दो लोगों की हत्या और लूट की कई वारदात को अंजाम देना चाहते थे बाल बंदी

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Thu, 22 Oct 2020 12:54 AM IST
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पत्रकारवार्ता करते एसपी बलवान सिंह राणा।
पत्रकारवार्ता करते एसपी बलवान सिंह राणा। - फोटो : Hisar

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हिसार। बाल सुधार गृह से फरार हुए 17 बंदियों में से 7 बाल बंदी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इनमें से एक बंदी अमित को पुलिस ने छह दिन के रिमांड पर हासिल किया हुआ है, लेकिन अभी भी 10 बंदी फरार हैं। इन बंदियों पर हत्या, हत्या प्रयास, लूट सहित कई मामले दर्ज हैं।
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फरार हुए बंदियों में से पकड़े गए मास्टरमाइंड अमित ने रिमांड के दौरान व अन्य दो बंदियों ने पुलिस को बताया कि रोहतक के बैंसी गांव के सरपंच की हत्या के साथ शहर के शास्त्री नगर निवासी गोलू की भी वे हत्या करना चाहते थे। यह जानकारी बुधवार को एसपी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ में एक बाल बंदी ने बताया कि गोलू और उसका कई बार झगड़ा हो चुका था, जिस कारण वह गोलू से रंजिश रखने लगा। इस कारण वह गोलू की हत्या करना चाहता था। पूछताछ के दौरान अमित व अन्य दो बंदियों ने कुबूला कि उन्होंने दो हत्याओं के साथ एटीएम लूट सहित कई अन्य वारदात को अंजाम देना था।
15 दिन पहले रची थी साजिश
एसपी ने बताया कि फरार हुए बंदियों ने बाल सुधार गृह में खिड़की की कील लगी लकड़ियों को नुकीले हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बंदियों ने करीब 15 दिन पूर्व फरार होने की साजिश रची थी। इसको लेकर बाल सुधार गृह में बंदियों ने वार्डरों की गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
दूसरे जिलों के एसपी से लगातार संपर्क में
एसपी ने बताया कि फरार बंदी जिस भी जिले के हैं, उन सभी जिलों के एसपी से जिला पुलिस लगातार संपर्क में है। उन जिलों के एसपी व पुलिस से प्रतिदिन कार्रवाई की रिपोर्ट शेयर की जा रही है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए ये बाल बंदी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। एक दिन में ये 3 से 4 ठिकाने बदल रहे थे।
कमेटी की रिपोर्ट में बाल सुधार गृह में मिली थीं खामियां
एसपी बलवान सिंह राणा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि एडीसी की कमेटी की रिपोर्ट में बाल सुधार गृह में कई खामियां मिली थीं। इस रिपोर्ट के मुताबिक सामने आया कि वहां जिला पुलिस के चार जवानों में से तीन मौके से नदारद थे और एक जवान जो तैनात था, उसने भी लापरवाही बरतते हुए पुलिस को देरी से सूचित किया था। इस कारण उन्हें निलंबित किया गया।
बाल बंदियों की अब लगातार होगी काउंसिलिंग
एसपी ने बताया कि बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चे अपराध की दुनिया से बाहर निकलें और अपनी सोच को बदल सकें। इसके लिए अब वुमन चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग के साथ मिलकर काम किया जाएगा और बाल बंदियों की लगातार काउंसिलिंग करवाई जाएगी।
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