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हरियाणा में कोरोना वायरस से हुई मौत तो घर नहीं जाएगा शव, दूर से होंगे अंतिम दर्शन, पढ़ें- गाइडलाइन

कोविड-19 प्रभावित शवों का निपटान कर रहे लोगों के संक्रमित होने के भय व संभावना को मद्देनजर रखते हुए हरियाणा सरकार ने गाइडलाइंस जारी की है।

9 अप्रैल 2020

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पंचकूला

गुरूवार, 9 अप्रैल 2020

बिना वजह घर से निकलने वाले 597 राउंडअप, 11 गिरफ्तार और 527 वाहन जब्त

चंडीगढ़। कर्फ्यू के बावजूद लोग घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे। कर्फ्यू के दौरान बेवजह गेड़ी मारने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही।
पिछले 24 घंटे में पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों से 597 लोगों को राउंडअप किया, जो बेवजह सड़कों पर घूम रहे थे। इसके अलावा 11 लोगों को गिरफ्तार कर कुल 527 वाहनों को जब्त किया। वहीं 234 वाहनों को पूछताछ के लिए रोका गया। सबसे ज्यादा मामले ईस्ट डिवीजन के अंतर्गत सामने आए है। बुधवार को पुलिस ने ईस्ट डिवीजन से 366, सेंट्रल से 80 और साउथ डिवीजन से 121 लोगो को राउंडअप किया है। अगर बात करें 23 मार्च के मध्यरात्रि से अब तक कि तो पुलिस कुल 9857 लोगों को राउंडअप कर चुकी है। साथ ही 115 मामले दर्ज कर कुल 137 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ईस्ट डिवीजन से 5862, सेंट्रल से 1819 और साउथ डिवीजन से 2776 लोगो को राउंडअप किया गया है। जबकि 5256 वाहन चेकिंग के दौरान 2469 वाहनों को जप्त किया गया है।
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कोरोना के प्रकोप तक ऑनलाइन होगी स्कूली बच्चों की पढ़ाई

कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पहली से 12 वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सामान्य परिस्थितियां होने तक ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। स्कूल खुलने तक विद्यार्थियों को घर पर ही रहकर अभिभावकों की मदद से फोन एवं वाट्सअप के जरिये अध्यापकों की सहायता से पढ़ाई करनी होगी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि प्रतिवर्ष नए शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से शुरू होता है। इस साल कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाऊन है। इस कारण यह सत्र अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग ने विभिन्न ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म बनाए हैं। इस बारे में सभी को पहले ही सूचित भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग ने ई-लर्निंग में मदद करने के लिए वेबसाइट www.haryanaedusat.com बनाई है।
एजुसेट नेटवर्क पर टेलीकास्ट की जाने वाली ऑडियो, वीडियो सामग्री भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है ताकि विद्यार्थी उसका उपयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए एक सामान्य टाइम टेबल, शेड्यूल बनाया गया है जो वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। अध्यापक प्रतिदिन सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक विद्यार्थियों को फोन, वाट्सएप के माध्यम से पाठ पढ़ाएंगे। इस प्रकार विद्यार्थी घर पर रहकर अपने माता-पिता, बड़ों की मदद से अध्ययन करेंगे। इससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। वेबसाइट पर शिक्षा विभाग की विभिन्न अन्य पहल जैसे ‘दीक्षा’ और ‘चॉक-लिट’ के लिंक भी होंगे। यही नहीं विद्यार्थियों की लर्निंग का परीक्षण करने के लिए वेबसाइट पर ‘ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन बैंक’ भी उपलब्ध हैं।
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एमआरएस, पीटीयू और आईकेजी पीटीयू को ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के निर्देश

