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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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हरियाणा: रेवाड़ी में फंसे 13500 मजदूर, रोडवेज ने 100 बसें चलवाईं, यूपी के कोने-कोने तक जाएंगी

देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है। कोरोना के खिलाफ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जंग लड़ रही है।

29 मार्च 2020

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रेवाड़ी

रविवार, 29 मार्च 2020

रिश्ते का चाचा कॉलेज छोड़ने के बहाने करता था दुष्कर्म, पिता पर भी साथ देने का आरोप

जाटूसाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा ने रिश्ते में चाचा लगने वाले अपने ही गांव निवासी एक व्यक्ति पर दुष्कर्म करने तथा अपने पिता पर भी मारपीट करने व आरोपी का साथ देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पिता पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने कहा है कि उसी के गांव निवासी युवक जो रिश्ते में उसका चाचा भी लगता है। उसे अकसर कॉलेज छोड़ने व लेने के लिए जाता था। रास्ते में युवक द्वारा उसके साथ जबरदस्ती की जाती थी, उसने अपने पिता व आरोपी युवक की पत्नी को भी इसकी की जानकारी दी, परंतु दोनों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाये उसे धमकाया गया। पीड़िता ने बताया कि एक दिन आरोपी उसे सुनसान जगह पर ले गया तथा दुष्कर्म करने का प्रयास किया, परंतु उसने वहां से भाग कर अपने आप को बचा लिया। कुछ दिन पूर्व वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी घर में घुस आया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। 13 मार्च को भी आरोपी उसके घर में घुस आया तथा दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसके व उसके भाई के साथ मारपीट की।
मां की हत्या का भी आरोप
पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देकर एक साल पूर्व उसकी मां की भी हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि उस समय भी पुलिस गांव में पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने स्वाभाविक मौत बताया था, लेकिन मृतका की बेटी ने पिता पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज , जल्द होगी गिरफ्तारी: डीएसपी
डीएसपी जमाल खान ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व आरोपी का साथ देने पर पीड़िता के पिता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। पीड़िता ने अपनी मां की भी हत्या का संदेश अपनी पिता पर जताया है। पुलिस इस मामले में भी जांच कर रही है।
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शटर का ताला तोड़ गैस कटर से काटकर 6.20 लाख से भरे एटीएम बूथ को चोरी कर ले गए चोर

रेवाड़ी के कोसली में सुबह पांच बजे बदमाश शटर का ताला तोड़ने के बाद गैस कटर से एटीएम मशीन काटकर चोरी कर ले गए। मशीन में 6 लाख 20 हजार 500 रुपये की राशि थी। वारदात कोसली थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर हुई। पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी में 4-5 लोग दिखाई दे रहे हैं। बूथ पर गार्ड भी तैनात नहीं था।
जानकारी के अनुसार बदमाशों ने सबसे पहले कोसली सेंट्रल बैंक के एटीएम बूथ के बाहर लगे सीसीटीवी पर स्प्रे किया, लेकिन स्प्रे करने से पहले बदमाश सीसीटीवी में कैद हो गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मशीन काटने के बाद बदमाशों ने गाड़ी से बांधकर मशीन को दूर तक खींचा है। मशीन के कुछ पार्ट्स भी आसपास पड़े हुए मिले हैं।
एजेंसी को लगाना था गार्ड : मैनेजर
बूथ पर गार्ड नहीं होने के सवाल पर बैंक मैनेजर धर्मपाल ने बताया कि पैसे डालने वाली एजेंसी को गार्ड रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने गार्ड नहीं रखा। कोसली थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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हनुमान मंदिर पर ताला लगाने पर भी उमीड़ी श्रद्घालुओं की भीड़ को देख प्रशासन ने लगाई धारा-144, धार्मिक मंडली, कोचिंग, ट्यूशन पर भ

