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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

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स्कूल खोलने के लिए आज अभिभावकों और प्रिंसिपलों की राय जानेंगे शिक्षा निदेशक

 हिमाचल में स्कूल खोलने को लेकर वीरवार को अभिभावकों, प्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों की राय जानी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बाबत वीरवार सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक हर जिला के साथ पंद्रह-पंद्रह का वेबनियार किया जाएगा। इस दौरान उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा सभी से चर्चा करेंगे।

प्रदेश में अभी 15 जून तक स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने जुलाई में स्कूलों को खोलने की घोषणा की है। ऐसे में 15 जून के बाद दोबारा स्कूलों को बंद करना तय है। मार्च से बंद चल रहे स्कूलों को खोलने के लिए सरकार ने कई विकल्प तैयार किए हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री के मुताबिक स्कूलों को खोलने में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने पर ही यह फैसला लिया जाएगा।

इसी कड़ी में वीरवार को उच्च शिक्षा निदेशालय प्रदेश के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों, जिला उपनिदेशकों और अभिभावकों से साथ चर्चा करने जा रहा है। इसके बाद निजी स्कूलों के साथ भी बैठक कर उनकी राय भी जानी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि अभी प्रारंभिक चरण में वह स्वयं अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगे। इसके बाद शिक्षा मंत्री के साथ भी संवाद करवाया जाएगा।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा

कोरोना संकट के बीच हिमाचल में घरेलू बिजली महंगी होने के आसार कम

 कोरोना संकट के बीच हिमाचल में इस साल घरेलू बिजली महंगी होने के आसार कम हैं। आर्थिक संकट से जूझ रही जनता पर और अधिक बोझ नहीं डालने का इस सप्ताह फैसला हो सकता है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई बिजली दरों को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली है। संभावित है कि इस सप्ताह अंत तक दरें घोषित हो जाएंगी। बोर्ड ने साढ़े आठ फीसदी की दर से बिजली महंगी करने का प्रस्ताव भेजा है।

जनता ने सुझाव और आपत्तियों में दरें न बढ़ाने की मांग की है। उधर, सरकार यूनिट स्लैब पर कोविड सेस लगाकर बिजली बोर्ड का घाटा पूरा कर सकती है। इससे संभावित है कि इस साल घरेलू बिजली दरें न बढ़ें। सरकार बिजली के प्रति यूनिट स्लैब पर कोविड सेस लगाने का विचार कर रही है। बीते दिनों कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा हुई है। बिजली बोर्ड से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रति स्लैब पर ही कोविड सेस लगाकर राजस्व जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

बिजली की दरों को इस साल नहीं बढ़ाया जाए। बता दें कि बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग से बिजली दरों में 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी मांगी है। 487 करोड़ के राजस्व घाटे का हवाला देते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 6000 करोड़ के वार्षिक राजस्व की जरूरत बताई है। बीते साल के मुकाबले इस बार बोर्ड ने 882 करोड़ की अधिक मांग की है। बोर्ड ने आयोग को भेजी पिटीशन में हिमाचल के करीब 20 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को 8.73 फीसदी की दर से बढ़ाने की मांग की है।

साल 2019 में आयोग ने बोर्ड के 5117.95 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत को पूरा करने के लिए घरेलू बिजली प्रति यूनिट पांच पैसे और उद्योगों को दी जाने वाली बिजली को दस पैसे प्रति यूनिट की दर से बढ़ाया था। इसके बावजूद बोर्ड को 2019-20 में 487.88 करोड़ का घाटा हुआ है। ऐसे में बोर्ड ने 2020-21 के लिए 6000.52 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत का प्रस्ताव आयोग को भेजा है। साल 2017-18 और 2018-19 में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ाई थीं। साल 2016 में घरेलू बिजली साढ़े तीन फीसदी महंगी हुई थी।
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कोरोना: गर्भवती पत्नी के साथ होम क्वारंटीन व्यक्ति को पैसे खर्च कर मंगवाना पड़ा पानी का टैंकर

हिमाचल के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल के सक्रियालु गांव में गर्भवती पत्नी के साथ होम क्वारंटीन व्यक्ति को पैसे खर्च कर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ा। उनका कहना है कि पांच दिन तक जब पानी की सप्लाई नहीं आई तो उन्होंने ट्वीट कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह और डीसी और एसपी कांगड़ा से शिकायत की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। पांच दिन बाद भी पेयजल की आपूर्ति न होने पर व्यक्ति को मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ा। 

उधर, जल शक्ति विभाग ज्वालामुखी में संपर्क किया तो एसडीओ ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। न ही पानी की सप्लाई पांच दिन से बाधित है। विभाग ने माना कि एक दिन पानी की सप्लाई बाधित हुई थी। ज्वालामुखी के कथोग के साथ लगते सक्रियालू गांव के व्यक्ति जगतार सिंह ने बताया कि वह चार मई को दिल्ली से पत्नी के साथ वापस आए थे। पत्नी गर्भवती है और दोनों होम क्वारंटीन हैं। दो बार ज्वालामुखी प्रशासन की टीम भी उनके घर आई थी। पांच दिन से पानी की सप्लाई न आने के कारण वह परेशान थे।

