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पानीपत

शनिवार, 22 फरवरी 2020

धागे के बदले कपड़े का तय हुआ सौदा, 30 लाख का माल ठग ले गए पिता-पुत्र

एक दोस्त ने धागा व्यापारी और यार्न एसोसिएशन के ज्वाइंट सेेेक्रेटरी की एक पिता-पुत्र से दोस्ती करवाई और उनसे कारोबार में लेन देन बढ़ाने की बात कही। इसी मुलाकात के बाद सेक्रेटरी उद्यमी ने आरोपी पिता पुत्र को माल बेचना शुरू कर दिया, आरोपियों ने शुरू शुरू में पेमेंट की, लेकिन बाद में उससे एक साथ 30 लाख रुपये का माल मंगवा लिया और धागे के बदले कपड़ा बनाकर देने का आश्वासन दिया। पौने दो साल बाद भी आरोपी पिता पुत्र ने उन्हें न ही रुपये और न ही माल लौटाया। वहीं मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में संजय गुप्ता ने बताया कि उसकी मैसर्ज न्यू गुप्ता कॉरपोरेशन के नाम से फैक्ट्री है। वह धागा, कपड़ा खरीदने-बेचने एवं धागा डबलिंग का काम करता है। उन्होंने बताया कि 2016 में जितेंद्र मलिक ने पीड़ित को रविंद्र और उसके पिता आजाद सिंह से मिलवाया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह उनके साथ काम कर सकता है। पीड़ित ने 2016 में इन लोगों को धागा उधार में बिलो के जरिये देना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि मई-जून 2018 में उसे आरोपी पिता पुत्र से पैसे लेने थे। आरोपियों ने उस समय टीएफ ओ डबलिंग और कैनवस मशीन लगा रखी थी, जिससे वह धागे को डबल करके कपड़ा बनाते थे। आरोपियों ने पीड़ित से जून से सितंबर माह तक धागा मंगाया और जिस धागे की कुल कीमत 30 लाख रुपये थी। आरोपियों ने धागे से कपड़ा बनाकर किसी और फर्म को बेच दिया और पीड़ित को मशीन खराब है कहकर टालते रहे। वहीं, पीड़ित अपने साथी जितेंद्र मलिक के साथ आरोपियों के घर पर जाता रहा, लेकिन आरोपी ने पहले चकमे दिए, लेकिन अंत में जान से मारने की धमकी दिलवाई। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में आरोपी पर 26 लाख रुपये से अधिक का बकाया बताया है। वहीं, पुलिस ने आरोपी पिता पुत्र पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरोपी पिता ने एक माह तक समय पर पेमेंट देकर जीता विश्वास
उसके साथी धागा व्यापारी ने आरोपी व उसके पिता से मुलाकात करवाई। उन्होंने कहा कि वह इनके साथ काम करता है। व्यवहार के ठीक है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की सामाजिक छवि सही। आरोपी का पिता फैक्ट्री में बैैठता है। इनके पास टीएफओ डबलिंग मशीन है। उसके बाद पीड़ित ने आरोपियों को माल देना शुरू कर दिया। आरोपियों ने शुरू शुरू में माल की पेमेंट दी और धीरे-धीरे पैसे रोकने शुरू कर दिए।
पौन दो साल से कटवाते रहे चकरी, यह बनाते रहे बहाना
पीड़ित ने बताया कि आरोपी और उसके पिता द्वारा पीड़ित की तरफ भेजे गए धागे को कपड़े में परिवर्तन कर उसे किसी और को बेच दिया, जब पीड़ित को यह पता चला तो वह आरोपियों के पास गया, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी मशीन खराब हो रखी है। वहीं, कुछ दिन बाद गया तो आरोपियों ने कहा कि उनके पास मैन पावर की कमी है। उन्हें कुछ युवकों से पता चला कि आरोपियों ने फैक्ट्री और मशीनें बेच दी तो वह दोबारा आरोपी के पिता के पास पहुंचा, लेकिन पिता ने कहा कि उसके लड़के ने गुजरात में अपना व्यापार चालू कर लिया है, जल्द ही पैसे लोटा देंगे, लेकिन अंत तक नहीं लौटाए।
अंत में आकर आरोपी बेटे ने इनामी गैंगस्टरों से मरवाने की दी धमकी
उद्यमी ने बताया कि आरोपी पिता ने धमकी दी कि वह पैसे मांगने के लिए उनके घर पर न जाऊं। वहीं, धमकी दी कि अगर उसने यह बात नहीं मानी तो वह पीड़ित को झूठे केस में अंदर करवा देगा, वह खाप नेता है उसकी अधिकारियों के साथ अच्छी है। वहीं, पिता ने कहा कि उसके बेटे की हरियाणा के बड़े-बड़े इनामी गैंगस्टरों से दोस्ती है, जिससे वह पहले भी कई प्लाटों पर अवैध कब्जा कर चुके है। वह उसे भी जान से मरवा देंगे। वही, आरोपियों ने फैक्ट्री में आग लगवाने की धमकी भी दी।
पीड़ित उद्यमी की शिकयत पर केस दर्ज कर लिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही मामले का खुलासा करते हुए पुलिस जो भी आरोपी होगा उसे गिरफ्तार करेगी।
-जगमेंद्र, एएसआई, जांच अधिकारी।
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बंदर परेशान कर रहे हैं, निगम कर्मी ही वरिष्ठ अधिकारियों को कर रहे शिकायत