कोरोना के चलते मंगलवार को शहर के बड़ा तालाब स्थित हनुमान मंदिर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। बावजूद इसके श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। इसको देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जिले में धारा-144 लगा दी। इसके साथ ही अब प्रशासन की अनुमति बगैर को धार्मिक मंडली, कोचिंग सेंटर व ट्यूशन सेंटर आदि में लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। यदि कहीं पर ऐसा पाया गया तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।
मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल में आस्ट्रेलिया व थाईलैंड की यात्रा कर लौटे दो लोगों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया। एक व्यक्ति को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। बता दें कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने विदेश की यात्रा कर लौटे करीब 36 लोगों को उनके घरों पर ही आइसोलेशन में रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पर जाकर इन लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
पुलिस व एसडीएम को दिए कार्रवाई के आदेश
जिलाधीश राहुल हुड्डा ने जिले में धारा-144 लागू कर दी है। जिले में रैली, प्रदर्शन, धार्मिक मंडली, कोचिंग सेंटर, ट्यूशन सेंटर आदि में लोगों को एकत्रित होने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने पुलिस विभाग और संबंधित एसडीएम को इसका सख्ती से पालन कराने निर्देश दिए हैं।
कोचिंग सेंटर रहे खुले, स्कूल भी ले रहे परीक्षा की आड़
मंगलवार को अमर उजाला की ओर से शहर के कोचिंग सेंटर की पड़ताल की गई तो ब्रास मार्केट में 30 से अधिक कोचिंग सेंटर खुले रहे। कुछ स्कूल अभी तक परीक्षाओं की आड़ में मंगलवार को खुले रहे।
मंदिर के गेट के बाहर चढ़ाया प्रसाद
सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर पर मंगलवार को मंदिर प्रबंधन ने मुख्य द्वार को बंद कर नोटिस लगा दिया। लेकिन श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट पर ही खड़े होकर पूजा-अर्चना की।
स्वास्थ्य विभाग की हिदायत पर लगाया नोटिस
सोमवार को ही एडीसी ने धार्मिक व सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाकर 200 से से ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के लिए निर्देश दिए थे। निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी द्वारा भी मंदिर के मुख्य द्वार के साथ-साथ बाहरी दिवारों पर नोटिस चस्पा किए गए थे।
भंडारे के स्टालों पर रही भीड़
श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया। अधिकांश श्रद्धालु मास्क लगाकर बालाजी के दर्शन करने पहुंचे थे। हजारों की संख्या में भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
जिला प्रशासन के आदेशों पर हुए कपाट बंद : महंत सतीश कुमार
मंदिर के महंत सतीश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार मंदिर के कपाट बंद किए गए हैं। प्रशासन के आदेशों के अनुसार 200 लोग एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते।
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हरियाणा: रेवाड़ी में फंसे 13500 मजदूर, रोडवेज ने 100 बसें चलवाईं, यूपी के कोने-कोने तक जाएंगी

देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है। कोरोना के खिलाफ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जंग लड़ रही है। लेकिन कई राज्यों में गरीब मजदूर दोहरी जंग लड़ रहे हैं। एक कोरोना से तो दूसरी पलायन से। दिल्ली हरियाणा जैसे राज्यों से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार व राजस्थान के मजदूरों का पलायन नहीं थम रहा है। आखिर लॉकडाउन के पांचवें दिन प्रशासन की ओर से रेवाड़ी में फंसे 13500 प्रवासी मजदूरों के लिए गाजियाबाद तक परिवहन विभाग ने 100 रोडवेज बसों की व्यवस्था की। 

बसों के संचालन की सूचना मिलते ही शहर के बावल, धारूहेड़ा और जिले से सटे बहरोड व नीमराणा से मजदूरों का हुजूम रेवाड़ी बस स्टैंड उमड़ पड़ा। सर्कुलर रोड स्थित रोडवेज कार्यशाला से शनिवार रात 11 बजे से ही बसें का जाना शुरू हो गया था। शहर और हाईवे पर पैदल चल रहे श्रमिकों  को बसों पर बैठाया जा रहा था। रविवार सुबह साढ़े दस बजे तक इन बसों के माध्यम से करीब साढ़े पांच हजार श्रमिकों को गाजियाबाद के लिए रवाना किया गया।

