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हरियाणा: रेवाड़ी में फंसे 13500 मजदूर, रोडवेज ने 100 बसें चलवाईं, यूपी के कोने-कोने तक जाएंगी

देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है। कोरोना के खिलाफ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जंग लड़ रही है।

29 मार्च 2020

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पानीपत

रविवार, 29 मार्च 2020

पानीपतः कोरोना संक्रमित महिला के भाई और बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव, इंग्लैंड से पानीपत ऐसे पहुंचा वायरस

कोरोना वायरस से संक्रमित पानीपत की महिला की एक गलती से सैंकड़ों की जिंदगी पर खतरा मंडरा गया है। वहीं उसके भाई और बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रोहतक पीजीआईएमएस के स्पेशल वार्ड में पानीपत से उपचार के लिए आई महिला की जांच रिपोर्ट सोमवार को कोविड-2019 पॉजिटिव आई।

इसके बाद महिला के भाई, बेटा-बेटी के सैंपल लेकर जिला अस्पताल में निगरानी में रखा गया था। मंगलवार को इन तीनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके अलावा पीजीआईएमएस में अब महिला को छोड़ कर कोई मरीज पॉजिटिव नहीं है।

पानीपत से आई महिला की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद संस्थान के अलावा स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के पसीने छूट गए थे। सभी ने महिला की पूरी हिस्ट्री जुटाई और पीड़िता के साथ रहे उसके भाई, बेटा-बेटी को जिला अस्पताल ले जा कर सैंपल कराया और अपनी निगरानी में रखा था।

गौरतलब है कि महिला पानीपत से सीधा पीजीआईएमएस अपने भाई के साथ कार में आई थी। बताया जा रहा है कि महिला को कोई समस्या नहीं है, उसे सिर्फ निगरानी में रखा गया है। महिला पानीपत में काम करती है। वहां जहां काम करती है उसके मालिक को कोरोना पॉजिटिव मिला था।
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कोरोना वायरस: हरियाणा सरकार दिहाड़ी मजदूर-गरीबों को देंगी हर माह 4500 रुपये, 10 बड़ी घोषणाएं

हरियाणा सरकार ने कोरोना से जंग के बीच आमजन को राहत के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार हो रहा है, 28 मार्च से पहले घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना में पंजीकृत 12.38 लाख लोगों को 31 मार्च तक 2 हजार रुपये खातों में पहुंच जाएंगे। 4000 पहले मिल चुके हैं। 

आपदा के दौरान घर चलाने के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों को हर महीने साढ़े चार हजार रुपये मिलेंगे। बीपीएल परिवारों को भी हर महीने 4500 रुपये सरकार देगी। इन्हें अप्रैल महीने का राशन फ्री मिलेगा। दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडर्स को जिलों में डीसी के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उन्हें भी 4500 रुपये हर महीने मिलेंगे। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस में ये घोषणाएं की।

उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग लड़ने वालों में से कोई संक्रमित होता है तो इलाज खर्च सरकार वहन करेगी, मरीज का इलाज करने के दौरान कर्मचारियों की मृत्यु होने पर एक्सग्रेसिया के तहत 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड स्थापित कर दिया गया है। बतौर सीएम अपने निजी खाते से उन्होंने 5 लाख रुपये दिए हैं। विधायक एक महीने का वेतन देंगे। आईएएस ने एक महीने के वेतन का 20 प्रतिशत देने की बात कही है।
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हरियाणा में लॉकडाउनः क्या बंद रहेगा और कौन सी सेवाएं रहेंगी चालू, पढ़ें 15 अहम बातें

हरियाणा में लॉकडाउन के चलते सभी जिलों में अब नाकाबंदी रहेगी इसके लिए पुलिस को अंतर जिला नाके के लगाने के आदेश दे दिए गए हैं। एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों से भी पुलिस द्वारा पूछताछ की जाएगी। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आंनद अरोड़ा ने लॉकडाउन हुए सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए कि अंतर जिला बॉर्डर पर नाके लगाकर लोगों की चेकिंग की जाए और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही उन्हें जाने दिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा बिल्कुल न होने दें।
 