शहर में बंदरों का उत्पात जारी है, लेकिन नगर निगम कभी टेंडर तो कभी परमिशन के आगे बेबस नजर आ रहा है। अब तो बंदरों ने नगर निगम कार्यालय में भी उत्पात शुरू कर दिया और अधिकारियों को मुंह चिढ़ा रहे हैं, लेकिन अधिकारी की नींद नहीं टूट रही है। बंदरों का झुंड रोज निगम कार्यालय में उत्पात मचाकर जा रहा है। उत्पाती बंदरों ने नगर निगम में कोहराम मचा रखा है, यहां के डरे कर्मचारियों ने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि टेंडर लगा हुआ है, सबसे पहले निगम कार्यालय से ही बंदर पकड़ने की शुरुआत की जाएगी।
हालात यह है कि 11 फरवरी को बंदरों को पकड़ने का टेंडर लग जाने के छह दिन बाद भी बंदरों को पकड़ने का काम शुरू नहीं हो सका है। सोमवार को पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय का, यहां मेयर अवनीत कौर का भी कार्यालय हैं। इनके साथ प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच समेेत अन्य कई विभाग भी यहां हैं। यहां बंदरों का एक झुंड सोमवार को भी जा पहुंचा, जो टूटी हुई छत से घुसकर छत के साथ लगी सीलिंग में से निगम कार्यालय का मुआयना करने लगा। जिसके बाद निगम कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। जिसकी शिकायत कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी।
टेंडर के छह दिन बीतने के बावजूद बंदरों को पकड़ना शुरू नहीं
बंदर पकड़ने के टेंडर को अलॉट कर इसका वर्क आर्डर उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी रईस को 745 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का दिया है। जिसमें फर्म को सात दिन में काम शुरू करने के साथ दो माह के समय में पूरा करने की हिदायत दी गई थी। इसमें फर्म को एक शिकायत केंद्र बनाकर इसका फोन नंबर शहर में प्रसारित करना था, जिससे शहर वासी बंदरों की जानकारी उन्हें फोन के माध्यम से दे सकें। जबकि वन्य विभाग से बंदरों की परमिशन न मिलने की वजह से अब तक बंदर पकड़ने का काम शुरू भी नहीं हो पाया है। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने का काम जल्द किया जाएगा।
जंगल में छोड़ने की परमिशन में नहीं, लग सकता है समय
यमुनानगर के कलेसर के जंगल में बंदरों को छोड़ने की परमिशन निगम के पास नहीं है। इसके लिए जिला के वन्यविभाग से बंदर पकड़कर कलेसर छोड़ने के परमिशन के लिए आवेदन करेगा। जिसके बाद इस परमिशन को पंचकूला मुख्यालय से मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद यहां से बंदर पकड़कर उसे परमिशन के साथ कलेसर के जंगल में छोड़ने का काम किया जाएगा।
तीस से पचास बंदरों को ले जाएंगे एक साथ : ठेकेदार
बंदर पकड़ने वाले ठेकेदार ने बताया कि अभी निगम के पास परमिशन नहीं है। परमिशन के बाद ही बंदर पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। प्राथमिकता वहां रहेगी जहां सबसे ज्यादा बंदर होंगे। इसके बाद एक जाल लगाया जाएगा। इसमें एक साथ तीस से पचास बंदरों को पकड़कर एक साथ कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा।
निगम ने बंदर पकड़ने के सामने रखीं ये हिदायतें
मानवीय तरीके से बंदर पकड़ना
पकड़े गए बंदरों के खान-पान की पूरी जिम्मेदारी
बंदर पकड़कर उस पर रंग कर यमुनानगर के कलेसर के जंगल में छोड़ना
बंदर पकड़ने की पूरी प्रक्रिया की विडीयोग्राफी
वन्य विभाग के अधिकारी की सत्यापित कॉपी
पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टेशन और बंदरों के रखरखाव का खर्च फर्म को खुद ही वहन करना होगा
काम के दौरान किसी भी बंदर को चोट लगी या मौत हुई तो उसकी पेमेंट नहीं होगी, वहीं उसे उपयुक्त तरीके से दफनाया जाएगा
चल रही बातचीत, जल्द ही मिल जाएगी परशिमन : आयुुक्त
बंदरों को कलेसर के जंगल में छोड़ने पर वन्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। परमिशन के लिए निगम ने आवेदन किया है। अप्रूवल के तुरंत बाद इस काम पर कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
-ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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जिस खांसी-जुकाम की दवा से जम्मू-कश्मीर में कई बच्चों की मौत, हरियाणा में उसकी कई बोतल जब्त

खांसी-जुकाम की दवा कोल्ड बेस्ट के सेवन से जम्मू-कश्मीर में कई बच्चों की मौत हो गई। उसी दवा की कई बोतलें हरियाणा में बरामद हुईं और जब्त की गईं। कालाअंब स्थित मैसर्ज डिजिटल विजन दवा कंपनी में तैयार हो रहे कोल्ड बेस्ट पीसी सीरप की रिकवरी को स्ट्रेट ड्रग कंट्रोलर की टीम ने रविवार को दो जगह छापे मारे।

इंडस्ट्रियल एरिया में गोदाम और केमिस्ट शॉप में छापे के दौरान 300 बोतल दवा जब्त की गई। जांच के लिए अब इस दवा के सैंपल भेजे जा रहे हैं। लैब की रिपोर्ट के आधार पर ही दवा निर्माण व उसे बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इस दवाई के सेवन से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की बात कही जा रही है। जम्मू-कश्मीर में तो दवा के सेवन से कई बच्चों की किडनी खराब होने की बात कही जा रही है। जांच टीम ने लोगों को भी इस सीरप को न खरीदने की अपील की है।

यमुनानगर में 300 शीशी बरामद
कोल्ड बेस्ट पीसी सीरप की रिकवरी को स्ट्रेट ड्रग कंट्रोलर की टीम ने रविवार को दो जगह छापे मारे। इंडस्ट्रियल एरिया में गोदाम और केमिस्ट शॉप में छापे के दौरान 300 बोतल दवा जब्त की गई। जांच के लिए अब इस दवा के सैंपल भेजे जा रहे हैं। लैब की रिपोर्ट के आधार पर ही दवा निर्माण व उसे बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इस दवाई के सेवन से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की बात कही जा रही है। जम्मू-कश्मीर में तो दवा के सेवन से कई बच्चों की किडनी खराब होने की बात कही जा रही है। जांच टीम ने लोगों को भी इस सीरप को न खरीदने की अपील की है।
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कोल्ड स्टोरेज खोलने के नाम पर ठगे 40 लाख

