टिकौला में रेत ठेकेदार ने यमुना में बांध बनाकर पानी रोक डाला, अवैध रूप से रेत खनन

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Thu, 28 May 2020 11:57 PM IST
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टिकौला में यमुना के अंदर जेसीबी से बांध बनाकर पानी रोकते ठेकेदार
टिकौला में यमुना के अंदर जेसीबी से बांध बनाकर पानी रोकते ठेकेदार - फोटो : Sonipat

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सोनीपत। सरकार नदियों को बचाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन यहां यमुना नदी में रेत खनन ठेकेदार ने रेत के पहाड़ व बांध बनाकर बुरा हाल कर दिया है। टिकौला में डीएसपी एसोसिएट्स ने यमुना के अंदर रेत के ढ़ेर लगा दिए तो यमुना में कई जगह बांध बना दिए गए हैं। जिससे यमुना की धार बदल गई है और यमुना का पानी यूपी की ओर चला गया है। जिसका सबसे बड़ा नुकसान यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों को हुआ है। क्योंकि इस तरह से यमुना का स्वरूप बदलने के बावजूद भी डीएसपी एसोसिएट लगातार जेसीबी मशीनों से खनन कर रही है। जिसपर ठेकेदार के खिलाफ डीसी के पास शिकायत की गई है। इससे पहले भी डीसी जब यमुना पर बाढ़ नियंत्रण को लेकर निरीक्षण करने गए थे तो वहां बांध तोड़ने के आदेश अधिकारियों को दिए थे। उसके बावजूद बांध नहीं तोड़ा गया और वहां अन्य कई बांध बना दिए गए।
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जिले में यमुना के अंदर रेत खनन करने के ठेके अधिकतर कंपनियों के खत्म हो गए हैं। क्योंकि वह सरकार का 350 करोड़ रुपये से ज्यादा दबाकर बैठे हुए थे और जिसपर ज्यादा रुपये बकाया थे, उसका ठेका सरकार ने निरस्त करा दिया था। खनन विभाग के अधिकारी उनपर लगातार मेहरबानी दिखा रहे थे, लेकिन खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए खुद छापामारी करने के साथ ही कार्रवाई कराई। खनन करने वालों पर लगातार कार्रवाई के बाद भी ठेकेदार नहीं सुधर रहे है। अब लॉकडाउन में छूट मिलते ही टिकौला में खनन ठेकेदार डीएसपी एसोसिएट ने यमुना के अंदर रेत के ढ़ेर लगाकर पहाड़ खड़े कर दिए है तो यमुना के अंदर ही अवैध रूप से बांध बना डाला है। जिससे यमुना का पानी हरियाणा की ओर से रोककर यूपी की तरफ मोड़ दिया गया है। इसका सबसे बड़ा नुकसान हरियाणा के किसानों को हुआ है, क्योंकि यहां पहले ही जलस्तर नीचे पहुंच रहा है और अब यमुना में अवैध रूप से बांध बनाकर पानी यूपी की ओर मोड़ने से जलस्तर ज्यादा नीचे पहुंच जाएगा। इसके साथ ही टिकौला में अवैध रूप से रेत खनन भी किया जा रहा है, क्योंकि यमुना में पानी के अंदर खनन नहीं किया जा सकता है तो सुबह 6 से शाम 6 बजे तक ही खनन कर सकते है। इसके बावजूद वहां अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। इस पूरे मामले की शिकायत डीसी के पास की गई है।
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डीसी ने बांध तोड़ने के आदेश दिए, अफसरों की ठेकेदार से मिलीभगत
डीसी श्यामलाल पूनिया ने जिले में आने के अगले दिन ही यमुना में बाढ़ से बचाव के लिए वहां का निरीक्षण किया था। उनको टिकौला में यमुना के अंदर बांध बना हुआ दिखाई दिया तो डीसी ने तुरंत ही उसे तोड़ने के आदेश दिए थे। उसके बावजूद अफसरों ने अभी तक बांध नहीं तोड़ा और बांध बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। जबकि एनजीटी तक के सख्त आदेश हैैं कि इस तरह यमुना के अंदर अवैध बांध नहीं बनाए जा सकते हैं। बल्कि डीसी के बांध तोडने के आदेश के बाद अफसरों की लापरवाही के कारण कई अन्य बांध वहां बना दिए गए। जिसमें अब डीसी के पास शिकायत की गई है और डीसी को वहां के फोटो व अन्य जानकारी भी भेजी गई है। जिसपर डीसी ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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