  • लॉकडाउन में अखबार बांटने वालों को छूट रहेगी
  •  जिलों में दवाओं, किराने की दुकानें व अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी।
  • पैकेजिंग की यूनिटें, चीनी व चावल मिलों को बंद नहीं किया जाएगा।
  • सार्वजिनक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बंद है, इसलिए अंतर जिला बॉर्डर पर नाके लगाकर लोगों की चेकिंग की जाए।
  • सरकारी कार्यालय व आवश्यक फैक्टरियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को उनके पहचान पत्र देखकर ही जाने दें।
  • घरेलू उड़ाने बंद नहीं है, इसलिए जो लोग एयरपोर्ट पर जाने वाले हैं, उन्हें विशेष तौर पर टिकटें देखकर ही जाने दें।
  • हर नाके पर सैनिटाइजर की व्यवस्था हो और पुलिस कर्मचारी मास्क पहने हों।
  • श्रमिकों को श्रम चौकों पर इकट्ठा न होनें दें।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से संबंधित उद्योगों के गोदम खुले रहेंगे।
  • जिलों में रेस्टोरेंट इत्यादि खुले रह सकते हैं, लोग वहां से खाने-पीने की चीजें खरीद कर घर लेकर जा सकते है, परंतु रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर पाबंदी रहेगी।
  • ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा बंद हैं, परंतु सब्जी या अन्य आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करने के लिए प्रयोग में होने वाले ऑटो रिक्शा को नहीं रोका जाएगा।
  • रात के समय में कोई न कोई किराने और दवाओं की दुकान अवश्य खुली हों।
  • जिला प्रशासन नगर निगम व नगर पालिकाओं के साथ मिलकर शिकायत निगरानी ग्रुप बनाएं।
  • उपायुक्त सुनिश्चित करेंगे कि सफाई व घरों से कूड़ा उठाने का कार्य बिना रूकावट चलता रहे।
  • जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में भूकंप के कंट्रोल रूम की तरह ही एक कंट्रोल रूम बनाएं।
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पत्नी और बच्चों को मारकर दी जान

पिता और छोटे भाई ने प्रापर्टी से बेदखल करने की धमकी दी तो परेशान डिपो होल्डर ने पत्नी, बेटी और बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मार ली। शनिवार की सुबह जब एक अन्य डिपो होल्डर पहुंचा तो अंदर से दरवाजा बंद मिला। इसके बाद उसने अनिल के पिता को इसकी सूचना दी। पिता ने पड़ोसी के छत पर चढ़कर देखा तो अंदर शव पड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें अनिल ने अपने परिवार वालों पर ही परेशान करने का आरोप लगाया है। मृतक अनिल के साले पवन कुमार निवासी गांव दहा करनाल की शिकायत पर मां अंगूरी, पिता नफे सिंह, भाई नवीन, भाई की पत्नी कविता, ममेले भाई मोहन और चचेरे भाई महिंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गयी है।
मॉडल टाउन स्थित राजनगर कालोनी निवासी डिपो होल्डर अनिल शर्मा (36) ने पत्नी और बच्चों को माथे और खुद की कनपटी में गोली मारी है। पुलिस को दी गयी शिकायत में मृतक के साले पवन कुमार ने बताया कि बहन पूनम (35) की शादी 2010 में अनिल शर्मा (36) पुत्र नफे सिंह निवासी राज नगर के साथ हुई थी। उनकी बेटी प्राची(11) और छोटा बेटा अंशु(7) है। आरोप है कि जीजा के परिवार वाले उन्हें और बहन को मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। पिता नफे सिंह ने जमीन से बेदखल करने की धमकी भी दी थी और छोटे भाई नवीन ने घर से निकालने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को भी सभी ने जीजा और बहन को जायदाद से बेदखल करने की बात कही थी, जिसके बाद अनिल ने तंग आकर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पत्नी और बेटा-बेटी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली। सूचना पर एसपी, दो डीएसपी और मॉडल टाउन पुलिस मौके पर पहुंची। चारों के शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां एक्सपर्ट नहीं होने की वजह से शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर किया गया, लेकिन शवों को वहां से पानीपत लौटा दिया गया। फिर सिविल अस्पताल में ही शवों का पोस्टमार्टम हुआ।
साले की शिकायत पर पुलिस ने छह के खिलाफ धारा 302, 306, आइपीसी34, 27-54-59 के तहत केस दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संदीप कुमार, डीएसपी, पानीपत।
पोस्टमार्टम के लिए रोहतक किया रेफर, वहां पहुंचने के बाद डाक्टरों ने वापस भेजा पानीपत-
