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हरियाणा: रेवाड़ी में फंसे 13500 मजदूर, रोडवेज ने 100 बसें चलवाईं, यूपी के कोने-कोने तक जाएंगी

देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है। कोरोना के खिलाफ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जंग लड़ रही है।

29 मार्च 2020

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सोनीपत

रविवार, 29 मार्च 2020

लॉकडाउन में कोई भूखा नहीं रहे, 14 युवाओं ने ग्रुप बनाकर शुरू की सब्जी व खाद्य सामग्री बांटनी, लोग जुड़ते जा रहे

अंकित चौहान
सोनीपत। कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में अचानक लॉकडाउन होने से सबकुछ बंद हो गया। कुंडली व राई क्षेत्र में फैक्टरी अधिक होने के कारण उनमें काम करने वाले मजदूरों के सामने अचानक रोटी तक के लाले पड़ गए। जिनको परेशान होता देखकर 14 युवाओं ने एक ग्रुप बनाया और कुंडली क्षेत्र में उनको सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री पहुंचानी शुरू की। उनकी इस पहल को देखकर लोग जुडने शुरू हो गए और हर कोई मदद के लिए आगे आ रहा है, जिससे यह कारवां लंबा होता जा रहा है। जिससे अब सब्जी व खाद्य सामग्री बांटने को एक ओर गाड़ी को राई क्षेत्र में लगाया गया जो अब राई क्षेत्र के आसपास भी खाद्य सामग्री बांटेगी।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन के बाद कुंडली व राई के आसपास जीटी रोड पर ऐसे काफी लोग है जो फैक्टरी बंद होने के बाद से रोटी तक के लिए तरसने लगे। उनके पास रुपये नहीं है और उनके पास खाद्य सामग्री भी खत्म हो चुकी है। जिसके बाद अटेरना के दीपक चौहान ने पहल शुरू की और अपने आसपास के गांव के लोगों का एक ग्रुप बनाया। इस ग्रुप में जाखौली से राहुल व यश, मनौली कपिल व अरूण, पबसरा घनश्याम, अटेरना से मोहित, साहिल, सागर, भैरा बांकीपुर से मोहित, टीडीआई से संजय, खुर्मपुर से संजय, सोनीपत से डा. मदन व चरण सिंह शामिल हुए। । उसके बाद किसानों से संपर्क किया, जिनकी सब्जी व खाद्य उत्पाद मंडी तक नहीं पहुंच रहे थे। उसके बाद बांटना शुरू किया और अब वह एक दिन में 100 से ज्यादा लोगों को बांटते है। पहले कुंडली क्षेत्र में एक गाड़ी लेकर घूमते थे तो अब राई में शुरू किया है, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति भी मिल गई है। दीपक चौहान बताते है कि अब इसमें उनके साथ काफी लोग जुड़ते जा रहे है और वह ऐसे लोगों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। जिनको लॉकडाउन के कारण खाने के लिए जूझना पड़ रहा है। दीपक ने बताया कि जिस तरह से उनकी पहल के साथ लगातार लोग जुड़ रहे है, उससे लॉकडाउन के दौरान किसी भी सामान की कमी नहीं आने दी जाएगी और वह लगातार लोगों को सामान सप्लाई करते रहेंगे। क्योंकि यमुना क्षेत्र में सब्जी की कमी नहीं है और वहां के किसानों से सब्जी लेने के साथ ही अन्य सामान भी एकत्र करके लोगों तक पहुंचा रहे है और यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा।
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बिना अनुमति घर में ही बना रहे थे मास्क, दो गिरफ्तार

सोनीपत। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ लोग इस दौरान भी लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हट रहे। कारोना वायरस से बचाव के लिए मास्क की मांग बढ़ने के बाद इसे बिना अनुमति के ही तैयार करने के मामले सामने आने लगे हैं। गोहाना में मास्क बनाने की फैक्टरी के खुलासे के बाद शहर की दहिया कालोनी में घर के अंदर ही मास्क बनाने का मामला सामने आया है। एसडीएम की सूचना के बाद नगर निगम के कार्यकारी अभियंता से छापा मारकर मास्क बना रहे दो लोगों को पकड़वाया है। उनके खिलाफ सिटी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जमानत मिल गई।
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता अजय निराला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए जिलाधीश ने उन्हें एक क्षेत्र का ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया है। इसी कड़ी में वह गश्त पर थे। इसी बीच एसडीएम आशुतोष रंजन ने आदेश दिया कि ककरोई रोड पर दहिया कालोनी स्थित एक घर में बिना अनुमति के मास्क बनाए जा रहे हैं। जिस पर वह टीम के साथ तुरंत मौके पहुंचे। वहां पर दो लोग मास्क बना रहे थे। मौके से 20 मास्क व मास्क बनाने का सामान बरामद किया गया। जिस पर पुलिस को बुलाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कराया गया। वह बिना नियम कानून के मास्क बना रहे थे। जिससे कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है। मौके से गिरफ्तार युवकों ने अपनी पहचान दहिया कालोनी के रहने वाले प्रवेश व सुनील के रूप में दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188, 269, 270 व 271 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जमानत मिल गई।
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नगर निगम के कार्यकारी अभियंता के बयान पर घर में मास्क बना रहे दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जमानत मिल गई। नियम तोडऩे वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उषा रानी, चौकी प्रभारी सेक्टर-23 सोनीपत।
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हरियाणा में किराना, दवाओं की दुकानें खुलने का समय नहीं होगा निर्धारित, सरकार ने बताई वजह

हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में किराना, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने का समय निर्धारित न किया जाए। समय निर्धारित होगा, तो इन दुकानों पर एकदम भीड़ उमड़ेगी, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। लिहाजा जिला प्रशासन इन दुकानों को अधिक देर तक खुला रहने दें। हो सके तो रात तक भी जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खुला रखा जाए।

उधर, सरकार ने पुलिस प्रशासन को भी आदेश दिया है कि जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए जा रहे किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक तंग न किया जाए, जिससे पुलिस और पब्लिक के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो। इस संदर्भ में मुख्य सचिव ने यह निर्देश सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ कांफ्रेंसिंग से बैठक करके दिए। 

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आंनद अरोड़ा ने सभी मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें। परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चेकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए।
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों ने अपने वेतन का 10 प्रतिशत अंशदान दिया

राई। पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ खिलाफ लड़ रहा है। इस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सटी के कर्मचारियों ने भी अपना सहयोग देने की घोषणा की। कुलपति डॉ. विनय कपूर मेहरा ने बताया कि उन्होंने अपने कर्मचारियों के सहयोग से सभी के वेतन का दस प्रतिशत अंश हरियाणा कोरोना राहत कोष में देने को निर्णय लिया है। यूनिवर्सिटी के सभी कर्मचारियों ने कुलपति के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस समय आर्थिक तौर पर समर्थ लोगों को सहयोग देकर इस महामारी को रोकने के लिए अपना योगदान देना चाहिए। सभी कर्मचारियों ने समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस व प्रशासन के साथ चिकित्सकों के कार्य की सराहना की। ... और पढ़ें

देशभर में अभी नहीं बढ़ाया जाएगा टोल टैक्स

सोनीपत। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने पूरे देश में लॉकडाउन होने के बाद से सब कुछ ठप हो गया है। इस लॉकडाउन में जहां सरकार राहत पैकेज की लगातार घोषणाएं कर रही है, वहीं एक बड़ा फैसला टोल टैक्स के लिए लिया गया है। हर साल एक अप्रैल से बढ़ने वाला टोल टैक्स इस बार नहीं बढ़ाया जाएगा। टोल टैक्स को अप्रैल के बाद कब से बढ़ाया जाए, उसपर परिवहन मंत्रालय व एनएचएआई फैसला लेंगे।
देशभर के सभी टोल प्लाजा पर नया वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से टैक्स को रिवाइज किया जाता है। जिससे टोल टैक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की जाती है। देश के सभी टोल प्लाजा पर हर बार की तरह टैक्स बढ़ाने के लिए एनएचएआई ने पूरी तैयारी कर दी और उसकी गणना करके लिस्ट भी तैयार की गई। लेकिन टोल टैक्स बढ़ाने से पहले ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरा देश लॉकडाउन कर दिया गया है। इस लॉकडाउन के कारण अधिकतर टोल प्लाजा 14 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिए गए है। लेकिन टोल प्लाजा खुलने के बाद भी टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा। एनएचएआई ने यह साफ कर दिया है कि टैक्स अभी नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके लिए परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा गया है और टैक्स बढ़ाने को लेकर गाइडलाइन मांगी गई है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारी यह कह रहे है कि अभी तीन महीने टोल टैक्स नहीं बढ़ाए जाएंगे। लेकिन इसपर आखिरी फैसला परिवहन मंत्रालय से कोई गाइडलाइन आने के बाद ही साफ किया जाएगा। इस तरह से देशभर के वाहन चालकों को टोल टैक्स बढ़ोतरी नहीं करके भी राहत देने का काम सरकार करेगी।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरा देश लॉकडाउन है और ऐसे में टोल टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा। इसको लेकर परिवहन मंत्रालय से गाइडलाइन मांगी गई है, जिससे बाद पूरी स्थिति साफ होगी कि टोल टैक्स को कब से बढ़ाया जाएगा। इस समय हर किसी का ध्यान केवल कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने पर लगा है।
-आशीष जैन, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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फैक्टरी में पानी व खाना तक नहीं मिला, 600 किमी दूर घर जाने को पैदल ही निकले मजदूर

