जिला परिषद और ब्लॉक समिति चेयरमैन के चुनाव वार्ड मेंबर के माध्यम से होंगे या नहीं, असमंजस

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जिला परिषद और ब्लॉक समिति चेयरमैन के चुनाव वार्ड मेंबर के माध्यम से होंगे या फिर सीधे जनता चुनेगी। इसको लेकर सरकार के स्तर पर अभी तक कोई निर्णय न होने के कारण इन पदों के संभावित प्रत्याशियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पिछली बार 2015 में ये चुनाव सदस्यों के माध्यम से हुए थे लेकि न इस बार सरकार ने इन पदों के चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव के संकेत दिए हैं। जबकि फरवरी में प्रस्तावित इन चुनाव के लिए प्रशासनिक अधिकारी आरक्षण को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशियों का मानना है कि सदस्यों से चुनाव होने पर निर्वाचित होने वाले ब्लॉक समिति सदस्य और जिला परिषद के पार्षदों के बीच जोड़तोड़ या फिर उन्हें रिझाकर मैनेज करना आसान होता है। यदि जनता से सीधे चुनाव हुए तो वोटर के बीच में पहचान बनाने और उनके बीच लोकप्रिय होने में समय लगेगा।
जिला विकास एवं पंचायतराज अधिकारी राजबीर सिंह खुंदिया ने बताया कि जिला स्तर पर 382 ग्राम पंचायत के पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति और जिला परिषद के सदस्य तथा ब्लॉक समिति के चेयरमैन पद का आरक्षण जल्द ही तय हो जाएगा। जिला परिषद चेयरमैन पद का आरक्षण सरकार के स्तर पर तय होना है। इन सभी पंचायतों में एससी महिला, ओबीसी महिला तथा महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है।
विधान सभा की वोटर लिस्ट को अपग्रेड करके होगा चुनाव
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजवीर सिंह खुंदिया ने बताया कि पंचायतों का चुनाव भी विधान सभा की वोटर लिस्टों पर ही होगा। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इन वोटर लिस्टों का पुनरीक्षण किया जाएगा ताकि नए वोटर्स को शामिल किया जा सके।
गांवों में सरपंच पद को लेकर तेज हुई चुनावी हलचल
-पंचायत चुनावों की आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होते ही पंचायतों में जिला परिषद, क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष, सदस्यों के साथ-साथ ग्राम पंचायत के सरपंच व पंच के पदों के लिए दावेदारों ने भी अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी है। सबसे अहम चुनाव सरपंच का है। पिछले साढ़े चार सालों से अगली बार सरपंच बनने का सपना देख रहे दावेदारों की बांछें खिल गई हैं। उन्होंने अपना जनसंपर्क तेज करके करीबियों के साथ बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज कर दी है। चौपालों में चर्चाएं तेज होती जा रहीं हैं। मौजूदा सरपंच और पंच भी अपनी कुर्सी को बरकरार रखने के लिए लगातार रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us