शनिवार दोपहर 12 बजे दोनों बच्चों और दंपती के शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर किया गया। जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने कहा कि शव को अभी 24 घंटे नहीं हुए हैं और ना किसी दस्तावेज में चारों के शव को रोहतक रेफर दिखाया गया है। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
पत्नी और फिर बच्चों को मारी गोली, अंत में पत्नी के बगल में लेटकर दी जान
मॉडल टाउन के राज नगर निवासी राशन डिपो धारक अनिल शर्मा (36) ने अपनी पत्नी पूनम (35), बेटी प्राची (11) और बेटे अंशु (7) की गोली मारकर हत्या करने बाद खुद को गोली मार ली, लेकिन मौके से मिले सबूतों के आधार पर माना जा रहा है कि पहले वह पत्नी और बच्चों को आग में जलाकर मारने वाला था। जांच के दौरान पुलिस को कमरे में मिट्टी का तेल छिड़का मिला और मिट्टी के तेल से दो भरी बोतल भी मिलीं। एफएसएल टीम का अनुमान है कि आग लगने पर शोर होने और भीड़ इकट्ठा होने की बात सोचकर अनिल ने ऐसा नहीं किया होगा और फिर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से आत्मघाती कदम उठाया। कमरे में बेड पर बुलेट के तीन खोखे मिले हैं, ऐसे में पुलिस को चौथे खोखे की तलाश है।
एफएसएल टीम की रिपोर्ट के अनुसार डिपो धारक अनिल ने पहले अपनी पत्नी पूनम के माथे पर गोली मारी, उसके बाद बच्चों को मारी और कंबल ओढ़ा दिया। उसके बाद खुद पत्नी के बराबर में लेटा और चादर ओढ़ने के बाद रिवाल्वर ठोढ़ी में रखकर गोली मार ली। बच्चों के सिर से गोली आर पार निकल गई है, जबकि पत्नी के सिर में गोली अटक गई।
इस तरह वारदात का पता चला
डिपो धारक अनिल ने 2014 में राशन डिपो लिया था। बीते एक माह से उसके पास राशन नहीं पहुंच रहा था। राजनगर से रोजाना 100 से अधिक लोग अनिल के पास जाकर राशन मांगने लगे थे, जिससे वह परेशान हो चुका था। स्थानीय लोगों ने अनिल की शिकायत खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रवि से शिकायत की। जिसके बाद शुक्रवार को रवि ने अनिल को फोन मिलाया, लेकिन अनिल ने फोन नहीं उठाया। इंस्पेक्टर ने राजनगर के दूसरे डिपो धारक राजेश को फोन कर अनिल से जाकर बात कराने के लिए कहा, जिसके बाद राजेश उनके घर गया, लेकिन वह नहीं मिला। शनिवार सुबह सात बजे राजेश दोबारा आया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर राजेश ने अनिल के पिता नफे सिंह को बुलाया। पिता पड़ोसी सज्जन सिंह की छत से अनिल की छत पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा तो देखा कि पूरा परिवार ही खत्म हो चुका था।
दो साल पहले पिता ने परिवार से कर दिया था अलग
अनिल को पिता नफे सिंह ने दो साल पहले परिवार से अलग कर दिया था। उसे एक मकान दिया था, जिसका अनिल फिर से निर्माण कराना चाहता था। यह मकान मां के नाम था और वह मकान को अपने नाम कराकर लोन लेने के बाद फिर से बनाना चाहता था, लेकिन पिता ने इंकार कर दिया था। इसके साथ ही मकान से निकल जाने के लिए कह दिया था।
साले का आरोप, ससुराल वाले दहेज के लिए बहन को करते थे प्रताड़ित
अनिल के साले पवन ने आरोप लगाया कि उसकी बहन को उसके ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। देवरानी दहेज में गाड़ी लाई तो जेठानी को परेशान किया जाने लगा। साले ने बताया कि बहन उसके छोटे भाई गुलशन को फोन पर बताती थी कि सास ताने देती है और मारपीट करती है।
सुसाइड नोट में लिखा- मां, बाप और भाई को हमारे शवों को हाथ भी नहीं लगाने देना
साले गुलशन ने बताया कि जीजा अनिल ने शुक्रवार रात 3:21 पर उसे व्हॉट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा, जिसमें लिखा है कि मैं अनिल कुमार पुत्र नफे सिंह, मैं जो यह गलत काम कर रहा हूं ये सब इन लोगों की वजह से कर रहा हूं। 1. मोहन पुत्र सत्यनारायण गांव बुटाना, सोनीपत, 2. नवीन पुत्र नफे सिंह, मेरा भाई,3. कविता पत्नी नवीन, 4.नफे सिंह मेरा पिता, 5.अंगूरी देवी मेरी मां। इन सभी ने मुझे और मेरे परिवार को बहुत परेशान कर रखा है। सब कुछ हड़प कर लिया और मेरी पत्नी के खिलाफ अपशब्द भी कहते हैं। अगर इनको बेच कर कोई पैसे मिले तो ले लें। अनिल कुमार।
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रेर कलां गांव में एक मौत के बाद गांव सील, चार के सैंपल लिए और 14 क्वारंटीन

