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Coronavirus: हरियाणा में अब तक कुल 21 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे, 175 की रिपोर्ट बाकी

हरियाणा के लिए राहत की खबर है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोमवार सुबह तक कोरोना संक्रमित कोई नया मामला सामने नहीं आया।

30 मार्च 2020

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हिसार

सोमवार, 30 मार्च 2020

हरियाणा में किराना, दवाओं की दुकानें खुलने का समय नहीं होगा निर्धारित, सरकार ने बताई वजह

हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में किराना, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने का समय निर्धारित न किया जाए। समय निर्धारित होगा, तो इन दुकानों पर एकदम भीड़ उमड़ेगी, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। लिहाजा जिला प्रशासन इन दुकानों को अधिक देर तक खुला रहने दें। हो सके तो रात तक भी जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खुला रखा जाए।

उधर, सरकार ने पुलिस प्रशासन को भी आदेश दिया है कि जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए जा रहे किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक तंग न किया जाए, जिससे पुलिस और पब्लिक के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो। इस संदर्भ में मुख्य सचिव ने यह निर्देश सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ कांफ्रेंसिंग से बैठक करके दिए। 

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आंनद अरोड़ा ने सभी मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें। परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चेकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए।
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कुछ लोग नहीं समझ रहे लॉकडाउन की गंभीरता

हिसार। कोरोना वायरस के कारण पूरे प्रदेश में लॉकडाउन किया हुआ है। इसके बावजूद कुछ लोग बिना किसी काम से घरों से निकल रहे हैं। प्रदेश सरकार की अपील को नजर अंदाज करते बहुत से लोग सड़कों पर घूम रहे हैं। जिले की सीमा से लगते गांव व हाईवे पर अमर उजाला संवाददाता ने करीब 55 किलोमीटर दूरी तय की। इस दौरान नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे व लिंक रोड पर पुलिस की स्थिति और वहां के हालात जानने की कोशिश की गई। गांव भेरा भिवानी जिले के अं तिम छोर पर बसा है। इससे 15 किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा प्रारंभ हो जाती है। भेरा से सिवानी की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। इस दौरान यहां पर न तो कोई पुलिस कर्मचारी मिला और न ही कोई पुलिस की पीसीआर खड़ी थी। सड़क पर निजी वाहनों की आवाजाही भी बनी हुई थी।
सिवानी से हिसार : बड़वा के पास मिला नाका
नेशनल हाईवे 52 पर स्थित सिवानी शहर में फल, सब्जियों व मेडिकल की दुकानें खुली हुई थीं। इसके अलावा ऑटो मार्केट और किरयाणा की दुकानें भी खुली हुई थीं। यहां कोई पुलिसकर्मी या पुलिस पीसीआर नजर नहीं आई। सरकार के आदेशों के बावजूद भी लोग सड़कों पर नजर आए। हालांकि, सड़कों पर वाहनों की संख्या कम थी। सिवानी से हिसार आते समय गांव बडवा के पास एक नाका लगा हुआ था। गांव चौधरीवास के पास टोल प्लाजा पर एक पुलिस की पीसीआर खड़ी थी। टोल के बाद चौधरीवास गांव की सीमा पर पुलिस कर्मचारी नाका लगाकर खड़े थे, जो सिवानी से हिसार आने वाले वाहन चालकों को रुकवाकर आने का कारण पूछ रहे थे।
आजाद नगर में दो जगहों पर था नाका
गांव चौधरीवास के भेरिया, मुकलान में कोई नाका या पुलिस कर्मचारी नजर नहीं आया। इसके बाद आजाद नगर में दो जगहों पर पुलिसकर्मी नाका लगाकर खड़े थे और वाहन चालकों को रोककर शहर में जाने का कारण पूछते नजर आए। वाजिब कारण न मिलने पर कुछ बाइक सवारों को वापस भेज दिया गया। आजाद नगर के बाद नहर और लघु सचिवालय के सामने भी पुलिस कर्मचारी खड़े हुए मिले।
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कोरोना से जंग : आमजन की सुविधा के लिए प्रशासन ने जारी हेल्पलाइन

