एसडीएम ने टेंडर की प्रक्रिया पर लगाई रोक, जांच के लिए बुलाया

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2020 10:33 PM IST
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नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों के निर्माण पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है। उपायुक्त की ओर से आए निर्देश के अनुसार एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने अगले आदेशों तक टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी नगर पालिका के सचिव को रिकार्ड सहित एसडीएम कार्यालय में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग, के अलावा 8 पार्षदों को भी जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भेजा है। एसडीएम ने सचिव को जांच के लिए 3 जुलाई को सुबह 11 बजे बुलाया है। नपा चेयपर्सन ने कहा कि डीसी, एसडीएम किसी नियम के तहत नगर पालिका के विकास कार्यों को नहीं रोक सकते।
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नगर पालिका ने करीब एक साल बाद 24 जून को 3.28 करोड़ रुपये की लागत के 28 ऑनलाइन टेंडर लगाए थे। शहर की प्रमुख सड़कों के लिए बीते वर्ष जून 2019 में भी टेंडर लगाए गए थे। जिन टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब पालिका ने 24 जून को शहर की सड़कों और नालों के 3.28 करोड़ रुपये से 28 ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे । 1 जुलाई तक टेंडर भरे जाने थे। 3 जुलाई को टेंडर ओपन किए जाने थे। टेंडर ओपन किए जाने से कुछ घंटे पहले इस प्रक्रिया ब्रेक लग गया है। एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने नगर पालिका के सचिव को लेटर जारी किया है। जिसमें इस टेंडर प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक रोकने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ पार्षदों ने इन टेंडर को लेकर उपायुक्त को लिखित शिकायत दी थी। पार्षदों ने टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद डीसी बे इस मामले की जांच के लिए एसडीएम विश्राम कुमार मीणा को निर्देश दिए। एसडीएम ने इस नगर पालिका सचिव को 3 जुलाई को रिकार्ड सहित तलब किया है। नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना गर्ग के अलावा 8 पार्षदों को भी जांच में अपना पक्ष रखने लिए बुलाया गया है। जिसमें उप प्रधान रमेश बोहरा, पार्षद डॉ. तरूण, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल, मंजू , विष्णु, देवेंद्र, अमित मिश्रा को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
सचिव ने 2016 की मीटिंग का दिया हवाला
सचिव द्वारा जारी लेटर में ये टेंडर चार वर्ष पुराने प्रस्ताव नंबर 12 के दिखाए गए हैं। यह प्रस्ताव 19 अगस्त 2016 की मीटिंग के बताए गए हैं। यह मीटिंग 4 अक्तूबर 2016 को उपायुक्त द्वारा पास बताई गई है। सचिव ने लेटर में बताया कि शहर के उक्त रोड की हालत काफी खस्ता हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी विकास कार्यों के टेंडर पूर्व में सचिव आदि के पद रिक्त होने के कारण एवं कोविड-19 होने के कारण नहीं लगाए जा सके थे।
किसी भी नियम कानून के तहत डीसी, एसडीएम नगर पालिका के विकास कार्यों पर रोक नहीं लगा सकते। न ही यह अधिकारी किसी तरह की जांच के आदेश दे सकते हैं। यह सभी 28 कार्य जनता के थे। जनता की परेशानी को देखते हुए टेंडर लगाए थे। शहर की जनता देखे उनके विकास कार्यों को कौन रोक रहा है। शहर में विकास कौन नहीं होने देना चाहता।
- रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।
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