डिस्ट्रीब्यूशन मीटर और शहर के 1.31 लाख उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग का मिलान करेगा नया सॉफ्टवेयर

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Fri, 03 Jul 2020 01:30 AM IST
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new software capture electricity theft
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रोहतक। लाइन लॉस को लेकर बिजली विभाग ने बिजली चोरी पकड़ने की मुहिम छेड़ दी है। विभाग की ओर से शहर की तीन सब डिविजनों के 1.31 लाख उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई देने के लिए लगाए करीब 2164 ट्रांसफार्मरों पर डीटीएम (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मॉनीटर) लगा नए सॉफ्टवेयर से कनेक्ट किया जा रहा है। जैसे ही डीटीएम की रीडिंग और उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग में अंतर होगा वैसे ही कंप्यूटर एसडीओ से लेकर पंचकूला मुख्यालय तक के अफसरों को बिजली चोरी का संकेत देगा। मानों 500 उपभोक्ताओं के बीच यदि 1000 किलोवॉट बिजली की खपत होनी चाहिए और उस एरिया में इससे अधिक बिजली कंज्यूम हो रही है तो यह रिकॉर्ड मीटर बताने का काम करेगा।यह सिस्टम एक पखवाड़े में चालू हो जाएगा। उधर, एक्सईएन सिटी मेहताब सिंह ने बताया कि शहर के सभी पुराने और नए ट्रांसफार्मर पर यह मीटर लगने हैं। इसके जरिये ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले लोड का आसानी से पता चल सकेगा। बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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बिजली निगम के अफसरों के अनुसार प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर डिस्ट्रीब्यूशन मीटर लगा होता है, जो बताता है कि एरिया के उपभोक्ताओं ने कितनी बिजली का उपभोग किया है। अभी तक निगम कर्मी प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन मीटर की रीडिंग मैन्युअल लेकर कंप्यूटर में फीड करते थे। ट्रांसफार्मर से पोषित एरिया के उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग का करते थे। मिलान करने पर पता चलाता था कि किस ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली की चोरी हुई। चूंकि यह प्रक्रिया मैन्युअल थी, इसलिए बिजली चोरी पकड़ने में काफी दिक्कत आ रही थी। अब बिजली चोरी को पकड़ने के लिए बिजली निगम का सिस्टम हाईटेक किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 2164 ट्रांसफार्मरों में लगे डिस्ट्रीब्यूशन मीटर में मॉर्डम लगाया जा रहा है, जो निगम के सॉफ्टवेयर से कनेक्ट किए जा रहे हैं।
प्रत्येक ट्रांसफार्मर के डिस्ट्रीब्यूशन मीटर की रीडिंग को सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। सिस्टम में पहले से ही प्रत्येक ट्रांसफार्मर के उपभोक्ताओं का लोड फीड है। ऐसे में जैसे ही कोई उपभोक्ता बिजली चोरी करेगा वैसे ही सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूशन मीटर की रीडिंग और उपभोक्ताओं की रीडिंग का मिलान करके बिजली चोरी के संकेत देगा। यह संकेत न सिर्फ एसडीओ बल्कि पंचकूला मुख्यालय में तैनात अफसरों को भी मिलेगा। बिजली चोरी का सटीक एरिया पता चलने के बाद निगम की टीम चेकिंग करके आसानी से चोरी करने वालों को पकड़ लेगी।
एक्सईएन सिटी मेहताब सिंह ने बताया कि शहर के 2164 ट्रांसफार्मरों के डिस्ट्रीब्यूशन मीटरों में मॉर्डम लगाने का काम किया जा रहा है। मीटरों की रीडिंग का निगम के सिस्टम में फीड किया जा रहा है। उपभोक्ताओं के मीटर पहले से ही ऑनलाइन हैं। जैसे ही किसी एरिया में बिजली चोरी होगी वैसे ही सिस्टम डिस्ट्रीब्यूशन मीटर की रीडिंग और उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग का मिलान करके संकेत देगा कि किस ट्रांसफार्मर के उपभोक्ता बिजली की चोरी कर रहे हैं। 15 दिन में सिस्टम अपडेट होने के बाद टीमें आसानी से बिजली चोरी करने वालों को पकड़ लेगी।
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