हिसार। उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने जिले में कोरोना के संक्रमण पर रोक लगाने व लॉकडाउन के मद्देनजर आमजन की सहायता व सुविधा के लिए हेल्पलाइन स्थापित की हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिला आपदा कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए इसमें हेल्पलाइन नंबर 01662-231137 उपलब्ध करवाया गया है। जिला राजस्व अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम के नोडल ऑफिसर होंगे। कंट्रोल रूम के माध्यम से जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के मध्य आ रही समस्याओं पर काबू पाया जाएगा। एचसीएस गौरव गुप्ता भी इस हेल्पलाइन से जुड़कर सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि जिला कॉल सेंटर स्थापित करते हुए इस पर 1950 नंबर की सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इस केंद्र के नोडल अधिकारी सीटीएम होंगे और इसके माध्यम से जिला में लॉकडाउन से संबंधित समस्याओं व जिज्ञासाओं (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) का समाधान किया जाएगा। सीटीएम लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली आमजन की समस्याओं का समाधान करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उपायुक्त ने बताया कि जिले में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मेडिकल हेल्पलाइन स्थापित की है। इसमें उपलब्ध करवाए गए नंबर 70278-30252 और 01662-278113 कार्यरत रहेंगे। सीएमओ को इस हेल्पलाइन का नोडल अधिकारी बनाया है। इस हेल्पलाइन पर कोरोना से बचाव के उपायों, नजदीकी लैबोरेट्रीज, टेस्टिंग सुविधाओं व निर्धारित प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस हेल्पलाइन से जुड़कर दर्शन यादव अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि इनके अलावा वालंटियर्स व एनजीओ हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इन पर 01662-225097 व 98120-27770 नंबरों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। रेडक्रॉस सचिव इस हेल्पलाइन के नोडल ऑफिसर्स होंगे। जिला में सभी वॉलंटियर्स व एनजीओ कोरोना आपदा के खिलाफ प्रशासन से सहयोग को अपनी सेवाएं देने के लिए इस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि एंबुलेंस कंट्रोल रूम पर टेलीफोन नंबर 108 पर सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसी प्रकार पुलिस कंट्रोल रूम पर स्थापित 100 नंबर पर पुलिस से संबंधित सेवाएं उपलब्ध होंगी। ये सभी हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे कार्यरत रहेंगी। ... और पढ़ें

Coronavirus: हरियाणा में अब तक कुल 21 मरीज, छह ठीक होकर घर पहुंचे, 175 की रिपोर्ट बाकी

हरियाणा के लिए राहत की खबर है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोमवार सुबह तक कोरोना संक्रमित कोई नया मामला सामने नहीं आया। प्रदेश में मरीजों की संख्या 21 ही है। सरकार 175 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। 12531 अब तक विदेश से लौटे हैं। सरकार ने कुल 12208 लोगों को निगरानी में रखा है। 234 संदिग्ध अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

कुल 650 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 456 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 6 मरीज ठीक होकर अभी तक घर पहुंच चुके हैं। अंबाला में 1, गुरुग्राम में 10, फरीदाबाद 3, पानीपत 4, पंचकूला 1, पलवल-सोनीपत 1-1 में मामले सामने आए हैं। इनमें गुरुग्राम के 5 व फरीदाबाद के एक मरीज को ठीक करके घर भेजा जा चुका है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य राजीव अरोड़ा ने अपील की है कि लोग घरों से न निकलें। विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में न आएं। बचाव में ही बचाव है। एकांतवास में रहकर कोरोना से जल्दी निपटा जा सकता है। जो लोग विदेश से आने के बाद जांच कराने से बच रहे हैं और भूमिगत हैं, वे आगे आकर जांच कराएं, खुद के साथ ही औरों को भी सुरक्षित करें।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

जरूरतमंदों को भोजन वितरण के लिए हिसार नगर निगम ने शहर को पांच जोन में बांटा

लॉकडाउन के दौरान शहर में कोई भी भूखा न रहे और किसी को भी भोजन के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए नगर निगम ने शहर को पांच जोन में विभाजित किया है। शहर की प्रमुख संस्थाएं बुधला संत मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा, गुरुद्वारा मॉडल टाउन, संत निरंकारी और श्री कुरुक्षेत्र गोशाला शहर वासियों को जरूरत के अनुसार भोजन पहुंचाने का काम करेंगी। यह सारी व्यवस्था निगम कमिश्नर डॉ. जेके आभीर की निगरानी में होगी और इसकी व्यवस्था की देखरेख निगम एसई रामजीलाल करेंगे।
शहर में जरूरतमंदों को भोजन वितरण करने के लिए निगम प्रशासन ने अपने चार म्यूनिसिपल इंजीनियरों (एमई) की वार्ड वाइज ड्यूटी लगाई है। संबंधित वार्ड में रहने वाले किसी भी जरूरतमंद की ओर से मांग करने पर इन चारों एमई द्वारा वहां खाना पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। पहले यह कार्य सिर्फ एक एमई को दिया हुआ था। शहर की सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से तैयार किए गए भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में निगम अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। मजदूर परिवारों, स्लम एरिया व झुग्गियों में रहने वालों को सुबह-शाम दोनों समय भोजन पहुंचा रहे हैं। निगम की गाड़ियों में पैक्ड खाना टीम एमई के निर्देशन में बांटने जाती है।
किस वार्ड में कौन सी संस्था पहुंचाएगी खाना
वार्ड - संस्था - फोन नंबर
1, 2 - बुधला संत मंदिर - 9416359352
3 से 8, 19, 20 - गुरुद्वारा सिंह सभा - 9812600038
12, 14 - गुरुद्वारा मॉडल टाउन - 9813330383
15 से 18 - संत निरंकारी - 9255550195
9 से 11, 13 - श्री कुरुक्षेत्र गोशाला - 9896395253
वार्ड वाइज नगर निगम के एमई और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ड्यूटी
वार्ड - एमई - एग्जीक्यूटिव इंजीनियर
1 से 5 - संदीप बैनीवाल - संदीप कुमार
6 से 10 - प्रवीन गंगवानी - जयवीर सिंह
11 से 15 - सुनील लांबा - संदीप सिहाग
16 से 20 - प्रवीन वर्मा - एचके शर्मा
वर्जन
लॉकडाउन के दौरान कोई भी शहरवासी भूखा न रहे, इसी के चलते कमिश्नर के निर्देश पर शहर को पांच जोन में बांटा गया है। संस्थाओं की मदद से शहरवासियों को भोजन पहुंचाया जाएगा कोई भी जरूरतमंद फोन करके जरूरत के अनुसार भोजन मंगवा सकता है।
- प्रवीन वर्मा, एमई, नगर निगम
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जानिये हिसार में कहां और कैसे मिल सकती है सहायता और जानकारी

