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Coronavirus: हरियाणा में अब कुल मरीज 24, सात ठीक होकर घर पहुंचे, 187 की रिपोर्ट बाकी

हरियाणा में शुक्रवार को तीन नए केस मिले। इसके बाद प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 24 हो गई है।

31 मार्च 2020

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रोहतक

मंगलवार, 31 मार्च 2020

नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को घर बैठे कराई जाएगी ऑनलाइन पढ़ाई

रोहतक। कोरोना से लड़ाई और नए सत्र की पढ़ाई भावी पीढ़ी घर रहकर ही करेंगे। हर वर्ष की भांति इस बार भी एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा नया शैैक्षणिक सत्र समय पर ही शुरू हो रहा है। निजी स्कूलों ने इसकी तैयारी कर ली है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए निजी स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी कर ली है। एमडीयू के बाद स्कूली विद्यार्थी भी ई-लर्निंग मेथड से अध्ययन करेंगे। इसके लिए स्कूलों ने व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। कुछ स्कूलों ने तो अपना ऐप तैयार किया है। इसके जरिये प्रत्येक कक्षा का सिलेबस एक ही जगह अपलोड किया गया है।
वीडियो व ब्रॉडकास्टिंग से होगी पढ़ाई
कोरोना के खतरे के चलते स्कूल बंद हैं। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही स्कूल खोले जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल नया सत्र शुरू होने में दो ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में निजी स्कूलों ने बच्चों को घर बैठे लर्निंग मैटिरियल मुहैया कराने का फैसला लिया है। उन्हें वीडियो व ब्रॉडकास्टिंग के जरिये अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों ने अपने विषयों के वीडियो व नोट्स तैयार कर ऑनलाइन कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी इन्हें भेजा जा रहा है।
स्कूल खुलने पर दोहराया जाएगा सिलेबस
कोरोना खतरे के बादल छंटने के बाद स्कूल खुलने की उम्मीद है। इसके बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाए गए पाठ को दोहराया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपने विषय को अच्छे से समझ सकेंगे।
खेल का मैदान छोड़ घरों में दुबके बच्चे
भावी पीढ़ी के भविष्य और स्वास्थ्य पर कोरोना के बादल मंडरा रहे हैं। इस महामारी पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है। ऐसे में विद्यार्थियों का स्कूल छूट गया है। खेल के मैदान से भी वंचित बच्चे घरों में ही रहने को मजबूर हो गए हैं।
नए सत्र की तैयारी हो गई है। सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। कोरोना के खतरे के चलते नए सत्र की शुरुआत ऑनलाइन पढ़ाई से की जा रही है। इसके लिए स्कूल के शिक्षकों ने सिलेबस को ई-कंटेंट में डेवलपमेंट कर लिया है।
-डॉ. चंद्र गर्ग, निदेशक, जेड ग्लोबल।
कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हैं। लॉकडाउन के बाद ही स्कूल खुलेंगे। ऐसे में ई-लर्निंग की प्लानिंग की गई है। विद्यार्थियों को पुरानी कक्षा से नई कक्षा में प्रवेश दे दिया गया है। परिणाम जारी करने की जरूरत नहीं पड़ी।
-अंशुल पठानिया, डायरेक्टर, पठानिया पब्लिक स्कूल।
महामारी का यह दौर सभी के लिए चिंता का विषय है। अपने स्वास्थ्य के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई भी अहम है। इसलिए स्कूल ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की व्यवस्था बनाई है। बच्चों को घर पर ही पढ़ाई कराई जाएगी।
-प्रीति गुगनानी, प्रिंसिपल, स्कोलर रोजरी।
स्कूल में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। अध्यापक जूम ऐप के जरिये बच्चों को नियमित शेड्यूल की तरह पढ़ाएंगे। प्रतिदिन तीन विषयों को वीडियो कॉलिंग जूम ऐप के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों से अभी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-डॉ. लिली नागपाल, प्राचार्य, एमडीएन स्कूल।
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लॉकडाउन में ऑटो मिला न रिक्शा, साइकिल से ही डेढ़ साल के बच्चे के साथ पत्नी को लेकर पहुंचा पीजीआई

