बड़ी राहतः हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 11वीं में दाखिले के लिए फिलहाल नहीं देनी होगी फीस

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 13 Jul 2020 01:32 PM IST
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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिला लेने पर फिलहाल फीस नहीं देनी होगी। दाखिले के लिए स्कूल भी नहीं जाना होगा। स्कूल प्रिंसिपल को स्कूल शिक्षा बोर्ड का दसवीं का रिजल्ट व अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजने पर ही दाखिला हो जाएगा। कोविड-19 के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है।
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शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि सरकार ने यह निर्णय केंद्रीय गृह एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए लिया है। इससे शारीरिक व सामाजिक दूरी बनी रहेगी। 10वीं में पास होने वाले विद्यार्थियों को स्कूल भी नहीं आना पड़ेगा, घर बैठे-बैठे उनका 11वीं कक्षा में दाखिला हो जाएगा। सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि माना है।
शिक्षा मंत्री ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा का अच्छा परीक्षा-परिणाम आने पर सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इस बार सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत बढ़ा है।
यमुनानगर और पंचकूला जिले के सरकारी स्कूलों का परिणाम तो प्राइवेट से भी बेहतर रहा है। कोविड-19 के कारण 10वीं की विज्ञान की परीक्षा नहीं हो पाई, जबकि 4 विषयों की परीक्षा हो चुकी थी। इन 4 विषयों में से जिन 3 विषयों में विद्यार्थी के अंक अच्छे थे, उनके औसत के आधार पर विज्ञान के अंक जोड़कर रिजल्ट निकाला गया है।

चार साल से सुधर रहा परीक्षा परिणाम
पिछले चार वर्षों से सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम में लगातार सुधार हो रहा है। शिक्षा मंत्री ने टॉप करने वाले सभी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि फेल व कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को हताश होने के बजाय मन में यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अगली बार अधिक मेहनत कर अच्छे नंबरों से पास होंगे।

बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पर दें ध्यान
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षक, अभिभावक अपने परिवार का ध्यान रखते हुए बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पर ध्यान दें। शिक्षक अपनी-अपनी कक्षा के बच्चों के रेगुलर टच में रहें। पढ़ाई के अलावा बच्चों को मनोवैज्ञानिक तौर पर भी मजबूती दें व जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग करें।
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