पुलिस व प्रशासन को प्रदर्शन में उलझाकर सीएम सचिव के घर के बाहर फूंका पीएम का पुतला

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 12:12 AM IST
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PM's effigy burnt outside CM secretary's house by entangling police and administration in protest
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विजयादशमी पर भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानून के विरोध में शाहाबाद स्थित सीएम सचिव कृष्ण बेदी के घर के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व हरियाणा सरकार का पुतला फूंका।
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किसानों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था, पुतला फूंकने के लिए किसानों की योजना के आगे प्रशासन और पुलिस के सभी प्रबंध धरे रहे गए। हालांकि किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछारें भी छोड़ी गई और हल्का लाठी चार्ज भी करना पड़ा, लेकिन किसान अपने मकसद में कामयाब हुए। किसानों के मुताबिक हल्के लाठीचार्ज में कुछ एक किसान के सिर पर लगी तो दूसरी तरफ नाके पर किसानों का ट्रैक्टर रोकते हुए डीएसपी की टांग पर हल्की चोट आई है। किसानों ने योजनाबद्ध ढंग से पुतला फूंका। पहले तो बड़ी संख्या में पुलिस को प्रदर्शन उलझा लिया और पांच किसान अलग रास्ते से पुतले को लेकर मौके पर पहुंचे और उसे आग के हवाले कर दिया। हालांकि पुतले की आग को बुझाने के लिए प्रशासन ने अग्निशमन यंत्र व पानी का इस्तेमाल किया।
उल्लेखनीय है कि दशहरे के दिन किसानों का कार्यक्रम पिपली अनाज मंडी में पुतला फूंकने का था, जिस पर पुलिस ने सुबह से ही पिपली अनाज मंडी की बैरिगेटिंग कर उसे घेर लिया। तब शाहाबाद में किसानों ने अपने निर्धारित कार्यक्रम में तबदीली की और सुबह करीब 11 बजे भारी संख्या में एकत्रित होकर पूर्व राज्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री के सचिव कृष्ण बेदी के निवास की ओर कूच करने लगे। किसानों का नेतृत्व भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा कर रहे थे। किसानों के पहुंचने की सूचना मिलते ही उन्हें रोकने के लिए डीएसपी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी नाका लगाकर तैनात हो गए। हालांकि किसानों के ट्रैक्टर को रोकते समय डीएसपी आत्मा राम पुनिया को टांग पर हल्की चोट लग गई और उनकी पेंट पर कई जगह खून लग गया। जब किसान पुलिस नाका तोड़कर आगे बढ़ने लगे तो फायरब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की बौछारें भी किसानों पर छोड़ी गई और हल्का लाठी चार्ज भी किया गया, लेकिन पुलिस किसानों को रोकने में असफल रही।
पुलिस को चकमा देकर पहुंचे सचिव के आवास
एक तरफ बड़ी संख्या में किसान पुलिस और प्रशासन को प्रदर्शन में उलझाए हुए थे और दूसरी ओर पांच किसान अलग रास्ते से पुतले को लेकर सीएम सचिव कृष्ण बेदी के आवास के सामने पहुंचे गए और पुतले को आग के हवाले कर दिया। पुतले को देखते ही पुलिस कर्मचारी आगे को बुझाने के लिए भागे और हल्का लाठी चार्ज कर किसानों को खदेड़ा।
जलेबियां खाकर छोड़ा धरना स्थल
पुतला फूंकने के बाद किसान नारेबाजी करते हुए वापिस कूच कर गए, जबकि जसबीर सिंह मामूमाजरा, राकेश बैंस, पवन कुमार और पंकज हबाना ने वहां पर दशहरा मनाया और जलेबियां मंगवाई, जिसे खाने के कुछ देर बाद वहां से रवाना हुए। किसानों के जाने के बाद ही पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि किसानों के जाने के बाद भी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी पूर्व राज्यमंत्री के घर के बाहर तैनात रहे।
मामला दर्ज करने पर किया जा रहा विचार : डीएसपी
डीएसपी आत्मा राम पुनिया को फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज करने को लेकर विचार किया जा रहा है और इस बारे में आलाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। डीएसपी ने माना कि ट्रैक्टर को रोकते समय उन्हें चोट आई है। जबकि किसानों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से था और किसी को चोट लगी है यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

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