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हिमाचल: दो नवंबर से खुलने वाले स्कूलों में जनवरी और फरवरी में भी लगेंगी नियमित कक्षाएं

हिमाचल में दो नवंबर से खुलने जा रहे स्कूलों में जनवरी और फरवरी में भी नियमित कक्षाएं लगेंगी। कोरोना संकट के चलते इस बार शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रखी जाएगी। साढ़े सात माह तक स्कूल बंद रहने के कारण अब शैक्षणिक सत्र को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। संभावित है कि नवंबर या दिसंबर की कैबिनेट बैठक में इसे रखा जाएगा। पहली से 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं इस बार एक साथ पूरे प्रदेश में मार्च 2021 में लेने का फैसला लिया गया है। कोरोना के चलते इस साल मार्च से हिमाचल में स्कूल बंद हैं।

बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को ऑनलाइन शिक्षण सामग्री व्हाट्सएप से भेजी जा रही है। ऑनलाइन फर्स्ट टर्म परीक्षाएं भी ली गईं। सेकेंड टर्म परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। ई पीटीएम भी विभाग दो बार कर चुका है। अब प्रदेश में पहले के मुकाबले हालात कुछ सामान्य हो रहे हैं। दो नवंबर से सरकार ने नौवीं से 12वीं कक्षा की नियमित कक्षाएं लगाने का फैसला लिया है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने इस बार शीतकालीन स्कूलों में जनवरी और फरवरी की छुट्टियां नहीं देने का फैसला लिया है। इन दो माह में भी स्कूल खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस मामले को भी कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्च से स्कूल बंद होने के चलते टीचिंग डे प्रभावित हुए हैं। सिलेबस पूरा करने और बच्चों की पढ़ाई को गति देने के लिए सर्दियों की छुट्टियां नहीं दी जाएंगी। कोरोना के चलते पहले ही स्कूलों की छुट्टियां का कोटा पूरा कर लिया गया है।
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फाइल फोटो फाइल फोटो

न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तिथि को ही माना जाएगा बैचवाइज भर्ती में आधार

हिमाचल में भाषा अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तिथि को ही बैचवाइज भर्ती के लिए आधार माना जाएगा। भाषा अध्यापक पदों पर भर्ती को सिर्फ व्यावसायिक योग्यता को आधार मानना न्यायसंगत नहीं। यह बात प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा सचिव की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण में कही है। निदेशालय ने शिक्षा सचिवालय को पत्र लिखकर भाषा अध्यापक पदों पर होने वाली भर्तियों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में उचित प्रावधान करने की मांग उठाई है। बीएससी, बीकॉम और हिंदी वैकल्पिक विषय के बगैर ही स्नातक करने वाले अधिकतर विद्यार्थी बीएड कर लेते हैं। बीएससी या बीकॉम बीएड की डिग्री के बाद जब इन संकाय में बैचवाइज भर्ती में समय पर रोजगार नहीं मिलता है तो कई विद्यार्थी बाद में हिंदी में स्नातकोत्तर की डिग्री कर लेते हैं।

इस तरह बीएड की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली तारीख से ही भाषा अध्यापक पदों पर होने वाले बैचवाइज भर्ती में नौकरियां हासिल कर लेते हैं। हमीरपुर जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग में करीब एक दर्जन भाषा अध्यापक पदों पर बीएससी बीएड के बाद एमए हिंदी करने वाले अभ्यर्थियों को पिछली तारीख से बैचवाइज भर्ती में एलटी के पद पर नियुक्तियां दी गईं। बाद में इन अयोग्य अध्यापकों को विभाग ने नियमित भी कर दिया। नियमितीकरण प्रक्रिया के दौरान स्क्रीनिंग कमेटी ने आपत्तियां दर्ज करवाई थीं। अमर उजाला ने 9 सितंबर 2020 के अंक में यह मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद शिक्षा सचिव ने शिक्षा निदेशक से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद अब शिक्षा निदेशालय ने इस हेराफेरी पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा सचिवालय को स्पष्टीकरण के साथ भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में विशेष प्रावधान करने को पत्र लिखा है। अब शिक्षा सचिवालय ही भाषा अध्यापकों के पदों पर होने वाली भर्तियों पर आगामी निर्णय लेगा। 
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अनुसूचित जाति के बेसहारा बुजुर्ग का सवर्णों ने किया अंतिम संस्कार, पेश की सामाजिक समरसता की मिसाल