सोनीपत। कोरोना से बचाव के लिए 14 अप्रैल तक किए लॉकडाउन के दौरान सभी प्रतिष्ठान व कंपनी बंद कर दी गई हैं। ऐसे में कंपनी में कार्यरत मजदूर वर्ग के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। कंपनी में खाना तक नहीं मिलने के चलते अब मजदूर वर्ग के लोग पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़ेे हैं। बेशक कोई अपने घर से 200 किलोमीटर दूर है तो कोई 300 किलोमीटर, लेकिन उसके बावजूद वह अपने प्रदेश के लिए बिना किसी संसाधन के निकल पड़ा है। कई मजदूर तो बच्चों व महिलाओं संग पैदल निकल लिए हैं। जिसके चलते हाईवे के साथ ही केजीपी और केएमपी पर मजदूरों की कतार लगी है। अब प्रशासन ने हाईवे पर तीन ठिकानों पर प्रवासी मजदूरों के रहने व खाने का बंदोबस्त किया है। यहां इनको रोकने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भय और संशय के बीच यह लोग यहां ठहरने को तैयार नहीं।
शनिवार को सुबह से ही हाईवे व केजीपी और केएमपी पर लोग पैदल ही चलते दिखाई दिए। 50-100 मीटर की दूरी पर लोग चार-पांच की संख्या में टोलियों के सिर पर सामान की गठरी या बैग के अलावा बच्चे कभी कंधे पर तो कभी पैदल ही चलते दिखाई दिए। हाईवे पर अचानक काफी भीड़ आ गई। मजदूर सोनीपत के साथ ही पडोस के जिलों से पैदल चलकर यहां तक पहुंचे थे। इनमें सेे किसी को उत्तर प्रदेश जाना है तो कोई मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार व राजस्थान जा रहा है। मजदूर वर्ग 200 से 500 किलोमीटर का सफर पैदल या किसी अन्य वाहन के भरोसे तय करने के लिए निकले हैं। सोनीपत से करीब 280 किलोमीटर दूर बदायूं जाने के लिए रामजस, सुधीर और मोहन का कहना था कि फैक्टरी में काम बंद हो गया। ऐसे में दिल्ली में रह रहे कंपनी मालिक ने खाना देने से मना कर दिया। ऐसे में उन्हें भूखा मरने से अच्छा अपने घर जाना लगा और अब वह घर से निकल गए हैं। सोनीपत के बहालगढ़ से करीब 525 किलोमीटर यूपी के गोंडा के निकले कार्तिक, सोहन और मनोज का कहना था कि जो पैसा मिला था वह तो खत्म हो गया। वह निर्माणाधीन कंपनी में लोहे का काम करते थे। अब काम बंद है। ऐसे में पैसा कहां से आएगा। जिसके चलते भूखा मरने की नौबत आ गई है। भूमि की गुणवत्ता की जांच करने वाले बिहार के अकरम व उसके साथियों ने बताया कि वह बहालगढ़ कंपनी में आए थे। अचानक लॉकडाउन हो गया। कंपनी मालिक ने मदद करने से इंकार कर दिया। जिसके चलते अब पैदल ही निकल लिए हैं। यहां से दिल्ली जाएंगे। उसके बाद आगे कहां यह कुछ उन्होंने नहीं सोचा है।
पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले पुरुषोत्तम कहते हैं कि वह हिसार के सौरखी स्थित टीएम कंपनी में हैल्पर का कार्य करते हैं। लॉकडाउन होने के कारण कंपनी में उसके साथ काम करने वाले लोग इधर-उधर चले गए हैं। जिस कारण उसे अब खाने की परेशानी होने लगी तो उसने पैदल ही अपने घर जाने की ठान ली। अब निकल लिए हैं तो मंजिल तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। वह दो दिनों तक पैदल चलकर शनिवार दोपहर को सोनीपत पहुुंचा है। यहां पुलिसकर्मियों ने उससे सड़क पर घूमने का कारण पूछा और उसकी मदद करते हुए ट्रक में बैठाकर जीटी रोड पर पहुंचवाया। यूपी के इटावा के रहने वाले चार श्रमिकों ने भी अपनी मंजिल तक पहुंचने का प्रयास शुरू कर दिया है। संदीप ने बताया कि वह अपने साथी सुरेश, राजबीर व टोनी के साथ औद्योगिक क्षेत्र स्थित चॉकलेट बनाने वाली फैक्टरी में नौकरी करते हैं। लेकिन खाने की परेशानी के चलते अब घर का रुख कर लिया है। सोनीपत से करीब 650 किलोमीटर दूर अयोध्या के लिए निकले सुधीर, अंकुर व रजनीश का कहना है कि वह कंपनी में काम करते थे। अब काम बंद है। दूसरा प्रदेश होने के चलते उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में अपने घर की तरफ रुख कर लिया है। जहां तक पैदल होगा पैदल चलेंगे और कोई वाहन मिला तो उसमें बैठकर आगे का सफर पूरा करेंगे।
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बहालगढ़ स्थित कंपनी में काम बंद हो गया है कंपनी का मालिक फोन नहीं उठा रहा है। खाने के लाले हो गए हैं। अब भूखा मरने से अच्छा है कि अपने परिवार के साथ ही रहें। इसके लिए चले दिए हैं। अब नहीं तो दस दिन में पहुंच जाएंगे। कम से कम अपनों के साथ तो रहेंगे।
लालू, गोंडा यूपी
मुरथल के पास कंपनी में काम करता था। अब काम बंद हो गया। साथ रहने वाले सभी चले गए। अब अकेले रहने में दिक्कत आ रही है। परिवार के लोग भी चिंता कर रहे हैं। ऐसे में पैदल ही अपने घर के लिए निकल पड़ा हूं। किस्मत में होगा तो पहुंच जाउंगा, नहीं तो देखा जाएगा साहब।
-पवन, राजस्थान
परिवार के आठ लोग गन्नौर में मेहनत मजदूरी कर रहे थे। अब काम नहीं रहा तो भूखों मरने की नौबत हो गई है। जिसके चलते बच्चों संग अपने घर के लिए निकल पड़े हैं। वहां कम से कम खाने को तो मिल जाएगा। राशन भी महंगा हो गया है। जिसके चलते घर जाना ही बेहतर समझा। अब देखते है कि क्या मदद मिल पाएगी।
रामदेवी, झांसी
परिवार में चार बच्चे व पति-पत्नी हैं। खाने को सामान नहीं मिल रहा है। मजदूरी भी नहीं लगी है। ऐसे में भूख से मरने की नौबत आ गई है। जिसके चलते अब अपने घर जाने के लिए निकल पड़े हैं। खाना महंगा होने से आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। परिवार के साथ रहेंगे तो कुछ दिक्कत कम होगी। अब निकल लिए हैं तो रास्ते में जो होगा देखा जाएगा।
श्रवण कुमार, मध्यप्रदेश
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प्रशासन ने मजदूरों के रहने और खाने का पूरा बंदोबस्त किया है। लोगों से आग्रह भी किया गया, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं। ऐसे में प्रशासन ने इनके लिए जगह-जगह लंगर लगाए और सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई है। साथ ही पुलिस को हिदायत दी है कि वह गश्त लगातार करें, ताकि किसी के साथ कोई हादसा ना हो। प्रशासन हर स्तर पर मदद के लिए तैयार है।
आशुतोष राजन, एसडीएम सोनीपत।
रामदेवी।
रामदेवी।- फोटो : Sonipat
 केएमपी के रास्ते यूपी की तरफ जाते मजदूरों की कतार।
केएमपी के रास्ते यूपी की तरफ जाते मजदूरों की कतार।- फोटो : Sonipat
केएमपी के रास्ते यूपी की तरफ जाते मजदूर।
केएमपी के रास्ते यूपी की तरफ जाते मजदूर।- फोटो : Sonipat
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत के लिए राहत, छात्रा की तीसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव

