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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

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Digital Edition

पीपीई किट पहनने से डॉक्टर की तबीयत बिगड़ी

पीपीई किट पहनने के बाद कोरोना जांच के सैंपल ले रही महिला डाक्टर की तबियत अचानक बिगड़ गयी। अत्यधिक घबराहट होने के कारण उन्हें बीच में ही सैंपलिंग छोड़नी पड़ी। ऐसे में विभागीय तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
करनाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोबाइल वैन के माध्यम से लोगों के कोराना सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं। इसके तहत एक दिन पहले घरौंडा में सैंपल लिये गये थे। बृहस्पतिवार को मोबाइल वैन नीलोखेड़ी के नागरिक अस्पताल में लोगों के सैंपल लेने पहुंची थी। योजना के तहत 25 लोगों के कोविड से संबंधित जांच सैंपल लिये जाने थे। इसके लिए सभी चिह्नित व्यक्तियों को नागरिक अस्पताल में बुलाया भी गया था। नागरिक अस्पताल में तैनात डेंटल सर्जन डा. विनीता को सैंपलिंग की जिम्मेदारी दी गयी थी, लेकिन पीपीई किट पहनने के बाद सैंपल लेते समय अचानक डाक्टर को घबराहट होने लगी। ऐसे में 25 में से सिर्फ 12 लोगों के ही सैंपल लिये जा सके। इसके बाद डाक्टर की तबियत बिगड़ने पर उन्होंने असमर्थता जतायी। इस संबंध में एसएमओ डॉ. वन्दना अग्रवाल का कहना है कि कोरोना से संबंधित सैम्पल लेने वाली टीम को पीपीई किट सहित सभी सावधानियां बरतने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण और निर्देश दिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाली कोविड सैंपलिंग वैन को लेकर विभिन्न कैटेगरी के तहत सैपल लेेने के लिए 25 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन प्रक्रिया शुरू होने के कुछ देर बाद डॉ. विनीता को पीपीई किट में घबराहट महसूस होने लगी, जिससे वह कार्य नहीं कर पा रहीं थीं। इसके चलते 12 लोगों के सैंपल लेने के बाद प्रक्रिया को रोकना पड़ा। सभी एकत्रित सैंपल को जांच के लिए कल्पना चावला मेडिकल कालेज करनाल में भेज दिया है।
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अब दुकानें शाम छह बजे तक खुलेंगी और दूसरे जिलों में जाने को पास की जरूरत नहीं

लॉकडाउन 4.0 में लोगों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने दो और निर्णय करते हुए जनता को राहत दी है। इसके तहत अब मार्केट में दुकानें सुबह नौ से शाम छह बजे तक खुलेंगी। वहीं दूसरे निर्णय में अब प्रदेश के किसी भी जिले में जाने के लिए पास की जरूरत नहीं होगी।
अभी तक दुकानों के खुलने का समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित था, जिसमें प्रशासन की ओर से एक घंटे की बढ़ोतरी की गयी है। वहीं प्रदेश में कहीं आने-जाने पर पाबंदी खत्म कर दी गयी है। अब पास की जरूरत केवल प्रदेश से बाहर जाने की स्थिति में ही होगी। जबकि पहले की तरह शाम सात से सुबह सात बजे तक किसी भी गतिविधि और घूमने पर प्रतिबंध जारी रहेगा। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। इन नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी।
ऑड-ईवन खत्म होने और ढाबों पर खाना शुरू होने की खबर मात्र अफवाह
प्रशासन की ओर से जारी नए निर्देशों में ढाबे और रेस्टोरेंट पहले की तरह सिर्फ होम डिलिवरी ही कर सकते हैं। जिस भी क्षेत्र में ऑड-ईवन के हिसाब से दुकानें खुल रही हैं, वह दुकानें अब भी ओड-ईवन के उसी तरह से ही खुलेंगी। डीसी के अनुसार, आड-ईवन खत्म होने की सोशल मीडिया पर फैली खबरें मात्र अफवाह हैं।
कार में तीन और आटो रिक्शा में दो सवारी को अनुमति
कार में तीन से ज्यादा और ऑटों में दो से ज्यादा सवारी की अनुमति नहीं होगी, यदि कोई इन आदेशों की अवहेलना करेगा तो पुलिस द्वारा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
मजदूरों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा 15 से 50 हजार रुपये तक ऋण
विधायक हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि अब गरीबों को स्वरोजगार चलाने के लिए 50 हजार रुपये तक का ऋण कम ब्याज पर बैंकों द्वारा दिलाया जाएगा। ऐसे गरीब व्यक्ति जो रेहड़ी आ फड़ी लगाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे है, उन गरीबों के लिए भी सरकार ने 15 हजार रुपये बैंक की डीआरए स्कीम के तहत ऋण मुहैया करवाने का निर्णय लिया है। इस ऋण पर बैंक चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज लेता है।
सरकार के निर्देश पर ही दोनों निर्णय लिए गये हैं। नए निर्देशों के अनुसार प्रदेश से बाहर जाने के लिए ही अब ऑनलाइन आवेदन कर पास बनवाएं। व्यापारियों की मांग पर दुकानें खुली रहने का समय एक घंटा बढ़ाया गया है, लेकिन दुकानें शाम 6 बजे बंद हो जानी चाहिए। अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
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करनाल: पंकज पूनिया एक दिन के रिमांड पर, ट्वीट को लेकर कांग्रेस ने किया किनारा

धार्मिक भावनाओं को भड़काने और अश्लील ट्वीट करने के आरोप में गिरफ्तार कांग्रेस नेता पंकज पूनिया को गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन्हें एक दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपी से वह मोबाइल बरामद करना है, जिससे उसने आपत्तिजनक ट्वीट किया है।

