पलाली जलाने वाली जमीन को चिह्नित करने पहुंचे दो पटवारियों को किसानों ने छह घंटे तक बनाया बंधक

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Wed, 21 Oct 2020 07:27 PM IST
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किसानों से बातचीत के लिए पहुंचे एसडीएम व डीएसपी।
किसानों से बातचीत के लिए पहुंचे एसडीएम व डीएसपी। - फोटो : Hisar

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नारनौंद (हिसार)। उपमंडल के गांव मिलकपुर में बुधवार को पराली जलाने वाली जमीन को चिह्नित करने पहुंचे दो पटवारियों को किसान यूनियन व ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। किसानों ने 6 घंटे तक गांव के ग्राम सचिवालय में उन्हें बंधक बनाए रखा। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम व डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को शांत किया और दोनों पटवारियों को मुक्त करवाया। किसानों ने एसडीएम के सामने नारनौंद के नायब तहसीलदार पर भी किसानों से रजिस्ट्रियों व अन्य कामों में पैसे लेने के आरोप लगाए।
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सुबह करीब 9 बजे गांव मिलकपुर में हरसैक की लोकेशन द्वारा पराली जलाने के मामले में रकबे की पहचान के लिए पटवारी नरेंद्र कुमार व उसके साथ पटवारी सोमराज गांव में पहुंचे। इस दौरान गांव के दो नंबरदार कुलदीप व सुरेंद्र भी थे। इस पर कुलदीप नंबरदार ने हस्ताक्षर भी कर दिए, लेकिन सुरेंद्र नंबरदार ने पटवारियों को अपने घर पर बुला लिया और वहां पर उनको बंधक बना लिया। जमीन किसान सुरेश के नाम पर मिली, लेकिन जमीन को ठेके पर लेकर खेती सुरेंद्र नंबरदार ने की हुई थी। उसके बाद गांव के सैकड़ों किसान मौके पर एकत्रित हो गए। मामले की सूचना मिलते ही करीब 2 बजे नायब तहसीलदार अजीत सिंह व थाना प्रभारी उमेद सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन किसान उनसे सहमत नहीं हुए। उसके बाद नारनौंद के एसडीएम विकास यादव व नारनौंद के डीएसपी विनोद शंकर भी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की वार्तालाप के बाद किसान शांत हुए और पटवारियों को छोड़ा।
तहसील में भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
किसान प्रदीप मिर्चपुर, रणधीर मिलकपुर, लीला, सुरेंद्र नंबरदार, पूर्व सरपंच वेदप्रकाश, बलवान, रवीश, अजमेर आदि ने एसडीएम के सामने नारनौंद व बास तहसील और कृषि विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़े। एसडीएम ने किसानों के सामने माना कि भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है, लेकिन सरकार भी भ्रष्टाचार के खिलाफ है। धीरे-धीरे इस पर लगाम लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ शिकायतों पर उन्हें लिखित में देने की बात कही, जिस पर उन्होंने कार्रवाई करने का आश्वासन किसानों को दिया।
किसान ने माना पराली में लगाई आग
किसान ने माना कि उसने पराली में आग लगाई है, लेकिन सरकार या तो इसका प्रबंध करे या फिर सरकार उसकी स्वयं खरीद करे। किसान को अपने खेत में बिजाई करने के लिए पराली को जलाना उसकी मजबूरी है।
भाकियू नेता बोले- भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई तो ऐसी घटना फिर हो सकती है
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष बिल्लू खांडा ने कहा कि किसानों की फसलें एमएसपी से कम दाम पर खरीदी जा रही हैं। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले यंत्रों में भारी घालमेल है। किसानों की आवाज को कोई अधिकारी नहीं सुन रहा। खांडा ने आरोप लगाया कि नारनौंद व बास तहसीलों में रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होते। किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में भी अधिकारियों द्वारा पैसे मांगे जाते हैं। उसके बाद ही किसानों को सब्सिडी पर यंत्र दिए जाते हैं। अगर जल्द ही नारनौंद में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई गई तो जो आज हुआ है वह भविष्य में भी हो सकता है।
 बंधक बनाए गए दोनों पटवारी।
बंधक बनाए गए दोनों पटवारी।- फोटो : Hisar
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