आज से यूपी सरकार के अधीन होगा इन बसों का संचालनः
उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाणा सरकार से गाजियाबाद बस स्टैंड से श्रमिकों को अपने-अपने घरों को भेजने के लिए रोडवेज बस की मांग की थी। उसके तहत ही रेवाड़ी प्रशासन ने शनिवार को देर रात 11.30 बजे 100 बसें भेजने का निर्णय लिया। रात को शुरू हुआ बसों के जाने का यह सिलसिला सुबह साढ़े दस बजे तक जारी रहा। 

सभी बसें गाजियाबाद से श्रमिकों को यूपी में उनके घरों तक पहुंचाने का काम करेंगी। रोडवेज प्रबंधन की मानें तो प्रशासन की ओर से 50 बसें और तैयार करने के लिए आदेश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन बसों को भी यूपी के लिए भेजा जाएगा।
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लॉकडाउन : औद्योगिक क्षेत्रों में फंसे 13500 श्रमिकों को सभी सुविधाएं देंगे प्रशासन, कंपनी संचालक और ग्राम पंचायतें

रेवाड़ी। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। इसके कारण आवागमन की सुविधा नहीं होने से बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत करीब साढ़े 13 हजार अपने घर नहीं जा पाए। ऐसे श्रमिकों के रहने और खानपान के लिए प्रशासन, कंपनी संचालक और ग्राम पंचायतें आगे आई हैं। इतना ही नहीं कंपनियों की ओर से मार्च का वेतन सभी श्रमिकों के खाते में डाला जाएगा। ऐसे में इन श्रमिकों को इधर-उधर भागने की बजाय, वहीं रहकर लॉकडाउन को सफल बनाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बावल औद्योगिक क्षेत्र में करीब 1200 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इन कंपनियों में 20 हजार से अधिक श्रमिक कार्य करते हैं। कुछ श्रमिक जैसे-तैसे अपने घरों के लिए निकल गए। लेकिन करीब साढ़े 13 हजार श्रमिक अभी भी फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के बाद से ही ये श्रमिक अपने कमरों में बंद हैं। हालांकि अभी इनके पास खानपान की कोई परेशानी नहीं है, लेकिन लॉकडाउन के कारण उनके सामने यह समस्या आ सकती है।
गांव वाइज श्रमिकों की स्थिति
गांव सुठानी में 3800, आसलवास में 3000, जलियावास में 2000, सुठाना में 2000, चिराहड़ा में 1305, जलालपुर में 1000 श्रमिक रहते हैं।
श्रम विभाग ने सर्वे कर जुटाया डाटा
जिला प्रशासन के निर्देश पर श्रम विभाग की ओर से वीरवार को औद्योगिक क्षेत्रों के गांवों का सर्वे कर कंपनी के श्रमिकों की जानकारी जुटाई गई और उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत की गई। हालांकि प्रशासन की ओर से श्रमिकों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके बावजूद भी ग्राम पंचायतों ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि उनके गांवों में रहने वाले श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
इस मुद्दे पर बोले सरपंच
-गांव में कंपनी के अलावा अन्य बाहरी श्रमिक भी रह रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान किसी भी बाहरी श्रमिक को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। गाम पंचायत की ओर से खानपान की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत की ओर से गांव में सैनिटाइजेशन भी कराया जा रहा है।
-ज्योति, सरपंच गांव चिराहड़ा।
-आपदा की इस घड़ी में हमारी ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ है। मेरे गांव में भी कंपनी श्रमिक किराये के मकान में रहते हैं। ग्राम पंचायत की ओर से किसी भी बाहरी श्रमिक को खानपान व रहने की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- प्रकाश, सरपंच गांव जलियावास।
-लॉकडाउन के कारण गांव में फंसे कंपनी के श्रमिकों को किसी भी खाद्य वस्तु के लिए परेशानी नहीं आने दी जाएगी। विपदा की इस घड़ी में ग्राम पंचायत कोरोना से लड़ने के लिए प्रशासन के साथ है। इसके साथ ही लोगों को घरों में रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में साथ देना चाहिए।
- विजय चौहान, सरपंच गांव जलालपुर।
कंपनी प्रबंधकों को दिए महीने भर का वेतन देने के आदेश
श्रमिकों से बातचीत कर श्रम अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन से बात कर निर्देश दिए कि लॉकडाउन के कारण अपने घरों में बंद सभी कंपनी श्रमिकों को मार्च का पूरा वेतनमान दिया जाए। ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
श्रमिकों को नहीं आने दी जाएगी कोई परेशानी : आरसीसीआई अध्यक्ष
रेवाड़ी कॉमर्स ऑफ चैंबर एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष एसएन शर्मा ने कहा कि जिले के श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान रहने व खाने-पीने सहित किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा प्रशासन की ओर से जो निर्देश मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।
प्रशासन कर रहा हर संभव प्रयास : डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि जमीनी हालत जानने के लिए सर्वे कराया गया था। अब प्रशासन के पास जिले में रह रहे श्रमिकों का पूरा आंकड़ा है। बाहरी श्रमिकों के सामने कोई परेशानी न आए, इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें कंपनी से लेकर ग्राम पंचायतों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना कर मांगा कोरोना से लड़ने का आशीर्वाद