एमआरएस, पीटीयू और आईकेजी पीटीयू को ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के निर्देश
लॉकडाउन से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा असर न पड़े : चन्नी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने राज्य की दोनों तकनीकी शिक्षा यूनिवर्सिटियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं और तालाबंदी के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई संबंधी कोई परेशानी न आने दें।
चन्नी ने पूरे फैकल्टी समुदाय से भी अपील की कि इस मुश्किल घड़ी में वह विद्यार्थियों की सहायता के लिए आगे आएं। बुधवार को जारी प्रेस बयान में तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा ने कहा कि आईकेजी पीटीयू और एमआरएस पीटीयू और उनसे संबंधित कॉलेजों को विभिन्न तकनीकों जैसे यूट्यूब, जूम, स्काइप, गूगल क्लासरूम, व्हाटसएप ग्रुपों आदि का प्रयोग करके ऑनलाइन क्लासें चलाने के लिए कहा गया है, ताकि मौजूदा संकट की स्थिति में विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो। वर्मा ने कहा कि दोनों यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलरों से कहा गया है कि वह फैकल्टी के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन अध्यापन अपनाने के प्रति जागरूक करें और अपेक्षित सहायता मुहैया करवाएं। आईकेजी पीटीयू के वाइस चांसलर डॉ. अजय शर्मा और एमआरएस पीटीयू के वीसी डॉ. एमपीएस ईशर ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटियां और मान्यता प्राप्त/संबंधित कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों के लिए अकादमिक प्रोग्राम को सुचारु ढंग से चलाने के लिए क्लास की लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों से भी कहा गया है कि वह घर से काम करें और पाठ्यक्रम से संबंधित वीडियो लेक्चर विद्यार्थियों को प्रसारित करें। विद्यार्थी चैट द्वारा अपने प्रश्न सीधे तौर पर पूछ सकते हैं और इन प्रश्नों के जवाब तुरंत ही अध्यापक द्वारा दिए जा सकते हैं।
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बिना मास्क के ग्रेन मार्केट में एंट्री नहीं, शरीर भी होगा सैनिटाइज

चंडीगढ़। सेक्टर-26 ग्रेन मार्केट में अब चाहे अधिकारी हों या आम आदमी, बिना मास्क के एंट्री नहीं हो सकेगी। एंट्री गेट पर ही लोगों की थर्मल स्कैनिंग होगी और उन्हें सैनिटाइज किया जाएगा। सामान्य तापमान से अधिक होने पर वापस भेज दिया जाएगा।
लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण इन दिनों ग्रेन मार्केट में सबसे ज्यादा भीड़ लग रही है। इसी को देखते हुए अब यूटी प्रशासन ने ग्रेन मार्केट में बिना मास्क के एंट्री बैन कर दी है।
ग्रेन मार्केट में प्रवेश के लिए पास जरूरी
ग्रेन मार्केट में प्रवेश के लिए यूटी प्रशासन पास को पहले ही जरूरी कर चुका है। इसके साथ ही निजी वाहन का भी परिसर में प्रवेश निषेध किया गया है। दुकानों पर सामान की खरीद फरोख्त के दौरान दुकानों पर भीड़ न हो इसके लिए ऑड ईवन की व्यवस्था की गई है। ग्रेन मार्केट की प्रशासक उपजिलाधिकारी नाजुक कुमार स्वयं यूटी के निर्देशों की देखरेख कर रही हैं।
ग्रेन मार्केट में ये किए हैं अहम बदलाव
सीटीयू की बसों को 20-20 की संख्या में सब्जियों और फलों के साथ भेजा जाएगा। ग्रेन मार्केट में एक ही एंट्री और एक ही एग्जिट प्वाइंट रखा गया है। लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। डीएसपी ईस्ट और डीएसपी पीसीआर ग्रेन मार्केट की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।
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लॉकडाउन रहने तक स्कूल फीस माफ हो : छाबड़ा

चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने लॉक डाउन रहने तक स्कूलों की फीस माफ करने की मांग की है। प्रदीप छाबड़ा ने पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और एडवाइजर मनोज परिदा से फीस माफ करने की आग्रह किया है।
प्रदीप छाबड़ा ने आग्रह करते हुए कहा कि कर्फ्यू के कारण नौकरी, रोजगार व बिजनेस ठप हो चुका है। लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। लॉक डाउन के खुलते ही बच्चों का नया सेशन शुरू होने के कारण परिजनों पर स्कूल की एडमिशन व मासिक फीस का भार पड़ेगा।
इसलिए जब तक लॉक डाउन हो तब तक सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते बच्चों की मासिक फीस( टयूशन फीस, बस, ऑटो व रिक्शा फीस) बिल्कुल माफ कर देनी चाहिए। तांकि इस मुश्किल के समय मे प्रशासन की ओर उनकी मदद हो सके।
रोज की कमाई पर निर्भर लोगों की आर्थिक मदद करे प्रशासन
प्रदीप छाबड़ा ने अन्य मांग रखते हुए कहा कि हजारों वेंडर, ऑटो रिक्शा चालक व रिक्शा चालक रोज दिहाड़ी कमा कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन कर्फ्यू के कारण इनके कमाने के सारे साधन बिल्कुल बंद हो चुके हैं। उधार मांग कर खाने व अन्य खर्च पूरा कर रहे हैं। इसे देख प्रशासन को इनके लिए एक आर्थिक (नकदी) मदद करनी चाहिए। प्रशासन तत्काल इन दोनों मुख्य मुद्दों को संज्ञान लेते हुए सकारात्मक निर्णय ले।
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कोरोना कर्फ्यू: तीन हजार गायों के सामने चारे का संकट

चंडीगढ़। कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन और कर्फ्यू की घोषणा के बाद चंडीगढ़ में 3000 गोमाता के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। मांग के अनुरुप गोमाताओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। साथ ही हरे और सूखे पशुचारे के दामों में भी 25 फीसदी की वृद्घि हो गई है। ऐसे में गोशाला संचालकों के सामने संकट की स्थिति बन गई है। पूरे देश में 14 अप्रैल तक 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। इस देशव्यापी बंदी के साइड इफैक्ट भी अब सामने आने लगे हैं। बंद का असर गोशालाओं पर भी हो रहा है। लॉक डाउन के 10 दिनों बाद अचानक पशुचारे के दामों में लगातार वृद्घि देखने को मिल रही है। पशुचारे के दामों में 25 प्रतिशत की सप्लायरों ने वृद्घि कर दी है।
यूटी प्रशासन के द्वारा कर्फ्यू के दौरान दूध की सप्लाई तो की जा रही है, लेकिन पशुचारे के दामों पर नियंत्रण करने के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई है, जिस कारण से गोशाला संचालकों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई स्थानों पर तो पशुओं को चारे के रूप में खिलाया जाने वाला सूखा और हरा चारा तक नहीं मिल रहा है। जिससे गोशाला संचालकों को बड़ी परेशानी आ रही है।
पांच गोशालाओं में हैं 3000 गायें
चंडीगढ़ वैसे तो कैटल फ्री क्षेत्र है, लेकिन यहां पर पांच गोशालाओं में लगभग 3000 गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया में दो गोशालाएं संचालित की जा रही हैं, जहां लगभग 950-1000 गायें हैं। इसके अतिरिक्त सेक्टर 45 में गौरी शंकर सेवादल के द्वारा एक गोशाला का संचालन किया जा रहा है। जहां लगभग 1000 गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मलोया और सेक्टर-25 में भी एक एक गोशाला है।
नहीं पहुंच पा रहे हैं दानदाता
लॉक डाउन और कर्फ्यू से पूर्व चंडीगढ़ की गोशालाओं में कुछ दानदाता पहुंच जाते थे, जो गुप्त दान या चारे के लिए कुछ राशि का दान कर देते थे, लेकिन अब यहां दानदाता नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसके कारण गोमाता के लिए चारा जुटाने में गोशाला संचालकों को दिक्कतें आ रही हैं। यदि लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाया जाता है तो गोशाला संचालकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
आप भी कर सकते हैं मदद
यदि आप गोशाला में गायों के लिए हो रहे चारे के संकट में मदद करना चाहते हैं तो आप भी मदद कर सकते हैं। गौरीशंकर सेवा दल के मदद करने के लिए मोबाइल नंबर 9464897272 जारी किया है। जिस पर फोन करके कोई भी व्यक्ति गायों के लिए हरे या सूखे चारे को उपलब्ध करा सकता है। यदि कोई व्यक्ति गुप्त दान करना चाहता है तो वह भी इस नंबर पर फोन कर अपनी इच्छा प्रकट कर सकता है।
पंजाब से आता है पशुचारा
चंडीगढ़ में गोशालाओं के लिए पंजाब के विभिन्न स्थानों से चारा आदि आता है। कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण सप्लायरों ने सूखे और हरे चारे के दामों में वृद्धि कर दी है। जिससे गोशालाओं में गायों के लिए चारे का संकट पैदा हो रहा है। विनोद, संचालक, गोशाला सेक्टर-45, चंडीगढ़
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तैयार हो रहा पोस्ट लॉकडाउन प्लान: मनोज परिदा