रोहतक। कोरोना वायरस के चलते किए गए लॉकडाउन के साइड इफैक्ट सामने आने लगे हैं। लॉकडाउन के चलते मजदूर पैदल ही यूपी, बिहार की ओर रवाना होने लगे। वहीं मरीजों को भी अब अस्पताल आने में परेशानी होने लगी है। ऑटो, रिक्शा या अन्य दूसरे प्रकार वाहन नहीं मिलने के बाद मरीज को या तो पैदल ला रहे हैं या फिर साइकिल पर। कुछ ऐसा ही नजर आया शनिवार को शहर के हिसार बाईपास के पुल पर। जब एक शख्स अपनी पत्नी को पेट दर्द होने पर साइकिल पर अस्पताल लेकर जा रहा था।
यूपी के हरदोई निवासी सतीश शहर में रहकर मजदूरी का कार्य करता है और श्याम कॉलोनी में रहता है। उसकी पत्नी मनीषा पांच माह की गर्भवती है। उसे शनिवार सुबह अचानक पेट में दर्द उठा। इस पर सतीश किसी ऑटो या वाहन का इंतजार करता रहा। जब उसे काफी देर तक कोई वाहन या ऑटो नजर नहीं आया तो उसने अपने जानने वाले से मदद मांगी। इस पर जानने वाला साइकिल लेकर आया। इसके बाद उसने अपने डेढ़ साल के बच्चे को साइकिल के डंडे पर और पत्नी को करियर पर बैठा जानकार के साथ पैदल ही लेकर उन्हें पीजीआईएमएस की ओर लेकर चल पड़ा। उसने घर से पीजीआईएमएस की करीब सात किलोमीटर की दूरी 35 मिनट में तय की। मजबूरी देखिये कि उसे सरकार से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पता ही नहीं और ना ही उसे कोई बताने वाला था।
जुगाड़ के सहारे पहुंच रहे हैं अस्पताल
हर तरह के वाहन बंद होने से लोग अपने परिजनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं। किसी जुगाड़ के सहारे वे उनको अस्पताल पहुंचा रहे हैं। हिसार बाईपास पर एक शख्स बाइक के पीछे जोड़ी गई बुग्गी में दो महिलाओं को लेकर पीजीआई जा रहा था। शख्स ने अपना नाम और पता न बताते हुए कहा कि परिवार की महिला सदस्य बीमार है। उसे पीजीआई ले जाना था। उसे कोई ऑटो या अन्य वाहन नजर नहीं आया तो परिवार की एक अन्य महिला सदस्य को साथ लेकर बाइक की पीछे जोड़ी गई बुग्गी में लेकर चल पड़ा।
21 दिन का है लॉकडाउन
कोरोना वायरस के तेजी से फैलाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू किया है। इस संक्रमण को रोकने के लिए लोगों का सड़क पर निकलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। फिलहाल इस व्यवस्था का पालन करना जरूरी है। लेकिन अब इस समय जो लोग बीमार हो रहे हैं उन्हें अस्पताल लाने ले जाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सुरक्षा के नाम पर जगह-जगह तैनात पुलिसकर्मी भी उनको रोक रहे हैं।
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लॉकडाउन तोड़ा तो 6 माह, गलत दावा किया तो 2 साल तक कैद संभव