रेवाड़ी। नवरात्र के दूसरे दिन भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना कर कोरोना से लड़ने के लिए आशीर्वाद मांगा। विश्व पर मंडरा रहे खतरे के लिए शत्रु रूपी कोरोना पर विजय प्राप्त करने के लिए शुक्रवार को माता के तीसरे स्वरूप में मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। मान्यता है कि अपने पूर्व जन्म में हिमालय के यहां पुत्री के रूप में प्रकट हुई थी। तब नारद के उपदेश से इन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए राजसी सुख को त्याग कर वन में जाकर एक हजार साल तक कठिन तपस्या की। इसी कारण इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। आखिर भगवान शंकर ने प्रकट होकर अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। माता रानी का दूसरा स्वरूप भक्तों को अभीष्ट वर प्रदान करने वाला है। इस दिन भक्त का मन भी स्वाधिष्ठान चक्र में प्रवेश करता है।
आज करें मां चंद्रघंटा की पूजा
शुक्रवार को नवरात्र के तीसरे दिन देवी के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है। देवी चंद्रघंटा के सिर पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र नजर आता है। यही वजह है कि माता के भक्त उन्हें चंद्रघंटा कहकर बुलाते हैं। देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह होता है। मां की 10 भुजाएं, 3 आंखें, 8 हाथों में खड्ग, बाण आदि अस्त्र-शस्त्र हैं। इसके अलावा देवी मां अपने दो हाथों से अपने भक्तों को आशीष देती हैं।
नवरात्र के तीसरे दिन का महत्व
यदि आपके मन में किसी तरह का कोई भय बना रहता है तो आप मां के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा का पूजन करें। नवरात्रि का तीसरा दिन भय से मुक्ति और अपार साहस प्राप्त करने का होता है। मां के चंद्रघंटा स्वरूप की मुद्रा युद्ध मुद्रा है। ज्योतिष शास्त्र में मां चंद्रघंटा का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है।
ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा
आचार्य रमेश शास्त्री के अनुसार मां चंद्रघंटा की पूजा करने से मन के साथ घर में भी शांति आती है और व्यक्ति के परिवार का कल्याण होता है। मां की पूजा करते समय उनको लाल फूल अर्पित करें। इसके साथ मां को लाल सेब और गुड़ भी चढ़ाएं। शत्रुओं पर विजय पाने के लिए मां की पूजा करते समय घंटा बजाकर उनकी पूजा करें। इस दिन गाय के दूध का प्रसाद चढ़ाने से बड़े से बड़े दुख से मुक्ति मिल जाती है। आचार्य रमेश शास्त्री के अनुसार आज पूरा विश्व करोना वायरस से पीड़ित है, पूरे राष्ट्र में लॉकडाउन है, इस संकट के दौर में एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए।
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लॉकडाउन के बावजूद ईंट-भट्टों पर काम करने को मजबूर हैं श्रमिक