मतलौडा के गांव रेर कलां में शनिवार की दोपहर एक 35 वर्षीय युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन पूरे गांव और मोहल्ले को सील कर दिया है। इसके साथ ही मृतक के परिवार के चार सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। वहीं 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इस मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चा है कि यह कोरोना वायरस से संदिग्ध मौत हो सकती है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन एहतियात पूरी बरती जा रही है।
मतलौडा सीएचसी के एसएमओ डॉ. अनीस ने बताया कि शंका के आधार पर एहतियातन मृतक के परिवार के चार सदस्यों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही आसपास के लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। मृतक के मोहल्ले के साथ ही गांव को सील कर दिया गया है। शव को अस्पताल में रखवाया गया और उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिससे पुष्टि हो सके। गांव के लोगों के मुताबिक रेर कलां गांव करनाल से नजदीक पड़ता है। युवक की तबियत खराब होने पर उसे करनाल मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक वहां के डॉक्टरों को मौत से पहले युवक की बीमारी के लक्षण कोरोना से मिलते लगे, जिससे पानीपत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चर्चाओं और अटकलों पर विराम लगेगा।
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पानीपत के दो हजार से ज्यादा लेबर अपने गांव की ओर निकले पैदल

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन के बाद मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बड़ी संख्या मजदूर पलायन को मजबूर हैं। इस दौरान ट्रेनें और बसें बंद होने के कारण सैकड़ों किलोमीटर की दूरी मजदूर पैदल ही नाप रहे हैं। रास्ते में उन्हें पुलिस की सख्ती भी झेलनी पड़ रही है। लाकडाउन के दौरान सड़कों पर जा रहे मजदूरों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि रुकने से अच्छा है कि डंडे खाते हुए घर पहुंच जाएं।
रोजी रोटी की तलाश में हजारों की संख्या में मजदूर पानीपत की फैक्ट्रियों में काम करते हैं, लेकिन कोरोना संकट के बाद लाकडाउन से सारी फैक्ट्रियों पर ताला लग गया है। यही कारण है कि कई दिनों से परेशानियां झेल रहे मजदूर अपने घर वापसी को मजबूर हैं। सुनसान हाइवे पर पैदल सड़कें नापते मजदूरों को इन दिनों सहज ही देखा जा सकता है। इस दौरान वे पुलिस की लाठियां भी खा रहे हैं, लेकिन मजबूरी सुनकर पुलिस वाले भी इन्हें नहीं रोक पा रहे हैं। पूछने पर मजदूूूरों ने बताया कि उनके पास घर का किराया देने और खाने के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में अपने गांव जाना उनकी मजबूरी है।
मजदूरों की परेशानी उन्हीं की जुबानी
राशन वाला भी राशन देने से मना कर गया : संजय
ठेकेदार के पास काम करते थे, अब काम नहीं होने की वजह से दिहाड़ी ही नहीं मिल रही है। राशन वाला भी उधार देने से मना कर गया। सवारी वाहन बंद हैं तो पैदल ही गांव जाने की ठान ली है।
यहां रुकने से अच्छा डंडे खाते-खाते चले जाएं : संदीप
लॉकडाउन होने के बाद से फैक्टरी नहीं चल पा रही है, जिससे पैसे नहीं मिल रहे हैं। पानीपत में फंसे होने से अच्छा डंडे खाते-खाते अपने गांव चले जाएं। कम से कम खाना मिल ही जाएगा।
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महिला डाक्टरों ने भरी हुंकार, कोरोना को देंगे मात

कोरोना वायरस से पूरा देश जंग लड़ रहा है। पुलिस सड़कों पर जंग लड़ रही है। डॉक्टर अस्पतालों में अपनी जान को जोखिम में डालकर मरीजों को बचाने में जुटे हैं। अधिकतर महिला डॉक्टर नवरात्रों में उपवास पर हैं। फिर भी 15-15 घंटे की कड़ी ड्यूटियां कर रही हैं। सबकी जुबान पर एक ही बात है कि देश को हमारी जरूरत है। सेना बॉर्डर पर लड़ती है और डॉक्टर अस्पतालों में। हमें कोरोना से डरना नहीं है बल्कि लड़ना है और जीतना है।
ये लड़ाई अब जंग बन गई है और अब हमें जीतनी है
कोरोना वायरस से लड़ाई अब विश्व के लिए जंग बन गई है। इस जंग में भारत भी शामिल है। आए दिन कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। पूरे देश की नजर डॉक्टरों व अस्पताल में काम करने वालों पर है। इस जंग में हमें अपना 100 प्रतिशत देना है। डॉक्टर का फर्ज ही मानव सेवा है। अगर इस जंग में डॉक्टर ही संपूर्ण भाव से काम नहीं करेंगे तो देश कैसे बचेगा। दिन भर काम करने के बाद थकावट हो जाती है, लेकिन कभी मुंह से काम के लिए ना नहीं निकल सकती।
डॉ. सुखदीप कौर, इंचार्ज सिवाह पीएचसी
फौजी सीमा पर लड़ रहे, हम अस्पताल में
फौजी भी तो अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सेवा करते हैं। वो भी खतरा उठाकर देश की रक्षा करते हैं। अब देश को जरूरत डॉक्टरों की सेवा की है। परेशानी बेशक कितनी भी आ रही हो लेकिन अब ये समय कमियां ढूंढने का नहीं बल्कि बहादुरी और संयम से कोरोना को हराने का है। बस लोगों से अपील है कि वो घरों से बाहर ना निकलें।
डॉ. निशि जिंदल, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत
घर में रहना देश सेवा, आप घरों में सुरक्षित रहें
देश में 21 दिन का लॉक डाउन है। लोगों से अपील है कि वो घरों में रहें, ये भी देश सेवा है। घर में छोटे बच्चे हैं। घर को संभालना फिर लंबी ड्यूटी करना हमारे लिए आसान नहीं है, लेकिन देश एक बड़ी जंग लड़ रहा है। इस जंग का सबसे बड़ा किरदार डॉक्टर व अस्पताल का स्टाफ है। हम घर में नहीं बैठ सकते, कोरोना को सयंम से हराएंगे।
डॉ. निहारिका, इंचार्ज एसएनसीयू वार्ड
हम ही डरेंगे तो संभालेगा कौन- डॉ. प्रीति
हम ही डरेंगे तो इस स्थिति को संभालेगा कौन। इस स्थिति से हमें ही डटकर लड़ना है। डॉक्टरों के साथ इस जंग में स्टाफ नर्स व अन्य कर्मचारी भी बेहतर काम कर रहे हैं। बस लोगों से ये ही अपील है कि इस जंग में जीत के लिए घर पर रहकर अपना सहयोग करें।
डॉ. प्रीति भाटिया, बॉयोलोजिस्ट सिविल अस्पताल
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महिला के पति व बेटे का लिया गया सैंपल