कांग्रेस नेता पंकज पूनिया ने धर्म विशेष की भावनाएं भड़काने के लिए कुछ दिन पहले अश्लील ट्वीट किया था। इससे नाराज आरएसएस और हिंदू धर्म के लोग बुधवार को सदर थाना में एकत्रित हुए थे।


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देर शाम एसपी ने इनकी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिये थे। इसके बाद मधुबन थाना में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। यही नहीं मामले में करनाल से अलग कांग्रेस नेता पंकज पूनिया के खिलाफ लखनऊ और इंदौर में भी मामला दर्ज है।

कांग्रेस ने किया किनारा
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र राठौर का कहना है कि पंकज पूनिया का ट्वीट उनकी अपनी भाषा है। कांग्रेस पार्टी और वह स्वयं इसकी निंदा करते हैं।

ट्वीट को फैलाने वाले के खिलाफ भी होगी कार्रवाई: एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि पंकज पूनिया के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और अश्लील आपत्तिजनक ट्वीट करने की शिकायत मिली थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया है और एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। यदि कोई व्यक्ति इस ट्वीट को फैलाता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना काल में आगे रहे सरकारी अस्पताल

कोरोना काल में सरकारी अस्पतालों और डाक्टरों में लोगों का विश्वास बढ़ा है। कोरोना के मरीजों का चेकअप से लेकर इलाज तक सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में हुआ। अच्छी बात ये है कि अधिकांश मरीज ठीक होकर घर भी पहुंचे। सरकारी डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पिछले दो माह से बिना छुट्टी लिए काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीधे तौर पर निजी अस्पतालों की भूमिका कम नजर आई। स्थिति यह हुई कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए अधिकांश निजी डाक्टरों ने अस्पताल बंद रखे।
दो माह से टल रहे हैं आपरेशन
25 मार्च से लाकडाउन शुरू होने के कारण तभी से ऑॅपरेशन और सर्जरी टली हुई हैं। सरकारी अस्पताल जहां कोरोना के मरीजों को संभालने में लगे हैं। वहीं, निजी अस्पताल कोरोना के भय से सर्जरी और आपरेशन नहीं कर रहे हैं। जबकि इससे पहले जिले में 200 से 250 तक लोगों की सर्जरी होती थी। इनमें आंख, नाक, पत्थरी, स्कीन और हड्डी रोग समेत अन्य शामिल हैं। निजी अस्पतालों में बिना कोरोना टेस्ट कराए सर्जरी नहीं की जा रही है। ऐसे में फिलहाल ऐसे मरीजों को दवा ही दी जा रही है। इस दौरान मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकारी अस्पताल और मेडिकल कालेज की बात करें तो यहां पर भी सामान्य सर्जरी नहीं हो रही हैं, केवल इमरजेंसी सर्जरी ही की जा रही हैं।
लॉकडाउन में स्वास्थ्य हो रहा सुधार : घटी ओपीडी
कल्पना चावला मेडिकल कालेज के डीएमएस डा. गौरव कांबोज ने बताया कि लॉकडाउन के पहले 2500 तक कालेज की ओपीडी थी। इसी प्रकार इनमें से रोजाना चार से पांच सर्जरी भी की जाती है, जो लॉकडाउन के दौरान 80 प्रतिशत तक कम हुई हैं। क्योंकि लोग घर से बाहर नहीं निकले। ऐसे में आंखों के रोग, चमड़ी के रोग, माइग्रेन व बुखार में काफी कमी आई। कारण कि इनका सीधा संबंध प्रदूषण और कड़क धूप से है, इसलिए यहां लोगों का स्वास्थ्य पहले से बेहतर हुआ। सड़क हादसे ना के बराबर हुए इसलिए हड्डी रोग की ओपीडी भी कम हुई है। इस समय कालेज में 500 से 700 के करीब ओपीडी है। इसी प्रकार, सिविल अस्पताल के पीएमओ डा. पीयूष शर्मा ने बताया कि इस समय केवल इमरजेंसी सर्जरी की जा रही हैं, सामान्य बंद हैं। ओपीडी पहले 2 हजार थी, अब 800 से 1000 के करीब आ रही है। पहले रोजाना 4 से 5 सर्जरी होती थी।
निजी अस्पतालों ने किया पूरा सहयोग : डा. अरुण
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन करनाल के अध्यक्ष डा. अरुण गोयल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान निजी अस्पतालों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का पूरा साथ दिया है। बात चाहे फोन से निशुल्क ओपीडी की हो या फिर अन्य। ये कहना बिल्कुल गलत होगा कि निजी अस्पतालों की भूमिका कम रही। क्योंकि कोरोना के मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है और सरकार की गाइडलाइन भी यही है। जहां तक आपरेशन की बात है तो यकीनन इसमें कमी आई है, क्योंकि संक्रमण का खतरा सभी को है। ओपीडी सुबह 9 से 3 बजे तक है, पहले के मुकाबले यह आधी रह गई है।
सभी का साथ मिल रहा है : सीएमओ
लाकडाउन के दौरान सभी स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे हैं। निजी अस्पतालों का भी पूरा स्पोर्ट है। सरकार की हिदायतों के अनुसार ही काम किया जा रहा है। ओपीडी पहले के मुकाबले कम हुई है। सरकारी अस्पताल में जरूरी सर्जरी की जा रही हैं, जो जरूरी नहीं है उनको अभी नहीं किया जा रहा है।-डा. अश्वनी आहूजा, सीएमओ
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करनाल में मिले कोरोना के पांच नये मरीज

