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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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नई सब्जी मंडी

4 अप्रैल 2020

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अब अधिक दाम पर सामान बेचने वालों की खैर नहीं, दुकान के बाहर चस्पा करनी होगी रेट लिस्ट

हरियाणा में दुकानदारों और फेरी वालों ने निर्धारित रेट से ज्यादा दाम पर सब्जियां, फल या अन्य सामान बेचा तो उनकी खैर नहीं है।

5 अप्रैल 2020

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करनाल

रविवार, 5 अप्रैल 2020

Coronavirus in Haryana: पहली मौत, एक दिन में 10 नए मामले आने से हड़कंप, कुल संख्या पहुंची 39

कोरोना वायरस के चलते हरियाणा में पहली मौत अंबाला जिले में हुई है। जानलेवा वायरस की चपेट में आकर करीब 67 साल के एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है। बुजुर्ग चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती था। हरियाणा में पहले मरीज की मौत के बाद अंबाला प्रशासन और सरकार दोनों सकते में हैं। अंबाला के टिंबर मार्केट स्थित सिकलीगर मोहल्ले के उस एरिया को पूरी तरह सील कर दिया गया है, जहां बुजुर्ग रहता था।

इसके अलावा हरियाणा में कोरोनाग्रस्त मरीजों की संख्या भी 29 से बढ़कर 39 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक एसबी कंबोज ने पुष्टि करते हुए बताया कि अंबाला में 2, पलवल में 3 और रोहतक में 1 नया मामला सामने आया है। जबकि अंबाला में कोरोना वायरस से संक्रमित एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। 

4 नए मामले गुरुग्राम में भी सामने आए हैं। प्रदेश में अब कोरोना वायरस के गुरुग्राम में 14, फरीदाबाद में 6, पानीपत में 4, सिरसा में 3, पंचकूला में 2, अंबाला में 3, पलवल में 4, हिसार, सोनीपत और रोहतक में 1-1 मामले सामने आ चुके हैं। इन कोरोनाग्रस्त मरीजों के संपर्क में आ चुके 353 लोग भी स्वास्थ्य महकमे के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं।

प्रदेश में इस वक्त स्वास्थ्य महकमे ने 15742 लोगों को मेडिकल सर्विलांस में रखा गया है। यह आंकड़ा भी 1 दिन में बहुत ज्यादा बड़ा है। 227 संदिग्ध मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं। कुल 1102 सैंपल में से 885 संदिग्धों के सैंपल नेगेटिव आए हैं। जबकि अभी 182 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रदेश में अब तक 13 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 1039 लोगों ने अपना 28 दिन का मेडिकल सर्विलांस पूरा कर लिया है। सरकार का दावा है कि इस बीमारी से लड़ने के लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ जुटी हुई है।
 
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एलपीजी लीक होने से हुआ हादसा, घर की छत उड़ी, तीन झुलसे

क्षेत्र में वीरवार की सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब वार्ड दस में स्थित एक घर में सिलेंडर लीक होने के बाद धमाका हुआ। हादसे में एक कमरे की छत उड़ गई, वहीं तीन लोग झुलस गए। बुरी तरह से झुलसे एक व्यक्ति को नगर के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
अस्पताल में उपचाराधीन घायल एवं पूर्व गैस एजेंसी वर्कर रहे राधेश्याम ने बताया कि वे असंध के पुराने गुरुद्वारे के पास रहता है। वीरवार की सुबह पड़ोसी पवन उसके पास आया और अपने घर में सिलेंडर लीक होने की बात कहने लगा। राधेश्याम ने बताया कि वह पड़ोसी की मदद करने के इरादे से जब पहली मंजिल पर बने उसके कमरे में पहुंचा तो गैस तेजी से लीक हो रही थी। उसने तुरंत पीछे से रेगुलेटर बंद किया और गैस के रिसाव को रोका, परंतु तब तक कमरे की खिड़कियां बंद होने की वजह से पूरा कमरा गैस के चैंबर में तब्दील हो चुका था। उसने बताया कि इससे पूर्व कि वो कुछ और करता, किसी ने माचिस की तीली जला दी, जिससे जोरदार धमाका हुआ और कमरे की छत धराशायी हो गयी। हादसे में तीन लोग झुलस गये। बताया जा रहा है कि सहायता करने के इरादे से पहुंचे राधेश्याम की हालत गंभीर है। उसे नगर के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है।
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युवक को मेंढक चाल चलाने वाले दो एएसआई लाइन हाजिर