सोनीपत के रहने वाले पिता-पुत्र पर पानीपत के एक युवक ने कोल्ड स्टोरेज लगाने का झांसा देकर 40 लाख की नकदी ठगने के आरोप में सिटी थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। युवक का आरोप है कि पहले सोनीपत में कंपनी खुलवाई और फिर पैसे लेने के बाद घाटे में दिखा दिया। इतना ही नहीं उसके दो मकानों के एवज में बैंक से 1.25 करोड़ रुपये को लोन भी लिया। किस्त नहीं भरी जाने पर उन्हें ठगे जाने का पता चला। बकाया 40 लाख रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
सेक्टर-18 निवासी विक्रम ने बताया कि सोनीपत निवासी अरुण से उसकी दोस्त्ती थी। अरुण ने उसके साथ सोनीपत में एबीएस फ्रूट कंपनी बनाई। कोल्ड स्टोरेज में मोटी कमाई का झांसा देकर 40 लाख रुपये लिए। कुछ दिनों बाद कंपनी में घाटा दिखाया जाने लगा। पीड़ित बताया उसको कोल्ड स्टोरेज चलाने का अनुभव नहीं था, जिसके फायदा उठाते अरुण और उसके बेटे सचिन ने ठगी की। अंत में जब लगातार घाटा होने पर कंपनी बंद करने करने की बात कर हिसाब मांगा तो सिर्फ 40 लाख रुपये देनदारी निकाली। अब पैसे मांगने मांगते पर आरोपी जान से मारने की धमकी दी।
घाटा होने पर आरोपी ने पीड़ित के दो मकान गिरवी रखवाकर लिया 1.25 करोड़ का लोन-
पीड़ित विक्रम ने बताया कि कंपनी में बार-बार घाटा होने की बात कहकर आरोपी ने एक बार फिर बैंक से पीड़ित के दो मकान व एक अरुण ने अपना मकान गिरवी रख बैंक से 1.25 करोड़ का लोन दिया, लेकिन घाटा होने की बात कहकर बैंक की किश्ते भी देनी बंद कर दी। बैंक से नोटिस आने शुरू हुए तो पीड़ित ने आरोपी से हिसाब किया, जिसमें आरोपी ने पीड़ित 40 लाख रुपये देने निकले। जिसमें 25 लाख रुपये आरोपी अरुण ने देने का आश्वासन दिया वहीं बाकि 15 लाख रुपये एक अन्य व्यक्ति ने हामी भरी। अभी तक किसी ने पैसे वापस नहीं लौटाए।
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पैसे दोगुने करने का लालच देकर ठगे 11 लाख

सनौली रोड कमली मौहल्ला में रहने वाले एक युवक से पैसे दोगुने के झांसा दे एक युवक ने 11 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बताया कि उसके दोस्त ने आरोपी युवक से होटल में मिलवाया। जिसने आंखो के सामने ही 10 हजार को 20 हजार में बदल दिया था, वहीं इसी लालच में आकर पीड़ित ने आरोपियों को 11 लाख रुपये दिए, जिसके बदले आरोपियों पीड़ित को एक पेकेट दिया और दो घंटे बाद खोलने की बात कही। पीड़ित ने दो घंटे बाद खोला तो उसके कागज के कोरे टुकडे थे, जिसके बाद पीड़ित ने किला थाना पुलिस को शिकायत दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पंकज बांगा पुत्र प्रीतम लाल बांगा निवासी कमली मौहल्ला, सनौली रोड ने बताया कि उसकी पंकज ट्रेडिंग कंपनी के नाम से एक फर्म है। उसकी फर्म पर फहीम नाम से एक लड़का आता था। जिससे उसकी दोस्ती हुई। वह पीड़ित को पैसे दोगुने करने का झांसा देकर एक होटल में ले गया, जहां पीड़ित को एक सिंहा नाम से व्यक्ति से मिलवाया। फहीम ने आरोपी युवक को 10 हजार रुपये दिए, जिसको आरोपी ने आंखों के सामने ही डबल कर 20 हजार बना दिए। जिसके बाद आरोपी ने कहा कि वह छोटी रकम की फाइल को नहीं उठाता, कम से कम 11 लाख होने चाहिए। पीड़ित आरोपी युवक के पास 11 लाख रुपये इकट्ठा किए और आरोपियों को अपने घर पर बुलाया। पीड़ित ने आरोपियों को पैसे दिए, वहीं आरोपियों ने बदले में उसे एक पैकेट दिया और दो घंटे में पैकेट खोलने के लिए कहा। आरोपी मौके से चले गए, लेकिन जब दो घंटे बाद पीड़ित ने पैकेट खोला तो उसमें कागज के टुकडे थे। जिसके बाद पीड़ित ने अपने दोस्त से संपर्क किया, लेकिन उसने भी आश्वासन ही दिया। वहीं पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गोदाम तोड़ने पहुंचे एटीपी को पूर्व मेयर कॉलर से घसीटकर लाए, भीड़ ने घेरा और मारे तीन थप्पड़, जेई और तहसीलदार को मारा धक्का