जिले में कोरोना का संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले चार दिन से लगातार कोरोना के पाजिटिव केस सामने आ रहे हैं। रविवार को पांच और पाजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें चमन गार्डन निवासी कपड़ा व्यापारी का बेटा, बहू और पोता-पोती शामिल हैं। वहीं कैथल रोड स्थित राजीव कालोनी निवासी दिल्ली में नौकरी करने वाला एक युवक भी संक्रमित पाया गया है। पांचों को मुलाना स्थित कोविड अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से संबंधित क्षेत्र के एरिया को सील कर दिया गया है और आसपास के लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।
पिछले चार दिन से करनाल में लगातार कोरोना के केस मिल रहे हैं। सदर बाजार के बाद अब चमन गार्डन सबसे संवेदनशील एरिया बन गया है। चमन गार्डन में शनिवार को कपड़ा व्यापारी के परिवार के तीन सदस्य कोरोना पाजिटिव पाये गए थे। इसके बाद उनके परिजनों के भी सैंपल लिये गए थे। शनिवार को व्यापारी के परिवार के चार और सदस्य कोरोना पाजिटिव मिले। इनमें उनका बेटा, बहू और सात से आठ साल के दो बच्चे शामिल हैं। दूसरी ओर दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाला राजीव कालोनी का एक युवक भी कोरोना पाजिटिव मिला है। वह दो दिन पहले ही दिल्ली से आया है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिवार के सदस्यों को भी क्वारंटीन करते हुए मेडिकल कालेज भेज दिया, जहां उनके भी सैंपल लिये गए हैं।
32 में से 16 मरीज ठीक होकर घर पहुंचे
सिविल सर्जन के अनुसार जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित कुल 5032 व्यक्तियों के सैम्पल लिए गए। इनमें से 4978 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 22 की रिपोर्ट आना शेष है। जिले में गत दिवस तक 32 पॉजिटिव केसों में से 16 व्यक्ति ठीक होकर अपने घर चले गये और एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में फिलहाल 15 केस एक्टिव हैं।
अंबाला में मुलाना स्थित मेडिकल कालेज बना कोविड अस्पताल
प्रदेश सरकार ने अब एक बार फिर से कोरोना से पीड़ित मरीजों को दाखिल करने को लेकर नया फैसला लिया है। फैसले के अनुसार, अब कल्पना चावला मेडिकल कालेज में मरीज दाखिल नहीं होंगे। अब अंबाला के मुलाना स्थित मेडिकल कालेज को कोविड अस्पताल बनाया गया है। अब मरीजों को उसी में रखा जाएगा। गौरतलब है कि सबसे पहले मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कालेज में रखा जाता था। इसके बाद शाहाबाद स्थित आदेश अस्पताल भेजा जाने लगा है। कुछ दिन पहले ही आदेश की बजाए करनाल में ही मरीजों को रखे जाने लगे थे। अब फिर से कोरोना पाजिटिव को मुलाना स्थित मेडिकल कालेज में भेजा जा रहा है।
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जब छिना टोकन का अधिकार तो रूठ गए छोटे सरकार

सचिवालय के सभागार में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम ने नगर निगम की मेयर और पार्षदों के साथ चर्चा की। इसमें प्रदेश स्तरीय नेता भी जुड़े हुए थे। चरचा के दौरान भाजपा नेता सुरेश भट्ट ने टोकन वितरण से पार्षदों को दूर रखने की सलाह दी, जिस पर सीएम ने हामी भरी। इससे पार्षदों में नाराजगी देखी गयी।
दरअसल वीसी के आरंभ में सीएम ने कहा कि सरकार की ओर से जरूरतमंदों को राशन देने के लिए टोकन सिस्टम भी शुरू किया हुआ है, जिसका लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलना चाहिए। इस पर भाजपा नेता सुरेश भट्ट ने कहा कि पार्षद राजनीति करते हैं और योग्य व्यक्ति की बजाए अपने नजदीकियों को ही टोकन बांटेंगे। जब पार्षदों ने इस पर पक्ष रखना चाहा तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। मीटिंग के बाद इस पर सभी पार्षदों ने नाराजगी जताई। मीडिया से बातचीत में पार्षदों ने आरोप लगाया कि न तो किसी पार्षद से कोई बात पूछी गई और न ही किसी को बोलने दिया गया। रही सही कसर सुरेश भट्ट ने पूरी कर दी। पार्षदों ने कहा कि ये पार्षदों का अपमान है, क्योंकि लाक डाउन के दौरान पार्षदों ने तन मन धन से काम किया है। बैठक में कुल 16 पार्षद मौजूद रहे। वीसी करीब 10 मिनट तक चली। नाम न छापने की शर्त पर पार्षदों ने कहा कि इस मामले को लेकर आगामी दिनों में बैठक की जाएगी और इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वीसी के दौरान मेयर रेणूबाला गुप्ता भी मौजूद रहीं।
सरकारी योजनाओं के लिए सरकार तैयार कर रही मंच
सीएम ने बताया कि सरकार एक ऐसा मंच तैयार कर रही है, जहां पर सरकारी योजनाओं की सभी जानकारियां हासिल होंगी। इसमें अधिकारियों के अलावा गणमान्य लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि सभी को लाभ मिल सके। मेयर और पार्षद अपने शहर में लोगों की समस्याओं को जानें और उन्हें दूर करे। जो समस्या सरकार के स्तर पर दूर करने की हो उनके लिए सरकार को बता सकते हैं।
आय बढ़ाने के लिए करें प्रयास
सीएम ने कहा कि नगर निगम को अपने खर्चों के आय के पैसे खुद ही जुटाने हैं। इसके लिए निगम ज्यादा से ज्यादा पैसे जुटाने का प्रयास करें। प्रॉपर्टी टैक्स को भरवाया जाए। इसके अलावा आय के अन्य विकल्पों की तलाश की जाए।
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करनाल-असंध मार्ग के लिए रोडवेज को नहीं मिले यात्री - बस चलाने की योजना रही विफल, आज फिर करेंगे कोशिश