रेवाड़ी। कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए जहां एक ओर पूरे देश लॉकडाउन है और जनता घरों के अंदर कैद है। वहीं दूसरी ओर जिले के अधिकांश ईंट-भट्टों पर आदेशों की अवहेलना कर सैकड़ों श्रमिकों से जबरदस्ती ईंट बनवाई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी जिला में लॉकडाउन कर लोगों के हितों के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उनसे जबरदस्ती कार्य कराया जा रहा है, जबकि बीमारी का डर तो उन्हें भी है।
जिले के गांव खरखड़ी, सुलखा, नैचाना, बुढ़पुर, रसियावास, भड़ंगी, टांकड़ी, कुंड व खोल क्षेत्र के अधिकांश ईंट-भट्टों पर लॉकडाउन के बाद भी श्रमिकों से ईंटें बनवाई जा रही है। हालांकि इन क्षेत्रों में पुलिस की ओर से भी गश्त की जा रही है, लेकिन ईंट भट्टों की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
जिला में 83 जिगजैग तकनीक वाले ईंट-भट्टे
जिला में जिगजैग प्रणाली के 83 ईंट-भट्टें संचालित है। लॉकडाउन के बाद सभी को घरों में रहने के लिए पाबंद किया गया, लेकिन अधिकांश ईंट-भट्टों पर सैकड़ों श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा ये श्रमिक झुंड के रूप में रहते हैं, जिससे बीमारी फैलने का डर अधिक है। ज्ञात हो कि धारूहेड़ा थाना क्षेत्र के गांव खरखड़ा में लॉकडाउन के बाद भी भवन का निर्माण कार्य कराने पर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद भी जिले में अनेक गांवों में निर्माण किया जा रहा है।
ऐसा कराने वालों पर होगी कार्रवाई : डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन का पूरा अमला लॉकडाउन को सफल बनाने में दिन रात कार्य कर रहा है। यदि इस तरह की शिकायत तो जांच कराने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में अब तक लिए कुल 14 सैंपल, सभी नेगेटिव

लॉक डाउन के बावजूद भट्ठे पर काम करते श्रमिक।
रेवाड़ी। जिले में अभी तक कोरोना संदिग्धों के जो 14 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें से 13 की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है जबकि एक सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। वीरवार को एक भी सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया है। वहीं बीते 30 दिन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार तक कोरोना को लेकर 4500 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वायरल के चलते खांसी, जुकाम की शिकायत के बाद भी लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं।
यहां पर कोरोना स्क्रीनिंग के लिए नियुक्त किए गए डॉ. सुमित बीते 30 दिन से लगातार ऐसे मरीजों की जांच कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई संदिग्ध दिखता है तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। बता दें कि अभी तक सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टरों के बच्चों के सैंपल जांच को भेजे गए थे, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा विदेश व अन्य राज्यों से आए करीब 150 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है, इन लोगों के हाथों पर मुहर लगाने के साथ ही घरों के बाहर पर्चे चस्पा कर दिए गए हैं। समझने की जरूरत है कि करीब एक माह से प्रशासन की ओर से लगातार 10 लाख की आबादी के स्वास्थ्य के लिए काम किया जा रहा है, ऐसे में जिलावासियों को भी घर में रहकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। इसके अलावा सड़कों पर तैनात पुलिस कर्मियों से भी उलझने की बजाय बाहर निकलने का वाजिब कारण बताना चाहिए और बेवजह निकलने वालों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
350 बेड के साथ 10 क्वारंटीन सेंटर तैयार
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरतना चाहता है। इसको देखते हुए जिला के स्कूल व कॉलेजों के हॉस्टलों को क्वारंटीन सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। संदिग्धों को आइसोलेट करने के लिए इन स्थानों पर 350 बेड तैयार किए गए हैं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में 50 बेड के साथ निजी अस्पतालों 300 से अधिक बेड तैयार कर लिए गए हैं। प्रशासन की ओर से जिला के सभी होटल व निजी अस्पतालों को जरूरत पड़ने पर टेकओवर करने के लिए तैयार करने के लिए कह दिया गया है।
21 दिन का सहयोग बेहद जरूरी : एमएस
नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. सर्वजीत थापर ने कहा कि डीसी यशेंद्र सिंह के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर संभव तैयारी कर ली गई है। डीसी स्वयं लगातार इसकी समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सबसे अहम 21 दिन हैं, यदि लोग 21 दिन घरों से बाहर नहीं निकलेंगे तो कोरोना की जंग जीतने की आशा की जा सकती है।
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हरियाणा में किराना, दवाओं की दुकानें खुलने का समय नहीं होगा निर्धारित, सरकार ने बताई वजह

हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में किराना, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने का समय निर्धारित न किया जाए। समय निर्धारित होगा, तो इन दुकानों पर एकदम भीड़ उमड़ेगी, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। लिहाजा जिला प्रशासन इन दुकानों को अधिक देर तक खुला रहने दें। हो सके तो रात तक भी जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खुला रखा जाए।

उधर, सरकार ने पुलिस प्रशासन को भी आदेश दिया है कि जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए जा रहे किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक तंग न किया जाए, जिससे पुलिस और पब्लिक के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो। इस संदर्भ में मुख्य सचिव ने यह निर्देश सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ कांफ्रेंसिंग से बैठक करके दिए। 

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आंनद अरोड़ा ने सभी मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें। परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चेकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए।
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लॉकडाउन पर प्रशासन की सख्ती, डीसी-एसपी ने खूद रेस्टोरेंट संचालक पूर्व पार्षद को कराया गिरफ्तार

जिले में लॉकडाउन के दूसरे दिन मंगलवार को पुलिस व प्रशासन ने घरों से बाहर निकालनेे एवं रेस्टोरेंट व दुकान चलाने वालों पर सख्ती दिखाई। डीएसी व एसपी ने स्वयं रेस्टोरेंट संचालक पूर्व पार्षद को मौके पर जाकर गिरफ्तार कराया। शहर के मुख्य चौराहों व जिले की सीमाओं में पुलिस काफी मुस्तैद दिखाई दी। शहर में दूसरे दिन भी सुबह से लोगों पर लॉकडाउन का असर न होते देख डीसी यशेंद्र सिंह व एसपी नाजनीज भसीन ने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट व इससे जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाकर लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए। शहर सहित जिले की सीमा से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर जरूरी कार्यों के लिए ही लोगों को शहरों में प्रवेश करने दिया गया।
लॉकडाउन के पहले दिन सोमवार को दोपहर बाद की गई सख्ती के चलते दूसरे दिन अधिकतर संख्या में कर्मचारी, व्यापारी व कारोबारियों ने प्रशासन का साथ दिया। हालांकि आम आदमी सड़कों पर दिखाई दिए। शहर में लॉकडाउन को बेअसर होता देखा डीसी यशेंद्र सिंह व एसपी नाजनीम भसीन ने अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक बुलाकर लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। दोपहर करीब तीन बजे कम हुए वाहन शाम को पांच बजे के बाद फिर से सड़कों पर उड़ाने भरते देखे गए।
स्वयं डीसी व एसपी ने संभाली कमान
लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने से शहर के कुछ दुकानदार बाज नहीं आ रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद लगातार दूसरे दिन पाबंदी के बावजूद कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। सूचना के बाद डीसी यशेन्द्र सिंह व एसपी नाजनीन भसीन को अधिकारियों के अमले के साथ कमान संभालनी पड़ी।
गश्त के दौरान डीसी यशेंद्र सिंह की नजर रेलवे रोड पर पूर्व पार्षद मनीष चराया के रेस्टोरेंट पर पड़ी। डीसी ने अपने गनमैन को भेजकर रेस्टोरेंट की फोटो कराई। उस वक्त मनीष चराया वहीं मौजूद थे। कुछ देर बाद ही शहर थाना पुलिस ने उन्हें धारा 144 का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उन्हें बाद में जमानत पर छोड़ भी दिया गया।