पांच दिन पहले काबड़ी रोड पर गोदाम तोड़ने के लेकर हुए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद वीरवार को सनौली रोड पर मार्बल मार्केट के पास गोदाम को तोड़ने पहुंची डीटीपी की टीम को पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। कार्रवाई करने से पहले एटीपी नवीन कुमार को पूर्व मेयर ने कॉलर से पकड़ घसीटते हुए भीड़ के बीच में लाए और भीड़ में तीन लोगों ने उन्हें थप्पड़ मारे। यहां तक कि लोगों ने तहसीलदार अनिल कौशिक के साथ भी धक्का-मुक्की की। लोगों ने डीटीपी के सामने जेई पर पैसे लेने के आरोप लगाए तो विभाग ने उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई करने पहुंची विभाग की टीम का बबैल नाका के पास फोर्स ने भी साथ छोड़ दिया था। अब लोगों ने अधिकारियों को घेर लिया तो विभाग के सेवादार मनोहरलाल ने पुलिस चौकी में जाकर सूचना दी। फिर पुलिस ने अधिकारियों को लोगों और नेताओं से बचाया। अब चर्चा है कि योजनाकार विभाग के अधिकारी पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और थप्पड़ मारने वालों खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, इसके लिए शुक्रवार को उनके खिलाफ चांदनी बाग थाना में शिकायत दी जा सकती है।
काबड़ी रोड पर हंगामे के बाद चांदनी बाग थाना में डीटीपी और नेता पहुंच गए। थाने में भी जमकर हंगामा हुआ। जिसको हंगामे की सूचना मिलती रही वो थानेे में पहुंचता रहा। थाने में 300 से अधिक व्यापारी एकत्रित हो गए। मामले को शांत करने के लिए जिला योजनाकार अधिकारी ललित हुड्डा को आना पड़ा। उन्होंने यहां पर अपने जेई को भी फटकार लगाई और आश्वासन दिया कि अगर उद्यमी और व्यापारी 15 मार्च से पहले सीएलयू के लिए आवेदन कर देंगे तो वो किसी पर कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके बाद विवाद शांत हुआ। अब उद्यमी सोमवार को डीटीपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे।
एक सप्ताह में अधिकारियों को दूसरी बार गया खदेड़ा
डीटीपी विभाग को कार्रवाई करने पर लगातार नेताओं और व्यापारियों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। एक सप्ताह में दो बार डीटीपी के अधिकारियों को खदेड़ा जा चुका है। विधायक प्रमोद विज भी डीटीपी को ये निर्देश दे चुके हैं कि विभाग निर्मित हो चुकी फैक्टरियों और दुकानों पर कार्रवाई न करें बल्कि अब हो रहे अवैध निर्माण को रोकें। दुकानदारों ने बताया कि उनका मार्बल मार्केट के पास गोदाम है। गोदाम में वेस्ट का काम होता है। उनके पास दोपहर को डीटीपी विभाग का पास आया कि वो आधे घंटे में गोदाम को तोड़ने के लिए आ रहे हैं। उनको इससे पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। उनके लगातार डीटीवी विभाग पैसों की मांग करता है। उन्होंने इसकी सूचना पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह और पार्षद लोकेश नांगरू को दी। इन्होंने विभाग को कार्रवाई करने से रोक दिया।
थाने में डीटीपी ने जेई से पूछा क्यों रिश्वत लेते हो जवाब दो
चांदनी बाग थाना में भी पूर्व मेयर जेई मनिंद्र पर भड़क गए और बोले कि आप लोगों से रिश्वत लेकर पहले गोदाम बनवाते हो और फिर बनने के बाद पैसे मांगते हो। आपकी बहुत शिकायत मिल रही है इसका जवाब दो। डीटीपी ललित इस पर जेई पर गुस्सा हो गए और बोले कि आप लोगों से पैसे लेते हो, इसका जवाब दो। हालांकि जेई ने कोई जवाब नहीं दिया और सिर नीचा कर चुप खड़े रहेर।
गत 11 फरवरी को सवा चार लाख रुपये देकर मैंने गोदाम बचाया : जैन
काबड़ी रोड स्थित वेस्ट के कारोबारी सतेंद्र जैन ने बताया कि उनको डीटीपी विभाग को लेकर पैसे देने पड़ रहे हैं। उनके पास डीटीपी विभाग से फोन आया था कि वो गोदाम को गिरा देंगे। कुछ दिन पहले ही उनके पिता की मौत हुई थी। उसके गोदाम में साढ़े तीन करोड़ का माल है 30 लोग वहां काम करते हैं। उससे पैसे मांगे गए। उसने विभाग के अधिकारियों को 11 फरवरी को गोहाना रोड के पास होटल में पौने चार लाख रुपये देने पड़े। इसके बाद उसका गोदाम बचा है।
एक भी फैक्टरी को नहीं गिराने देंगे, थप्पड़ मारने के आरोप गलत : पूर्व मेयर
हम एक भी फैक्टरी को गिराने नहीं देंगे। डीटीपी बहुत भ्रष्ट विभाग है। पहले यहां लोगों से पैसे लेकर गोदाम का निर्माण कराया जाता है फिर बनने के बाद गिराने की धमकी देकर पैसे लिए जाते हैं। सरकार ऐसी किसी भी फैक्टरी पर कार्रवाई नहीं करने देगी जिसका निर्माण कार्य पूूरा हो चुका है। लोग अपना सब कुछ दांव पर लगाकर गोदाम व फैक्टरी बनाते हैं और ये लोग उन्हें तोड़ देते हैं। अगर विभाग को कार्रवाई करनी है तो उन पर करें जिनका फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है। उन पर थप्पड़ मारने के गलत आरोप लगाए गए हैं। - भूपेंद्र सिंह, पूर्व मेयर
कार्रवाई गलत तरीके से की जा रही है : उपाध्यक्ष, भाजपा
डीटीपी विभाग के कार्यालय में सोमवार को धरना देंगे। गलत तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं लोगों को परेशान कर रहे हैं। अब डीटीपी ने 15 मार्च तक कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। वो गलत कार्रवाई के खिलाफ खड़े रहेंगे। - लोकेश नांगरू, उपाध्यक्ष भाजपा एवं पार्षद
मुझे थप्पड़ मारे गए हैं : एटीपी
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने कार्रवाई की जगह आकर उनके साथ मारपीट की है, उनको थप्पड़ मारे गए हैं। जो वो उन्हें कार्रवाई के बारे में बता रहे थे। उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया है। -नवीन कुमार, एटीपी
15 मार्च तक सीएलयू आवेदन करें, पूर्व मेयर पर कार्रवाई के लिए चल रही बात : डीटीपी
अगर व्यापारियों से गोदाम का निर्माण कराने के लिए पैसे लिए गए हैं तो उन्हें शिकायत दें वह जांच कराएंगे। वो नोटिस देने के बाद कार्रवाई करते हैं। अब वो सभी उद्यमियों व व्यापारियों से अपील करते है कि वो 15 मार्च तक सीएलयू के लिए आवेदन कर दें। जो आवेदन कर देगा, विभाग उन पर कार्रवाई नहीं करेगा। 15 मार्च के बाद कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मेयर ने एटीपी को थप्पड़ मारे हैं। उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत चल रही है। - ललित गोयल, जिला योजनाकार अधिकारी
विभाग की रडार पर हैं 30 कॉलोनियां
सरकार के आदेश के बाद जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) के अफसर ने पहले चल रही कार्रवाई को पहले से तेज करते हुए तीन दिन में कई जगह मकान और दीवारें गिराई। डीटीपी का प्रयास है कि शहर से सटी जिन 30 कॉलोनियों में अवैध रूप से प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वहां रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगे। इनमें वे कॉलोनियां भी शामिल हैं, जिसे सरकार ने एक साल पहले वैध किया। डीटीपी की कार्रवाई का दायरा गांव और कस्बे तक पहुंचने वाला है। इसलिए डीटीपी ने जिले के 198 खसरों की सूची देकर यहां पर जमीन न खरीदने की अपील की है। उग्राखेड़ी, राजाखेड़ी, समालखा रोड चुलकाना, असंध रोड सेंट मैरी स्कूल के आसपास, बबैल रोड, जाटल रोड, आसन कलां, भैंसवाल, मतलौडा सहित अन्य जगहों पर रजिस्ट्री को रोकने के लिए कहा है। डीसी हेमा शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से जो आदेश आए हैं, उसे हर हाल में लागू कराया जाएगा।
हर रजिस्ट्री की होगी जांच, जिले में तीन साल में बड़े पैमाने पर काटी गई हैं कॉलोनियां
अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री की जांच हो। इसलिए मामला गंभीर है। पानीपत के सभी तहसीलों में रोजाना हो रही रजिस्ट्री की डिटेल अब डीटीपी को दी जाए। डीटीपी के पटवारी रजिस्ट्री की जांच करें। अवैध कॉलोनियों में काटे गए प्लॉट की रजिस्ट्री रद्द की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
बरसत रोड समेत इन इलाकों में कटी हैं अवैध कॉलोनियां
शहर में बरसत रोड, बबैल रोड, कुटानी रोड, असंध रोड और जाटल रोड पर शहर के नजदीक बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां कटी हैं। डीटीपी ने कहा कि सरकार का आदेश है कि रेवेन्यू अफसरों से रजिस्ट्री जांचने के लिए कहें। इसलिए इस बारे में सभी तहसीलदार से सहयोग मांगा गया है।
दो कनाल से कम के गिफ्ट डीड पर लगाई रोक
अब तक शहर से सटी कॉलोनियों में अवैध कॉलोनियां मिलीभगत से ही कट रही थी लेकिन 9 जनवरी को सरकार ने शहरी एरिया व पांच किलोमीटर के दायरे में 2 कनाल से कम के गिफ्ट डीड पर रोक लगा दी है।
कृषि और फैक्ट्री की जमीन पर भी कालोनियां
शहर में बहुत सा क्षेत्र ऐसा है, जहां कृषि और फैक्ट्री की जमीन पर कॉलोनी काटी गई हैं। गोहाना रोड पर नहर के साथ लगती जमीन पर खुलेआम कॉलोनी काटी जा रही। कई मकान बन गए हैं। रजिस्ट्री भी हुई हैं। लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई। यहां भी अब कार्रवाई होगी। इसके अलावा शहर में बहुत सी वैध कालोनियां हैं, जिसके साथ अवैध रूप से कालोनी बसाई गई है।
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8 आरोपियों ने दिन दहाडे़े कैफे में घुसकर की तोड़फोड़, मालिक को पीट 23 हजार और ढाई तोले की चेन लूटकर भागे