उन्होंने ट्वीट कर मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री सहित कांगड़ा जिला प्रशासन को पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की, लेकिन किसी का रिप्लाई नहीं आया। उसके बाद चौथे दिन उन्हें पैसे से पानी का टैंकर मंगवाना पड़ा। बुधवार को उन्होंने विधायक रमेश ध्वाला से शिकायत की तो विधायक ने जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता को मामले की जांच कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की हिदायत दी है। उधर, जल शक्ति विभाग ज्वालामुखी के एसडीओ प्यारे लाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी।
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हिमाचल में टीजीटी के 862 पदों पर बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया शुरू, शेड्यूल जारी

शिमला में ओलावृष्टि
हिमाचल में टीजीटी के 862 पदों पर बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने भर्ती का शेड्यूल जारी करते हुए सभी जिलों से 15 जून तक पात्र उम्मीदवारों के नाम मांगे हैं। सरकार ने टीजीटी के कुल 1724 पद भरने का फैसला लिया है। इनमें 481 पद आर्ट्स, 212 पद नॉन मेडिकल और 169 पद मेडिकल संकाय से बैचवाइज भरे जाएंगे। शेष पद कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। टेट पास उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी। 18 से 45 साल की आयु वाले इसमें शामिल होंगे। चयनित होने वाले टीजीटी को अनुबंध आधार पर नियुक्ति मिलेगी। इन्हें 13900 रुपये का मासिक वेतन दिया जाएगा।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के चलते बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया रूक गई थी। इससे पहले निदेशालय ने अप्रैल में पात्र उम्मीदवारों के नाम मांगे थे। अब लॉकडाउन हटते ही निदेशालय ने दोबारा से प्रक्रिया शुरू कर दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत सामान्य वर्ग में 20 साल पहले बीएड करने वालों का टीजीटी आर्ट्स की भर्ती में नंबर आएगा। साल 2000 तक बीएड करने वालों को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद है। टीजीटी की बैचवाइज भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए आर्ट्स मेे2000 और नॉन मेडिकल में 1999 का बैच चल रहा है। मेडिकल में 2001 के बैच वालों को नौकरी मिलने के आसार हैं। सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का आर्ट्स और नॉन मेडिकल में 2003 और मेडिकल में 2006, अनुसूचित जाति में आर्ट्स का 2003, नॉन मेडिकल और मेडिकल में 2006, अनुसूचित जनजाति में आर्ट्स का 2004, नॉन मेडिकल का 2007 और मेडिकल में 2005 का बैच चल रहा है।

स्वतंत्रता सैनानियों के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों में आर्ट्स और नॉन मेडिकल का 2003 का बैच चल रहा है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जमवाल ने बताया कि जिला रोजगार अधिकारियों और जिला शिक्षा उपनिदेशकों से पात्र उम्मीदवारों के नामों की सूची 15 जून तक मांगी गई है। सूची तैयार होने के बाद जिलावार काउंसलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि चयनित उम्मीदवारों को पहली नियुक्ति प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार इन क्षेत्रों में जाने के इच्छुक नहीं हैं, वह काउंसलिंग में ना आएं।
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हिमाचल कैबिनेट की बैठक, कई अहम फैसले संभावित

हिमाचल में कोरोना के 14 पॉजिटिव मामले, 359 पहुंचा आंकड़ा

हिमाचल के तीन जिलों में खुलेंगे पांच सितारा होटल: जयराम

सरकार प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कर और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। सरकार निवेश करने के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कॉरपोरेट मामले सीटी पावर लिमिटेड नई दिल्ली के निदेशक एसके मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान कही।

एसके मिश्रा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में 250 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित करने की इच्छा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कंपनी मुख्य रूप से प्रदेश के शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले में एक पांच सितारा होटल की स्थापना करने के लिए भी इच्छुक है। उन्होंने कहा कि कंपनी राज्य में अमेरिकी होटल चेन ब्रांड एमजीएम को शुरू करने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनेक मनभावन पर्यटन स्थल और जलवायु स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ने राज्य में सतत पर्यटन विकास के लिए एक पर्यटन नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के अलावा राज्य के विकास में मदद मिलेगी।

ठाकुर ने कहा कि राज्य में बहने वाली पांच प्रमुख नदियां भी हिमाचल प्रदेश को पनबिजली उत्पादन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं। मुख्यमंत्री ने कारपोरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक को आश्वासन दिया की राज्य सरकार कंपनी के निवेश के प्रयासों में हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव पर्यटन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डॉ. आरएन बत्ता भी इस दौरान मौजूद रहे। 
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