पुराना बस स्टैंड से करनाल-असंध के लिए रोडवेज बस चलाने की योजना यात्रियों के अभाव में विफल साबित हुई। शनिवार सुबह दस बजे स्टैंड से असंध के लिए बस रवाना होनी थी किंतु कोई भी यात्री नहीं पहुंचा। बाद में जलमाना गांव के लिए महज एक यात्री बस पकड़ने आया, लेकिन बस को निरस्त कर दिया गया। रविवार फिर से विभाग की ओर से इस मार्ग पर बस चलाने का प्रयास किया जाएगा। यदि यात्रियों की संख्या हुई तो ही बस का संचालन होगा।
हरियाणा राज्य परिवहन मुख्यालय पंचकूला से रोडवेज महानिदेशक के आदेश पर करनाल-असंध रूट के लिए ऑफलाइन बस चलाने का फैसला लिया गया था। इस बस में 30 यात्री सवार होने की अनुमति थी। बस को सैनिटाइज करके तैयारी पूरी की गई। यात्रियों के आगमन को लेकर स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई। बस के अंदर ही यात्रियों को टिकट दिए जाने थे, लेकिन विभाग की तैयारियां धरी की धरी रह गईं। दूसरी ओर करनाल-पंचकूला मार्ग पर चार दिन से बस व्यवस्थित रूप से चल रही है। दोनों तरफ से तीस-तीस यात्री बस में यात्रा कर रहे हैं। इस मार्ग पर एक बस के संचालन में कामयाबी मिली है। रोडवेज विभाग बस अड्डा इंचार्ज राजपाल का कहना है कि कोई यात्री नहीं आने के कारण असंध मार्ग पर खाली बस नहीं भेजी गई। रविवार को अगर यात्री पहुंचे तो बस का संचालन किया जाएगा।
कोरोना ने किया करोड़ों का नुकसान
करनाल रोडवेज डिपो में करीब 163 बसें हैं। 300 चालक और इतनी ही संख्या में कंडक्टर हैं। लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन करीब 11 या साढ़े ग्यारह लाख तक का राजस्व एकत्रित होता था। एक अनुमान के अनुसार दो महीने में रोडवेज डिपो को करीब छह करोड़ का नुकसान हुआ है। स्थिति यह रही कि 23 मार्च से तीन दिन पहले ही बसें खाली हो गई थी। 23 मार्च से लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने के लिए रोजाना बसें भेजी जा रही हैं।
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प्रवासी श्रमिकों को गृह राज्यों को भिजवाने की व्यवस्था की खुली पोल