मैं सामान्य बीमार हूं तो कहां जांच करवा सकता हूं? किस नंबर पर फोन करना होगा? मेडिकल इमरजेंसी में कहां संपर्क करें?
- स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। यदि शहर में हैं तो जिला अस्पताल के स्पेशल फ्लू क्लीनिक में जांच करवाएं। मेडिकल इमरजेंसी होने पर पर मेडिकल हेेल्पलाइन नंबर 70278-30252, या 01662-278113 पर संर्पक करें।
- मुझे कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं, कहां जांच करवानी चाहिए?
आपको यह तय करना होगा कि आप हाल ही में विदेश से लौटे हैं या फिर विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं? अगर नहीं तो सरकार के अनुसार आपको जांच करवाने की जरूरत नहीं। यदि हां तो स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। स्वयं को 14 दिन के लिए अपने घर में क्वारंटीन करें। इसकी जांच जिला अस्पताल में निशुल्क होती है। एक मरीज के एक बार में तीन टेस्ट होते हैं, उसके बाद ही उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती है।
-- शहर में कौन से प्राइवेट डॉक्टर मदद कर रहे हैं। मुझे या परिवार को जरूरत है तो मैं किस क्षेत्र में किस डॉक्टर से संपर्क करूं?
कोरोना संक्रमण को देखते हुए आईएमए ने कुछ डॉक्टरों ने नंबर जारी किए हुए हैं। सामान्य समस्या होने पर मरीज इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक ये डॉक्टर देंगे सलाह
- डॉ. तुसार शाह 9321469911
- डॉ. एम. भट्ट 9320407074
- डॉ. डी. ढोसी 9820237951
- डॉ. डी. राठौड़ 8879148679
- डॉ. आर. गवालानी 8779835257
-डॉ. डी. कंसारा 8369846412
दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे से तक ये डॉक्टर देंगे सलाह
- डॉ. जी. कामथ 9136575405
- डॉ. एस. मांगलिक 9820222384
- डॉ. जे. जैन 7201092685
- डॉ. ए. ठक्कर 9321470745
- डॉ. एल. भगत 9820732570
- डॉ. एन. शाह 9821140656
- डॉ. एस. फानसे 8779328220
- डॉ. जे. शाह 9869031354
शाम चार बजे से रात आठ बजे तक ये डॉक्टर देंगे सलाह
- डॉ. एन. जावेरी 9321489748
- डॉ. एस. अंसारी 7045720278
- डॉ. एल. केडिया 9321470560
- डॉ. बी. शुक्ला 9321489060
- डॉ. एस. हलवाई 9867379346
- डॉ. एस. कोटिया 8928650290
रात आठ बजे से देर रात 11 बजे तक ये डॉक्टर देंगे सलाह
- डॉ. एन. कुमार 8104605550
- डॉ. पी. भार्गव 9833887603
- डॉ. आर. चौहान 9892135010
- डॉ. बी. खरात 9969471815
- डॉ. एस. दुलेकर 9892139027
- डॉ. एस. पंडित 9422473277
किस क्षेत्र में दूध, फल-सब्जियां और दवाइयां उपलब्ध होंगी?
शहर में दूध, फल-सब्जियां व दवाओं की सेवाएं सुचारु रूप से जारी हैं। हर वार्ड के लिए प्रशासन ने अलग-अलग नंबर जारी किए हुए हैं। इसके अलावा शहर में कई दुकानदारों, केमिस्ट व डेयरी संचालकों को होम डिलिवरी के लिए लाइसेंस जारी किए हैं, जो जरूरत के अनुसार सामान घर पहुंचा रहे हैं। इनके नंबर हिसारडॉटजीओवीडॉटइन पर जाकर देखे जा सकते हैं।
आपात काल में मदद कहां से मिल सकती है?
पुलिस या एंबुलेंस की मदद के लिए आप हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। कोविड-19 हिसार हेल्पलाइन नंबर-70278-30252 या 01662-278113 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुझे जरूरी कहीं बाहर जाना हो तो क्या मैं जा सकता हूं?
इसके लिए प्रशासन ने मूवमेंट पास की व्यवस्था की है। इसके लिए हिसारडॉटजीओवीडॉटइन पर जाकर कोविड-19 ऑप्शन पर क्लिक करके चौथे ऑप्शन मूवमेंट पास फॉर कोविड-19 कर्फ्यू/लॉकडाउन पर क्लिक करें। इसके बाद एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें अपनी डिटेल भरकर प्रशासन से मूवमेंट पास ले सकते हैं, जिसके जरिये आप अपने गंतव्य पर पहुंच सकते हैं।
नगर निगम कार्यालय की ओर से सैनिटाइजेशन कंट्रोल रूम नंबर 01662-237884
नोट - इसके अलावा लॉकडाउन संबंधी समस्या व जिज्ञासाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1950 पर और होम क्वारंटीन के दौरान जरूरत के लिए 92153-26687 या 93552-56687 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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जिला अस्पताल की तरफ से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर प्रतिदिन आ रहीं 50 कॉल

कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल की ओर से जारी किए गए मेडिकल हेल्पलाइन नंबर 70278-30252 पर प्रतिदिन 50 कॉल आ रही हैं। इनमें ज्यादातर कॉल खांसी-जुकाम, बुखार व बाहर से घूमकर आए लोगों की आ रही हैं।
इस दौरान सभी यहीं पूछ रहे हैं कि क्या खांसी-जुकाम, बुखार होना ही कोरोना के लक्षण हैं और कोरोना की जांच कहां करवाएं और इसके लिए क्या एहतियात बरतें। बता दें कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह के संशय को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर 24 घंटे लोगों को जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
मरीजों की हिस्ट्री पूछकर दे रहे सलाह
जिला नोडल ऑफिसर डॉ. सुभाष खटरेजा ने बताया कि विदेश या बाहर से आए लोगों के प्रति यहां के लोगों में काफी भय बना हुआ है। इससे काफी लोग कॉल कर यह भी पूछ रहे हैं कि यदि कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो उसकी जांच कब, कैसे और कहां व कितनी बार करवानी चाहिए। वहीं जिला अस्पताल प्रशासन इन सभी मरीजों को हिस्ट्री के अनुसार उन्हें सलाह दे रहा है।
गुजरात और मुंबई से 80 लोग पहुंचे हिसार
अन्य राज्यों में रोजगार के सिलसिले में गए लोगों का वापस घरों का लौटना रविवार को भी जारी रहा। रविवार को गुजरात व मुुंबई से 80 लोग हिसार पहुंचे और घर जाने से पहले इन्होंने नागरिक अस्पताल में जाकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इनमें से कुछ लोग हिसार तो कुछ आसपास के जिलों के थे। जांच कराने के बाद ये सभी लोग अपने घरों की तरफ रवाना हो गए।
छह माह के बच्चे का भेजा सैंपल
इधर, जिला अस्पताल की ओर से जिले के एक गांव निवासी छह माह के बच्चे का कोरोना संदिग्ध सैंपल भेजा गया है। बच्चा कहीं बाहर नहीं गया था। मगर बच्चे को खांसी-जुकाम, बुखार की शिकायत हुई तो अभिभावक उसे जांच के लिए जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां बच्चे का एक्सरे करवाया, जिसके बाद आशंका के आधार पर डॉक्टरों द्वारा बच्चे को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया। उसके बाद बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। वहीं, जिला अस्पताल की ओर से शनिवार को भेजे गए एक सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बाद डॉक्टरों ने उक्त युवक को छुट्टी देकर घर भेज दिया।
ट्राइएज में पहुंचे 156 लोग
वहीं, जिला अस्पताल में ट्राइएज में रविवार दोपहर तक खांसी-जुकाम, बुखार से संबंधित 156 लोग जांच करवाने के लिए पहुंचे। नर्स स्टाफ ने सभी मरीजों की हिस्ट्री व जांच के बाद उन्हें ओपीडी स्लिप देकर पास में बने फ्लू क्लीनिक में भेज दिया। वहां पर तैनात डॉक्टर द्वार सभी मरीजों में कोरोना संदिग्ध कोई लक्षण नहीं मिलने पर उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स का काटा चालान
उधर, कोरोना को लेकर सरकार की गाइडलाइन के बाद भी पुलिस प्रशासन अपनी मनमानी कर रहा है। शहर के नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स कार से अनीता गांव गोरखपुर से अस्पताल आ रही थी। उस दौरान पुलिस द्वारा सिरसा चुंगी पर उसका चालान कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई पर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने नाराजगी जाहिर की है।
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महिला का गर्भपात करते रंगे हाथ पकड़ा निजी अस्पताल संचालक