सिटी थाना, सदर थाना और बस स्टैंड चौकी और शहरी विधायक के कार्यालय सभी के 50 से 100 मीटर के दायरे में दिन दहाड़े 10 आरोपियों ने एक कैफे में घुसकर मारपीट की और कैफे मालिक समेत कैफे में आए ग्राहक को बाहर निकालकर पीटा। वहीं कैफे मर्गक के गले से ढाई तोले की चेन और साढे़ 23 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। इस घटना से आस पास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं, स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।
पुलिस को दी शिकायत में प्रदीप पुत्र सतबीर निवासी राजाखेड़ी ने बताया कि उसने एक साल पहले बस स्टैंड नजदीक संजीव मलिक के ऑफिस वाली गली मेें पार्टी ऑफिस खोला था। वहीं, गत तीन माह पहले उसने ब्लैक डोर के नाम से एक कैफे खोला था। वहीं वीरवार को वह दोपहर 12 बजे अपने दफ्तर में था, उस समय उसके पास मोहित नाम से एक ग्राहक आया हुआ था। वहीं 12.04 मिनट पर आठ से दस बदमाश आए और सबसे पहले गली के बाहर लगे कैमरे को डंडे से तोड़ दिया। वहीं, उसके बाद आरोपी गली के अंदर आए और आते ही उसके ऑफिस पर लाठी डंडे बरसाने शुरू कर दिए। वहीं, आरोपियों पूरा ऑफिस तहस महस कर दिया। वहीं, दो आरोपी ऑफिस के अंदर के घुसे और पीड़ित पर गंडासी से हमला किया। वहीं उसके पास आए ग्राहक को बाहर निकाला और गली में गिराकर लाठी डंडो से पीटा। ऑफिस के दराज से साढे़ 23 हजार रुपये और पीड़ित के गले से ढाई तोले की चेन तोड़कर फरार हो गए। वहीं, आरोपियों ने जाने से पहले जान से मारने की धमकी दी।
तीन थाना और चौकी व एक विधायक का दफ्तर, दिन दहाडे़ वारदात से शहर में मचा हड़कंप
दिन दहाड़े और शहर के बीचों बीच लाठी डंडो से मारपीट कर नकदी और गहने लूटकर ले जाने की वारदात से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। लोगों में चर्चाएं थी कि जिस जगह पर कैफे है, उससे 40 मीटर की दूरी पर शहरी विधायक प्रमोद विज, कैफे से 100 मीटर दूर सीटी थाना और सदर थाना और 80-100 दूर ही बस स्टैंड चौकी है, लेकिन आरोपी इतने निडर थे, जैसे उन पर किसी का हाथ हो। कोई उनको नहीं पकड़वा सकता। इस वारदात से आस पास के लोगों के दिल में डर पैदा हो गया।
वारदात के बाद पीड़ित ने कराया मेडिकल, पुलिस मौके पर पहुंची
वारदात के बाद घायल कैफे मालिक ने पुलिस को सूचना दी और सामान्य अस्पताल में जाकर अपना प्राथमिक उपचार कराया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहीं शहरी थाना प्रभारी राजबीर ने शाम चार बजे के आसपास घटना स्थल का मुआयना किया।
इतनी बड़ा घटना होने के बावजूद भी पीड़ित ने पुलिस को सूचना नहीं दी, स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-राजबीर कुमार, प्रभारी, शहर थाना।
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कॉमन बॉयलर का सर्वे हुआ पूरा, 1400 करोड़ के प्रोजेक्ट से लगेगा प्रदूषण कर नियंत्रण