रोहतक। कोविड-19 से बने खतरे को देखते हुए पहली बार डिजास्टर मैनेजमेंट के अंतर्गत बने कानून को पूरे भारत में लागू किया गया है। यह कहना है एडवोकेट डॉक्टर दीपक भारद्वाज अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एवं पूर्व सचिव जिला बार एसोसिएशन, रोहतक का। उनका कहना है कि डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून के पहलू पर नजर डालें तो यह कानून साल 2005 में अमल में लाया गया था, कोरोना के खतरे के कारण 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए भारत सरकार द्वारा लोगों की जान की सुरक्षा करने हेतु डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी हुई गाइडलाइन और उसमें मौजूद प्रावधान को देखते हुए साथ ही आईपीसी की सेक्शन भी आम नागरिक पर लागू की गई है। यदि हम ध्यान दें तो जिन आदेशों के अंतर्गत आम नागरिक को घर से बाहर न निकलने के आदेश दिए गए हैं और घर में ही रह कर अपनी और अन्य लोगों की सुरक्षा करने के लिए कहा गया है। ऐसे में डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को सजा एवं जुर्माने का प्रावधान डिजास्टर मैनेजमेंट की धारा 51 से 60 में दी गई है। इसमें धारा 51 में सरकारी काम में बाधा डालना इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति आपदा के दौरान सरकारी आदेशों की पालना न करें और किसी काम में बाधा पैदा करें तो उसे 2 साल तक की सजा का प्रावधान है, वहीं यदि अगर हम धारा 52 जिसके अंतर्गत गलत दावा करना यानी यदि कोई व्यक्ति गलत दावा करके सरकार से किसी तरह का आपदा लाभ राहत मदद वगैरह लेता है और वह झूठा साबित होता है तो ऐसे में इस धारा के अंतर्गत 2 साल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। धारा 53 के अंतर्गत पैसा या सामान का गबन ऐसे व्यक्ति जो आपदा के समय लोगों के लिए मुहैया कराए गए पैसे या सामान में हेराफेरी करते हैं या उसका गबन करते हैं तो इस धारा के अंतर्गत भी 2 साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वही धारा 54 के अंतर्गत झूठी सूचना देना यदि कोई व्यक्ति इस दौरान झूठी खबर फेक न्यूज बेबुनियाद बातें फैलाएं, जिससे लोग पैनिक हो तो ऐसे में इस धारा के अंतर्गत एक साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वहीं धारा 55 के अनुसार सरकारी विभाग विभागों में जुर्म यानी सरकार के किसी विभाग द्वारा कोई जुर्म सामने आता है तो उसके प्रमुख की जवाबदेही मानी जाएगी यदि किसी कर्मचारी की गलती है तो वह डिपार्टमेंट हेड की जानकारी में न हो तो ही वह बच पाएगा ऐसी सूरत में जांच में यदि कसूरवार पाया जाता है तो उस पर भी कार्रवाई होनी निश्चित है। धारा 56 कहती है कि सरकारी अधिकार अधिकारी की नाकामी और जुर्म यानी ऐसा कोई अधिकारी जिसकी आपदा के समय में दी गई जिम्मेदारी से भागे या बिना इजाजत के उसे पुराना करें तो ऐसे में 1 साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वही धारा 57 सेवा नहीं देने का जुर्म यानी सरकारी आदेश पर कोई सेवा ना देने का केस होता है तो ऐसे में एक साल की जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। वहीं धारा 58 कंपनियों के जुर्म आपदा के तहत बनाए गए नियमों की अनदेखी और उनका उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। धारा 59 मुकदमे की पूर्व मंजूरी यानी धारा 55 और 56 सरकारी विभागों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी। इसी के साथ धारा 60 में जुर्म का संज्ञान इस धारा में साफ किया गया है कि कोई कोर्ट डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत दर्ज केसों का संज्ञान तभी लेगी जब वह मुकदमा सरकार या प्रशासन के द्वारा दर्ज कराया गया होगा। वहीं इंडियन पीनल कोड की धारा 188 में सरकारी अधिकारी के आदेश की अवहेलना के अंतर्गत भी एक महीने से लेकर 6 महीने तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इन धाराओं पर और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कानून पर नजर दौड़ाई तो ऐसा भारत में पहली बार हुआ है, जब इस कानून को अमल में लाया गया है। ... और पढ़ें

मेडिकल में पेरेंटल विभाग मेडिसन का दांव पड़ा उल्टा, अब आना होगा मैदान में

रोहतक। नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन कोविड - 19 को टक्कर देने के लिए एक तरफ संपूर्ण चिकित्सा जगत मैदान में उतर आया है, वहीं ऐसे में पीजीआईएमएस के मेडिसन विभाग की बात करें तो उसका तर्क है कि वह सबसे अंतिम में जरूरत पड़ने पर मैदान में आएगा। हालांकि, मेडिसन विभाग की इस तैयारी पर अधिकारियों ने पानी फेर दिया है और मेडिसिन विभाग को अपना पत्र वापस लेना पड़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि पेरेंटल विभाग मेडिसन कोविड -19 के उपचार से पीछे हटेगा तो काम कौन करेगा।
सूत्रों के अनुसार मेडिकल साइंस का पेरेंटल विभाग मेडिसन का दांव उल्टा पड़ गया है। अब उसे कोविड -19 के मरीजों के उपचार के लिए हर हाल में मैदान में आना ही पड़ेगा। 25 मार्च को पीसीसीएम विभाग ने रोस्टर बनाया, इसमें विभाग ने अपने अलावा मेडिसन, एनेसिस्थया, चेस्ट एंडी टीबी की ड्यूटी लगाई। इस रोस्टर के बाद एनेस्थिसिया विभाग ने अपने डॉक्टर भेजने शुरू कर दिए। लेकिन 26 मार्च को मेडिसन विभाग ने सभी यूनिट हैड के साथ बैठक की और एक पत्र लिखा कि वह दैनिक ओपीडी, आपात विभाग के अलावा टीचिंग करवा रहे हैं। इसके अलावा उनकी 11 प्रकार की क्लीनिक हैं। इसमें स्पेशल इको, टीएनटी, एंडोस्कोपी, डायलेसिस के अलावा एचआईवी क्लीनिक चला रहे हैं। उनके विभ्राग में पहले ही पूरा स्टाफ नहीं है और चार अससटेंट, 16 सीनियर रेजिडेंट की सीट खाली है। वह पहले ही 52 जूनियर रेजिडेंट के भरोसे पूरा विभाग चला रहे हैं। संस्थान में उनके अलावा कई विभाग हैं जिन पर इन दिनों काम का लोड नहीं है। इसमें एनेसिथिसिया, चर्म , मनोचिकित्सा, ईएनटी, ऑर्थो, सुपरस्पेशलिटी में कार्डियोलॉजी, कार्डिक सर्जरी, न्यूरोलोजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी आदि विभाग भी शामिल हैं। इनकी पहले ड्यूटी लगाई जाए, इसके बाद जरूरत पड़ने पर वह आएंगे। इसके बाद बैठक की मीनिट्स पीसीसीएम विभाग, निदेशक व एमएस को भेज दी गई। जब यह पत्र अधिकारियों के पास गया तो बवाल मच गया और मेडिसन को अपना पत्र वापस लेना पड़ा।
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कोरोना : हिसार जिले में मिला पहला पॉजिटिव केस, 20 मार्च को यूएसए से लौटी थी महिला

जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित पहला पॉजिटिव केस सामने आया है। इस केस में महिला कोरोना से संक्रमित पाई गई है। यह महिला 20 मार्च का यूएसए से लौटी थी और करीब दो दिन पूर्व ही बुखार की शिकायत के चलते नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा सोमवार को महिला सहित दो कोरोना संदिग्ध सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
पीड़ित महिला ने बुखार की सूचना स्वयं स्वास्थ्य विभाग को दी थी। विभाग की ओर से एंबुलेंस भेजी गई और एंबुलेंस चालक व ईएमटी रामनिवास महिला, उसके पति को लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच के बाद कोरोना संदिग्ध होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया। सोमवार दोपहर को महिला का सैंपल रोहतक पीजीआई भेजा गया, जहां देर रात उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जानकारी के अनुसार महिला का पति भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है और फिलहाल यह दंपती यूएसए में रह रहा था। वहां से यह दंपती 20 मार्च को हिसार लौटा था। जांच के दौरान महिला के पति में करोना के लक्षण न मिलने पर उसे एंबुलेंस के जरिये घर भेज दिया गया था। वहीं, अस्पताल की ओर से रविवार को भेजे गए छह माह के बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी तक बच्चे को डॉक्टरों द्वारा छुट्टी नहीं दी गई है। वहीं, जिला अस्पताल की ओर से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट अस्पताल से आए एक-एक कोरोना संदिग्ध सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
लापरवाही : आइसोलेशन वार्ड के बाहर कुर्सियों पर बैठी थी पीड़िता
ईएमटी रामनिवास, एंबुलेंस चालक, नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर ने एप्रिन, ग्लव्स, मास्क व चश्मा पहने रखे थे, जबकि सिक्योरिटी गार्ड के पास केवल मास्क थे। इससे इनके संक्रमित होने का खतरा है। वहीं महिला के परिजनों को भी जांच की जरूरत है। हालांकि महिला कुछ देर तक आइसोलेशन वार्ड के बाहर स्थित कुर्सियों पर बैठी हुई थी। इससे आसपास के सभी लोगों में संक्रमण का खतरा है।
285 लोग बाहर से लौटे
जिले में अभी तक बाहर से 285 लोग आए हैं। इनमें 25 लोग ग्रामीण एरिया से, जबकि अन्य शहर वासी हैं। उनमें से कुछ लोगों का होम क्वारंटीन समाप्त हो चुका है और कुछ का बाकी है। इसके लिए विभाग हर रोज 4 से 5 बार फोन कर उनकी दिनचर्या का पता लगाते हैं। उनकी टीम सभी लोगों के घर-घर पहुंचकर जांच करती है। बायोलॉजिस्ट डॉ. रमेश पूनिया के अनुसार रविवार शाम को होम क्वारंटीन शहर वासी एक महिला ने विभाग की टीम को कॉल कर बताया कि उसे खांसी-जुकाम है और उसे दवा की जरूरत है। उसके बाद एंबुलेंस के जरिये उस महिला को घर से अस्पताल लेकर आए और दवा दिलाने के बाद घर वापस छोड़ा गया।
ट्राइएज में 156 लोग जांच के लिए पहुंचे
जिला अस्पताल में ट्राइएज में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे तक गुजरात, मुंबई, हैदराबाद, राजस्थान, तेलंगाना, बंगलूरू सहित प्रदेश के अन्य जिलों से 156 लोग जांच कराने पहुंचे। ट्राइएज में स्टाफ द्वारा सभी की हिस्ट्री पता कर उन्हें फ्लू क्लीनिक में भेज दिया गया। यहां डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
वर्जन
आज कोरोना संदिग्ध दो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, कल तीन कोरोना संदिग्ध सैंपल भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। - डॉ. जया गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन, हिसार
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अमर उजाला का आह्वान, सामाजिक संस्थाओं की मदद के लिए आगे आएं लोग

कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में शहर के भूखे, गरीब व प्रवासी लोगों का पेट भरने के लिए प्रशासन व अधिकारी जहां दिशा-निर्देश देने तक सीमित हैं, वहीं सामाजिक संस्था सती भाई सांई दास सेवा दल, हरिओम सेवा दल व जन सेवा संस्थान अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमर उजाला शहर के लोगों का आह्वान करता है कि वे सामाजिक संस्थाओं की मदद करें, ताकि कोई व्यक्ति भूखा न रहे। सोमवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सांई सेवादल के भवन में पहुंचे और एक लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं मंडल आयुक्त डी सुरेश ने समाजसेवा के लिए संस्था के पदाधिकारियों का हाथ जोड़कर शुक्रिया किया।
सति भाई सांई सेवा दल संस्था के प्रधान नरेश आनंद ने बताया कि उनका भंडारा 10 दिन से चल रहा है। रविवार को 19800 लोगों को खाना भेजा गया था, जबकि सोमवार को 30 हजार आंकड़ा पहुंच जाएगा। क्योंकि शाम छह बजे तक 24 हजार लोगों को खाना भेजा जा चुका था। वे हर जगह खाना पहुंचाने का प्रयास करते हैं। चाहे पांच लोगों के लिए खाना मंगवाया जाए या 50 के लिए। वे हर रोज 500 लोगों के लिए पीजीआईएमएस में खाना भिजवा रहे हैं। उन्होंने एडीसी महेंद्र पाल को बताया कि उनके पास दस्ताने खत्म हो गए हैं। जल्द प्रशासन इसकी व्यवस्था करवाए। इतना ही नहीं, एक दिन पहले गेट पर व्यक्ति का तापमान मापने का यंत्र था, लेकिन यंत्र सोमवार को खराब हो गया है।
पूर्व मंत्री ने लिया व्यवस्था का जायजा, संस्था को देंगे एक लाख रुपये
शहर के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सोमवार दोपहर बाद गोहाना रोड स्थित संस्था में पहुंचे और खाना बनाने के लिए की जा रही व्यवस्था का जायजा लिया। संस्था के पदाधिकारियों को नियमों का पालन करने का आग्रह किया। साथ ही संस्था को एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
जनसेेेवा संस्थान ने 800 घरों में पहुंचाया राशन, 2500 घरों में पहुंचाया खाना
उधर, जनसेवा संस्थान ने सोमवार को करीब 800 घरों में पांच किलो आटा, पांच किलो चावल व दो किलो दाल के पैकेट भिजवाए। साथ ही संस्थान से 2500 घरों में खाना बनाकर भिजवाया गया। खुद महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद वार्ड नंबर 21 में 400 लोगों को खाना बांटकर आए हैं। इसके अलावा संस्थान की तरफ से वार्ड नंबर 1 से 13 में राशन वितरित किया गया।
 गोहाना रोड स्थित संस्था सति भाई सांई सेवा दल के प्रधान नरेश आनंद का संकट की धड़ी में जनसेवा के लिए
गोहाना रोड स्थित संस्था सति भाई सांई सेवा दल के प्रधान नरेश आनंद का संकट की धड़ी में जनसेवा के लिए- फोटो : RohtakCity
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हिसार-सिरसा की दो महिलाएं मिली कोरोना पॉजिटिव