इसके अलावा शहर में पांच दुकानदारों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस की चहलकदमी बढ़ने के बाद एक ही झटके में जरूरत की चीजों को छोड़कर तमाम दुकानें बंद हो गईं।
इन दुकानदारों पर कसा शिकंजा
लॉकडाउन के बावजूद जरूरत की चीजों के अलावा दुकान खोलने वाले गोल हटी रेस्टोरेंट के मालिक पूर्व पार्षद मेहरवाड़ा निवासी मनीष चराया, बारा हजारी स्थित राजू प्रेशर कूकर रिपेरिंग के संचालक बंजरवाड़ा निवासी धर्मपाल, प्रजापति चौक पर मिष्ठान की दुकान खोलने वाले मध्यप्रदेश निवासी सुजान सिंह, सरकुलर रोड स्थित नसियाजी चौक पर फूल की दुकान खोलने वाले दिल्ली गेट जोगियों का मोहल्ला निवासी रमेश सैनी, नया बाजार में दुकान खुली रखने वाले वैद्यवाड़ा निवासी भगवान दास के खिलाफ शहर थाना में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। हालांकि सभी को बाद में छोड़ दिया गया।
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पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए विवि लेक्चर के वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी साइट पर कराएगी अपलोड

कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर का प्रत्येक प्रवक्ता हर रोज अपने लेक्चर का वीडियो रिकॉर्ड कर विवि की साइट पर अपलोड करेगा। इससे विवि तथा उससे संबंधित करीब 150 कॉलेजों में पढ़ रहे करीब 53 हजार से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु ढंग से हो सकेगी। विवि के इसके लिए एचओडी व इंचार्ज की ड्यूटी तय कर दी है। इसके अलावा विवि की ओर से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन, ई-नोट्स भी अपलोड किए जाएंगे।
आईजीयू में होली के चलते 8 मार्च से ही छुट्टी चल रही थी। इसके बाद 14 अप्रैल तक पूरा देश में लॉकडाउन करने के निर्देंश दिए हैं। इस खतरे को भांपते हुए ही विवि प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के लिए ई-रिसॉर्स तैयार किए जाए रहे हैं। मकसद है विद्यार्थियों को शैक्षणिक नुकसान की भरपाई करना।
व्हॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से सवालों के जवाब
आईजीयू से रेवाड़ी- महेंद्रगढ़ व नारनौल के 150 से अधिक कॉलेज जुड़े हुए हैं। विवि में जहां 3 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, वहीं 150 कॉलेजों में करीब 50 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में वीडियो लेक्चर का लाभ करीब 53 हजार विद्यार्थियों को मिल पाएगा। वहीं दूसरी ओर विवि की शिक्षकों की ओर से अपने कक्षाओं के विद्यार्थियों को व्हॉट्एसप ग्रुप के माध्यम से जोड़ा गया है। वीडियो लेक्चर के बाद सवालों का जवाब शिक्षकों की ओर से व्हॉट्स एप ग्रुप पर दिए जाएंगे।
विद्यार्थियों को नुकसान से बचाने का प्रयास:
आईजीयू की कुलसचिव डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा ने कहा कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी से बचाव के लिए घर पर ही रहना बचाव है। विद्यार्थियों की कक्षाएं 8 मार्च से नहीं लग रही हैं। ऐसे में शैक्षणिक नुकसान से विद्यार्थियों को बचाने के लिए वीडियो लेक्चरर अपलोड करने का निर्णय लिया गया है। इससे विवि के अलावा रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ के सभी कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा।
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कोरोना वायरस: हरियाणा सरकार दिहाड़ी मजदूर-गरीबों को देंगी हर माह 4500 रुपये, 10 बड़ी घोषणाएं

