धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में 68 साल में पहली बार नहीं होगा रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 23 Oct 2020 12:21 AM IST
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धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में 68 साल में पहली बार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन नहीं होगा। हर साल थीम पार्क में कुुुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी की ओर से रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है, लेकिन इस बार कमेटी ने कोविड-19 के खतरे को देखते हुए पुतलों के दहन, शोभा यात्रा और दशहरा उत्सव का कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया हैैै।
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कुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी साल 1952 से नगर से चंदा इकट्ठा करके कार्यक्रम आयोजित कराती है। कमेटी के महासचिव फतेह चंद गांधी ने बताया कि भारत-पाक विभाजन के बाद कुरुक्षेत्र में 68 साल से निरंतर दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार कोविड-19 के खतरे को देखते हुए सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ज्यादा भीड़ इकट्ठी न करने की अपील की है, जिसे देखते हुए कमेटी द्वारा दशहरा उत्सव का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। कमेटी नगर से चंदा इकट्ठा करके कार्यक्रम आयोजित कराती है, लेकिन इस बार कोविड-19 के खतरे को देखते हुए चंदा इकट्ठा नहीं किया गया है। उन्होंने बताया नगर से इकट्ठा होने वाले चंदे से कमेटी से रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों को तैयार कराती है तथा पुतलों के दहन से पहले नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। दशहरा उत्सव पर लोगों की भीड़ एकत्रित न हो तभी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए है। कमेटी के अन्य पदाधिकारी प्रधान अमित गुलाटी, उपप्रधान प्रदीप झांब, धमेंद्र सचदेवा, मुलक राज, गुलशन गाबा, श्याम आहुजा, पवन मिगलानी, विक्की मेहता से सूक्ष्म रूप से परंपरा निभाने को लेकर विचार विमर्श चल रहा है।
एक महीने पहले शुरू करते हैं तैयारियां
कमेटी के महासचिव फतेह चंद गांधी ने बताया कि दशहरा उत्सव को लेकर एक महीने पहले तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। एक महीने नगर से चंदा एकत्रित करने का काम शुरू किया जाता है। इसके बाद यूपी से पुतले बनाने वाले कारीगरों को बुलाकर पुतले तैयार कराए जाते हैं। पुतले बनाने पर करीब तीन लाख रुपये का खर्च आता है तथा करीब एक महीने का समय लगता है। कमेटी की ओर 60 फीट ऊंचे पुतले तैयार कराए जाते हैं। इसके अलावा नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है, जो नगर परिक्रमा करके थीम पार्क पहुंचती है तथा पुतलों का दहन किया जाता है।
एक महीने पहले कारीगरों को कार्यक्रम रद्द की दी सूचना
कमेटी के सचिव फतेह चंद गांधी ने बताया पुतले बनाने वाले कारीगर और शोभा यात्रा के साजोसमान के लिए एक महीना पहले सूचना दी जाती है, लेकिन इस बार सूचना नहीं मिलने पर उन लोगों ने कमेटी से खुद संपर्क किया था। हालांकि उन्हें कोविड-19 के खतरे के कारण पहले ही कार्यक्रम रद्द होने की आशंका थी, लेकिन कमेेटी द्वारा कार्यक्रम रद्द करने की बात सुनकर उनको भी निराशा का सामना करना पड़ा।
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