हिमाचल के सोलन जिले के अर्की उपमंडल की पलोग पंचायत के गांव रोड़ी में सवर्ण जाति के लोगों ने सामाजिक समरसता और समानता की मिसाल पेश की है। रोड़ी गांव में बेसहारा एक अनुसूचित जाति से संबंधित बुजुर्ग सेवादार कपूरू राम (87) का देहांत हो गया तो गांव के सवर्ण वर्ग के लोगों ने उसका सवर्णों के लिए बने श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर सदियों से चली आ रही जातिवाद की दीवार को तोड़ दिया।

गौर हो कि हिमाचल के कई ग्रामीण इलाकों में जातिवाद आज भी इतना हावी है कि प्रत्येक गांव में सवर्ण और अनुसूचित जाति के लोगों के अलग-अलग श्मशानघाट हैं। परंपरानुसार अनुसूचित जाति के लोग सवर्णों के श्मशानघाट में शवदाह नहीं करते। सेवादार कपूरू राम के संरक्षक मदन चौहान ने बताया कि कपूरू राम अनुसूचित जाति से संबंधित थे। उनका कोई भी परिजन गांव में नहीं था, लेकिन मिलनसार स्वभाव के मालिक कपूरू राम का सेवा भाव ऐसा था कि वह किसी को काम के लिए मना नहीं करते थे और तकनीकी तौर पर भी कई कार्यों में दक्ष थे।

स्थानीय निवासी मदन चौहान, मेहर चंद चौहान, भगत राम, पंकज चौहान, अजय चौहान, विजय चौहान, प्रेम चंद चौहान तथा राजेंद्र चौहान ने बताया कि कपूरू राम के स्वभाव को देखते हुए ग्रामीणों ने उनका अंतिम संस्कार सवर्णों के लिए बनाए श्मशानघाट में करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की कोशिश है कि आगे भी इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, ताकि समाज के सभी वर्गों में समरसता बनी रहे। 
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आईटीआई में खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, महिलाओं को मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण

हिमाचल में कंडम हो चुकी सरकारी गाड़ियों को अब बेचने की जगह आईटीआई को देकर ड्राइविंग स्कूल खोले जाएंगे। कैबिनेट बैठक में जल शक्ति, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी और शिक्षा विभाग की कंडम गाड़ियां तकनीकी शिक्षा विभाग को देने का फैसला लिया गया है। इन गाड़ियों से आईटीआई में महिलाओं को ड्राइविंग सिखाई जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में फैसला हुआ कि प्रदेश के चार बड़े महकमों में कंडम हो चुकी गाड़ियों से आईटीआई में विद्यार्थी मोटर मैकेनिक का काम और ड्राइविंग सीख सकेंगे।

स्वरोजगार बढ़ाने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि दो बजे के बाद आईटीआई में महिलाएं ड्राइविंग सीख सकेंगी। इसके लिए महिलाओं को अपने घरों के आसपास स्थित आईटीआई में पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिए कोई भी फीस नहीं ली जाएगी। दूसरे चरण में पुरुषों को भी यह सुविधा दी जाएगी। उनसे नाममात्र की सौ या दो सौ रुपये की फीस ली जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 132 आईटीआई सरकारी क्षेत्र में चल रही हैं। जल्द ही प्रदेश के लोगों को ड्राइविंग सीखने के लिए अपनी जेब बहुत अधिक ढीली नहीं करनी होगी।
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25 टन से ज्यादा प्याज का स्टॉक नहीं रख सकेंगे थोक कारोबारी, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

सांकेतिक तस्वीर
केंद्र सरकार ने प्याज के स्टॉक को स्टोर करने की सीमा निर्धारित कर दी है। हिमाचल सरकार से भी इसे लागू करने को कहा गया है। भारत सरकार की ओर से निर्धारित स्टॉक लिमिट के अनुसार होलसेल कारोबारी अपने गोदाम में 25 टन यानी 250 क्विंटल से अधिक प्याज नहीं रख सकेंगे। परचून विक्रेता अपनी दुकान में 2 टन यानी 20 क्विंटल से अधिक प्याज नहीं रख सकता है। यदि दुकानों और गोदामों में इससे अधिक मात्रा में प्याज की सप्लाई पाई जाती है तो खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। 