घर नहीं भिजवाने से नाराज प्रवासी मजदूरों ने शनिवार को शहर के इंद्री मोड़ स्थित पलड़ी चौक पर हंगामा किया। उनका कहना है कि न तो उन्हें शहर के अंदर आने दिया जा रहा है और न ही घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। सूत्रों की मानें तो राधा स्वामी सत्संग भवन ने अब अधिक श्रमिकों की व्यवस्था करने से हाथ खड़े कर दिये है। इस कारण पुलिस प्रशासन भी श्रमिकों को शहर में अंदर नहीं आने दे रहा है।
जिला प्रशासन की ओर से प्रवासियों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के इंतजामों की श्रमिकों ने पोल खोल दी है। 29 मार्च से लेकर अभी तक लगातार राधा स्वामी सत्संग भवनों ने प्रवासियों के ठहरने, उनके खाने पीने, महिलाओं से संबंधित आवश्यक वस्तुएं और बच्चों के दूध आदि तक की सारी व्यवस्था की हैं लेकिन अब जब लॉकडाउन 4.0 का अंतिम सप्ताह शुरू होने वाला है तो राधा स्वामी सत्संग भवन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। जिससे अब जिला प्रशासन को प्रवासियों की पंजाब राज्य से आने वाली बाढ़ को रोकना दुश्वार हो गया है। यही कारण है कि शनिवार को शहर के इंद्री मोड़ पलड़ी चौक पर प्रवासी मजदूरों का भारी जमावड़ा लग गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें शहर के अंदर आने से रोका लेकिन पलड़ी चौक पर हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक चौराहे व रोड पर निजी सवारियों के इंतजार में बैठे नजर आए। वहीं पलड़ी चौक के पास स्थित ग्रांड व्यू बारातघर में भी क्षमता से कहीं अधिक हजारों प्रवासी रोके गए हैं। ऐसे में यहां भी व्यवस्थाएं छिन्न भिन्न होती दिखीं। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा प्रवासी पैदल ही अपने घरों के लिए रवाना होने लगे। इधर उपयाुक्त निशांत कुमार यादव, एडीसी अनीश यादव से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। इससे प्रशासनिक पक्ष की जानकारी नहीं हो सकी है।
राधा स्वामी सत्संग भवन ने खड़े किए हाथ, निर्मल कुटिया ही सहारा
-राधा स्वामी सत्संग भवन के एक सेवादार ने बताया कि 29 मार्च से हरियाणा प्रदेश के सभी सत्संग भवनों को खोल दिया गया था। करनाल जिले में ही बारह सत्संग भवनों में प्रवासियों के ठहरने, खाने पीने की पूरी व्यवस्था की गई थी। इसमें कोई दो राय नहीं कि राधा सत्संग भवन के सेवादारों ने जिला प्रशासन के साथ खड़े होकर प्रवासियों की जो सेवा की, वह अकल्पनीय है। जो श्रमिक यहां रहकर अपने राज्यों को गए, वह राधा स्वामी सत्संगियों के सेवाभाव से अभिभूत दिखे। करनाल जिला प्रशासन भी काफी हद तक प्रवासियों की सेवा करने में इन सत्संगियों के सहयोग के कारण ही सफल रहा लेकिन अब सत्संग भवनों को खाली कराया जा रहा है। शुक्रवार को सभी 11 सत्संग भवनों को खाली कराकर करनाल जीटी रोड सत्संग भवन में लाया गया। लेकिन अब डेरा हाईकमान के आदेशों के क्रम में सत्संग भवनों में प्रवासियों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। अब जिला प्रशासन के पास सिर्फ निर्मल कुटिया ही एक मात्र सहारा बचा है।
आज 1804 प्रवासियों को बिहार भिजवाया गया
-जिला प्रशासन ने शुक्रवार को 41 बसों से 1804 प्रवासी श्रमिकों को बिहार राज्य भिजवाया है। राधा स्वामी सत्संग भवन के सेवादार देव दुआ ने बताया कि आज 41 व गुरुवार को 44 बसों से प्रवासियों को बिहार राज्य भिजवाया गया है। लेकिन अब संस्था के हाईकमान के आदेशों के अनुसार अब इस व्यवस्था को बंद किया जा रहा है।
घर भेजने के नाम पर छोड़ आये अंबाला, पैदल चलकर वापस आये करनाल
बिहार राज्य के पूर्णिया जिले के प्रवासी श्रमिक गुड्डू ने बताया कि वह पंजाब से दस दिन पहले आया था। चार दिनों तक राधा सत्संग स्वामी सत्संग भवन में रहा। इसके बाद अन्य सैकड़ों श्रमिकों के साथ उसका मेडिकल चेकअप कराकर अंबाला स्टेशन पर छोड़ दिया गया। कहा गया कि यहां से ट्रेन जाएगी लेकिन चार दिन के बाद भी कोई ट्रेन नहीं गई। वहां खाने पीने की कोई व्यवस्था भी नहीं की गई, इसके बाद फिर पैदल चलकर करनाल पहुंचा हूं। अब फिर यहां से कहा जा रहा है कि कंबोपुरा कम्यूनिटी सेंटर जाओ, वहां से बिहार भेजने की व्यवस्था करेंगे। पिछले दस दिनों से सैकड़ों श्रमिक यहां से वहां घुमाए जा रहे हैं, किसी को गृह राज्य नहीं भेजा जा रहा है। हम लोगों को सिर्फ बस उपलब्ध करा दी जाए, हम किराया देकर घरों को चले जाएंगे। कम से कम यहां से जाने तो दो।
पंजाब से आए प्रवासी श्रमिकों ने बारात घर को पहुंचाया नुकसान
-करनाल में इंद्री रोड पर निर्मल कुटिया के एक सेवादार चंदन बाबा का दि ग्रांड व्यू बारात घर है। निर्मल कुटिया शुरू से ही प्रवासियों को भोजन कराने का काम कर रही है। सेवादार ने 15 दिन पहले प्रशासन के कहने पर अपना बारात घर भी सेवा के लिए दे दिया। अपने सेवादार भी लगा दिए। हजारों प्रवासी श्रमिकों को सुबह चाय नाश्ता, तीन समय भोजन, रहने के लिए पंखे वाले स्थल, नहाने आदि नित्यक्रिया के लिए अच्छे बाथरूम, टायलेट दिए, लेकिन सप्ताहभर के अंदर ही श्रमिकों ने इनकी हालत खस्ता कर दी। अधिकांश टोटियां तोड़ दी। बाथ रूमों में भारी गंदगी कर दी। चाय पीने के बाद गिलास आदि भी जहां तहां फेंके जा रहे हैं। मास्क नहीं लगा रहे हैं। सोशल डिस्टेसिंग तो कर ही नहीं रहें हैं। हालांकि सेवादार फिर भी साफ सफाई में जुटे हैं, नुकसान होने पर भी इसे सेवा कार्य में ही शामिल मान रहे हैं।
घर नहीं पहुंचे, बेटी की शादी की तिथि निकल गई
- होशियारपुर (पंजाब) में परिवार सहित खेतीबाड़ी में मजदूरी करती थी। उनके साथ सभी 24 लोग है। अब काम खत्म हो गया है। घर की ओर पैदल ही चल दिए हैं। क्योंकि 11 मई को बेटी की शादी थी, पहुंच नहीं पाने के कारण शादी निरस्त हो गई है। अब घर जाकर दोबारा तिथि तय करनी पड़ेगी।
-रजनी, हरदोई, उत्तर प्रदेश।
- पंजाब के गोविंदगढ़ में काम करता था, साथ में उसके जिले के ही 15 और लोग भी हैं, जहां काम करते थे, वहां फैक्टरी संचालक ने भगा दिया। फैक्टरी को खाली करा दिया। हम लोग सड़क पर आ गए। पंजाब सरकार ने किसी तरह की कोई सहायता नहीं की। पांच दिन पहले पैदल चले थे, अब करनाल में पुलिस ने रोक लिया है। कोई यह भी नहीं बता रहा है कि उसे कब घर भिजवाया जाएगा।
-अभिनंदन, भागलपुर, बिहार।
-हम बारह लोग हैं, निषिंग के राइस मिल में काम करते थे, लेकिन अब मालिक ने कहा कि जहां जाना हो जाओ, हम यहां रहने नहीं देंगे। सरकार व्यवस्था कर रही है, वहीं जाओ। इस कारण अपना सारा सामान पोटली में बांधकर चल दिए। अब करनाल में पुलिस आगे जाने नहीं दे रही हैं। परिवार में एक मौत हो गई, वहां जाना जरूरी था, लेकिन नहीं पहुंच पाए।
-अवधेश ऋषि, पूर्णिया बिहार।
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सेंट्रल बैंक में चोरी का प्रयास