बीते रोज व्यापारी महिला में कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद शुक्रवार को पति और बेटे की भी जांच के लिए सैंपल लिया गया। साथ ही उन्हें घर में क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके अलावा नौल्था में पॉजिटिव मिली महिला की सास के दोबारा सैंपल लिए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार सास बुजुर्ग होने की वजह से हाई रिस्क पर है, जिसके चलते फिर से सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे सुबह घर से एबुलेंस में लेकर आई थी, सैंपल देने के बाद दो घंटे तक महिला एंबुलेंस के लिए चक्कर काटती रही। कर्मचारी उन्हें इधर से उधर भगाते रहे। दो घंटे के बाद उसे एंबुलेंस में वापस घर छोड़ा गया। मालूम हो कि अब तक जिले में कोरोना वायरस के चार केस पॉजिटिव मिले हैं। सभी को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
बेटा कार से लेकर घर आया था व्यापारी महिला को-
कोरोना वायरस की पॉजिटिव पाई गयी मॉडल टाउन की व्यापारी महिला 11 मार्च को अपने बड़े बेटे के पास दुबई गई थी, वहां से वो 21 मार्च को भारत आई थी। उसका छोटा बेटा एयरपोर्ट पर उसे लेने गया था, इसलिए बेटे व उसके पति के भी सैंपल लिए गए हैं। इनके सैंपल की रिपोर्ट शनिवार को आएगी।
हाथ जोड़ती रही कोरोना पॉजिटिव महिला की सास, नहीं की सुनवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम एक बजे नौल्था की महिला की सास को सिविल अस्पताल में लेकर आई थी। पौने दो बजे डॉक्टरों की टीम ने दोबारा उनके सैंपल लिए। सैंपल लेने के बाद उसे अस्पताल में छोड़ दिया गया। वो अस्पताल में दो घंटे तक इधर से उधर घूमती रही। डॉक्टरों व स्टाफ से वह घर छोड़ने की मांग करती रही। इस दौरान कई बार डॉक्टरों ने धमकाकर अस्पताल से बाहर जाने को कहा। कर्मचारियों ने भी उसे धमकाया। चार बजे महिला फ्लीट मैनेजर के पास गई और हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाई। इसके बाद महिला को एंबुलेंस में वापस छोड़ा गया।
विदेश से आए 777 में से 752 लोगों को ट्रेस कर किया क्वारंटीन
जिले में विदेश से अब तक 777 लोग आ चुके हैं। इनमें से स्वास्थ्य विभाग ने 752 लोगों को ट्रेस कर लिया है। इसके साथ ही इन सभी 752 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। अभी 25 लोगों का पता लगाना और बाकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जल्द ही इन्हें भी ट्रेस कर क्वारंटीन कर दिया जाएगा। इन लोगों को ट्रेस करने में पुलिस की मदद ली जा रही है।
25 लोग बने सिरदर्द, जो नहीं हुए ट्रेस
अब तक जिले में 777 लोग विदेश से आए हैं। 752 को स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेस कर लिया है। 25 लोगों को अब तक ट्रेस नहीं कर पाए हैं। ये 25 लोग कनाडा, इंग्लैंड, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, दुबई व फ्रांस से आए हैं। अब पुलिस से इनको ट्रेस करने में मदद मांगी गई है।
हेल्थ डायरेक्टर बोले, कुर्सी छोड़कर फील्ड में उतरें
दोपहर को स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डॉ. डीएन बागड़ी भी पानीपत पहुंचे। उन्होंने दो घंटे तक सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सिविल सर्जन को साफ निर्देश दिए हैं कि वो कुर्सी छोड़कर खुद फील्ड में उतरें। जहां से लोग पॉजिटिव आ रहे हैं, उनके परिजनों की भी जांच हो। निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा जाए, जो लोग बाहर से आए हैं और विभाग को सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनकी सूचना पुलिस को दें और उन्हें ट्रेस कर क्वारंटीन किया जाए।
मेदांता की स्टाफ नर्स की माता-पिता और भाई के सैंपल भेजे-
डॉक्टरों की टीम ने मेदांता अस्पताल की स्टाफ नर्स के माता-पिता और भाई के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। शनिवार को सैंपल की रिपोर्ट आएगी। स्टाफ नर्स को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत में सुधार हो रहा है। विभाग ने ईदगाह कालोनी को सैनिटाइज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी
तैैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हेल्थ डायरेक्टर के सामने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में तालमेल की कमी देखी गई। सिविल सर्जन डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि जो पहले कोरोना वायरस की नोडल अधिकारी थीं, उन्हें बदल दिया गया। वो रिकार्ड अपने साथ घर ले गईं और नए नोडल अधिकारी को सहयोग करने से भी इंकार कर दिया है। सिविल सर्जन ने ये पूरी कहानी डायरेक्टर डॉ. डीएन बागड़ी के सामने रखी। सीएमओ डॉ. वर्मा ने कहा कि डॉ. शशि गर्ग के नोडल अधिकारी रहते हुए उन्हें व मुख्यालय में रिपोर्ट मिलने में काफी परेशानी हुई। काम भी सही प्रकार से नहीं हुआ। इसलिए उनसे ये चार्ज लेकर डॉ. सुनील संडुजा को दिया गया है। अब उन्हें रिकार्ड लेने में काफी परेशानी हो रही है। इस पर डॉयरेक्टर ने कड़ा कदम उठाने के संकेत दिए।
एमडी शुगर मिल ने डायरेक्टर के सामने साफ की तस्वीर
एमडी शुगर मिल को भी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ लगाया है। वो लगातार सिविल सर्जन के साथ काम कर रहे हैं। एमडी शुगर मिल ने डायरेक्टर को कहा कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना से जंग में सही प्रकार से काम नहीं कर रहा है। लोगों को ट्रेस करने में पुलिस की मदद नहीं ली जा रही है। एसपी खुद अनट्रेस लोगों का पता मांग रही हैं लेकिन यहां से सहयोग नहीं किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों में तालमेल की कमी भी है।
पैसे की कोई कमी नहीं है, तैयारियां पूरी रखें : डॉ. बागड़ी
सिविल सर्जन को साफ निर्देश दे दिए हैं कि विभाग को मुख्यालय से पैसों की कमी नहीं आने दी जाएगी। वो अपनी तैयारियां पूरी रखें। खुद फील्ड में उतरकर काम करें। बाहर से आने वाले लोगों को ट्रेेस करें। इसमें पुलिस की मदद भी लें। - डॉ. डीएन बागड़ी, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज
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लॉकडाउनः बरात नहीं ले जा सका तो ट्यूब के सहारे यमुना पार करके पहुंचा दूल्हा, नाव से हुई विदाई