लॉकडाउन के बीच भाभी को दवा दिलाने जा रहे युवक को निसिंग थाना क्षेत्र में दो एएसआई ने सबक सिखाने के लिए मुर्गा बनाया और मेंढक चाल चलने के लिए मजबूर किया। मामला उजागर होने के बाद एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने दोनों पुलिसवालों को लाइन हाजिर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार निसिंग से बरास गांव की सड़क पर एक युवक अपनी भाभी को दवाई दिलवाने के लिए जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने निसिंग नाके पर इनको रुकवा लिया और मेंढक चाल चलवाने लगे। यही नहीं आरोप है कि पुलिसवाले युवक की वीडियो बनाने लगे ऑर डंडे भी मारे। इसमें महिला अपने देवर को बचाने की गुहार लगा रही थी। यह वीडियो वायरल हो गई। इस पर एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने संज्ञान लिया और आरोपी पुलिसवाले एएसआई राजबीर सिंह और ईश्वर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
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लॉकडाउन के चलते घरों में कैद युवा वेब सीरीज देख कर रहे मनोरंजन

दुर्गा कॉलोनी के रहने वाले 23 वर्षीय कॉलेज छात्र तेजस्वी बिष्ट ने बताया कि इन दिनों वेब सीरीज में रुचि बढ़ी है। दोस्तों के साथ बाहर घूमना भी बंद है। एक महीने की मेंबरशिप ले ली है ताकि अपने पसंदीदा वेब शो बिना किसी रुकावट के देख सकें। फोन को टीवी से भी कनेक्ट कर के अपने मनपसंद शोज का आनंद लेते हैं । सूरज नगर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक प्रिंस ने बताया कि वेब सीरीज की कहानियां छोटी होती है। किसी टीवी सीरियल की तरह बड़ी नहीं होती। एक सीरीज खतम होने के बाद कोई भी दूसरी सीरीज शुरू कर सकते हैं। छोटी कहानियों के कारण बोरियत नहीं होती और रुचि भी बनी रहती है। शिवाजी कॉलोनी की रहने वाली नेहा ने बताया कि इन दिनों सरा समय घर में बिताना मुश्किल हो जाता है। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने वेब शोज का आनंद उठाना शुरू किया।कोड - एम और गिल्टी सीरीज की कहानी बहुत ही रोमांचक है। इसलिए वे अब घर में बोर कम होती हैं और कुछ अच्छा देख कर मनोरंजन कर लेती है। ... और पढ़ें

आज रात 9 बजे दीया जरूर जलाएं, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी ये लाभदायक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दीये और मोमबत्ती जलवाना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी हमारे लिए लाभदायक है। ऐसा हमारे धर्मग्रंथों और वैज्ञानिकों का भी मानना है। सृष्टि में सूर्य को जीवन ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है और शास्त्रों के अनुसार अग्नि को सूर्य का परिवर्तित रूप कहा गया है। विभिन्न धर्मग्रंथों के अनुसार, दीया जलाने से जहां घर में सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे घर का वातावरण और हवा शुद्ध होती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रात नौ बजे अपने घरद्वार, छत या बालकोनी में दीया या मोमबत्ती जरूर जलाएं। चारों वेदों के अलावा शिव महापुराण, संहिता पुराण, देवी भागवत महापुराण, रामायण व कार्तिक कथा में भी दीपक जलाने का महत्व दिया है।
समझें.. ऐसे शुद्ध होगा वातवरण
1. एयर क्वालिटी में आएगा सुधार
सामान्य दिनों में हमारे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 150 से 200 तक रहता है, जो कि इस बार दिवाली की रात को बढ़कर 400 तक पहुंच गया था। वजह, आतिशबाजी के अलावा जगह जगह जलाई गई पराली भी थी। एक ही रात में करनाल में अलग-अलग जगह से 53 मामले सामने आए थे, लेकिन इस रविवार को भी दिवाली की तरह ही दीये, मोमबत्ती और छोटी टार्च जलाने का आह्वान है। हर घर में दीये जलेंगे, दीये जलने से एयर क्वालिटी में भी सुधार आएगा। जबकि दिवाली पर दीयों के अलावा ज्यादा आतिशबाजी और फसल अवशेषों के जलने से प्रदूषण होता है।
2. हवा में मौजूद हानिकारक तत्व होते हैं खत्म
पर्यावरण एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र बुंदेला का कहना है कि घी के दीये जलाने से हवा शुद्ध होती है, इससे उत्पन्न होने वाले प्रकाश से शरीर को ऊर्जा मिलती है। अध्यात्मिक दृष्टि से भी ऐसा माना जाता है। दीये से उत्पन्न ऊर्जा हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को खत्म कर देती है। दीयों और मोमबत्ती की रोशनी से गर्मी बढ़ेगी यह कहना भी ठीक नहीं है। ना ही इसका क्लाईमेट पर कोई असर पड़ता है। प्रधानमंत्री का यह प्रयास जनता को मोटिवेट करने वाला है, जो लगातार काफी से समय घरों में है।
गाय के घी में रोगाणुओं को मिटाने की क्षमता
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेंद्र शास्त्री का कहना है कि गाय के घी में रोगाणुओं को मिटाने की क्षमता होती है, यह घी जब दीपक की सहायता से अग्नि के संपर्क में आता है तो वातावरण को पवित्र बना देता है और इसके जरिये प्रदूषण दूर होता है। इसी तरह के गुण तिल के तेल में भी पाये जाते हैं, तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करने से आक्सीजन की वृद्धि है।
मिट्टी का दीया न हो तो आटे से बनाएं
गायित्री ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित सतीश वशिष्ठ का कहना है कि दीये का महत्व वेदों और पुराणों में भी दिया है। हम उनका अनुसरण करते हुए मंदिर में पूजा के समय भी जोत के रूप में दीया जलाते हैं। इससे सूर्य से संबंधित प्रकाश उत्पन्न होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। यदि मिट्टी का दीया ना हो तो आटे से दीया बनाकर जलाएं। परिवार में जितने सदस्य हैं कम से कम उतने दीपक जरूर जलाएं।
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राजस्थानी चप्पल कारोबारियों को हर रोज हो रहा डेढ़ लाख का नुकसान

