विज्ञापन

कोरोना और कर्फ्यूः पंजाब में लंगर स्थलों पर जुटती भीड़ से निपटना मुश्किल, डिस्टेंस की कोशिशें फेल

हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़ Updated Tue, 31 Mar 2020 01:57 PM IST
विज्ञापन
लंगर बनाने की तैयारी करते लोग
लंगर बनाने की तैयारी करते लोग - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के संकट से जूझते पंजाब में पंजाबियों का सेवाभाव ही एक नई समस्या पैदा करने लगा है। सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा सड़कों के किनारे, गली-मोहल्लों में वितरित किए जा रहे लंगर के कारण इन अस्थायी लंगर स्थलों पर भारी भीड़ जमा हो रही है, जिसने कर्फ्यू और लॉकडाउन की मदद से चलाई जा रही सोशल डिस्टेंस की मुहिम को धराशाई कर दिया है। लोगों को समझाने और उनमें एक मीटर की दूरी बनाने की सारी कोशिशों इन मौकों पर बेकार साबित हो रही हैं।
विज्ञापन

प्रदेश में गरीबों, झुग्गी-झोपड़ी निवासी और खेतों में मजदूरी करने आए प्रवासी मजदूरों के लिए जहां राज्य सरकार और राज्य पुलिस भोजन व आवास की व्यवस्था कर रही है, वहीं सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं अपने स्तर पर भी गरीबों की मदद के लिए सक्रिय हैं। उनका नारा है- संकट की इस घड़ी में कोई भूखा न रहे। पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, कम्युनिटी पुलिसिंग विंग ने सभी जिलों में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं ताकि सभी लोगों को जरूरी वस्तुएं, दवाएं आदि लेने के लिए घरों से बाहर न आना पड़े।
इसी कड़ी में झुग्गी-झोपड़ियों में पुलिस कर्मचारी सूखे राशन और तैयार भोजन के पैकेट वितरित कर रहे हैं। राज्य के 27 जिलों में तीन दिन के दौरान 5,42,000 खाने के पैकेट बांटे गए। डीजीपी के अनुसार, गरीब तबके को खाना मिलता रहे, इसलिए पुलिस ने राज्य में सभी झोपड़ पट्टियों की सूची तैयार की है। इससे झुग्गी-झोंपड़ियों में राशन बांटने में आसानी हुई है। तैयार खाना वितरित करने के लिए स्थानीय गुरुद्वारों की मदद भी ली जा रही है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने भी बीपीएल और गरीब परिवारों के लिए पहले से जारी राहत सामग्री की मात्रा बढ़ाते हुए अपने स्तर पर सप्लाई शुरू कर दी है। इन सब प्रयासों के अलावा, सभी जिलों में सामाजिक और धार्मिक संगठन अपने स्तर पर गली-मोहल्लों में दिन-रात लंगर पहुंचा रहे हैं। जैसे ही लंगर के वाहन गली-मोहल्लों में पहुंचते हैं, लोगों की भारी भीड़ उनके आसपास जमा हो जाती है। इस भीड़ में जरूरतमंद लोग ही नहीं बल्कि साधन संपन्न लोग भी दिखाई देते हैं।

लोगों को दूरी बनाकर लाइन में आने की बार-बार अपील होती है, लेकिन सारी कोशिशें बेकार साबित होती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति इसलिए भी घातक हो सकती है क्योंकि विश्व भर में कोरोना फैलने के बाद पंजाब आए अनेक एनआरआई अब तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को गच्चा देकर जनता में ही छिपे हुए हैं। अगर यह एनआरआई कोरोना से पीड़ित हुए तो भीड़ में वे जितने लोगों के संपर्क में आ रहे हैं, उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us