कोरोना से लाकडाउन के बाद जब बारात ले जाने की हसरतों पर पानी फिर गया तो दूल्हा ट्यूब के सहारे यमुनानदी पार कर दुल्हन लाने के लिए पहुंच गया। विधि विधान से विवाह के बाद दुल्हन को नाव में लेकर वापस लौटा। क्षेत्र में हुई यह शादी चरचा का विषय बनी हुई है।

यमुना नदी के किनारे बसे गांव पत्थगढ़ में एक शादी में तीन सौ लोगों को ले जाने की योजना थी, मगर लॉकडाउन का पालन करते हुए 300 की जगह दूल्हे समेत तीन आदमी ही पहुंचे। शादी के बाद दूल्हे-दूल्हन को ट्यूब से यमुना नदी पार कर आना पड़ा। दरअसल युवक मोहम्मद इमरान की शादी थी।

उनकी बारात यमुना नदी के पार यूपी के गांव में जानी थी, लेकिन लाकडाउन के चलते बारात नहीं जा सकी। इसके बाद दूल्हा मोहम्मद इमरान अपने दो चाचा इस्लाम और दाउद को साथ लेकर घर से ट्यूब लेकर यमुना किनारे पहुंचा। फिर ट्यूब पर अपने दोनों चाचा को बैठाकर यमुना पार कर दूल्हन लेने ससुराल पहुंच गया।

दोपहर बाद यमुना किनारे लगी नाव में दूल्हन को अपने साथ बैठा कर गांव ले आया। पूरे गांव के लोगों ने दूल्हे मोहम्मद इमरान और उसके परिवार का लॉकडाउन का पालन करते हुए शादी की रस्में अदाकर दुल्हन लाने कर खुशी जताई। दूल्हे मोहम्मद इमरान का कहना है कि देश में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉकडाउन किया हुआ है।

ऐसे में दो चाचा को साथ लेकर यमुना नदी के अंदर से ट्यूब पर तैर कर गये और नाव में दुल्हन लेकर आए हैं।
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बाइक सवार युवक को पुलिस ने रोका, युवक बोला- दुबई से आया हूं, जमकर हुआ हंगामा, डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर युवक को भेजा घर