पीजीआईएमएस में देर सायं मिली रिपोर्ट में हिसार और सिरसा की दो महिलाएं कोरोना पॉजिटिव मिली हैं। वहीं पानीपत से आई महिला की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने पर छुट्टी मिली गई है। सिरसा की महिला को उपचार के लिए संस्थान के ब्लाक-सी में उपचार के लिए दाखिल किया गया है, जबकि हिसार की महिला का सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस आया था। सिरसा की महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसके पति को उसी समय क्वारंटीन करते हुए उसका सैंपल जांच के लिए ले लिया गया है।
नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन कोविड-19 के दो मरीजों की पीजीआईएमएस में सोमवार देर सायं पुष्टि हुई है। इसमें से सिरसा की महिला संस्थान में चिकित्सकों की निगरानी में है। बताया जा रहा है कि महिला सिरसा में तीन निजी अस्पतालों में जांच करवा कर रोहतक आई है। इस मरीजों की फिलहाल कोई विदेश यात्रा या सीधे किसी कांटेक्ट की हिस्ट्री नहीं मिली है। प्रशासन मरीजों के कांटेक्ट को तलाशने का प्रयास कर रहा है। वहीं हिसार की महिला का सैंपल जांच के लिए सोमवार को आया था। हिसार का दंपती कुछ दिन पहले की विदेश से आया था। पीजीआईएमएस में जिले के दो संदिग्धों को भी चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है, इनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि सिरसा की महिला पॉजिटिव मिली है, उसके साथ आए उसके पति को क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके अलावा जिले के तीन अन्य व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है। अधिकारी ने हिसार की महिला के पॉजिटिव होने की भी पुष्टि की है।
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कोरोना और लॉकडाउनः बंद के आदेश के बावजूद खोला शराब ठेका, करिंदा गिरफ्तार, सरपंच की तलाश

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में सरकार ने शराब ठेके बंद रखने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद शराब का ठेका खोला गया। हरियाणा के रोहतक जिले में महम के गांव भैणी सुरजन में रविवार को एक शराब का ठेका अवैध रूप से खुला हुआ था। ठेके पर शराब बेची जा रही थी। जिसकी वीडियो ग्रामीणों ने बना कर वायरल कर दी।

वायरल वीडियो के आधार पर महम थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया। वीडियो की जांच करते हुए पुलिस ने सोमवार को ठेके के कारिंदे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी कारिंदे ने बताया कि यह ठेका गांव के सरपंच अजय ने जबरदस्ती खुलवाया व साथ ही शराब जबरदस्ती बिकवा रहा था। कारिंदे के इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी सरपंच को भी केस में नामजद किया व उसकी तलाश शुरू कर दी है।

रविवार को वीडियो के आधार पर अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच के लिए वीडियो में दिखाई दे रहे शराब ठेके के कारिंदे को गिरफ्तार किया गया। जिस से सख्ती से पूछताछ अमल में लाई गई। पूछताछ के दौरान कारिंदे ने बताया कि ठेका गांव के ही सरपंच ने जबरदस्ती खुलवाया व अपने परिचितों को शराब बिकवा रहा था। कारिंदें की गिरफ्तारी डाल दी गई है व सरपंच की तलाश शुरू कर दी है।
- नवीन कुमार, महम थाना प्रभारी
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भाजपा ने दिया कोविड रिलिफ फंड में योगदान

अमर उजाला ब्यूरो रोहतक। भाजपा ने ‘कोविड रिलिफ फंड’ में एक करोड़ की राशि का सहयोग दिया है। सोमवार को पार्टी प्रदेश कार्यालय की तरफ से चेक की कॉपी जारी की गई। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला राहत राशि का चेक सीएम को देने के लिए चंडीगढ़ जा रहे हैं।  पार्टी के जिला प्रवक्वा शमशेर खरक ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश और प्रदेश में कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सरकारों ने कमर कस रखी है, इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने भी कोरोना से निपटने को प्रदेश में ‘कोविड रिलिफ फंड’ की स्थापना कर रखी है, ताकि कोरोना पीड़ितों का इलाज और दूसरें लोगों को राहत सामग्री मिल सके। सभी सामाजिक संस्थाए और राजनीतिक दल भी ‘कोविड रिलिफ फंड’ में अपना सहयोग कर रहे है। प्रदेश भाजपा ने ‘कोविड रिलिफ फंड’ में एक करोड़ की राशि चेक के माध्यम से देकर सहयोग किया है। ... और पढ़ें

पीजीआई : कोविड-19 को लेकर बनाया कंट्रोल रूम

रोहतक। प्रदेश के ट्र्सरी केयर सेंटर पीजीआईएमएस में कोविड-19 अस्पताल बनाने के बाद अब कंट्रोल रूम तैयार किया गया है इस कंट्रोल रूम में डॉक्टर व अन्य स्टाफ तैनात होगा जो उपचार के दौरान आ रही समस्याओं व सवालों का समाधान करते हुए जवाब देंगे। यह कंट्रोल रूम एमएस कार्यालय के साथ सुरक्षा के कंट्रोल रूम में बनाया गया है किसी को समस्या होने पर 94164 47071 व 01262 28131 तथा एक्सटेंशन नंबर 8507 पर संपर्क कर सकता है। यहां मरीजों से जुड़ी कोविड-19 को लेकर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है पीजीआईएमएस में पीसीसीएम विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी कोविड-19 को लेकर प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। उनके निगरानी में मरीजों के उपचार के साथ साथ यह कंट्रोल रूम भी संचालित होगा। इसमें विभिन्न विभागों के डॉक्टर मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर नीरज शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अरुणा अरोड़ा व अन्य विभागों के डॉक्टर उपलब्ध होंगे ... और पढ़ें