चंडीगढ़। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने रोजाना की तरह बुधवार को भी यूटी सचिवालय के वॉर रूम में ट्राइसिटी के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रशासक को एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या फिलहाल स्थिर गई है। चंडीगढ़ में पिछले 6 दिन से कोई नया केस सामने नहीं आया है। वहीं, अन्य राज्यों से आने वालों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा शहर के लिए पोस्ट लॉकडाउन प्लान भी तैयार किया जा रहा है।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहरवासियों को मास्क पहनने की आदत डालने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना पड़ेगा। कोरोना से लड़ने का यही सबसे बड़ा हथियार यही है। उन्होंने कहा कि मुंबई ने भी मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। बदनौर ने डेराबस्सी से कोरोना के तेजी से बढ़े मामलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पॉजीटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उन्हें क्वारंटीन किया जाए ताकि यह संक्रमण चंडीगढ़ में न फैले। उन्होंने मोहाली के कमिश्नर को भी संपर्क में रहने और संयुक्त अभियान शुरू करने की सलाह दी।
कोरोना से लड़ रहे कर्मचारियों को कुछ हुआ तो मिलेगा मुआवजा
बैठक में प्रशासक को जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस से लड़ रहे कर्मचारियों को अगर कुछ होता है तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा ने कहा कि कोरोना से लड़ रहे फ्रंटलाइन कर्मचारियों को किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में मुआवजा राशि के भुगतान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर एक इंटीग्रेटेड प्लान तैयार किया गया है, जिसमें डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. जी दीवान, जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन और पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगत राम ने मदद की है।
मास्क नहीं पहनने वालों को पुलिस दे रही चेतावनी: डीजीपी
चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी संजय बेनीवाल ने कहा कि शहर में कर्फ्यू का सख्ती से पालन हो रहा है। इसके अलावा बुधवार को सार्वजनिक जगहों पर निकले जिन लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे, उन्हें पुलिस की तरफ से चेतावनी दी गई है। प्रशासक ने सेक्टर-26 मंडी में बढ़ रही भीड़ को कम करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि वीरवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में 54,793 कुक्ड फूड पैकेट जरूरतमंदों को बांटे गए हैं। प्रशासक ने डीसी को शहर के विभिन्न एनजीओ और चैरिटेबल संस्थाओं की मदद लेने की भी सलाह दी। उन्होंने जरूरतमंदों को खाना पहुंचाने के लिए सेक्टर-45 के मस्जिद मैनेजमेंट कमेटी का भी धन्यवाद किया।
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ग्रामीणों ने संदिग्ध पकड़कर पुलिस को सौंपा

मोरनी। कोरोना बीमारी के प्रति प्रशासन के साथ जनता भी पूरी सजग है। गांव में हर आने-जाने वाले पर पूरी नजर रखी जा रही है। वहीं बाहरी व्यक्तियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। मोरनी के प्लासरा गांव में इसका एक उदाहरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने सड़क पर घूम रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पहले तो ग्रामीणों ने उससे उसके बारे में जानना चाहा, जब उसने कुछ नहीं बताया तो पुलिस को इसके बारे में सूचना देकर संदिग्ध को उनके सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि व्यक्ति दिमागी तौर पर परेशान लग रहा था। वहीं पुलिस के अनुसार व्यक्ति मानसिक तौर पर परेशान है। वह अपने आप को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बता रहा है। पुलिस ने आला अधिकारियों से बात करके उसे शेल्टर होम में भिजवा दिया है। ... और पढ़ें