शहर के सेंट्रल बैंक में रात को चोरों ने धावा बोल दिया, लेकिन इस दौरान पड़ोस में रहने वाली एक महिला की आंख खुल जाने के कारण आरोपी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे आरोपी फरार हो गये। इससे पहले आरोपियों ने लोहे की रॉड से बैंक का शटर और कैंची गेट तोड़ दिया था। पुलिस ने बैंक के मैनेजर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बैंक के पास रहने वाले मकान मालिक चेतन शर्मा ने बताया कि माता कमलेश शर्मा की रात को करीब ढाई बजे अचानक आंख खुल गई। उसकी माता को बाहर से लोहे की राडों की आवाज सुनाई दी। उसने अंदर आकर बताया तो पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची, इससे पहले ही आरोपी फरार हो गए थे। बैंक मैनेजर सुरेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीती देर रात करीब ढाई बजे अज्ञात लुटेरे बैंक को लूटने आए थे और जैसे ही बैंक के मुख्य गेट का दरवाजा तोड़ा तो पड़ोसी चेतन ने लुटेरों की सूचना थाने में दी।
पहले 100 नंबर और फिर थाने का भी नहीं उठा फोन
बैंक में चोरी की जानकारी होने पर पड़ोस में रहने वाले चेतन शर्मा बार-बार 100 नंबर पर फोन करते रहे, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। कई बार फोन करने के बाद 100 नंबर पर फोन उठा। इसके बाद कर्मी की ओर से असंध थाने का नंबर दिया गया, लेकिन थाने का फोन भी नहीं उठा। इसके बाद थाना प्रभारी के मोबाइल पर काल की गयी, तब जाकर पुलिस हरकत में आयी।
बैंक का हार्न भी हुआ फेल
चोरों की ओर से मेन गेट का ताला तोड़ दिया गया, इसके बावजूद बैंक का अलार्म नहीं बजा। ऐसे में अगर समय पर पड़ोसी महिला नहीं उठती तो बैंक में बड़ी वारदात हो सकती थी।
पुलिस मौके पर पहुुंच गई थी। बैंक में चोरी होने से बच गई। बैंक मैनेजर सुरेश की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। बैंक में सेंध लगाने वालों की तलाश जारी है। -मुनीश कुमार, थाना प्रभारी, असंध
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सदर बाजार में दो कोरोना के नए केस आए

सदर बाजार क्षेत्र में कोरोना के दो नए केस सामने आए हैं। इनमें से एक 16 साल का किशोर है, जो एक दिन पहले ही दिल्ली से लौटा है। वहीं, दूसरा 60 साल का व्यक्ति है, जो सदर बाजार का रहने वाला है, लेकिन इसकी ट्रेवल हिस्ट्री सामने नहीं आई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए इसकी चेन ढूंढना चुनौती होगी। इससे पहले भी सदर बाजार में कोरोना का एक केस सामने आया था।
सदर बाजार में मिले कोरोना के मामले प्रशासन के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। कारण कि लाकडाउन-4 में बाजार खुलने के बाद से आए दिन लोगों की भीड़ उमड़ रही है और जाम की समस्या भी आम हो गयी है। लोग कोरोना के खतरों से बेपरवाह होकर सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर रहे है। सदर बाजार एरिया इसलिए भी संवेदनशील है कि यह पुराना शहर है और छोटे-छोटे मकानों में काफी संख्या में लोग रहते हैं। शुक्रवार को मिले दो मामले भी आसपास के ही हैं, हालांकि दोनों के बीच कोई चेन स्थापित नहीं हो सकी है। दरअसल सदर बाजार स्थित भीम नगर निवासी किशोर एक दिन पहले करनाल पहुंचा। वह घर न आकर सीधे मेडिकल कालेज पहुंचा। यहां पर सैंपल लेने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया। हालांकि, इससे पहले उसके पिता अपने ई-रिक्शा में उसे मेडिकल कालेज ले गए थे और उसके संपर्क में रहे थे। वहीं, दूसरी ओर सदर बाजार के ही 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति का सैंपल भी पाजिटिव पाया गया है, वह घर पर ही बिजली उपकरणों को ठीक करने का काम करता है। एक तरफ जहां किशोर की दिल्ली ट्रैवल हिस्ट्री है, वहीं बुजुर्ग कहीं बाहर नहीं गया। खास बात ये है कि दोनों के घरों में करीब 200 मीटर की दूरी है, लेकिन किशोर घर नहीं आया। ऐसे में यह काफी महत्वपूर्ण है कि बुजुर्ग कोरोना पाजिटिव कैसे हो गया है, इसकी तलाश करनी जरूरी है, ताकि संक्रमण आगे न फैल सके।
दोनों मेडिकल कालेज में दाखिल, परिजनों और संपर्क में आये लोग क्वारंटीन
दोनों को इलाज के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिल करा दिया गया है और इनके परिवार के सदस्यों के सैंपल लिए जा रहे हैं। किशोर के छह परिजनों को और बुजुर्ग के संपर्क में आए करीब 25 लोगों को क्वारंटीन किया गया है और सभी कै सैंपल लेने का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है।
अब कुल एक्टिव केस आठ, 14 मरीज स्वस्थ हुए
जिले में अब तक कुल 23 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इनमें 8 मामले अभी एक्टिव हैं और 14 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं जबकि एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। सिविल सर्जन डा. अश्विनी आहूजा ने बताया कि जिले में अब तक कोरोना वायरस से संदिग्ध कुल 4610 व्यक्तियों के सैम्पल लिए गए। इनमें से 4497 की रिपोर्ट नेगिटिव आई है और 90 की रिपोर्ट आना शेष है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार 22 मई को 178 व्यक्तियों की रिपोर्ट आई है जिसमें दो मामले पॉजिटिव पाए गए हैं।
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करनाल में मिले चार कोरोना पाजिटिव