जीटी रोड पर बस स्टैंड के पास वीरवार को जमकर हंगामा हुआ। हुआ यूं कि पुलिस ने यहां एक बाइक सवार युवक को रोक लिया और युवक से पूछा कि वो कहां से आया है और क्यों बाहर घूम रहा है। युवक ने पुलिस को जवाब देते हुए कहा कि वो दुबई से आया है। ये सुनते ही पुलिस कर्मी भौचक्के रह गए और दूर हटकर युवक से बात करने लगे। पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना डीएसपी हेडक्वार्टर को दी और युवक को वहीं रोक लिया। युवक इस दौरान पुलिस से कहता रहा कि वो क्वारंटीन पीरियड पूरा कर चुका है और सिविल अस्पताल से दवा लेकर लौट रहा है। लेकिन पुलिस ने उसे जाने नहीं दिया। 15 मिनट बाद डीएसपी बिजेंद्र सिंह व सतीश वत्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिविल सर्जन से बात की। सिविल सर्जन ने बताया कि युवक का क्वारंटीन पीरियड पूरा हो चुका है। इसके बाद युवक को जाने दिया गया। इस दौरान आधा घंटा तक रोड पर ड्रामा चलता रहा। ... और पढ़ें

पानीपतः चौथा पॉजिटिव केस आया सामने, दुबई से लौटी 53 वर्षीय बिजनेस वुमेन कोरोना से संक्रमित

मेदांता अस्पताल की स्टाफ नर्स में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद वीरवार को मॉडल टाउन की एक महिला भी कोरोना पॉजिटिव पायी गयी है। महिला 21 मार्च को दुबई से पानीपत आई थी। उसको सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। विभाग ने उसके दो बच्चों और पति को घर में क्वारंटीन कर दिया है।

पानीपत में अब तक कोरोना वायरस के चार पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। इनमें से तीन को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में और नौल्था की महिला को रोहतक पीजीआई में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 26 सैंपल भेज चुका है। मॉडल टाउन की रहने वाली 53 वर्षीय बिजनेस वुमेन 10 मार्च को दुबई गई थी। वहां से वो 21 मार्च को पानीपत लौटी थी। दिल्ली इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उसकी स्क्रीनिंग भी की गई थी। विभाग ने उसी दिन उसकी स्टैंपिंग कर घर में ही क्वारंटीन कर दिया था। 21 मार्च को उसको बुखार और गले में खरास की शिकायत थी। 22 मार्च को उसको जुकाम और खांसी बढ़ गई।

परिजनों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने 25 मार्च को उसे सिविल अस्पताल में दाखिल कर उसके सैंपल जांच के लिए खानपुर मेडिकल लैब में भेज दिए थे। वीरवार शाम को उसकी रिपोर्ट आई, जिसमें वो पॉजिटिव पाई गई है। विभाग ने उसके पूरे परिवार को घर में क्वारंटीन कर दिया है। महिला के सैंपल दोबारा जांच के लिए पुणे लैब में भेज दिया गया है।

मॉडल टाउन से तीन मामले आए, इसलिए बढ़ी चिंता
शहर में अब तक कोरोना वायरस के चार मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से तीन मामले मॉडल टाउन क्षेत्र के हैं, वहीं नौल्था गांव से एक केस सामने आया था वो भी मॉडल टाउन के युवक के संपर्क में आने से हुआ था। इसलिए विभाग मॉडल टाउन क्षेत्र को सैनिटाइज करने की प्लानिंग कर रहा है। साथ ही लोगों को घरों में क्वारंटीन किया जा रहा है।
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जींदः रिश्ता हुआ कंलकित, दोस्त पीट रहे कह बुजुर्ग मां को गोदाम ले जाकर बेटे ने किया दुष्कर्म

मां-बेटे का रिश्ता ममता की डोर से जुड़ा होता और ये ममता पानीपत में शर्मसार हो गई। चार दिन पहले जेल से छूटकर आए 22 वर्षीय बेटे ने 50 वर्षीय मां को गोदाम में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म कर घिनौना अपराध अंजाम दिया। मां ने बेटे के चंगुल से यह कहकर निकली कि वह किसी को नहीं बताएगी।

मां रोते-रोते घर पहुंची और अपने छोटे बेटे के सामने फूट पड़ी। उसे आपबीती बताई, जिस पर छोटा बेटा मां को सेक्टर 13-17 थाना पुलिस के पास लेकर गया और बड़े भाई के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी बेटा फरार चल रहा है। पुलिस उसकी धरपकड़ के प्रयास कर रही है।

पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर 13-17 क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले युवक ने बताया कि वह सात बहन भाई हैं, उनके पिता की 12 साल पहले मौत चुकी है, मां कूड़ा बीनने का काम कर घर का गुजारा चलाती है। युवक ने बताया कि उसका पांचवें नंबर का भाई मर्डर के आरोप में जेल गया था और 20 मार्च को ही जेल से बाहर आया था। वहीं 24 मार्च को भाई अपनी मां को यह कहकर घर से ले गया कि उसके कुछ दोस्त उसे पीट रहे हैं।

मां आनन-फानन में बेटे के साथ उसके पीछे-पीछे घर से निकल पड़ी। वहीं आरोपी मां को एक फैक्टरी के पास ले गया और बेहोश कर दिया। आरोपी ने मां को दीवार से दूसरी तरफ धकेला और फैक्टरी के कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं मां ने बेटे को इसके बारे में किसी को नहीं बताने की बात कही, जिसके बाद उसने मां को छोड़ा।