पानीपत को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कॉमन ब्वॉयलर का सर्वे पूरा हो चुका है। ग्रेपिल कंपनी ने अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। अब इस रिपोर्ट पर जल्द उद्यमियों से चर्चा की जाएगी और फाइल को सीएम की टेबल पर भेजा जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू होगा। ये 1400 करोड़ का प्रोजेक्ट है। कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद उद्योगों को स्टीम मिलेगी। उद्यमियों को ब्वॉयलर में कोयला नहीं जलाना पड़ेगा। डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि 2014 में चीन के शंघाई में ऐसा ही प्रदूषण हुआ तो चीन सरकार ने वहां पर कॉमन ब्वॉयलर पर काम किया। कॉमन ब्वॉयलर लगाकर छोटी-छोटी इंडस्ट्री को स्ट्रीम की सप्लाई की जाने लगी तो प्रदूषण से राहत मिली। यहां भी सरकार ने ऐसा प्लान बनाया है। इसके लिए गुजरात के सूरत की कंपनी को बुलाया है। जो यहां पर दो-दो ब्वॉयलर के सेट में 12 ब्वॉयलर के 6 सेट लगाएगी। जो खासकर डाइंग इंडस्ट्री को स्ट्रीम सप्लाई करेगी। इसके लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
30 एकड़ में लगेगा प्लांट
पानीपत में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए सरकार ने सेक्टर 29 में एक कॉमन ब्वॉयलर लगाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट को गुजरात की कंपनी ग्रेपिल तैयार करेगी। इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया में सर्वे हो चुका है। ये प्रोजेक्ट 1400 करोड़ रुपये का है। पिछले तीन साल से उद्यमी इस प्रोजेक्ट को पास करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 30 एकड़ में कॉमन ब्वॉयलर लगाया जाएगा। पानीपत के लगभग 1200 उद्योगों को कॉमन ब्वॉयलर से स्ट्रीम मिलेगी। हालांकि ये प्रोजेक्ट पहले से 10 प्रतिशत तक अधिक उद्यमियों को महंगा पड़ेगा, लेकिन प्रदूषण की समस्या पूरी तरह से दूर हो जाएगी। कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद उद्यमियों को अपने फैक्टरियों में ब्वॉयलर चलाने व कोयला जलाने के झंझट से राहत मिलेगी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। जिले में पराली जलाने की समस्या भी दूर होगी। इसी प्लांट में पराली को जलाकर स्ट्रीम तैयार की जाएगी।
बाहर से उद्योग भी आएंगे
कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद पानीपत में देश भर से नए उद्योग आएंगे। जो लोग ब्वॉयलर लगाने के झंझट के चलते उद्योग नहीं लगा रहे थे। उनके लिए आसान होगा। पानीपत में रोजगार दोगुना होने की भी संभावना बनेगी।
फायदे जो उद्यमियों को होंगे
1. एक बार कॉमन ब्वॉयलर लग गया तो उसी से इंडस्ट्री को स्ट्रीम सप्लाई की जाएगी। इस तरह से उद्यमियों को न ब्वॉयलर चलाने और न ही कोयला जलाने का झंझट रहेगा।
2. बंद नहीं होगी इंडस्ट्री : प्रदूषण बढ़ने पर भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। क्योंकि, कॉमन ब्वॉयलर पर बिजली प्लांट का नियम लागू होगा, जैसा कि अभी हुआ। प्रदूषण में उद्योग तो बंद रहे, लेकिन पावर प्लांट चलता रहा।
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ईको सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर दो छात्रों का किया अपहरण

इको सवार चार बदमाश हथियार के बल पर देहरा वासी दो छात्रों का अपहरण कर ले गए। दोनों दसवीं कक्षा में अलग अलग स्कूल में पढ़ते हैं। घसौली के पास जैसे ही बदमाशों ने शराब के ठेके पास गाड़ी रोक खिड़की खोली तो दोनों छात्र उतरकर भाग निकले। जो कई किलोमीटर खेतों से होकर सनपेड़ा रोड स्थित एक धर्मकांटे पर पहुंचे और वहां से स्वजनों को सूचना दी। दोनों बच्चों की तलाश में जुटे स्वजनों ने राहत की सांस ली और बच्चों को वहां से लाकर सरपंच के साथ थाना लेकर पहुंचे। जहां शिकायत देकर पुलिस से बदमाशों का पता लगा कार्रवाई की मांग की। छात्र शुभम और राहुल ने बताया कि मंगलवार को स्कूल से छुट्टी के बाद वो दोनों गांव से महावटी रोड स्थित खेहत में घूमने के लिए गए थे। जैसे ही साढ़े तीन बजे के करीब खेत से सड़क पर चढ़े तो महावटी की तरफ से एक ईको उनके नजदीक आकर रुकी। उसमें से तीन युवक उतरे। जिनमें से दो ने पिस्टल ले रखी थी। दोनों ने उन्हें पिस्टल दिखाते हुए गाड़ी में बैठने के लिए कहा। उन्होंने मना किया तो धमकी देते हुए जबरदस्ती गाड़ी में डाल लिया और वापस महावटी की तरफ लाते हुए अलग-अलग गांव में ले गए। जब भी वो कुछ बोलते तो धमकाने लगते। उन्होंने बताया कि बदमाश गाड़ी को घसौली गांव के पास एक शराब के ठेके पर लेकर पहुंचे और उतरकर शराब लेने लगे। तभी खिड़की खुली होने का फायदा उठा दोनों छात्र बदमाशों के चुंगल से निकलने में कामयाब हो गए। इसके बाद वो खेतों से होते हुए सनपेड़ा रोड स्थित हनुमान धर्मकांटा पर पहुंचे और वहां मौजूद व्यक्ति को घटना बारे अवगत कराया। फिर उसने छात्रों के स्वजनों को फोन कर उनके सुरक्षित होने की सूचना दी। जहां से स्वजन उन्हें लेकर आए। छात्रों ने बताया कि बदमाश बार बार आज फिर दो फंस गए बोल रहे थे।
दोनों हैं इकलौते चिराग
सरपंच मामन छाछिया ने बताया कि दोनों छात्रों के पिता खेतीबाड़ी करते है। दोनों अपने घरों के इकलौते चिराग है। जब वो शाम छह बजे तक भी घर नहीं पहुंचे तो स्वजन उनकी तलाश में जुट गए। काफी तलाश के बाद भी दोनों नहीं मिले तो वो परेशान हो गए। लेकिन जैसे ही साढ़े सात बजे के करीब उनके पास दोनों को मिलने का फोन आया तो उन्होंने राहत की सांस ली।
डर के मारे हुआ बुखार
बदमाशों द्वारा हथियार दिखाने के कारण दोनों छात्र इतने डरे हुए थे की राहुल को बुखार तक चढ़ गया। उसने बताया कि वो खिड़की खुली होने पर उतरकर भागे और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कई किलोमीटर तक दौड़कर अपनी जान बचाई। वहीं, शुभम के मन में भी घटना का खौफ इतना था की वो कुछ ठीक से बोल तक नहीं पा रहा था। जांचकर्मी सुरेश कुमार का कहना है कि बच्चों से बयान लेने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमे होने के कारण ब्यान नहीं लिए जा सके। मामले की जांच जारी है।
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पति पत्नी का कई दिन से चल रहा था झगड़ा, पत्नी सामने से जवाब देने से नहीं रूकी तो पति ने चाकू मारा