ट्राइएज के बाहर खांसी-जुकाम की जांच के लिए लाइन में लगे लोग।
क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी अस्पताल संचालक को एक महिला का गर्भपात करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। विभाग की टीम को अस्पताल से सर्जिकल उपकरण और एमपीटी किट भी बरामद हुई है। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने महिला, उसके पति व अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया। रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
हिसार की सिविल सर्जन को सूचना मिली कि आदमपुर के एसबी मेमोरियल अस्पताल में गर्भपात किया जा रहा है। सूचना मिलने पर हिसार से सिविल सर्जन डॉ. रत्ना भारती की टीम ने शनिवार रात नौ बजे एसबी मेमोरियल अस्पताल पर छापा मारा और मौके पर कर गर्भपात कर रहे चिकित्सक व उसके स्टाफ को रंगे हाथ काबू किया। टीम ने अस्पताल को सील किया है। पुलिस को दी शिकायत में डॉ. रत्ना भारती ने बताया कि इस दौरान उन्होंने अस्पताल संचालिका डॉ. चेतना से मेडिकल प्रैक्टिस से संबंधित डिप्लोमा या डिग्री दिखाने को कहा, लेकिन वह नहीं दिखा पाई।
महिला का चल रहा था इलाज
छापेमारी के दौरान अस्पताल की दूसरी मंजिल पर गांव समैण से आई एक महिला का इलाज चल रहा था। उस महिला को ड्रिप लगी थी और उसके बेड से इस्तेमाल की गई एमटीपी किट भी बरामद हुई। परिसर से सर्जिकल उपकरण के साथ शौचालय के अंदर से 11 एमटीपी किट भी बरामद हुई। पूछताछ में डॉ. चेतना ने बताया कि वह एमटीपी किट बेचती है और उसने एक किट महिला मरीज को दे दी थी। इस काम में उसकी स्टाफ नर्स रेणु भी उसकी सहायता करती है। वहीं महिला मरीज ने बताया कि डॉ. चेतना ने जो एमटीपी किट उसे दी थी, उसने उसका सेवन कर लिया था। वहीं डॉक्टर द्वारा ड्रिप में एक इंजेक्शन डाला था, जो उसे लगा दिया गया था। इस काम में उसका पति भी उसके साथ था। वहीं महिला मरीज के पति ने बताया कि डॉ. नरेश शर्मा उसे बरवाला में मिला था और उसने आदमपुर एसबी मेमोरियल अस्पताल में गर्भपात करवाने की बात कही थी।
वर्जन
पुलिस ने डॉ. रत्ना भारती की शिकायत पर डॉ. नरेश शर्मा, डॉ. चेतना, स्टाफ नर्स रेणु और गर्भपात करवाने आए दंपती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी डॉ. नरेश शर्मा, डॉ. चेतना और गर्भपात करवाने आई महिला के पति को गिरफ्तार कर रविवार को हिसार अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
- महाबीर कुमार, जांच अधिकारी व उपनिरीक्षक
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कोरोना से खेल के अभ्यास पर रोक लगी तो मंगाली की बेटियों ने खेत में संभाला मोर्चा

कोरोना के कारण खिलाड़ियों के अभ्यास पर रोक लगी तो मंगाली की बेटियों ने खेत में मोर्चा संभाल लिया है। कई बेटियां अपने घरों में ही फुटबाल खेल रही हैं तो कई घर का खर्चा चलाने के लिए दूसरों के खेतों में काम कर रही हैं। इनमें नेशनल खिलाड़ी सपना, मंजू, ममता, रविना आदि शामिल हैं।
दरअसल, कोरोना वायरस से बचाव को लेकर 14 अप्रैल तक देश लॉकडाउन है। हर कोई अपना बचाव करने के लिए घरों में कैद है, लेकिन इन दिनों मंगाली की बेटियां गांव की ढाणियों के खेतों में काम कर रही हैं। सुबह से शाम तक यहां की बेटियां खेतों में काम करती नजर आती हैं।
अधिकतर बेटियां हैं गरीब परिवार से
मंगाली में 100 से ज्यादा बेटियां फुटबाल खेलती हैं। इनमें से अधिकतर नेशनल स्तर पर देश की झोली में पदक डाल चुकी हैं। वहीं अधिकतर बेटियां भी गरीब परिवार से हैं। ऐसे में घर का खर्चा चलाने के लिए बेटियां दूसरों के खेतों में मजदूरी करती हैं। खासतौर पर गेहूं कटाई के समय बेटियां समय निकालकर खेतों में काम करती हैं।
नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर जीत चुकीं पदक
मंगाली की बेटियों ने खेलों में देश में इतिहास रच दिया है। यहां की बेटियों ने नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। वहीं मंगाली की बेटियों की उपलब्धियों को देखते हुए मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मॉडल स्पोर्ट्स स्कूल बनाया गया है। अब यहां सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएंगी।
वर्जन
स्कूल में फुटबाल का अभ्यास बंद है। मगर कई खिलाड़ी घर पर ही फुटबाल खेल रही हैं तो कई खिलाड़ी खेतों में भी काम कर रही हैं।
- नरेंद्र कुमार, कोच, फुटबाल
सपना।
सपना।- फोटो : Hisar
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पुलिस की डांट और डंडे खाते हुए हैदराबाद, गुजरात और लखनऊ से हिसार पहुंचे 36 लोग