छह दशक बीत गए, जब राजस्थान राज्य से जिनगर समाज के कई परिवार करनाल आए। यहां पर दूल्हों के लिए नागरा, जलसा (जूता), वैली, लेडीज चप्पलें आदि बनाना शुरू किया। कारोबार अच्छा चला तो करनाल के सदर बाजार में जवाहर मार्केट में ही आशियाना बना लिया। यहीं पर अपने अपने घरों में सभी परिवारों ने नागरा, चप्पलें आदि बनाने का कारोबार शुरू कर दिया। लेकिन लॉकडाउन में इनकी आपूर्ति बंद होने के साथ साथ रॉ मैटेरियल मिलना भी बंद हो गया। इससे करीब 125 परिवारों के 700 कारीगरों के हाथ थम गए हैं। इसके साथ ही आमदनी भी ठहर गई है। कुछ समय और ऐसा रहा तो इन परिवारों के सामने भी रोजी रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। क्योंकि एक अनुमान के मुताबिक इन राजस्थानी कारोबारियों को प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। जो घर में हैं, वह धीरे धीरे खत्म हो रहा है। जमा पूंजी भी समाप्त हो रही है।
राजस्थान से आए इन कारोबारियों के अब करीब 125 परिवार हैं, जिन्होंने अपना घर यहीं पर बना लिया। सभी परिवार एक कालोनी में रहते हैं। सभी एक दूसरे के रिश्तेदार व परिजन ही हैं। सभी में एकता भी बहुत है। एक दूसरे के सुख दुख में काम आते हैं। इनकी बनी लेडीज चप्पलें व नागरा जूता हरियाणा ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली में काफी पसंद किया जाता है। अब कुछ बड़े दुकानदारों ने इनके इस हुनर को विदेशों को भी निर्यात करना शुरू कर दिया है। लेकिन यह सभी कारीगर परिवार है। सुबह से शाम तक अपने घरों में महिलाओं से लेकर बच्चों व बुजुर्गों तक सभी चप्पलें बनाने में जुटे रहते हैं। तब कहीं जाकर प्रति परिवार एक हजार से बारह सौ रुपये तक कमाई कर पाते हैं।
लॉकडाउन के प्रति गंभीर है कारीगरों की बस्ती
सदर बाजार जवाहर मार्केट के राजस्थानी जिनगर समाज की बस्ती में सोशल डिस्टेंसिंग तो कम दिखी लेकिन कारीगरों ने बताया कि हम अपनी बस्ती में लॉकडाउन के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को ना तो आने देते हैं और ना ही खुद किसी अन्य बस्ती में जाते हैं। सभी परिवार लॉकडाउन का पूरी तरह से पालना कर रहे हैं।
-राजस्थान से आने वाले इस समय सदर बाजार करनाल में करीब 125 परिवारों के सात सौ सदस्य हैं। जो अपने घरों में ही रहकर लेडीज चप्पलों, नागरा आदि को तैयार करते हैं। परिवारों के पास मशीनें नहीं है लेकिन इसके बावजूद बनावट, फिनिशिंग और मजबूती अधिक होती है, इस कारण बाजार में खासी पहचान बन गई है। कोरोना संकट से कारोबार बंद हो गया है।
-महेंद्र कुमार, प्रधान-राजस्थानी जिनगर समाज करनाल।
-साठ साल पहले जब यहां आए थे, मैं अपने परिजनों के साथ चपड़े की जूतियां बनाता था। अन्य बड़े बूढ़े लोग, जिनमें कई तो अब हमारे साथ नहीं है, वह सभी यही काम करते थे, लेकिन धीरे धीरे नई पीढ़ी ने इस कारोबार को बढ़ा लिया। पहले बनाई गई जूतियों को बेचने जाना पड़ता था लेकिन अब हमारे परिजन कारीगरों की बनी चप्पलों की बाजार में डिमांड रहती है।
-भंवर लाल चहल, कारीगर सदर बाजार।
-कोरोना संकट से देश को बचाना पहले आवश्यक है। काम का क्या है, बड़े बड़े कारोबार पूरी दुनियां में बंद हैं। करोड़ों श्रमिक घरों पर बैठे हुए हैं, जिन्हें खाने पीने की भी दिक्कत हैं, लेकिन फिर एक दिन अच्छा समय आएगा, कारोबार एक बार फिर गतिमान होगा। लेकिन इस समय सभी को कारोबार की चिंता छोड़कर देश को बचाने के बारे में सोचना चाहिए।
-बाबू लाल, कारीगर सदर बाजार।
-दिक्कत तो हो रही है, क्योंकि रॉ मैटेरियल नहीं मिल रहा, तैयार माल की सप्लाई नहीं हो रही है, तो पूरा परिवार खाली बैठ गया है। आमदनी बंद है, जो घर में था, धीरे धीरे खत्म होने लगा है। लेकिन इसमें किया ही क्या जा सकता है, पूरे देश का ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां का यही हाल है। इसलिए देश के साथ खड़े होकर पहले कोरोना संकट से निपटना जरूरी है।
-मोहन लाल, कारीगर सदर बाजार।
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चार डाक्टरों समेत छह आइसोलेशन में