Coronavirus: चार चक्कर लगाने पर भी रोहतक से नहीं निकल पाए चतरा, सरकारों के कंफ्यूजन में फंसे मजदूर

रोहतक से निकलने की चार बार कोशिश कर चुके, अब हम कहां जाएं। जहां काम करते थे, वहां से निकाल दिए गए। किसी ने कहा, सरकार ने बसों का इंतजाम किया है दिल्ली से। हम 72 घंटे में चार बार प्रयास कर चुके हैं दिल्ली जाने के। बीच रास्ते में से पुलिस वापस दौड़ा देती है। हम तो पढ़े-लिखे हैं नहीं, किसी से पूछ लेते हैं।

वे बोलते हैं, सरकार जरूर ले जाएगी, तुम जाओ। हम दिन देखते न रात, बस महिला और बच्चों को लेकर निकल पड़ते हैं। अभी रात के दस (29 मार्च) बजे  हैं, हम दिल्ली रोड पर करीब 20 किलोमीटर पैदल निकल गए थे। वहां सांपला कस्बे में पुलिस वाले बोले, वापस रोहतक चले जाओ। सरकार ने अब नया नियम बना दिया है।

सरकार ने कहा है, अब किसी को कहीं नहीं जाने देना। अगर कोई जबरन कहीं जाता है तो उसे पकड़ कर 14 दिन के लिए अलग कमरे में बैठा दो। ऐसे में क्या करते, सिर पर सामान और गोदी में बच्चे लिए वापस बीस किलोमीटर पैदल चलकर रोहतक पहुंच गए।
 
ये दास्तां है कि झांसी से आगे ललितपुर जिले के माडवॉड ब्लॉक के हनुमतगढ़ गांव निवासी चतरा की। रात के दस बजे थे, वे रोहतक में राजीव गांधी स्टेडियम के सामने सड़क पर बैठे हुए थे। सड़क पर साफ सफाई थी, लिहाजा उन्हें रात बिताने के लिए यही जगह ठीक लगी। वहां कई समूहों में दूसरे मजदूर भी थे।

ये सभी रोहतक से दिल्ली रोड पर बीस किलोमीटर दूर स्थित सांपला कस्बे से वापस लौटे हैं। चतरा पूछते हैं, बाबू जी, क्या करें, कहां जाएं और किसकी मानें। सरकार कब क्या कह रही है, हमें तो पता नहीं चलता। अपने जानकारों से पूछते हैं तो वे बता देते हैं। एक बात तो है जी, सरकार का पक्का कुछ भी नहीं है।कब

क्या कह दे, मालूम नहीं। पहले कहा गया कि हम लोगों को यूपी बिहार और मध्यप्रदेश बॉर्डर तक छोड़ने का इंतजाम किया गया है। हमने चार बार दिल्ली जाने की कोशिश की मगर नहीं जा पाए।
 
चतरा के साथ बैठे राम बाबू कहते हैं कि साहब जी, कोई हमें सच तो बताए कि सरकार चाह क्या रही है। अभी-अभी किसी ने बताया कि अब कोई नहीं जाएगा, ये आदेश जारी हुआ है। अगर कोई कहीं जाता हुआ मिला तो उसे पकड़ कर 14 दिन के लिए किसी अलग कमरे में बंद कर देंगे।

आप देख लें, हमारे साथ ये महिलाएं और बच्चे हैं। कहां जाएंगे और क्या खाएंगे। हालांकि वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने कुछ ही देर बाद उनके खाने पीने का इंतजाम कर दिया। मेयर मनमोहन गोयल ने उनके लिए खाना भेजा।
 
इसी तरह शहर में हजारों दूसरे मजदूर भी हैं जो सरकार के भ्रम का शिकार होकर सड़कों पर भटक रहे हैं।

प्रवासी मजदूरों के लिए हरियाणा सरकार के ये इंतजाम

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का कहना है कि हम किसी भी प्रवासी मजदूर को सड़क पर नहीं रहने देंगे। उनके खाने-पीने और रहने का इंतजाम किया जाएगा। यहां काम करने वाले मजदूर जो उत्तर प्रदेश, बिहार या किसी दूसरे राज्य की ओर पैदल जा रहे थे, उनके ठहरने के लिए हर जिले में इंतजाम किया गया है। प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में मजदूरों को ठहराया जा रहा है।