जिले में कोरोना वायरस के चार और मरीज मिले हैं। इनमें से एक कपड़ा व्यापारी, उसकी पत्नी और बेटा शामिल हैं। ये चमन गार्डन के निवासी हैं। वहीं, नोएडा से लौटा एक युवक गांव खेड़ा में कोरोना पाजिटिव पाया गया है। चारों मरीजों को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम चारों केसों की ट्रेवल हिस्ट्री के साथ संपर्क में आए लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है। जिला प्रशासन की ओर से गांव खेड़ा और चमन गार्डन के एरिया को सील कर दिया गया है।
करनाल के चमन गार्डन में रहने वाले व्यक्ति की पटेल नगर में कपड़े की दुकान है। पिछले दिनों वह दिल्ली में अपने रिश्तेदार की मौत पर गए हुए थे। वहां से वह 15 मई को करनाल लौटे थे। बताया जाता है कि जिसकी मौत हुई थी, वह कोरोना पाजिटिव थे और उनके संपर्क में आने से ही ये संक्रमित हुए हैं। इसके बाद उन्होंने रूटीन में अपनी दुकान खोली और कपड़े भी बेचे। एक दिन पहले उन्हें बुखार की शिकायत हुई तो कल्पना चावला मेडिकल कालेज में चेकअप कराया गया। उनके साथ-साथ पत्नी और बेटे का भी सैंपल पाजिटिव आया है। वहीं, गांव खेड़ा निवासी युवक नोएडा से आया है और उसने आते ही अपना सैंपल जांच के लिए दिया था। प्रशासन की ओर से एरिया को सील कर दिया गया है और आसपास के घरों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी गयी है। साथ ही पुलिस ने नाके भी लगा दिये हैं। वहीं जैसे ही लोगों को कपड़ा व्यापारी के पाजिटिव होने की खबर मिली तो खुद कई लोग टेस्ट कराने मेडिकल कालेज पहुंच गए।
अब जिले में कुल मरीज हुए 27, 11 एक्टिव केस
जिले में अब कोरोना केसों की कुल संख्या 27 हो गई है, इनमें से 15 ठीक होकर अपने घर चले गए हैं, एक व्यक्ति की पहले ही मृत्यु हो गई थी, शेष 11 एक्टिव केस हैं और सभी हरियाणा के बाहर से आने वाले हैं। अब तक कुल 4881 लोगों के सैंपल लिये जा चुके हैं। इनमें से 4693 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 161 लोगों की रिपोर्ट आना शेष है। रविवार को इनकी रिपोर्ट आएगी।
डीसी की अपील, बाहर से आएं तो घर न जाकर चेकअप कराएं
डीसी निशांत कुमार यादव ने जिले के लोगों से आग्रह किया है कि बहुत ही जरूरी कार्य हो, तभी बाहर जाएं और मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से अपना बचाव रखें। उन्होंने जिला वासियों से अपील की है कि यदि उनके पड़ोस, मोहल्ला या वार्ड में किसी व्यक्ति के अंदर कोरोना के लक्षण दिखाई दें या कोरोना संदिग्ध लगे, तो उसकी सूचना जिला प्रशासन, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सिविल सर्जन या संबंधित एसएचओ को दें। किसी को भी जुखाम, खांसी, बुखार, शरीर टूटने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज जाएं और अपनी जांच करवाएं।
गांव में विभाग की स्क्रीनिंग शुरू
इंद्री। गांव खेड़ा का रहने वाला 28 वर्षीय युवक अपनी पत्नी के साथ नोएडा रहता था। वह वहां किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। दो दिन पूर्व अपने गांव के ड्राइवर से फोन पर संपर्क कर उसे अपनी लोकेशन भेजी और कहा कि उसे करनाल आना है। 22 मई की सुबह ड्राइवर उन्हें लेने के लिए गांव से चला और करीब 8 बजे दंपती को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज छोड़ दिया। जहां युवक ने अपना और पत्नी का कोरोना टेस्ट करवाया। शनिवार को आई रिपोर्ट में पंकज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि उसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कोरोना पॉजिटव मरीज की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और सभी की स्क्रीनिंग शुरू कर दी।
विदेश से आए करनाल के आठ लोग कोरोना पाजिटिव मिले
करनाल। विदेश से लौटे करनाल के 8 और लोग कोरोना पाजिटिव पाये गए हैं। फिलहाल उनको अंबाला में रखा गया है। संभावना है कि उन सभी को अंबाला के मुलाना स्थित मेडिकल कालेज में दाखिल कराया जाएगा। सीएमओ डा. अश्वनी कुमार ने बताया कि अभी ये रिपोर्ट मिली है, उन आठों लोगों को मुलाना में दाखिल कराने की तैयारी है। फिलहाल इनको करनाल में काउंट नहीं किया जा रहा है, क्योंकि वे बाहर से आए हैं और बाहर ही उनका कोरोना टेस्ट हुआ है।
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जून से चलेंगी चार ट्रेन-रेलवे आरक्षण केंद्र पर पहले दिन रिजर्वेशन के लिए पहुंचे यात्री, 21 मार्च से बंद है रेलवे परिवहन

