पीटीआई अध्यापकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में अध्यापकों ने किया प्रदर्शन

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Fri, 29 May 2020 10:48 PM IST
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर मौजूद हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सदस्य।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर मौजूद हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सदस्य। - फोटो : Jind

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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने प्रदेश में 1983 पीटीआई अध्यापकों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में काला दिवस मनाया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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जिला प्रधान साधु राम ने कहा कि जींद में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बड़ी संख्या में अध्यापकों ने काला दिवस मनाया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान साधुराम ने की व मंच का संचालन जिला उपप्रधान महेंद्र गौतम ने किया। राज्य ऑडिटर वेदपाल रिढ़ाल ने कहा कि सरकार रोजगार देने की जगह रोजगार छीनने में लगी हुई है। सरकार को इन अध्यापकों के दस वर्षों के अनुभव को देखते हुए अपनी विधाई शक्तियों का उपयोग करके इनको सेवा सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की ही अवहेलना कर रही है। इसमें साफ कहा गया था कि लॉकडाउन के बाद आगामी पांच महीनों में प्रक्रिया पूरी करनी है, लेकिन अभी लॉकडाउन समाप्त भी नहीं हुआ और सरकार ने अध्यापकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूर्व राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है व कोरोना की आड़ में कर्मचारी विरोधी फैसले और कटौतियां लागू की जा रही हैं, रोजगार छीने जा रहे हैं। एक ओर तो कर्मचारियों के डीए और एलटीसी पर रोक लगा दी गई है, वहीं विधायकों के भत्ते दो गुना कर दिए गए हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान रामफ ल दलाल ने कहा कि एक तरफ तो स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों पर फ ूल बरसाने का दलिखावा किया जा रहा है, और वहीं दूसरी ओर 10000 स्वास्थ्य कर्मचारियों को हटाने की तैयारी चल रही है। सरकार कहती कुछ है और करती कुछ है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा पूरी तरह से प्रभावित अध्यापकों के साथ है और किसी भी सूरत में अध्यापकों का रोजगार जाने नहीं दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में कहीं भी माननीय न्यायालय द्वारा अध्यापकों को दोषी नहीं पाया गया है। अगर कहीं किसी ने गलती की है तो वह उस समय की सरकार मंत्री और चयन कमेटी ने की है। उनको सजा होनी चाहिए न की इतने वर्षों के बाद इन अध्यापकों का रोजगार छीना जाए। प्रदेश व्यापी प्रदर्शनों और काला दिवस मनाए जाने के परिणामस्वरूप सरकार ने अपने आदेशों में बदलाव करते हुए फिलहाल अध्यापकों की रिलीविंग पर रोक लगा दी है। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, होशियार सिंह, वेदपाल रिढ़ाल, महावीर पोपड़ा, रणधीर, हैप्पी सिंह, प्रेमचंद, अमरजीत, महिपाल सैन, सतेंद्र गौतम, महेंद्र गौतम, शमशेर कौशिक, कलीराम, रोहताश आसन, शमशेर भंभेवा, सतबीर गहलोत मौजूद रहे।
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