पंचायती भवनों एवं दूसरी सरकारी बिल्डिंगों को भी शेल्टर होम के रूप में बदला जा रहा है। ऐसे सभी भवनों को सैनिटाइज किया जा रहा है।कई लोग एकत्रित न हो पाएं और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे, इसका खास ध्यान रखा गया है।

मुख्यमंत्री खट्टर ने भी सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे मजदूरों को कहीं दूसरी जगह पर न जाने दें। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं। हर जिले में शेल्टर कैंप बना दिए जाएं। मजदूरों के रहने और खाने-पीने की पूर्ण व्यवस्था की जाए। यदि इसके बाद भी कोई मजदूर कहीं दूसरी जाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
 
 
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विचलित मत होना, कोरोना के खिलाफ हासिल करेंगे जीत : डॉ. शर्मा

  अमर उजाला ब्यूरो रोहतक।  कोरोना के खिलाफ चल रहे लॉकडाउन के दौरान पार्टी की तरफ से प्रभारी बनाए गए सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा सोमवार को दिल्ली से रोहतक पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले दिल्ली बाईपास नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विचलित मत होना, कोरोना को हराकर ही दम लेंगे।  इस दौरान सांसद ने उचित दूरी से पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस ने शानदार तरीके से ड्यूटी कर रही है। 24 घंटे सड़क के ऊपर खड़े होकर लोगों की सुरक्षा व लॉकडाउन को कामयाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने सांसद को बताया कि कुछ लोग अस्पताल के पुराने कागजात लेकर आ रहे हैं। कहते हैं कि उनको डॉक्टर के पास जाना है। साथ परचून के सामान लेने के नाम पर भी बार-बार सड़क पर आ रहे हैं। सांसद ने कहा कि, पुलिस अच्छी तरह से पूछताछ करे। बहाने बनाकर आने वाले लोगों को वापस घर भेज दे। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी व सीएम मोदी की तरफ से पुलिसकर्मियों, अधिकारियों व आम लोगों का का धन्यवाद करते हैं, जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।   शेल्टर होम की जांच करूंगा खुद : सांसद अरविंद शर्मा का कहना है कि प्रवासी लोगों को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। उनको समझाया जाएगा कि वे अगर प्रदेश से जाएंगे तो उनके प्रदेश में भी घर नहीं जाने दिया जाएगा। वहां भी 15 दिन तक बाहर टेंटों में रहना पड़ेगा। यहीं पर सरकार ने उनके रहने की व्यवस्था की है। वे खुद अधिकारियों से समीक्षा मीटिंग करके शेल्टर होम  की जांच करने जाएंगे।  ... और पढ़ें

'डॉक्टर और पुलिस की सपोर्ट करोना, घर की लक्ष्मण रेखा तुम पार करो ना'

अमर उजाला ब्यूरो रोहतक। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में लगाये लॉकडाउन के दौरान पुलिस द्वारा जनता से अपील की जा रही है कि वह घरों से बिना किसी ठोस वजह के बाहर ना निकले। एडीजीपी अनिल कुमार राव के इन्हीं आदेशों अनुसार रोहतक सीआईडी डीएसपी अजीत सिंह, सब इंस्पेक्टर सतपाल सिंह, सीएम फ्लाइंग रोहतक ने पुलिस एवं डॉक्टरों के जज्बे को सलाम करते हुए एक गीत श्री गणेश म्यूजिक चैनल के माध्यम से यूट्यूब पर जारी किया है। जिस गीत को सूरज ने लिखा है। गीत के बोल हैं 'डॉक्टर और पुलिस की सपोर्ट करोना, घर की लक्ष्मण रेखा तुम पार करो ना'। गीत को सुनने के बाद एडीजीपी सीआईडी अनिल कुमार राव ने उक्त पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया है। हरियाणा सीआईडी एडीजीपी के दिशा निर्देशानुसार पूरे हरियाणा में श्रमिकों के खाने पीने की व्यवस्था पुलिस द्वारा की जा रही है। साथ ही सभी श्रमिकों का हेल्थ चेकअप डॉक्टर की विशेष टीम द्वारा करवाया जा रहा है। श्रमिकों को उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। अगर कोई महिला पीजी आदि में खुद को अकेला महसूस कर रही है या अपने घर जाना चाहती है तो उसको भी पुलिस को सूचना मिलने पर घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ... और पढ़ें
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