साइकिल पर बांट रहे दवा, तो कोई ' गार्जियंस ऑफ गवर्नेंस ' बन कर रहे सेवा

मोहित धुपड़
चंडीगढ़। चाहे सरहद पर हो या देश में कोई संकट खड़ा हो जाए सैनिक और पूर्व सैनिक अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटे। आज जब देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है। देश के पूर्व सैनिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कोरोना से जंग के लिए मैदान में उतर पड़े हैं।
रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ डिपार्टमेंट ऑफ एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर ने केंद्रीय, राज्य और जिला सैनिक बोर्ड के सहयोग से इन पूर्व सैनिकों को एकजुट कर लोगों की सेवा और उन्हें जागरूक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। देशभर में 32 राज्य सैनिक बोर्ड और 403 जिला सैनिक बोर्ड के अपने नेटवर्क के साथ पूर्व सैनिकों की फौज विभिन्न टास्क के साथ मैदान में उतर चुकी है। इन टीमों में आर्मी, एयरफोर्स व नेवी तीनों फोर्सेस के पूर्व सैनिक शामिल है। यहां वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी पूर्व सैनिक खतरे की परवाह किए बिना लोगों की सेवा के लिए डट गए हैं। इतना ही नहीं के पूर्व सैनिक सेवा के साथ-साथ अपनी हैसियत के हिसाब से कोरोना रिलीफ फंड में कोरोना पीड़ितों के लिए अपनी पेंशन में से धनराशि भी दे रहे हैं। वेस्टर्न कमांड के आला अधिकारी भी पूर्व सैनिकों के इस सहयोग और उनकी सेवा भावना को लेकर उनका हौसला बढ़ाने में जुटे हुए। पूर्व सैनिकों के इस अभियान की शुरुआत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में हो चुकी है।
हरियाणा एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अतर सिंह मुल्तानी और महासचिव खुशबीर सिंह दत्त ने बताया कि हरियाणा में पूर्व सैनिक अपनी पेंशन से डॉक्टरों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट उपलब्ध करवाएंगे। विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर से परामर्श कर उनकी जरूरत के हिसाब से इन किटों को उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ हरियाणा के पूर्व सैनिक एक अभियान के तहत सफाई कर्मचारियों को भी ग्लब्स व मास्क भी वितरित करेंगे। ताकि वह भी सफाई के दौरान संक्रमण के खतरों से महफूज रहें। ऑल इंडिया एक्स सर्विसमैन बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव वेंकटेश नारायणन ने बताया कि चंडीगढ़ में उनकी टीम लोगों को जागरूक करने के जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को घर-घर भोजन की व्यवस्था करवा रही है। उनके अनुसार वह खुद अपनी ओर से रोजाना 15 ऐसे बुजुर्ग और असहाय लोगों के घरों में भोजन देकर आते हैं। जिनके बच्चे बाहर है और कोरोना की वजह से उनके मेड भी अब घर में खाना पकाने नहीं आ रहे हैं। इनमें कुछेक बुजुर्ग बहुत गरीब भी हैं। जबकि उनके साथी 3.5 लाख रुपये अभी तक पीएम केयर फंड में जमा भी करवा चुके हैं।
इस तरह पूर्व सैनिकों ने चला रखा सेवा अभियान
- पंजाब के राज्य सैनिक बोर्ड निदेशक ब्रिगेडियर सतिंद्र सिंह के अनुसार सूबे में 4200 एक्स सर्विसमैन गार्जियंस ऑफ गवर्नेंस नियुक्त किए गए हैं। जो गांवों में डाटा कलेक्शन, कम्युनिटी सर्विलांस और ग्रामीणों को जागरूक करने के काम में जुटे हुए हैं।
- पूर्व सैनिकों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। जिसके जरिए वे पता करते हैं कि किस असहाय बुजुर्गों को दवा या अन्य खाद्य पदार्थों की जरूरत है। उसके बाद 45 पूर्व सैनिक की टीम साइकिलों पर उन चीजों को दुकान से लेकर उनके घर देकर आते हैं।
- वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ दिवंगत कर्नल मनमोहन सिंह की पत्नी सुरेंद्र कौर ने 50 हज़ार, सूबेदार खेम सिंह ने 1.11 लाख, सूबेदार मेजर डीडी चड्डा ने 31 हज़ार, हवलदार एसके चौहान ने 1 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में दिए हैं।
- सैकड़ों पूर्व सैनिक विभिन्न राज्यों की पुलिस को लॉकडाउन मैनेजमेंट की बहाली के तहत अपनी स्वैच्छिक सेवाएं दे रहे हैं।
- 28 एयर डिफेंस रेजीमेंट एक्स सर्विसमैन ऑर्गेनाइजेशन गरीब लोगों के घरों में राशन वितरित करवा रही है।
- कुछ एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशंस गरीब लोगों के लिए कम्युनिटी किचन चला रही है।
- बहुत से पूर्व सैनिक संगठन फील्ड में प्रशासन द्वारा दी जाने वाली विभिन्न टास्क में उनके साथ मिलकर काम कर रहे।
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मरकज से लौटे 177 लोगों की हुई पहचान, किया क्वारंटीन