पुलिस के सामने दुपट्टा फैलाकर बेटे पर कार्रवाई की लगाई गुहार
पीड़ित मां ने पुलिस से सामने अपना दुपट्टा फैलाकर बेटे के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस स्टेशन में फूट-फूटकर रोई। किसी तरह पुलिस कर्मियों ने उन्हें संभाला और शांत कराया। बड़े बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और पड़कने का भरोसा दिलाया।

जिसे नौ माह गर्भ में रखा, नहीं पता था ममता का गला घोंट देगा
पुलिस स्टेशन में मां ने कहा कि नहीं पता था, जिसे नौ माह तक गर्भ में पाला, नहीं पता था कि ममता का गला घोंट देगा। उन्होंने बताया कि जब आरोपी बेटा आया तो वह खाना बना रही थी। उसे उसके दोस्तों से बचाने गई थी, क्या पता था कि ममता ही शर्मसार हो जाएगी।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, आरोपी बेटे की धरपकड़ जारी है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- कमलजीत, प्रभारी, सेक्टर 13-17 थाना
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कोरोना वायरसः पानीपत में तीसरा पॉजिटिव केस आया, मेदांता अस्पताल की स्टॉफ नर्स की गई आइसोलेट

ईदगाह कालोनी की रहने वाली मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में कार्यरत स्टाफ नर्स की जांच रिपोर्ट कोरोना वायरस की पॉजिटिव आई है। यह पानीपत का दूसरा कोरोना पॉजिटिव केस है। वह 19 मार्च को अपने घर पानीपत आईं थीं। इस दौरान उसको खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत थी। परिवार के लोग उन्हें 22 मार्च को सिविल अस्पताल में लेकर आए।

यहां डॉक्टरों ने उनके सैंपल लेकर जांच के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजे, उसी दिन नर्स को सिविल अस्पताल में आइसोलेट भी कर दिया गया था। सोमवार रात को सिविल सर्जन को ई-मेल के जरिए स्टाफ नर्स रिपोर्ट मिली, जिसमें स्टाफ नर्स को कोरोना वायरस पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई। डॉक्टरों ने इस बारे में उसके परिजनों को भी सूचित कर दिया था। स्टाफ नर्स के पॉजिटिव मिलने के बाद डॉक्टरों की टीम उसके घर पहुंची और उसके भाई-बहन और माता-पिता को घर में क्वारंटीन कर दिया गया है। इन चारों के सभी सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

गुरुग्राम से आने के बाद बच्चों से भी मिली स्टाफ नर्स
स्टाफ नर्स का परिवार मूल रूप से दक्षिण भारत का रहने वाला और अब दशकों से पानीपत में रह रहा है। स्टाफ नर्स तीन बहन भाईयों में मझली है। बड़ी बहन बंगलुरू में एक निजी कंपनी में काम करती है। माता-पिता असंध पुल के नीचे खिलौने और आर्टिफिशियल जेवर के विक्रेता हैं। इनका संयुक्त परिवार है, जिसमें ताऊ-चाचा समेत चार परिवार रहते हैं। गुरुग्राम से आने के बाद स्टाफ नर्स अपने घर पर रही। बताया गया है कि उसके पास उसके भाई बहन व चचेरे भाई बहनों का भी आना जाना रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतते हुए पूरी ईदगाह कालोनी में सैनिटाइज कर दिया है। लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है।

जिले में हुए तीन पॉजिटिव
प्रदेश में गुरुग्राम के बाद पानीपत में कोरोना वायरस के सबसे अधिक तीन मामले सामने आ चुके हैं। 24 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। गांव नौल्था को पूरी तरह सील कर दिया गया है। पूरे गांव के लोगों की जांच की जा रही है। गांव को सैनिटाइज करने का काम पूरा हो चुका है। ग्रामीणों की जांच करने की प्रक्रिया 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। 45 लोगों को घरों में क्वारंटीन कर दिया गया है।

सात दिन से आइसोलेशन वार्ड में मॉडल टाउन का युवक भर्ती है। जो इंग्लैंड से शहर में आया था। उसके संपर्क में आने के बाद नौल्था गांव की महिला इससे संक्रमित हुई। तीसरा केस ईदगाह कालोनी की स्टाफ नर्स के रूप में आया है। कुल 24 केस में से 18 नेगेटिव हैं, चार की रिपोर्ट पेंडिंग है और रोहतक पीजीआई का केस शामिल कर तीन पॉजिटिव केस आ चुके हैं। तब कुल मरीज 25 हो जाएंगे।

आइसोलेशन वार्ड में दाखिल है पांच कोरोना वायरस संदिग्ध
सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल सात मरीज दाखिल है। इसमें दो पॉजिटिव और पांच संदिग्ध मरीज हैं। इनके लिए खाना बाहर से आ रहा है। तीन टाइम चाय दी जा रही है। इन पांच संदिग्ध मरीजों में सिविल अस्पताल की एक स्टाफ नर्स भी है।
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