पुलिस की डांट और डंडे खाते हुए तीन राज्यों से 36 लोग शनिवार को हिसार पहुंचे। इनमें हैदराबाद के 17, गुजरात के 10 और लखनऊ के नौ लोग शामिल हैं। सभी लोग घर जाने से पहले जिला नागरिक अस्पताल में जांच कराने के लिए पहुंचे। इनके मुताबिक यहां तक पहुंचने में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगह पुलिस की डांट तो कई जगह पुलिस के डंडे तक खाने पड़े।
बता दें कि लॉकडाउन के कारण उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं। ऐसे में रोजगार के सिलसिले में अन्य राज्यों में गए लोग घरों को लौट रहे हैं। चूंकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी से तरह बंद है।
दो दिन से लगातार कर रहे थे सफर
हैदराबाद से लौटे लोगों ने बताया कि वह वहां पर पैकर्स-मूवर्स का काम करते थे। चूंकि अब सब कुछ बंद है तो वह घर लौट आए। वह हैदराबाद से दो दिन पहले चले थे। उनके पास खुद का एक ट्रक है, जिसमें सवार होकर वे सभी हिसार पहुंचे हैं। ट्रक में ही उन्होंने खाने-पीने की व्यवस्था की हुई थी। रास्ते में पुलिस ने उन्हें डंडे भी मारे और डांट भी लगाई। लखनऊ से लौटे लोगों का कहना था कि हिसार आने के लिए उन्हें एक दिन लग गया। उनके पास तीन गाड़ियां हैं, जिससे जल्दी पहुंच गए। मगर रास्ते में पुलिस की काफी डांट सुनी।
ट्राइएज में 167 लोग पहुंचे जांच कराने
जिला अस्पताल में ट्राइएज में शनिवार दोपहर करीब तीन बजे तक राजस्थान, दिल्ली और प्रदेश के अन्य जिलों सहित 167 लोग जांच कराने पहुंचे। जहां पर तैनात नर्स स्टाफ ने मरीजों की हिस्ट्री जांच के बाद उन्हें ओपीडी स्लिप देकर फ्लू क्लीनिक में भेज दिया। यहां पर डॉक्टरों द्वारा जांच के दौरान किसी भी मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं मिले तो उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
21 मार्च को न्यूूजीलैंड से लौटा था युवक
न्यूजीलैंड से लौटे युवक को जांच के बाद कोरोना संदिग्ध होने पर आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया है और डॉक्टरों द्वारा युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार शहर की एक कॉलोनी का युवक 21 मार्च को न्यूूजीलैंड से अपने घर लौटा और यहां उसे खांसी, जुकाम की शिकायत हुई तो जांच के लिए जिला अस्पताल में पहुंचा था। उधर, जिला अस्पताल की ओर से शुक्रवार को भेजे गए पांचों सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
पॉजिटिव केस आने पर लगातार दस दिन देनी होगी ड्यूटी
पीएमओ डॉ. राजीव बतीश ने बताया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल के वार्ड 11 व 13 को पूरी तरह से खाली करवा लिया है और उनमें 100 बेड लगाए हैं, ताकि कोई पॉजिटिव केस आता है तो उसे अलग से दाखिल किया जाएगा। इस आइसोलेशन वार्ड में मरीजों के लिए बेड के साथ सक्षम मशीनें व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। अस्पताल के 100 कर्मचारियों के लिए रहने, खाने-पीने जैसी अन्य सुविधाओं के भी प्रबंध किए हैं। इस दौरान इन्हें घर नहीं भेजा जाएगा और ये कर्मचारी लगातार 10 दिन अपनी ड्यूटियां करेंगे और उसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए अलग से धर्मशाला, रेस्टोरेंट आदि में ठहराए जाएंगे। उसके बाद घर भेजा जाएगा।
नागरिक अस्पताल में 33 हजार मास्क आए
पीएमओ ने बताया कि विभाग की तरफ से अस्पताल को 33 हजार मास्क मिले हैं। गाइडलाइन्स के अनुसार जो चिकित्सक कोरोना संदिग्ध मरीज के सैंपल लेग, केवल उन्हें ही 95 मास्क दिए जाएंगे। यदि जिला अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव केस आता है तो उस दौरान वार्ड में तैनात सभी चिकित्सक, नर्स स्टाफ व अन्य कर्मचारियों को मास्क, एप्रिन, ग्लव्स व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। वहीं, पीएमओ ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर, नर्स स्टाफ के अलावा कार्यरत अन्य कर्मचारियों के लिए आई कार्ड बनवाने के लिए भी फाइल जिला प्रशासन को भेज दी है।
टीबी मरीजों को दी जा रही एक माह की दवा
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि टीबी मरीजों को आमतौर पर एक सप्ताह की दवा दी जाती है। लेकिन अब आशा वर्कर या स्वास्थ्य विभाग के जरिये उन्हें घर पर ही एक महीने की दवा पहुंचाई जा रही है। फिलहाल के लिए टीबी अस्पताल में भी 30 बेड की व्यवस्था करवा दी गई है और वार्ड में दाखिल मरीजों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।
अस्पताल में जलभराव से मरीज परेशान
इधर, अस्पताल परिसर में बारिश के पानी की सही तरह से निकासी न होने के कारण शनिवार दोपहर को फ्लू क्लीनिक के बाहर जलभराव हो रखा था। उस दौरान जांच के लिए मरीजों को वहां पर खड़ा होने के लिए पूरी जगह भी नहीं थी। इससे सभी मरीजों को लाइन में खड़ा होने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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परिवार के तीन सदस्यों के साथ दुल्हन लेने पहुंचा दिलराज

