किसान, मजदूर व कर्मचारी विरोधी है सरकार: भूपेंद्र हुड्डा

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 12:35 AM IST
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गोहाना। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान, मजदूर व कर्मचारी विरोधी है। यही कारण है कि आज किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहा है और मंडी में फसल के दाम पिट रहे है। मजदूरों के पास काम नहीं है तो कर्मियों को समय पर भत्ते व वेतन नहीं मिल रहे है। वे रविवार को बरोदा हलके के गांवों में पहुंचे थे।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह दो बार लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उस समय सरकार और किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा एमएसपी में ज्यादा से ज्यादा बढ़ोतरी करना होता था। इसलिए उनकी सरकार ने महज दस साल में लगभग हर फसल का रेट तीन गुणा तक बढ़ाया। लेकिन आज एमएसपी में बढ़ोतरी की जगह किसानों को एमएसपी बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। किसान विरोधी तीन कानून लागू होने के बाद अन्नदाता की स्थिति ज्यादा खराब होने वाली है। आज ज्यादातर फसलें आधी रेट पर बिक रही हैं। किसान ही नहीं कर्मचारियों का भी यही हाल है। लगातार कर्मचारियों के भत्तों में कटौती की जा रही है। उन्हें वक्त पर वेतन नहीं मिल रहा है।
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छह साल में कभी बरोदा के स्पीड ब्रेकर पर भी नहीं रुके सीएम : दीपेंद्र हुड्डा
राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा भी रविवार को बरोदा हलके के गांवों में पहुंचे। जहां दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले छह साल में सीएम मनोहर लाल बरोदा हलके से गुजरते हुए भी किसी स्पीड ब्रेकर पर नहीं रुके। अब वह किस मुंह से हलके में वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में समान विकास का नारा तो देती है, लेकिन लगातार छह साल तक बरोदा हलके की अनदेखी करती आ रही है। अब चुनाव में बरोदा के लोगों को विकास की बात बता रहे हैं। यदि छह साल में सरकार ने यहां काम किया होता तो उसे आज इस तरह वोट व जनसमर्थन के लिए तरसना नहीं पड़ता। भाजपा को पूरी सरकार, प्रशासनिक अमला, 100 स्टार प्रचारकों और दूसरे राज्यों के नेताओं को भी यहां उतारना पड़ रहा है।
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केवल परिवारवाद की राजनीति करते हैं हुड्डा : नायब सैनी
गोहाना। कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नायब सैनी ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध कोई किसान नहीं कर रहा है, बल्कि उसका विरोध केवल विपक्षी पार्टियां कर रही हैं। विपक्षी पार्टियां किसान को राजनीति का अड्डा बना रही है और इसमें कांग्रेस सबसे आगे है। क्योंकि कांग्रेस के पास अब राजनीति करने के लिए कुछ नहीं बचा है। वे रविवार को गोहाना में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
सांसद नायब सैनी ने कहा कि अगर बरोदा हलके का उपचुनाव नहीं होता तो सभी विपक्षी पार्टियों के नेता इन कानूनों का समर्थन करते। उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह केवल परिवारवाद की राजनीति करते हैं। हुड्डा केवल अपने बेटे व परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को कभी आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि बरोदा को हुड्डा केवल चुनाव के समय अपना घर बताते है और वह चुनाव के समय ही यहां आते है। उसके बाद कभी यहां के लोगों की सुध नहीं लेते है।
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मैदान में नहीं देेखी जाती जात-पात : संदीप सिंह
प्रदेश के खेल मंत्री संदीप सिंह भी रविवार को बरोदा के चुनावी रण में उतर गए। संदीप सिंह ने कहा कि मैदान में भाजपा कोई जात-पात नहीं देखती, फिर वह मैदान चाहे खेल का हो या फिर चुनाव का। योग्य खिलाड़ी ही मैदान में उतारा जाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में जहां खिलाड़ियों को हर कदम पर परेशानी झेलनी पड़ती थी, वहीं अब उनकी हर समस्या का तुरंत समाधान किया जाता है। इस तरह ही आगे भी खिलाड़ियों की सभी परेशानियों को दूर किया जाएगा।
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