सोनीपत। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत के लिए राहत भरी खबर है जो अब कोरोना वायरस मुक्त हो गया है। सोनीपत में सप्ताह भर पहले यूके से लौटने के बाद कोरोना वायरस पॉजिटिव मिली छात्रा की तीसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है और छात्रा की हालत पूरी तरह से सुधरी हुई बताई जा रही है। हालांकि छात्रा को 14 दिन तक आईसोलेशन में रखने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा और उसके बाद उसे छुट्टी दी जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा का जहां लगातार उपचार किया गया, वहीं छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और इसका ही परिणाम है कि वह कोरोना से जंग जीत रही है।
सेक्टर-14 की रहने वाला छात्रा यूके में पढ़ाई करती है। वह 18 मार्च को सोनीपत अपने घर वापस लौटी थी। छात्रा की एक सप्ताह पहले अचानक तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे लेकर खानपुर कलां स्थित महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पहुंचे। जहां छात्रा को भर्ती कर लिया गया और चिकित्सकों ने उसका ब्लड सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा। लैब से छात्रा की कोरोना वायरस की रिपोर्ट आई तो उसमें वह पॉजिटिव मिली है। खानपुर कलां मेडिकल कालेज से इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। छात्रा के परिवार के सभी 14 सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिसके बाद यह राहत भरी बात रही कि वह सभी कोरोना नेगेटिव निकले। उसी समय से छात्रा को खानपुर कलां के मेडिकल कालेज में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है और वहां उसका उपचार चल रहा है। छात्रा की दो दिन उपचार के बाद दूसरी जांच कराई गई तो वह नेगेटिव आई, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। लेकिन उसकी तीसरी जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होने की बात कही गई तो अब छात्रा की तीसरी जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। इस तरह से छात्रा को अब पूरी तरह से ठीक बताया जा रहा है। लेकिन छात्रा को आईसोलेशन में 14 दिन पूरे करने होंगे, जिसके छह दिन रह गए हैं। इस तरह छात्रा की तीसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव मिलने पर सोनीपत से कोरोना वायरस पूरी तरह से खत्म होता दिख रहा है।
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सेक्टर-14 की रहने वाली छात्रा यूके से अपने घर लौटी थी। उसके अचानक बीमार होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। उसके बाद छात्रा की दूसरी व तीसरी जांच कराई गई तो यह दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस तरह छात्रा की बीमारी खत्म होना माना जा रहा है, लेकिन उसे आईसोलेशन में 14 दिन पूरे करने होंगे।
-डॉ. बीके राजौरा, सीएमओ
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राशन डिपो पर बांटा खराब गेहूं, एसडीएम को शिकायत देने पर जांच करने पहुंचे तहसीलदार