गांव रसीन के कोरोना पॉजिटिव एक व्यक्ति के ज्यादा संपर्क में रहे कल्पना चावला मेडिकल कालेज के चार डाक्टरों को कालेज के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया गया है। दो अन्य लोगों को भी दाखिल किया गया है। इन सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर भेजे गए हैं। इसके अलावा मेडिकल कालेज स्टाफ के 53 सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। इनमें सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट समेत नर्स और चतुर्थ श्रेणी का स्टाफ शामिल है। उधर, कोरोना पॉजिटिव के परिवार के 12 सदस्यों को पहले से ही आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया हुआ है। उनके सैंपलों की रिपोर्ट रविवार को आने की संभावना है।
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि रसीन गांव के कोरोना वायरस पॉजिटिव उपचाराधीन व्यक्ति की हालत स्थिर है। यह व्यक्ति पिछले कुछ दिनों में जिन-जिन लोगों के संपर्क में गए थे, उनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने तमाम जिला वासियों से आग्रह किया है कि उन्हें किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है।
74 के सैंपल भेजे, 55 नेगेटिव, 18 की पेंडिंग
सीएमओ डा. अश्वनी आहूजा ने बताया कि अभी तक सिविल अस्पताल और मेडिकल कालेज में कुल 18 लोग दाखिल हैं, सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिले में अभी तक कुल 74 लोगों के सैंपल भेजे जा चुके हैं, इनमें से केवल एक केस पाजिटिव आया है, जबकि 55 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, 30 लोगों के घरों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए हैं।
कोई विदेशी फंसा हो तो प्रशासन से कर सकता है संपर्क
करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के संज्ञान में आया है कि पिछले कई दिनों के लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में कुछ विदेशी नागरिक फंसे हुए हैं। विदेश की कुछ सरकारों ने भारत सरकार को उनके देशों से संबन्धित नागरिकों को भारत से निकाल कर वापस भेजने का आग्रह किया है। उपायुक्त ने जिला में रह रहे विदेशी नागरिकों और जिला वासियों से अपील की है कि वे इस संबंध में जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
रिपोर्ट नेगेटिव होने के बावजूद पूरे समूह को क्वारंटीन से छूट नहीं
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि 15 फरवरी के बाद विदेशों से आए या विदेशी यात्रा कर लौटे लोगों को सरकारी सुविधाएं प्रदान करते हुए क्वारंटीन किया जा रहा है। उन्हें क्वारंटीन से छूट में भी भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन किया जा रहा है। ऐसे लोगों को स्वास्थ्य प्रोटोकोल के मानकों के अनुसार कोविड-19 की रिपोर्ट नेगिटिव होने पर ही क्वारंटीन फैसिलिटी से छोड़ा जा सकता है।
डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि एक व्यक्ति की रिपोर्ट नेगिटिव होने पर उससे संबंधित पूरे समूह को क्वारंटीन से छूट नहीं दी जा सकती। क्वारंटीन से छूटने के बाद उन्हें प्रशासन की ओर से निर्धारित रूट का पास जारी किया जाएगा लेकिन यातायात का प्रबंध स्वयं करना होगा। क्वारंटीन से घर वापिस जाने वाले संदिग्धों को आगामी 14 दिन तक घर में क्वारंटीन रहना होगा। क्वारंटीन से छोड़े जाने वाले लोगों की सूचना राज्य सरकार के साथ -साथ उनके पहुंचने वाले स्थान को भी साझा की जाएगी।
गाव रसीन : गांव सील, हर गली में ठीकरी पहरा