पंचकूला। मरकज में शामिल होने वाले तब्लीगी जमात के लोगों ने अगर अपनी जानकारी छुपाई तो उन पर पुलिस की ओर से हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया जाएगा। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने तब्लीगी जमात के लोगों को पंचकूला के विभिन्न गांवो में क्वारंटीन किया गया है। अभी तक मरकज से लौटे 177 लोगों की पहचान की गई है। मरकज से लौटे लोगों में कोरोना की पुष्टि के बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सभी के सैंपल लेने की बात कही थी। स्वास्थ्य विभाग इस पर लागातार काम कर रहा है।
क्वारंटीन वाली जगह से सैंपल लिए जाएंगे
तब्लीगी जमात के लोग पंचकूला के जिन गांवों में क्वारंटीन किए गए हैं, वहां के सभी लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी राजीव नरवाल ने बताया कि अब संदिग्ध लोगों के आलवा जिन लोगों को कोरोना होने का शक है, उनके भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है।
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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो दर्ज होगा केस

पंचकूला। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित करते हुए वैश्विक आपातकाल घोषित किया है। इसे लेकर पुलिस विभाग ने लोगों को चेताया कि किसी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और न ही गलत जानकारियां और फर्जी समाचार सोशल मीडिया पर अपलोड करें।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति की किसी पोस्ट पर या फिर किसी पोस्ट को शेयर करने से कोरोना के संबंध में कोई अफवाह फैलती है या किसी की भावना आहत होती है या दो समुदायों के बीच नफरत पैदा होती है तो उस व्यक्ति को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति फेसबुक, ट्विटर, टिकटॉक व्हाट्सएप, यू-ट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर महामारी कोरोना के संबंध में किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक, भड़काऊ या फिर डर पैदा करने वाला कोई पोस्ट वीडियो या तस्वीर शेयर करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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थोड़ी राहत : 65 जमातियों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई

पंचकूला। जिले के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा। 65 जमातियों के पीजीआई में भेजे सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना के डर के कारण मरकज से लौटे पंचकूला के गांव मौली और नाडा साहिब में क्वारंटीन किए गए तब्लीगी जमात के 50 लोगों को सावधानी से सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में लाया गया। वहां पर उनके सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई भेज दिए गए। वीरवार शाम तक इनकी रिपोर्ट आएगी।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने मरकज में शामिल होने वाले तब्लीगी समाज के 175 लोगों को पंचकूला के विभिन्न जगहों पर रखा गया है। इनके लगातार सैंपल जांचे जा रहे हैं। अभी तक पंचकूला आए हुए लोगों में कोरोना की कोई पुष्टि नहीं हुई है जो सुखद बात है। जिला नोडल अफसर राजीव नरवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी के सैंपल लेकर पीजीआई भेज दिए हैं। कोरोना को हराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी प्रयासरत है। पीजीआई सैंपल भेजने के साथ ही क्वारंटीन लोगों की देखभाल की जा रही है।
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