कोरोना महामारी में लॉकडाउन के चलते हांसी क्षेत्र के लोगों का भरपूर सहयोग देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन के चलते अब ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकते, ऐसे में विवाह समारोह में भी ज्यादा लोगों को शामिल नहीं किया जा सकता। ऐसा ही कुछ देखने को मिला हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी में जब शहर के सेक्टर-6 निवासी दिलराज अपने परिवार के तीन सदस्यों को लेकर दुल्हन लेने पहुंचा।
दयाल सिंह कॉलोनी निवासी प्रदीप की बेटी किरण की शादी शहर के सेक्टर-6 निवासी दिलराज के साथ हुई। इस समारोह में कुल ही चंद लोगों ने भाग लिया। समारोह में शामिल हुए परिवार के सदस्यों ने भी अपने मुंह पर रुमाल या मास्क लगाया हुआ था। लड़के के साथ बरात के तौर पर उसके बड़े भाई, बहन, जीजा ने ही भाग लिया। यह विवाह दयाल सिंह कॉलोनी में संपन्न हुआ। विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन समारोह में केवल पांच लोगों को एकत्रित हुआ देख उन्हें बधाई देकर चली गई।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण लूथरा ने बताया कि उनके गांव के लोग जागरूक है। कुछ दिन पूर्व भी दयाल सिंह कालोनी में ऐसा देखने को मिला था, जब एक महिला की मौत पर हुई शोक-बैठक में लोग मृतका के परिजनों को सांत्वना देने के लिए एक-एक कर पहुंचे।
उमरा निवासी प्रदीप भी चार सदस्यों संग बरात लेकर पहुंचा भिवानी
वहीं गांव उमरा निवासी सिंचाई विभाग मेें कैनाल गार्ड के पद पर कार्यरत प्रदीप उर्फ मोंटी भी अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ दुल्हन लेने पहुंचा। प्रदीप की शादी 27 मार्च को थी। प्रदीप की बरात भिवानी के गांव बलियाली में वेदप्रकाश सांगवान के घर गई थी। प्रदीप के पिता लक्ष्मण दूहन ने काफी संख्या में लोगों को निमंत्रण दिया हुआ था। उसने जब देखा कि पूरे देश में कोरोना की महामारी फैली हुई है और प्रधानमंत्री ने पूरे देश को 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया हुआ है तो इस स्थिति में प्रदीप चार लोगों के साथ गांव बलियाली में पहुंचा और वहां पर शादी करके अपनी दुल्हन सविता को लेकर अपने गांव पहुंचा।
गांव उमरा निवासी प्रदीप व उसकी धर्मपत्नी।
गांव उमरा निवासी प्रदीप व उसकी धर्मपत्नी।- फोटो : Hisar
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कोरोना संकट के बीच राहत : तीन जिलों में प्रदूषण शून्य, सिरसा में सबसे अधिक 98 एक्यूआई

बेशक कोरोना संकट हमें घरों में कैद होने को बेबस कर रहा है, लेकिन शुद्ध वातावरण के मामले में ये दिन रिकॉर्ड बनते जा रहे हैं। जब से लॉकडाउन हुआ है, प्रदूषण में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को संभवत पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ होगा, जब प्रदेश के तीन जिलों फतेहाबाद, भिवानी और करनाल का एक्यूआई दर्ज ही नहीं हो पाया। यानी यहां प्रदूषण का नामों निशान नहीं था।
इनके अलावा प्रदेश में सबसे कम प्रदूषण नारनौल का 23 और हिसार का 24 रहा। हिसार शहर में अक्तूबर 2019 में दिवाली पर पटाखे और पराली आदि जलाने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक 1000 से भी अधिक पहुंच गया था और आम दिनों में यह 200 से 400 के बीच रहता है। प्रदेश में सिरसा का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को सबसे अधिक 98 दर्ज किया गया। वहीं, राजधानी चंडीगढ़ में यह केवल 20 था।
बारिश ने भी डाला प्रभाव, वाहन भी बंद
शनिवार का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे कम नारनौल का 23 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो सबसे बेहतर स्थिति है। शुक्रवार की बारिश के बाद वातावरण पूरी तरह से साफ हो गया था। अति सूक्ष्म कणों (2.5), कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड और ओजोन की अधिकतम मात्रा में गिरावट दर्ज की गई।
यह रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक
जींद - 55
अंबाला - 42
बहादुरगढ़ - 41
भिवानी - -
धारूहेड़ा - 41
फरीदाबाद - 79
फतेहाबाद - -
गुरुग्राम - 60
हिसार - 24
जींद - 55
कैथल - 31
करनाल - -
कुरुक्षेत्र - 38
मंडीखेड़ा - 88
मानेसर - 43
नारनौल - 23
पलवल - 56
पंचकूला - 49
पानीपत - 54
रोहतक - 26
सिरसा - 98
सोनीपत - 61
यमुनानगर - 37
चंडीगढ़ - 20
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किसान मशीनी औजार से करें फसलों की कटाई, एक-दूसरे के बीच रखें छह फुट की दूरी

