले जिन्हें राशन की वास्तविक जरूरत है। ये सूची हमने संबंधित विभाग को दी। जब हमें डिस्ट्रेस राशन टोकन की सूची दी गई तो हैरान रह गए। 19 में से तीन के डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी हुए हैं। इसके अलावा सात ऐसे परिवारों के नाम शामिल किए गए हैं जिनकी कोठियां हैं। -रघुबीर कुमार, सर्वे करने वाला शिक्षक।
शिक्षकों ने टोकन पर उठाए सवाल, किया हंगामा
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा फतेहाबाद द्वारा नगर परिषद ईओ के अध्यापकों के प्रति नकारात्मक व्यवहार को लेकर प्रदर्शन किया। हरियाणा विद्यालय अध्यापक के जिला कैशियर रघुनाथ महता व राज्य कमेटी सदस्य राजपाल मिताथल ने बताया कि अध्यापकों ने कोविड 19 के तहत राशन वितरण सर्वे रिपोर्ट दी थी। उसके अनुसार टोकन नहीं बांटे गए बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपने आप कोई और लिस्ट के आधार पर टोकन दे दिए गए। नगर परिषद ईओ ने इसका सारा ठिकरा शिक्षा विभाग के अध्यापकों के सिर पर मढ दिया, जोकि सरासर गलत है। रोष प्रदर्शन को देखते हुए ईओ ने धरने पर बैठे अध्यापकों को कहा कि अगर उनसे जाने-अनजाने कोई गलती हुई है तो वे अध्यापकों से माफी मांगते हैं। उन्होंने भविष्य में भी अध्यापकों के साथ तालमेल कर कार्य करने की बात कही। इसके बाद संघ द्वारा ईओ को अध्यापकों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। ईओ कीे आश्वासन के बाद अध्यापकों ने धरने को समाप्त किया।
वास्तविक कारण मुझे भी नहीं पता है हुआ क्या है। सर्वे की जो रिपोर्ट थी उसे आनलाइन कर दिया गया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से डिस्ट्रेस राशन टोकन आए उसे वितरित करने के लिए भेज दिया। इसमें शिक्षकों की कोई गलती नहीं है। मेरे पास सभी सूची व फार्म पड़े हैं, हमारी तरफ से सर्वे गलत नहीं हुआ है। शिक्षकों ने टोकन पर एतराज जताया है फिलहाल कोई शिकायत नहीं आई है। -जितेंद्र कुमार, ईओ, नगर परिषद
सर्वे नगर निकाय की तरफ से करवाया गया है। हमारे पास सूची आई थी, डिपो को राशन जारी कर दिया है। - प्रमोद कुमार, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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ट्रैक्टर काफिला लेकर डीसी दफ्तर घेरने जा रहे किसानों को रास्ते में मिले दुष्यंत चौटाला, बोले, जहां 35 मीटर से नीचे जलस्तर, वहां

जिले के रतिया खंड में धान रोपाई पर प्रतिबंध के खिलाफ खेती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी दफ्तर का घेराव किया और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता मंदीप नथवान, पूर्व विधायक कामरेड हरपाल सिंह, जिला परिषद सदस्य रामचंद्र सहनाल ने किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक रतिया जरनैल सिंह भी शामिल हुए। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें सरकार से मांग की गई है कि रतिया खंड में पचास फीसदी जमीन पर धान रोपाई पर प्रतिबंध के फैसले को वापस लिया जाए। हालांकि जिस समय रतिया रोड से किसान फतेहाबाद फोरलेन पर जा रहे थे, उसी समय डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का काफिला वहां से निकल रहा था। किसानों को देखकर दुष्यंत चौटाला ने अपना काफिला रुकवाया और किसानों से मुखातिब हुए। किसानों द्वारा धान की रोपाई पर प्रतिबंध की बात कहने पर डिप्टी सीएम ने किसानों से दो टूक कहा कि ये आदेश रतिया के सभी गांवों पर नहीं है बल्कि जिन गांवों में जलस्तर 35 मीटर से अधिक नीचे है, केवल उन गांवों में ही किसानों को दूसरी फसल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए बकायदा सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उन्होंने किसानों से कहा कि वो बेहिचक जाकर अपने खेतों में धान की रोपाई की तैयारी करें।
दूसरी ओर सैकड़ों की तादाद में ट्रैक्टरों पर सवार किसानों के फतेहाबाद कूच की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया और रतिया रोड पर गांव अहरवां के पास पहले ट्रैक्टर के काफिले को रोका गया। बाद में किसान जब लघु सचिवालय जाने तक अड़ गए तो किसानों के ट्रैक्टरों को लघु सचिवालय के बाहर सब्जी मंडी के पास सड़क पर खड़ा करवाया गया और किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सचिवालय के गेट पर मिलने पहुंचे एडीसी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