प्रवासी मजदूरों और अन्य यात्रियों की जरूरत को देखते हुए दो जून से चार ट्रेनों का संचालन होने जा रहा है। इसके लिए स्थानीय रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार से रेल आरक्षण केंद्र भी खोल दिया गया है, जहां से यात्री ट्रेनों में यात्रा के लिए आरक्षण करा सकेंगे। बिना आरक्षण के किसी यात्री को स्टेशन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इन ट्रेनों में जनशताब्दी एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पश्चिम एक्सप्रेस और शहीद तथा सरयु यमुना एक्सप्रेस शामिल है। पहले की तरह ही शहीद एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन और सरयु-यमुना सप्ताह में तीन दिन चलेगी।
करनाल रेलवे स्टेशन पर आरक्षण केंद्र खुलते ही शुक्रवार को लोगों की कतार लगने लगी। दोपहर दो बजे तक 40 से अधिक लोगों ने फार्म भरे। इन फार्म पर करीब 150 यात्रियों ने यात्रा के लिए आरक्षण करवाया है। अधिकतर यात्री बिहार की ओर जाने वाले हैं। ट्रेन संख्या 12057 जनशताब्दी एक्सप्रेस ऊना से नई दिल्ली करनाल स्टेशन पर सुबह 9.48 बजे पहुंचेगी। वापसी में नई दिल्ली से ऊना के लिए करनाल में ठहराव शाम 4.23 बजे है। दूसरी गाड़ी 12716 सचखंड एक्सप्रेस अमृतसर से नांदेड़ के लिए है। यह करनाल में सुबह 11.02 बजे है जबकि अप साइड में दोपहर 2.09 बजे ठहराव है। वहीं पश्चिम एक्सप्रेस गाड़ी नंबर-12926 अमृतसर से बांद्रा दोपहर 2.10 बजे है जबकि अप साइड में 12925 दोपहर 12.53 बजे करनाल पहुंचती है। इसके अलावा शहीद एक्सप्रेस 14674 अमृतसर से जयनगर-दरभंगा गाड़ी शाम 6.15 बजे करनाल पहुंचती है। यह गाड़ी सप्ताह में चार दिन मंगलवार, वीरवार, शुक्रवार और रविवार को चलती है, जबकि तीन दिन सरयु-यमुना एक्सप्रेस के नाम से सोमवार, बुधवार व शनिवार को चलती है।
मास्क होगा अनिवार्य, स्टेशन पर यात्रियों की स्क्रीनिंग भी होगी
कोरोना वायरस के चलते 21 मार्च को रेलवे यातायात बंद कर दिया गया था। जीआरपी और आरपीएफ के कर्मचारियों ने स्टेशन क्षेत्र को सील कर दिया था। जीआरपी थाना प्रभारी ताराचंद का कहना है कि ट्रेन चलने पर यात्री जब स्टेशन आएंगे तो उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही मॉस्क अनिवार्य होगा। स्टेशन परिसर और ट्रेन में बैठने तक सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों को जागरूक किया जाएगा कि वह एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखें।
लॉकडाउन से पहले करनाल स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर प्रतिदिन आरक्षण से करीब 2.50 लाख से तीन लाख तक राजस्व एकत्रित होता था। टिकटों की इतनी ही बिक्री सामान्य खिड़की पर थी। ऐसे में लाकडाउन के दौरान करनाल रेलवे को भी भारी चपत लगी है।
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पंचायत सचिव हर्ष दता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में युवती गिरफ्तार

खंड कुंजपुरा के पंचायत सचिव हर्ष दत्ता को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी युवती को पंचकूला में सेक्टर-15 स्थित उसके निवास से गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल भी बरामद किया है, जिसमें हर्ष दत्ता और उसके बीच बातचीत की डिटेल है।
विगत दो अप्रैल को खंड कुंजपुरा में पंचायत सचिव हर्ष दत्ता अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गये थे। अगले दिन तीन अप्रैल को मधुबन के पास आवर्धन नहर से उनका शव बरामद हुआ था। पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत और हर्ष दत्ता द्वारा मरने से पूर्व वायरल की गई वीडियो के आधार पर युवती के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपी युवती रीना निवासी गांव दरमान जिला पालमपुर हिमाचल प्रदेश पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप है। इसी दौरान परिजनों ने पुलिस को कुछ दस्तावेज व ओडियो भी सौंपे थे जिसमें हर्ष दत्ता और आरोपी युवती के बीच झड़प और पैसे के लेन देन का जिक्र सामने आया था।
हर्ष दत्ता की पत्नी ने पुलिस को दिये बयान में कुछ अन्य लोगों पर भी युवती की मदद करने का आरोप लगाया था। केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के डर से आरोपी युवती ने करनाल जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी युवती ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। हाईकोर्ट में भी दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गयी। इस दौरान छह मई को पंचायत सचिव हर्ष दत्ता के परिजन एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया से मिले और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इस पर एसपी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। एसपी के आदेश पर शुक्रवार को जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक प्रवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम पंचकूला पहुंची और आरोपी युवती के निवास पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उसे लेकर करनाल पहुंची, जहां औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जांच अधिकारी एएसआई प्रवीन कुमार ने बताया कि आरोपी युवती के कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
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