रसीन। कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने के बाद से रसीन गांव सुर्खियों में आ गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने गांव को सील कर दिया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में डेरा डाल लिया है। पुलिस नाके पर खड़ी है और न तो किसी को बाहर जाने दिया जा रहा है और न ही अंदर जाने दिया जा रहा है। इससे भी बड़ी बात ये है कि गांव की हर गली में ठीकरी पहरा लगा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों के टेस्ट किए। हालांकि, इस टेस्ट में किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। स्थानीय प्रशासन ने गांव की सभी दुकानों को बंद करवा दिया है। यदि किसी ग्रामीण को किरयाणा का सामान चाहिए तो पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से दुकानदार सामान की होम डिलीवरी करेगा।
शनिवार को एसडीएम गौरव कुमार ने गांव रसीन की स्थिति का जायजा लिया। रसीन गांव में उपली, बीजना व हसनपुर की तरफ से आने वाले रास्तों पर नाकेबंदी की गई है। वहां तैनात पुलिस कर्मचारियों और ठीकरी पहरे पर डटे ग्रामीणों को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी ग्रामीण को घर या गांव से बाहर न जाने दिया जाए। यदि कोई अवहेलना करता है तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि घरौंडा में एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव होने के कारण अब स्थिति गंभीर हो चुकी है। इसीलिए शुक्रवार शाम को ही गांव के 321 परिवारों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की थी। हालांकि, इस जांच में किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले है। शनिवार को साथ लगते गांव उपली व हसनपुर में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की जांच की है। इसमें सभी स्वस्थ पाए गए हैं।
ग्रामीणों को घरों में ही मिलेंगी सुविधाएं
कोरोना संक्रमण के बाद गांव में धारा 144 का सख्ती से पालन किया जा रहा है। दुकानों को बंद करा दी गईं हैं। एसडीएम ने ग्राम पंचायत को निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी व्यक्ति को किरयाणा का सामान चाहिए तो दुकानदार पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से ही घर में सामान सप्लाई करेगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी ग्रामीण के पास खाद्य सामग्री नहीं है तो प्रशासन को सूचित करे, तुरंत मौके पर खाद्य सामग्री पहुंचाई जाएगी। पीने के पानी की समस्या या स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए घर से बाहर ना आएं।
रसीन के आसपास के गांव अलर्ट, आवागमन रोका
घरौंडा। गांव रसीन में कोरोना संक्रमित व्यक्ति मिलने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। शनिवार को रसीन के आसपास के गांव हसनपुर, फुरलक, उपली सहित अन्य गांवों के लोगों ने सड़कों पर आवागमन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया था। हालांकि, गांवों में सरपंचों ने ठीकरी पहरे भी लगा दिए थे, लेकिन गांव में पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं हो पाया था। गांव हसनपुर के सरपंच जितेंद्र सिंह ने बताया कि गांव को पूरी तरह से सील कर दिया है। गांव फुरलक में ग्राम युवा क्लब की ओर से पूरी तरह पहरा दिया जा रहा है युवा क्लब के सदस्य अमन पानू संदीप मोहन शर्मा, बंटी सेेेन व अन्य लोगों ने बताया कि गांव को स्वयं लॉकडाउन करने का फैसला ले लिया है। पूरा दिन ग्रामीणों ने सड़कों व गलियों में पहरा दिया है।
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हरियाणा में कोरोना के 27 नए मामले, जमातियों के कारण बढ़ी संख्या, 71 तक पहुंचा आंकड़ा

हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव केस तेजी से बढ़ने लगे हैं। शनिवार को 27 नए मामले सामने आए हैं। कुल पीड़ितों का आंकड़ा 71 पहुंच चुका है। मरकज से संबंध रखने वालों की संख्या 28 पहुंच गई है। इनमें एक नेपाल का रहने वाला है। जबकि पांच तमिलनाडु, तीन केरल, तीन पश्चिम बंगाल और तेलंगाना, बिहार और यूपी के दो-दो लोग हैं। वहीं पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र के एक-एक लोग शामिल हैं।

इनमें से आधा दर्जन जमाती हरियाणा से संबंध रखते हैं। सबसे ज्यादा पलवल जिले में 13 नए मामले सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। फरीदाबाद में आठ और कैथल में भी एक जमाती पॉजिटिव पाया गया है। सभी मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी आइसोलेट कर दिया गया है। 

वहीं कोरोना से अंबाला में मौत के बाद शुक्रवार को रोहतक की एक महिला की दिल्ली में कोरोना की वजह से मौत हो गई थी, जिसकी किडनी खराब थी, उसे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

पलवल में संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा
मरीजों के आंकड़े में पलवल पहले नंबर पर पहुंच गया है। पलवल में अब 17 केस हो गए हैं, जिनमें से एक ठीक हो चुका है। इसी तरह से 15 मरीजों के ठीक होने के बाद अब अंबाला में 3, भिवानी 2, फरीदाबाद 13 इस जिले में आठ मामले बढ़े हैं। गुरूग्राम 8, हिसार 1, करनाल 1, कैथल 1, नूंह 3, पलवल 16, पानीपत 1, पंचकूला में 2, रोहतक 1, सिरसा में 3 मरीज है।
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रामनवमी पर लोगों ने घरों में जलाए दिए

किसानों को भी करना पड़ सकता है दिक्कतों का सामना

मीनू बांगड़ करनाल। फसल कटने का समय नजदीक है । कोरोना वायरस के कारण किसानों के सामने परेशानी बढ़ गई है। मजदूर नहीं मिल रहे हैं। और न ही उनको रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को खुली जगह है। किसान धर्मपाल का कहना है कि ऐसे में फसल को कहां रखा जाए । इस समय फसल को बचाए रखने के लिए खुली जगह का होना अति आवश्यक है। वहीं, राजू नंबरदार ने बताया कि फसलों को काटने के लिए जो लेबर आती है वह ज्यादातर बिहार से की है लेकिन इस समय लॉक डाउन है तो लेबर ने आने के लिए मना कर रही है । जिसके कारण फसल कटाई में दिक्कत हो सकती है। किसान मलकीत ने बताया कि जो फसलें कंबाइन से कटती हैं, इन दिनों कंबाइन ना मिलने के कारण उनकी कटाई में भी दिक्कत आ सकती है। ... और पढ़ें

शराब ना मिलने पर एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली

करनाल। लोक डाउन के दौरान शराब ना मिलने पर एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है पुलिस मामले की जांच कर रही है सदर थाना पुलिस जांच अधिकारी अजेब सिंह ने बताया कि गुरु नानक पुरा निवासी 40 वर्षीय शीशपाल शराब पीने का आदी था वह गुरुवार को अपने भतीजे रोहतास के साथ महावीर कॉलोनी में गया था वहां उसने अपने भतीजे से शराब की मांग की भतीजे ने कहा कि लोक डाउन है सभी ठेके बंद है अब शराब नहीं मिलेगी इस कारण उसने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया जिस कारण उसकी तबीयत खराब हो गई उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया ... और पढ़ें
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