corona virus
खरखौदा। शहर के वार्ड नंबर 12 के राशन डिपो पर बांटे जा रहे खराब गेहूं को लेकर शहर के दो युवकों ने एसडीएम को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि डिपो संचालक से जब उन्होंने खराब गेहूं बदलने की बात कही तो उसने ऐसा करने से मना कर दिया। जिस कारण वह गेहूं लेकर एसडीएम को शिकायत देने पहुंचे हैं। शिकायत के बाद एसडीएम श्वेता सुहाग ने तहसीलदार को मौके पर भेजा और वहां पर तहसीलदार ने डिपो धारक को खराब गेहूं वापस गोदाम में भेजने को कहा। वहीं एसडीएम श्वेता सुहाग ने डिपो धारकों को साफ खाद्य सामग्री का विरतण करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि अगर कोई इसमें लापरवाही बरतता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन किया गया है, जिसके तहत लोगों को घरों में ही बने रहने की हिदायत दी गई है। ऐसे में उन्हें खाद्य सामाग्री को लेकर कोई परेशानी न हो, उसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से राशन डिपो के माध्यम से राशन वितरण का काम शुरू किया गया है। लेकिन इसी बीच शहर के वार्ड 12 के रहने वाले दो युवक एसडीएम कार्यालय पहुंचे और वार्ड में स्थित राशन डिपो धारक की शिकायत करते हुए कहा कि लोगों को खराब गेहूं वितरित किया जा रहा है, जोकि खाने लायक नहीं है। युवकों ने आरोप लगाया कि एतराज जताने के बावजूद डिपो धारक ने गेहूं को नहीं बदला। शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीएम श्वेता सुहाग ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार अनिल कुमार को मौके पर भेजा, ताकि लोगों को खराब सामान न दिया जा सके। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर डिपो धारक को फटकार लगाई और सभी को साफ गेहूं उपलब्ध करवाने की बात कही। वहीं इसके साथ ही एसडीएम श्वेता सुहाग ने खुद भी क्षेत्र के कई डिपो का दौरा कर उन्हें बांटी जा रही सामग्री की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोताही ना बरतने की बात कही। वहीं इस दौरान एसडीएम ने खाद्य सामग्री लेने पहुंचे लोगों को भी एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी गई।
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गोहाना में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सोनीपत में बूंदाबांदी