हरियाणा सरकार ने कोरोना से जंग के बीच आमजन को राहत के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार हो रहा है, 28 मार्च से पहले घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना में पंजीकृत 12.38 लाख लोगों को 31 मार्च तक 2 हजार रुपये खातों में पहुंच जाएंगे। 4000 पहले मिल चुके हैं। 

आपदा के दौरान घर चलाने के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों को हर महीने साढ़े चार हजार रुपये मिलेंगे। बीपीएल परिवारों को भी हर महीने 4500 रुपये सरकार देगी। इन्हें अप्रैल महीने का राशन फ्री मिलेगा। दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडर्स को जिलों में डीसी के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उन्हें भी 4500 रुपये हर महीने मिलेंगे। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस में ये घोषणाएं की।

उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग लड़ने वालों में से कोई संक्रमित होता है तो इलाज खर्च सरकार वहन करेगी, मरीज का इलाज करने के दौरान कर्मचारियों की मृत्यु होने पर एक्सग्रेसिया के तहत 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड स्थापित कर दिया गया है। बतौर सीएम अपने निजी खाते से उन्होंने 5 लाख रुपये दिए हैं। विधायक एक महीने का वेतन देंगे। आईएएस ने एक महीने के वेतन का 20 प्रतिशत देने की बात कही है।
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कोरोना वायरस: हरियाणा में गरीबों की मदद के लिए हर माह 1200 करोड़, अप्रैल का राशन मुफ्त

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य में कोरोना वायरस से लड़ने व निम्न आय वर्ग लोगों के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये प्रति माह की वित्तीय पैकेज की घोषणाएं की हैं। जिसके तहत मजदूरों, रिक्शा चालकों, रेहड़ी वालों, स्ट्रीट वेंडर दैनिक वेतन भोगी सहित निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, बीपीएल परिवारों को वित्तीय सहायता सीधी जाएगी। ताकि इस प्रकार के वर्ग के लोगों को लॉकडाउन के दौरान दिन-प्रतिदिन की आवश्यकता की चीजों के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

घोषित किए गए पैकेज के तहत सभी बीपीएल परिवारों को अप्रैल महीने के लिए उनके मासिक राशन को निशुल्क प्रदान किया जाएगा। जिस पर कुल 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें चावल या गेहूं उनकी पात्रता के अनुसार, सरसों का तेल और 1 किलो चीनी शामिल होगी।

इसी प्रकार, स्कूलों और आंगनबाड़ियों को बंद करने की अवधि के दौरान सरकारी स्कूलों में नामांकित सभी बच्चों के लिए सूखा राशन प्रदान किया जाएगा। पैकेज के तहत जिन सभी बीपीएल परिवारों ने एमएमपीएसवाई के तहत पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें 30 मार्च से शुरू होने वाले साप्ताहिक आधार पर 4500 रुपये प्रति माह की राशि प्रदान की जाएगी।

इस राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाएगा और इस पर 135 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसी प्रकार जो दैनिक आधार पर कमाई कर रहे थे जैसे कि मजदूर, स्ट्रीट वेंडर आदि संबंधित जिले के डीसी के साथ एक पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं, जो 27 मार्च तक स्थापित किया जाएगा। ऐसे सभी व्यक्ति जो पात्र पाए जाते हैं और जिनका बैंक खाता है, उन्हें सीधे 1000 रुपये प्रति सप्ताह की सहायता प्रदान की जाएगी और इस पर 45 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इस पैकेज में कर्मियों के वेतन सहयोग का भी प्रावधान किया गया है।
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