उल्लेखनीय है कि जब भी किसी खाद्य पदार्थ की आपूर्ति कम और मांग अधिक हो जाती है तो दाम बढ़ जाते हैं। ऐसे में कारोबारी कालाबाजारी कर स्टॉक एकत्रित कर लेते हैं। हिमाचल में प्याज के दामों में भारी उछाल आ गया है। इस समय मार्केट में प्याज के दाम 70 से 80 रुपये तक पहुंच गए हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक यादवेंद्र पाल ने बताया कि प्याज की जमाखोरों को रोकने के लिए डीएफसी को छापे मारने के निर्देश दिए हैं। कारोबारियों के लिए प्याज का स्टॉक करने की लिमिट निर्धारित की है।
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अटल टनल से एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस का आज होगा ट्रायल

हिमाचल पथ परिवहन निगम अटल टनल रोहतांग से होकर इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल करने जा रहा है। गुरुवार को टनल से मनाली और केलांग के बीच इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल होगा। 25 सीटर इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल कामयाब होने के बाद निगम बस सेवा शुरू करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजेगा। एक बार में चार्ज करने पर इलेक्ट्रिक बस करीब 250 किमी तक चलती है। लाहौल घाटी में इन दिनों तापमान हिमाचल के अन्य जिलों की तुलना में बेहद नीचे चल रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बस की बैटरी एक बार चार्ज करने पर 250 किमी से कम दौड़ सकती है।

ट्रायल के दौरान एचआरटीसी की इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की टीम भी मौजूद रहेगी। घाटी के लोग भी इलेक्ट्रिक बस शुरू करने के पक्ष हैं। इससे जहां जनजातीय जिले में प्रदूषण कम होगा, वहीं मनाली से लाहौल जाने वाले लोगों को भी सहूलियत होगी। बहरहाल, निगम के ट्रायल पर सबकी निगाहें टिकी हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम केलांग डिपो के आरएम मंगल मनेपा ने कहा कि वीरवार को अटल टनल होकर मनाली से केलांग के लिए इलेक्ट्रिक बस ट्रायल के तौर पर चलेगी। अगर ट्रायल कामयाब रहा तो नियमित बस सेवा शुरू करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी ली जाएगी। 
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मंडी में चार और पालमपुर में 12 पंचायतों को मिलाकर बनाए नए नगर निगम

CoronaVirus in Himachal: प्रदेश में चार संक्रमितों की मौत, एसडीएम समेत 300 पॉजिटिव मरीज

हिमाचल प्रदेश में चार और कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है। बुधवार सुबह नेरचौक मेडिकल काॅलेज मंडी में कुल्लू भूंतर निवासी 76 वर्षीय बुजुर्ग, मनाली के सजला निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग के अलावा मंडी के धर्मपुर क्षेत्र के सजाओ पीपलू निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जीवानंद चौहान ने सुबह तीनों मौत की पुष्टि की है। सीएमओ कांगड़ा जीडी गुप्ता ने बताया कि जयसिंहपुर के पलेटा गांव की 94 वर्षीय कोरोना संक्रमित बुजुर्ग महिला की टांडा में मौत हो गई है। महिला को 21 अक्तूबर को धर्मशाला अस्पताल में भर्ती किया था लेकिन, पॉजिटिव आने के बाद उसे टांडा अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।

बुजुर्ग महिला को दिल की धमनी का रोग, मधुमेह और अन्य बीमारियां भी थीं। वहीं बुधवार को प्रदेश में कोरोना वायरस के 300 नए मामले आए हैं। मंडी जिले में 88, शिमला 50, कुल्लू 38,  किन्नौर 28, सोलन 24, कांगड़ा 27, सिरमौर 11, बिलासपुर 22, चंबा 6, हमीरपुर 4 और ऊना में 2 नए मामले आए हैं।  मंडी जिले में एसडीएम जोगिंद्रनगर समेत 88 नए पॉजिटिव मरीज आए हैं। सरकाघाट, किलिंग व थुनाग स्कूल के 22 शिक्षक व अन्य स्टाफ के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 21149 पहुंच गया है। 2646 सक्रिय मामले हैं। कोरोना से 18179 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में 295 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 
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