सोनीपत। जिले में फिर से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार सुबह अधिकतर क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। जिसकी वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गोहाना में हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब मौसम साफ रहेगा।
मार्च महीने की शुरुआत से ही लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में औसतन 88 एमएम बरसात दर्ज की गई। परंतु उसके बाद मौसम साफ हो गया था। हालांकि अब दो दिन पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय हो गया। जिसके बाद वीरवार शाम से ही आसमान में काले बादल मंडराने लगे थे और शुक्रवार सुबह जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान जहां 25 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और एक सप्ताह के अंदर ही तापमान बढक़र 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। लॉकडाउन के दौरान हुई बूंदाबांदी से नाके लगाकार खड़े पुलिस कर्मियों को भी परेशानी हुई। उन्हें बूंदाबांदी के बीच रोड पर खड़ा रहना पड़ा।
किसानों की बढ़ी चिंता, फसल में होगा नुकसान
शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता को एक बार फिर से बढ़ गई है। मार्च माह में अब तक हुई बरसात से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। जिले में करीब 5 हजार हेक्टेयर भूमि में फसल बरसात से प्रभावित हो चुकी है। मौजूदा समय में सरसों की कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि अप्रैल माह के पहले सप्ताह में गेहूं की कटाई भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में मौजूदा समय में बरसात किसानों के लिए मुसीबत बन सकती है। गनीमत रही कि शुक्रवार को तेज बरसात नही हुई। जिसकी वजह से फसलों पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
गोहाना में हुई सबसे ज्यादा परेशानी
शुक्रवार शाम को गोहाना में बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश के कारण गलियों में भी पानी भर गया। वहीं निचाई वाले खेतों में बारिश का पानी भरने से किसानों को दिक्कत हो सकती है। गोहाना के कई गांवों में पहले ही ओलावृष्टि ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अब इन दिनों में हुई बारिश से किसानों की मुसीबत ज्यादा बढ़ सकती है।
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रबी सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में मौसम का साफ रहना और तापमान का बढ़ना गेहूं व रबी सीजन की सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। शुक्रवार को जिले में बूंदाबांदी हुई है। इससे फसलों पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। परंतु तेज बरसात फसलों में नुकसान पहुंचा सकती है। कृषि विभाग परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार किसानों को एसएमएस के माध्यम से जागरूक भी कर रहा है।
डॉ.अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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लॉकडाउन में प्रसव पीड़िता के लिए फरिश्ते बने दो युवक

लॉकडाउन में प्रसूता के लिए खून देकर फरिश्ते बने दो युवक
-नागरिक अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती महिला को ए पॉजिटिव खून नहीं होने पर खानपुर रेफर किया, वहां भी नहीं मिला तो दो युवकों ने पहुंचकर खून देकर बचाई जान
- ए पॉजिटिव खून मिलने के बाद महिला की सामान्य डिलीवरी हुई
- सूचना मिलते ही पहुंच गए थे जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के सदस्य
फोटो 52: रक्तदान करते जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज।
फोटो 53: रक्त देते सोमबीर सरोहा जुआं।
प्रदीप कौशिक
सोनीपत। कोरोना वायरस फैलने से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में दर्द से कराहती एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने के लिए परिजन नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन नागरिक अस्पताल में भर्ती महिला को ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने पर महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां रेफर कर दिया गया। महिला को वहां भी ए पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो ब्लड के बिना महिला की जान पर बन सकती थी। ऐसे में दो युवक महिला के लिए फरिश्ता बनकर पहुंच गए। सूचना मिलने पर जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के यह सदस्य किसी तरह खानपुर कलां पहुंचे और वहां महिला को ब्लड दिया। इसके बाद महिला की सामान्य डिलिवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। खून की कमी के चलते महिला की जान को खतरा हो सकता था।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन जारी है। इसके चलते लोगों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है। इस बीच ही गांव खेवड़ा की रहने वाली काजल को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन वीरवार सुबह उसे नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उसे ब्लड की कमी बताकर खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद वहां के चिकित्सकों ने ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने की बात कही। इस पर गर्भवती काजल के पति संदीप ने अपने ससुर गुलशन सैनी निवासी गढ़ी ब्राह्मणान को फोन कर ए पॉजिटिव ब्लड की मांग की। इस पर गुलशन सैनी ने अपनी बेटी के लिए जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज से संपर्क किया। इसके बाद हुक्मचंद भारद्वाज अपने साथी सोमबीर सरोहा जुआं के साथ खानपुर कलां के लिए चल दिए। रास्ते में उन्हें नाका लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों ने रोक लिया तो हुक्मचंद ने गर्भवती महिला को रक्त देने के लिए खानपुर कलां जाने की बात कही। इस पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें खानपुर कलां के लिए भेज दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद हुक्मचंद ने अपने साथी प्रवीण को भी बुलाया और वहां तीनों ने काजल के लिए ब्लड दिया। इसके बाद काजल की सामान्य डिलिवरी हुई और एक बच्चे को जन्म दिया।
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लॉकडाउन : बेवजह घरों से बाहर निकले लोगों पर पड़े पुलिस के डंडे, बनाया मुर्गा

