पंजाब सरकार का एमएसपी पर बनाया गया कानून खोखला-धनखड़

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 20 Oct 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
president
president - फोटो : Kaithal

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार ने एक कानून बनाया है। जिसमें एमएसपी से कम कीमत पर खरीद करने वाले को तीन साल की जेल और जुर्माना का प्रावधान किया गया है। यह कानून तब तक पूरी तरह से खोखला है, जब तक इस कानून में फसल खरीद के लिए गारंटी नहीं दी जाती।
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में धनखड़ ने कहा कि गेहूं, धान, बाजरा या फिर अन्य फसल के लिए सरकारी खरीद तय अवधि में होती है। यदि कोई किसान इस अवधि में फसल बेचने से चूक जाता है और बाजार में उस फसल की कीमत कम होगी तो कोई भी खरीदार उसे नहीं खरीदेगा। क्योंकि उसे दंड का डर रहेगा। इसी कारण पंजाब सरकार का नया कानून खोखला है। इससे किसानों का ही नुकसान होगा। नए कृषि कानूनों में भी इसी कारण एमएसपी की गारंटी नहीं लिखी गई कि समय अवधि बीत जाने के बाद किसान की फसल न बिकने पर उसे अगले साल की अवधि तक इंतजार करना पड़ेगा। सरकार कई फसलें केवल एमएसपी देने के लिए खरीदती है। बाद में उसे बाजार में कम दाम पर भी बेचना पड़ता है।
नए कृषि कानूनों पर विपक्ष द्वारा झूठ बोला गया। मंडी और एमएसपी ऐसे ही जारी रहेंगे। नई व्यवस्था प्रगतिशील किसानों व संघ के लिए है। जो अपनी फसल कहीं भी बेच सकते हैं। क्योंकि उन्हें मार्केट फीस के नाम पर कहीं भी फसल बेचने से नहीं रोका जा सकेगा। आने वाले समय में धान व गेहूं को छोड़कर एमएसपी का स्वरूप भी भावांतर भरपाई जैसा हो सकता है। किसानों के खाते में सीधा बाजार भाव और एमएसपी के बीच के अंतर की राशि को जमा करवाया जा सकता है। कैथल अनाज मंडी में पूरा एमएसपी न मिलने की शिकायत पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों से पूछा जाएगा कि ऐसा क्यों हो रहा है?
दशहरा पर पीएम का पुतला फूंकने के भाकियू के एलान पर धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में बातों से लड़ा जा सकता है। लेकिन दुर्भावना से यदि कोई काम करेगा तो वह ठीक नहीं है।
बाजार में आलू, प्याज व टमाटर की लगातार ऊंची कीमतों पर धनखड़ ने कहा कि सरकार द्वारा इस के लिए संतुलन बनाया जाएगा कि किसान को फसल का उचित दाम मिले और लोगों को उचित दाम पर खाद्य पदार्थ मिल सकें। दिसंबर में भाजपा सरकार गिर जाने के ओमप्रकाश चौटाला के ब्यान पर उन्होंने कहा कि यह मुंगेरी लाल के हसीन सपने के सिवाए कुछ नहीं है।
श्याम सिंह राणा व परमिंद्र ढुल के भाजपा छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार में रहकर किसानों के लिए कुछ किया जा सकता है। बाहर से केवल राजनीति हो सकती है। परमिंद्र ढुल को टिकाऊ की बजाए घुमाऊ नेता की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। हम धन्यवादी हैं कि उन्होंने भाजपा को अवसर दिया उन्हें शामिल करने का।

Trending Video

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X