सेक्टर 11-12 में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली पत्नी ने पार्लर बंद करने से इंकार किया तो पति ने उसे चाकू से गोद दिया। एक के बाद एक दो बार पत्नी की गर्दन और कंधे पर वार कर जान से मारने का प्रयास किया। पति ब्यूटी पार्लर बंद करने धमकी देता और मना करने पर पत्नी के साथ मारपीट करता था। गत 10 फरवरी को पति शराब पीकर आया तो इसी बात पर दंपती में बहस हो गई। पत्नी ने विरोध किया तो पति ने उस पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। पीड़िता ने आवाज लगाई तो स्थानीय लोगों को आते देख आरोपी मौके से फरार हो गए।
सेक्टर 11-12 पुलिस को दी शिकायत में रेनू निवासी पावटी ने बताया कि वह पिछले काफी सालों से सेक्टर 11-12 में रह रहे थे। उसकी ब्यूटी पार्लर की शॉप है। उसका एक छह साल का बेटा कुणाल है। पति शराब पीकर उसके साथ झगड़ा करता था। वह पार्लर चलाती है, इसी बात पर उसका पति अरुण घर में क्लेश करता था। पति ने 10 फरवरी की सुबह 10 बजे उसे अपशब्द कहने शुरू कर दिए। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने मारपीट करनी शुरू कर दी। वहीं, आरोपी ने रसोई में रखे चाकू से बाएं कान और गर्दन पर चाकू से हमला किया। पीड़िता ने बचाव के लिए आवाज लगाई तो पड़ोसी युवक मौके पर पहुंचे, जिन्होंने पति की चंगुल से पीड़िता को छुड़वाया। पति ने जान से पहले जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पड़ोसियों ने पीड़िता को पहुंचाया अस्पताल, पुलिस को दी सूचना
पीड़िता ने बताया कि जब उसने बचाव के लिए आवाज लगाई तो पड़ोसी उनके घर पर आए और पति के चंगुल से छुड़ाया। वहीं पति मौके से फरार हो गया। उन्होंने ही एक निजी अस्पताल में महिला को भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। पड़ोसियों ने भी पति को शराबी किस्म का व्यक्ति घोषित किया है।
पहले बनाया राजीनामे का दबाव, अब दे रहा धमकी
पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने वारदात के बाद माफी मांगी और लगातार माफ करने का दबाव बनाया। वहीं, अब उसने फिर वहीं हरकतें करनी शुरू कर दीं, जिसके बाद आरोपी ने पुलिस से शिकायत वापस लेने की धमकी दे रहा है। वहीं, पीड़िता ने निडरता दिखाते हुए आरोपी पति पर केस दर्ज कराया।
जो नंबर पत्नी ने पुलिस में दिया, वहीं आरोपी पति ने छीना
जांच अधिकारी को पीड़ित महिला ने भविष्य में केस से संबंधित कोई जानकारी लेने और देने के लिए जो मोबाइल नंबर दिया, वह आरोपी पति छीनकर ले गया। आरोपी पति ने नंबर स्वीच ऑफ कर दिया, ताकि महिला से कोई संपर्क न कर सके।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है, जल्द ही मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सज्जन सिंह, एसएचओ, चांदनीबाग थाना।
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पड़ोसी ने किया 12 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म, मकान मालिक ने वीडियो बनाकर संबंध बनाने के लिए किया ब्लैकमेल

जिले के एक गांव में किराए पर रह रहे परिवार की 12 वर्षीय किशोरी के साथ पड़ोसी युवक ने डेढ़ माह पहले दुष्कर्म किया और इस दौरान साथी अन्य युवकों ने कमरे के बाहर पहरा दिया और किशोरी का अश्लील वीडियो भी बनाया। इसके बाद दूसरे युवक ने किशोरी को वीडियो दिखाकर उसके साथ भी संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल किया। बाद में जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। किशोरी ने दो दिन पहले पड़ोस में रहने वाली महिला और मामी को आपबीती बताई, जिसके बाद पड़ोसी महिला ने किशोरी की मां को बताया। जब मामले का खुलासा हुआ तो परिजन महिला थाने पहुंचे, जहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई नहीं तो वह नव नियुक्त एसपी से मिले और आरोपियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। एसपी ने डीएसपी पूजा डाबला को निर्देश दिया, जिसके बाद आरोपियों पर केस दर्ज हुआ।
किशोरी के अनुुसार
किशोरी ने बताया कि उसके उस दिन माता-पिता काम पर गए हुए थे। उसका छोटा भाई ट्यूशन गया था। तभी बिंदर, उसके साथ जीवन, मनीष और बिरजबीर कमरे में आ गए। बिंदर दो अन्य युवकों को लेकर बाहर चला गया और आरोपी बिरजबीर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी बिंदर ने उनकी वीडियो बनाई और उस वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। आरोपी बिंदर ने कहा कि वह वीडियो वायरल कर देगा, नहीं तो उसके साथ भी संबंध बना, उसने विरोध किया तो बिंदर ने जान से मारने की धमकी दी और वहां से चले गए।
बेटी ने 10 दिन तक कुछ नहीं खाया तो पड़ोस की आंटी ने मां को बुलाकर बताई घटना
दुष्कर्म के बाद से ही आरोपी लगातार किशोरी के साथ दोबारा दुष्कर्म करने का दबाव बना रहे थे। वहीं, इस बात का जिक्र पीड़िता ने अपनी पड़ोसी महिला से किया था। वहीं, इसी दबाव में आकर वह परेशान रहने लगी और 10 दिन तक खाना नहीं खाया। जिसके बाद माता-पिता परेशान हो गए। डॉक्टरों से दवाई दिलवाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं, पड़ोसी आंटी ने किशोरी की मां को बुलाया और घटना के बारे में बताया। जिसके बाद मां ने अपने पति को बताया और दोनों ने बेटी से पूछताछ की तो उसने आपबीती बताई।
पिता ने महिला थाने पुलिस पर लगाए यह आरोप
पिता ने बताया कि वह मंगलवार को महिला थाने में गए थे, जहां पर उनकी कोई खास सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद वह नव नियुक्त एसपी मनीषा चौधरी से मिले और आपबीती बताई। वहीं, मनीषा चौधरी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डीएसपी पूजा डाबला को महिला थाना में केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। वहीं, पिता को महिला थाना पुलिस अपनी जिप्सी में आरोपियों की शनाख्त करवाने के लिए ले गई। पिता ने आरोपी बिंदर और उसके साथ एक अन्य को पकड़वाया, लेकिन पुलिस ने उनको यह कर छोड़ दिया कि कल वारदात में संलिप्त चारों आरोपी थाने में पेश हो जाना, नहीं तो वह परिवार को उठा लेंगे। जिस कार्रवाई से वह नाखुश है।
मामला संज्ञान में आते ही केस दर्ज करने के निर्देश दे दिए थे, परिजनों ने तीन युवकों के खिलाफ शिकायत दी है, जिस शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, मामले की तफ्तीश जारी है। वहीं, पुलिस ने किसी भी आरोपी को नहीं छोड़ा है, यह आरोप निराधार है।
-मनीषा चौधरी, एसपी, पानीपत।
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वीपीसीबी व भू जल प्राधिकरण रिफाइनरी द्वारा पर्यावरण को पहुंचाए गए नुकशास के आंकलन की रिपोर्ट नहीं कर सका पेश, एनजीटी ने 30 मार्च