कोरोना संकट के बीच सरसों की फसल की कटाई कहीं पूरी हो चुकी है तो कई जगहों पर कटाई चल रही है। वहीं, गेहूं की फसल भी पकाव पर है। ऐसे में किसानों का खेतों में जाना तय है। इसी को देखते हुए हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत कृषि वैज्ञानिकों ने फसल कटाई के समय कोरोना वायरस से बचाव को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखने को कहा है।
- फसल काटने के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखें। किसान काम और खाने-पीने के दौरान एक-दूसरे से कम से कम 5-6 फुट की दूरी बनाए रखें। खाने के बाद साबुन लगाकर पानी से अच्छी तरह से हाथ धोएं।
- फसलों की कटाई मशीनी औजार से करें और यदि हाथ के औजार से काटते हैं तो उसे साबुन/डिटर्जेंट / सैनिटाइजर/अल्कोहल/साबुन के घोल में धो लें।
- फल और सब्जियों की कटाई के समय या उसके बाद उपयोगी थैले/झोले का आदान-प्रदान न करें।
- पशुओं को नियंत्रित रखने के साधन (हैंडलर) बार-बार नहीं बदलें और पशु को नियंत्रित रखने/ बांधने की रस्सियों/चेन को उपयोग के बाद हर बार साबुन के घोल से कीटाणु रहित करें।
- गर्म पानी पीएं। खाने के बर्तन साबुन/डिटर्जेंट वाले पानी से अच्छी तरह साफ करें।
- एक बार खेत में इस्तेमाल किए गए कपड़े धो लें और धूप में सूखने रखें और दोबारा 48 घंटों के बाद ही इस्तेमाल करें। दूसरे दिन वही कपड़े नहीं पहनें।
- दिनभर कटाई के बाद मजदूर/किसान आम तौर पर बाइक/ट्रैक्टर या अन्य वाहनों पर एक साथ घर लौटते हैं। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए वाहन पर सभी एक-दूसरे से अलग दिशा में बैठें।
- एक-दूसरे के साथ मिलकर धूम्रपान नहीं करें यानी बीड़ी-सिगरेट का लेन-देन नहीं करें। एक साथ बैठकर हुक्का नहीं पीएं।
- खेत में कटाई के दौरान सभी किसान/मजदूर पानी पीने के लिए अपने ग्लास (कांच, मग, सकोरा, कुल्हड़ आदि) साथ ले जाएं।
- दोपहर का आराम किसी कमरे, झोपड़ी/छांव, पेड़ के नीचे या खेतों में एक-दूसरे के नजदीक नहीं करें। हमेशा एक दूसरे से छह फुट की दूरी रखें।
- यदि किसी किसान/मजदूर को खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द, सर्दी और बुखार के लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।
- खेत में पर्याप्त मात्रा में साबुन/डिटर्जेंट और पानी रखें।
- हमेशा खुद का/निजी औजार उपयोग करें और काम के दौरान एक-दूसरे के औजार नहीं लें।
- थ्रेशर, स्ट्रॉ-रीपर और कंबाइन हार्वेस्टर आदि मशीनी औजार का उपयोग करते हुए सामाजिक दूरी रखें और मास्क भी लगाएं।
- गेहूं या सरसों की कटनी का काम किसान/मजदूर एक-दूसरे की दरांती, जीभली, खुरपी और अन्य ऐसे उपकरणों से नहीं करें। यदि साझा करना जरूरी हो साबुन के घोल से अच्छी तरह धो लें।
- किसान/मजदूर कटनी के दौरान मास्क लगाएं या किसी कपड़े (साफ और स्वच्छ अंगोछा) से मुंह-नाक ढक लें।
- ट्रैक्टर या ट्रॉली से खेत जाते और घर वापस आते समय एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें।
- महामारी के संकट में सरकारी खरीदी में विलंब हो सकता है, इसलिए किसान स्वयं भंडारण की अस्थायी उचित व्यवस्था करें या एक दूसरे का भंडार साझा करें।
- कटाई का काम खेत के बाहरी घेरे से शुरू करें, ताकि अधिक समय तक सामाजिक दूरी बनी रहे।
- कटाई के बाद उपज की खुद गांठ बांधें। दूसरे से मदद नहीं लें।
- कटाई का काम पूरी बांह की शर्ट पहन कर करें।
- सिर दर्द/दर्द से आराम के लिए एक दूसरे की मालिश या सिर या बदन दबाने का प्रयास नहीं करें।
- आपका बचा खाना या पानी (कोई भी पेय) दूसरे को न दें।
- स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए जरूरी विटामिन-सी आपको मिले, इसलिए फल और सब्जियां नियमित खाएं।
- फल-सब्जियां उठाने से पहले हमेशा अपने हाथ और पैर सावधानी से धोएं।
- खेत की पैदावार की ओर मुंह कर के खांसने या छींकने से बचें। मास्क लगाएं और अंगोछे या कोहुनी में मुंह ढक कर खांसें/छींकें।
- जल्द खराब होने वाली चीजें हमेशा दिए गए सुझाव के अनुसार सही पैक जैसे हर्मेटिक बैग में पैक करें।
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