सोनीपत। लॉकडाउन के बावजूद लोग बिना कारण बाहर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कहीं लोगों को मुर्गा बनाया जा रहा है, तो कहीं पर उठक-बैठक कराई जा रही है। दो दिन से चल रहे इस अभियान के बावजूद शुक्रवार को भी लोग सड़कों पर निकले। ऐसे में अब तय हुआ है कि चालान के साथ ऐसे लोगों को भारी-भरकम जुर्माना किया जाएगा। ताकि लोग घरों से निकलते समय सोचने पर मजबूर हो जाएं। उधर कई स्थानों पर शराब के ठेके अभी भी खुले हुए हैं। जिस पर पुलिस ने अब ठेकों को बंद कराना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर खाद्य सामग्री की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जिसके बाद से ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिक रेट लेने वालों पर दबिश दे रही है।
लॉकडाउन के चलते पुलिस-प्रशासन ने सख्ती और बढ़ा दी है। शुक्रवार को बेवजह सड़कों पर निकलने वालों पर पुलिस का डंडा खूब चला। उसके बावजूद लोग घरों में रुकने को तैयार नहीं हैं। इनके कारण कोरोना का सुरक्षा चक्र टूट सकता है। यदि लोग घरों पर नहीं रुकते हैं तो पुलिस जल्द ही कॉलोनियों में बैरिकेड लगवा सकती है। जगह-जगह पुलिस बल लगाया गया है। सके बावजूद लोग घरों पर नहीं रुक रहे हैं। वह दिनभर सड़कों पर बेवजह घूम रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार को फिर से कड़ा रुख अपनाया गया। पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग की और बिना काम के निकलने वालों को समझाकर वापस भेज दिया। उसके बावजूद कई लोग बार-बार सड़कों पर आते रहे। उनको घेरकर कई जगह पुलिस को डंडा चलाया पड़ा। गाड़ियों के चालान काटे गए। पुलिस ने सुभाष चौक, रेस्ट हाउस चौक, गीता भवन चौक, देवीलाल चौक, मुरथल अड्डा, चौधरी छोटूराम चौक, आईटीआई चौक और डीसी रोड पर चेकिंग की गई। पुलिस ने जगह-जगह वाहनों को सीज कर दिया। पुलिस ने गीता भवन चौक के पास, महलाना रोड पर, ककरोई चौक, गन्नौर में बेगा रोड पर बिना कारणा घूम रहे लोगों पर पुलिस ने डंडे भी बरसाए।
पुलिसकर्मियों से उलझ रहे लोग
लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्ती के बीच लोग पुलिस से उलझने भी लगे हैं। रेस्ट हाउस के सामने तो कार चालक ने पुलिस टीम को सस्पेंड कराने की धमकी तक दे डाली। उसके बावजूद पुलिस ने उसकी कार को नहीं निकलने दिया और चालान भी काटा।
शराब के ठेकों को कराया बंद, फिर भी खुले
सरकार के आदेश के बाद शुक्रवार को कई स्थानों पर शराब के ठेके भी खुले थे। पुलिस ने सूचना मिलते ही उन्हें बंद कराया जा रहा है। साथ ही ठेके नहीं खोलने को लेकर आगाह किया जा रहा है। गन्नौर के साथ ही शहरी क्षेत्र मेें खुले शराब ठेकों को बंद कराया गया।
सामान की कालाबाजारी शुरू, दी जा रही दबिश
लॉकडाउन के बावजूद कई दुकानदार चोरी छिपे सामान बेच रहे हैं। साथ ही वह रेट भी अधिक ले रहे हैं। जिसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। राई क्षेत्र के ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुलबीर सिंह और थाना प्रभारी अनिल कुमार ने दुकानदारों से दुकानों के बाहर सामान की रेट लिस्ट चस्पाने को कहा है। दुकानों के बाहर घेरे बनाने के आदेश दिए हैं, ताकि लोग दूरी बनाकर सामान खरीद सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टॉक की कमी नहीं रहे, इसके लिए प्रशासन ने कई ऑटो चालकों को सामान लाने के लिए अनुमति दी। वहीं उन्होंने कहा कि अगर रेट लिस्ट से महंगे दामों पर सामान बेचा गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होने बीसवामील, राई, बहालगढ़ में कई दुकानों पर जाकर जांच की।
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कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लोगों को बिना वजह बाहर नहीं घूमना चाहिए। लोगों को घरों के अंदर रहना चाहिए। लॉकडाउन व धारा 144 का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। नियम तोडने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। लोगों को घरों से निकलने से रोकने के लिए समाज के जिम्मेदार लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। हमारे लिए लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। इसमें किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शराब के ठेकों को भी बंद करा दिया गया है। अब ठेका खोलने पर उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत
गीता भवन चौक के पास पुलिस कर्मियों से बातचीत करते डीएसपी डा.रवींद्र कुमार।
गीता भवन चौक के पास पुलिस कर्मियों से बातचीत करते डीएसपी डा.रवींद्र कुमार।- फोटो : Sonipat
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लॉकडाउन में प्रसव पीड़िता के लिए फरिश्ते बने दो युवक