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) पानीपत पर करोड़ों रुपये का हर्जाने की समीक्षा कर रहा है। रिफाइनरी पर वायु और जल प्रदूषण कर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है। एनजीटी ने सीपीसीबी, भू जल प्राधिकरण की टीमों को पर्यावरण के नुकसान का आंकलन करने के निर्देश जारी किए थे। इस मामले की सुनवाई एनजीटी में सोमवार को हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भूजल प्राधिकरण इस मामले से संबंधित रिपोर्ट पेश नहीं कर पाया। इसलिए हर्जाना तय नहीं हो पाया है। अब एनजीटी ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 मार्च तय की है। एनजीटी के कड़े रुख को देखते हुए ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि रिफाइनरी पर भारी भरकम जुर्माना लग सकता है।
पानीपत रिफाइनरी पर यह कार्रवाई अपनी ही इकाई के केमिकल युक्त पानी को बगैर शोधित किए जमीन के अंदर डालने पर की जा सकती है। मामले की जांच करने वाली कमेटी ने माना है कि इकाई के आसपास के 70 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में भूजल भी दूषित हो चुका है, जिससे थर्मल क्षेत्र के गांव वासी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए हैं। एनजीटी ने अगस्त के महीने में पानीपत रिफायनरी की ओर से फैलाए गए प्रदूषण और उसकी क्षतिपूर्ति के लिए एसआईआर-एनईईआरआई) और सेंट्रल ग्रांउड वॉटर बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की संयुक्त टीम बनाई थी। जिसने रिफायनरी और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की जांच की थी। टीम ने विस्तार से जांच करके जुर्माना तथा जीर्णोद्धार के लिए आंकलन तैयार किया है।
उसी के आधार पर की गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि पानीपत रिफाइनरी में केमिकल युक्त पानी को बगैर शोधित किए जमीन के अंदर डाला गया है। जिसके कारण आसपास के 70 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र का भूजल दूषित हो चुका है। इतना ही नहीं आसपास आक्सीजन की कमी होने के कारण थर्मल क्षेत्र के गांव वासी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए एक्सपर्ट की राय भी ली गई थी। एक्सपर्ट और तीनों संस्थाओं से रिपोर्ट मिलने के बाद 20 सितंबर को बैठक हुई, जिसमें उपायुक्त पानीपत ने एक्सपर्ट राय के लिए मैसर्स इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को शामिल किया गया। एक्सपर्ट और कमेटी ने 20 नवंबर को एनजीटी को रिपोर्ट सौंप दी।
इस रिपोर्ट के आधार पर हो सकता है हर्जाना तय
1. ऑक्सीजन में आई कमी एवं अवैध रूप से केमिकल युक्त पानी बहाने पर भूजल के दूषित होने पर क्षतिपूर्ति 26.90 करोड़ रुपये 2. लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की क्षतिपूर्ति: 92.59 करोड़ रुपये
3. भूजल को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति 540 करोड़ रुपये
क्षतिपूर्ति की कुल राशि: 659.49 करोड़ रुपये
सरपंच ने रिफाइनरी के खिलाफ दायर की थी अपील
थर्मल के पास रिफाइनरी से लगे गांव सिठाना, बोहली, ददलाना, रजापुर और महबूदुपर में प्रदूषण से दिक्कत थी। लोग बीमार हो रहे थे। लिवर और त्वचा संबंधी बीमारियों की चपेट में आ गए थे। जिस पर सिठाना गांव के सरपंच सतपाल सिंह ने वर्ष 2018 में एनजीटी में अपील की थी, इसके बाद एनजीटी ने जुर्माना लगाया था और आगे की जांच के लिए संयुक्त कमेटी का गठन किया था।
शुगर मिल पर भी लग चुका है 20 लाख रुपये जुर्माना
एनजीटी लगातार पानीपत को लेकर सख्त है। शुगर मिल पर भी वायु प्रदूषण को लेकर 20 लाख रुपये जुर्माना लग चुका है। शुगर मिल ने दोबारा अपनी अपील दायर कर जुर्माने की राशि कम करने की मांग की थी, लेकिन इसको खारिज कर दिया गया था।
एनजीटी ने पानीपत को लेकर ये दिए बड़े फैसले
-रिफाइनरी पर 17.31 करोड़ रुपये जुर्माना
-रिफाइनरी द्वारा पर्यावरण को पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश
-शुगर मिल पर 20 लाख रुपये जुर्माना
-भूमि से केमिकल युक्त पानी निकालने वाले ट्यूबवेल को सील करने के निर्देश
-रेड व ओरेंट कैटेगिरी वाले उद्योगों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर करोड़ों रुपये जुर्माना
-ग्रीन बेल्ट से कब्जे हटाकर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
-हाइवे से कब्जे हटाने के निर्देश किए गए जारी
-एनसीआर में आने वाले उद्योगों के लिए पीएनजी की सप्लाई की अनिवार्य
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पुलिस अधीक्षक आइपीएस मनीषा चौधरी ने संभाली जिला पानीपत की कमान

पानीपत की नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी (आई.पी.एस) ने मंगलवार को जिले का कार्यभार संभाल लिया। पानीपत पहुंचने पर नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी का उप-पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश कुमार वत्स, उप-पुलिस अधीक्षक महिला विरुद्ध अपराध पूजा डाबला, उप-पुलिस अधीक्षक समालखा प्रदीप कुमार, उप-पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार, उप-पुलिस अधीक्षक बिजेन्द्र सिहं, उप-पुलिस अधीक्षक राजेश फोगाट ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
बता दें कि 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी मनीषा चौधरी जिला पानीपत का कार्यभार संभालने से पहले क्राईम अगेंस्ट वूमन पंचकुला में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थी। उससे पहले वे बतौर पुलिस अधीक्षक हिसार व अन्य जिलों में तैनात रह चुकीं है।
नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने मंगलवार को जिले का कार्यभार संभालने के बाद कार्यालय में लोगों की शिकायत सुनी और संबधित अधिकारियों को इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का थाना और चौकी में निपटान करने के निर्देश भी दिए। इसी के साथ-साथ कार्यालय में स्थित सभी ब्रांचों का निरीक्षण कर सभी को रिकार्ड दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने कहा कि जिला में उनकी पहली प्राथमिकता महिला विरुद्ध अपराध की रोकथाम, कानून एंव व्यवस्था को बनाए रखना, पीड़ित लोगों को न्याय दिलाना, भय भ्रष्टाचार मुक्त बनाना, अपराधों पर नकेल कसना, पुलिस के प्रति आमजन में विश्वास बनाए रखना रहेगा।
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