किसानों को रोकने के लिए शहर के अंदर भूना मोड़ पर खड़ी कर दी गई जेसीबी
किसानों के ट्रैक्टरों के काफिले को शहर के अंदर घुसने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया हुआ था। बाईपास से फतेहाबाद शहर के भूना मोड़ पर कोई ट्रैक्टर न घुस सके, इसके लिए पुलिस नाके के अलावा जेसीबी मशीनें खड़ी कर रखी थी ताकि किसानों के ट्रैक्टरों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। इसके अलावा शहर में जगह-जगह पर पुलिस तैनात की गई थी ताकि किसानों के प्रदर्शन के चलते शहर में यातायात प्रभावित ना हो।
प्रदेश सरकार पर बरसे किसान नेता मंदीप नथवान, बोले बिना होमवर्क ही धान की रोपाई पर लगाया प्रतिबंध
प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय में किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता मंदीप नथवान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना होमवर्क ही रतिया में धान की रोपाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि घग्गर नदी के कारण ये बाढ़ प्रभावित जमीन है और इसमें धान के अलावा कोई अन्य फसल उगाई ही नहीं जा सकती। नथवान ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों को हर मुद्दे पर तंग करने में जुट गई है। पहले धान की पराली के नाम पर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए तो कभी बीमा के नाम पर उसकी जेब काटी गई है। जिला प्रशासन ने किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दे दिया है। लेकिन हजारों की तादाद में किसानों के लघुसचिवालय के बाहर पहुंचने पर काफी देर तक शहर से गुजर रहे नेशनल हाइवे का ट्रैफिक बाधित रहा।
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शिकायत के बाद नप प्रधान ने रोकी हाजिरी, एसआई ने लिखित में मांगी माफी, बोला मुझ से गलती हुई

नगर परिषद में तैनात सेनेटरी इंस्पेक्टर औंकार सिंह के खिलाफ दी गई शिकायत के बाद नप प्रधान दर्शन नागपाल ने हाजिरी रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद एसआई औंकार सिंह ने पार्षद प्रतिनिधि महेश मक्कड़ से लिखित में माफी मांगी। एसआई ने माफीनामा में गलती स्वीकार की है। माफीनामा का पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।
मामले के मुताबिक पार्षद प्रतिनिधि महेश मक्कड़ समेत कई पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों ने नप प्रधान दर्शन नागपाल के नाम एसआई औंकार सिंह के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि एसआई औंकार सिंह पार्षदों की नहीं सुनता है और पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। पार्षदों का उचित सम्मान नहीं करता है। इसके बाद प्रधान ने जांच के आदेश दिए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल माफीनामा
नप के सेनेटरी इंस्पेक्टर द्वारा पार्षद प्रतिनिधि स6े मांगी माफी का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है। एसआई ने लिखित में शिकायत में कहा है कि लगाए गए आरोप सहीं है। लेकिन कार्य की अधिकता के कारण व परेशानी वंश गलती हुई है। इसको लेकर माफ किया जाए और दोबारा मौका दिया जाए। भविष्य में गणमान्य व्यक्ति, पार्षद व पार्षद प्रतिनिधियों को शिकायत का मौका नहीं दूंगा।
नप के सेनेटरी इंस्पेक्टर के खिलाफ लिखित में शिकायत दी थी, प्रधान दर्शन नागपाल ने हाजिरी रोकने के आदेश दिए थे। एसआई ने लिखित में शिकायत मांगी है, मैंने इसे प्रधान के पास भेज दिया है। फैसला अब प्रधान ने करना है।
- महेश मक्कड़, पार्षद प्रतिनिधि
एसआई की हाजिरी रोकी गई थी, इस संबंध में अकाउंटेंट को आदेश जारी कर दिए थे। हाजिरी बहाल को लेकर मेरे पास कोई सूचना नहीं है।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
माफी मांगी भी गई है और नहीं भी मांगी। मेरी अधिकारियों से बात हो गई है मंगलवार से हाजिरी शुरू हो जाएगी।
औंकार सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर नप
शिकायत आपसी रंजिश को लेकर थी। हाजिरी बंद कर दी गई है। एसआई ने माफी मांग ली है। अब प्रधान पर निर्भर है, वह हस्ताक्षर करेंगे तो रख लिया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार, ईओ, नप
अभी मामला वैसे ही है, मंगलवार को मैं जाऊंगा फिर देखूंगा उसमें क्या स्टेटस है।
- दर्शन नागपाल, प्रधान
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