प्रदीप कौशिक
सोनीपत। कोरोना वायरस फैलने से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में दर्द से कराहती एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने के लिए परिजन नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन नागरिक अस्पताल में भर्ती महिला को ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने पर महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां रेफर कर दिया गया। महिला को वहां भी ए पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो ब्लड के बिना महिला की जान पर बन सकती थी। ऐसे में दो युवक महिला के लिए फरिश्ता बनकर पहुंच गए। सूचना मिलने पर जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के यह सदस्य किसी तरह खानपुर कलां पहुंचे और वहां महिला को ब्लड दिया। इसके बाद महिला की सामान्य डिलिवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। खून की कमी के चलते महिला की जान को खतरा हो सकता था।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन जारी है। इसके चलते लोगों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है। इस बीच ही गांव खेवड़ा की रहने वाली काजल को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन वीरवार सुबह उसे नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उसे ब्लड की कमी बताकर खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद वहां के चिकित्सकों ने ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने की बात कही। इस पर गर्भवती काजल के पति संदीप ने अपने ससुर गुलशन सैनी निवासी गढ़ी ब्राह्मणान को फोन कर ए पॉजिटिव ब्लड की मांग की। इस पर गुलशन सैनी ने अपनी बेटी के लिए जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज से संपर्क किया। इसके बाद हुक्मचंद भारद्वाज अपने साथी सोमबीर सरोहा जुआं के साथ खानपुर कलां के लिए चल दिए। रास्ते में उन्हें नाका लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों ने रोक लिया तो हुक्मचंद ने गर्भवती महिला को रक्त देने के लिए खानपुर कलां जाने की बात कही। इस पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें खानपुर कलां के लिए भेज दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद हुक्मचंद ने अपने साथी प्रवीण को भी बुलाया और वहां तीनों ने काजल के लिए ब्लड दिया। इसके बाद काजल की सामान्य डिलिवरी हुई और एक बच्चे को जन्म दिया।
 रक्त देते सोमबीर सरोहा जुआं
रक्त देते सोमबीर सरोहा जुआं- फोटो : Sonipat
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शराब की गाड़ी पकड़े जाने पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने आरोप

खरखौदा। गांव सिसाना के व्यक्ति ने गांव के ही रहने वाले दो भाइयों पर उससे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। व्यक्ति का आरोप है कि आरोपियों की शराब की गाड़ी पकड़े जाने के चलते वह उस पर गाड़ी पकड़वाने का आरोप लगाकर पैसे की मांग कर रहे हैं। साथ ही जान से मारने की धमकी दे रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव सिसाना निवासी रामनिवास ने पुलिस को बताया कि गांव के ही जितेंद्र व भूपेंद्र ने उससे 50 लाख रुपये देने की मांग की है। आरोपियों ने उसे कहा है कि उसने उसकी शराब की गाड़ियां पकड़वा दी हैं। जिससे उन्हें 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में अब वह उन्हें इस नुकसान की भरपाई करने के लिए 50 लाख रुपये दे। पैसे नहीं देने पर वह उसे गोली मार देंगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने उसे कहा कि वह उसे करीब 10 दिनों से तलाश रहे हैं। ऐसे में दोबारा से आरोपी उसे धमकी ना दे सकें इसलिए उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। जिस पर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ जबरन पैसे मांगने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
वहीं मामले में आरोपी सिसाना निवासी भूपेंद्र का कहना है कि उन्होंने कोई धमकी नहीं दी है। शिकायतकर्ता ने मंदिर की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। जिसे लेकर कुछ दिन पहले पंचायत हुई थी तो उसमें उसने शिकायतकर्ता को गलत ठहरा दिया था। जिसे लेकर उसकी पंचायत में ही कहासुनी हो गई थी। ऐसे में उन दोनों भाईयों के खिलाफ झूठी शिकायत दी गई है।
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व्यक्ति ने दो भाइयों पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जल्द पूरे मामले का पटाक्षेप किया जाएगा।
-जसबीर सिंह, थाना प्रभारी खरखौदा।
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