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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा कल से, नहीं दिखेगी भव्य शोभायात्रा

सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का शुभारंभ रविवार 25 अक्तूबर को होगा, लेकिन इस बार न तो दशहरे का विधिवत शुभारंभ और न समापन होगा। सभी पारंपरिक रस्में सूक्ष्म रूप में ही निभाई जाएंगी। न उद्घाटन पर राज्यपाल आएंगे और न समापन पर मुख्यमंत्री पहुंचेंगे। लंका दहन के साथ दशहरे का समापन होगा। इस बार न भव्य शोभायात्राएं दिखेंगी और न ही 250-300 देवी-देवताओं का पारंपरिक मिलन होगा। कोरोना महामारी के चलते इस बार मात्र 7 देवता और 200 लोग रघुनाथ की रथयात्रा में हिस्सा लेंगे। जिस दशहरे में भगवान रघुनाथ, अन्य देवताओं के दर्शन और खरीदारी को हजारों लोग पहुंचते थे, इस बार वे भी नहीं होंगे। करोड़ों का कारोबार इस बार कोरोना के चलते नहीं हो पाएगा।

न मेला लगेगा और न सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। देश-विदेश और बॉलीवुड के कलाकार भी इस बार नहीं बुलाए गए हैं।  कुल्लू जिले में कोरोना के मामले रोज आने से दशहरे में किसी तरह की भीड़ न हो इसके लिए रथयात्रा में मात्र 200 लोग ही भाग ले सकेंगे। सात देवी-देवताओं के मात्र 15-15 लोग ही इसमें भाग लेंगे। रथयात्रा में उन्हीं कारकूनों और देवलुओं की अनुमति मिलेगी, जिनके पास कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट होगी। दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि दशहरा में मात्र देव परंपराएं ही निभाई जाएंगी। किसी भी देवी-देवता को निमंत्रण नहीं दिया गया है। उत्सव की परंपरा निभाने जो देवरथ आएंगे, उन्हें भी दशहरा उत्सव समिति किसी तरह का कोई नजराना नहीं देगी। इस मौके पर दशहरा उत्सव समिति की उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा भी मौजूद रहीं।
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा(फाइल) अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा(फाइल)

हिमाचल: 5.40 लाख अभिभावक परामर्श के लिए बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार

कोरोना काल में हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले 5.40 लाख अभिभावक अपने बच्चों को परामर्श लेने के लिए स्कूल भेजने को तैयार हैं। 16 से 19 अक्तूबर तक चली ई पीटीएम के दौरान 7.30 लाख अभिभावकों के साथ हुए संवाद के आधार पर इस आंकड़े का खुलासा हुआ है। ई पीटीएम के तहत 42400 शिक्षकों ने प्रदेश के 98 फीसदी शिक्षा खंडों में 93 फीसदी अभिभावकों से सुझाव लिए। 6.40 लाख अभिभावकों के साथ ऑनलाइन और 90 हजार अभिभावकों के साथ आमने-सामने बैठक कर पीटीएम हुई। शुक्रवार को शिक्षा सचिव के साथ चर्चा के बाद समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने ई पीटीएम की रिपोर्ट जारी की।

ई पीटीएम 15 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने शुरू की थी। 16 से 19 अक्तूबर तक अभिभावकों ने ऑनलाइन और स्कूलों में जाकर पीटीएम में भाग लिया। इसमें विद्यार्थियों के निरंतर सीखने को सुनिश्चित करने के लिए संचालित हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत साप्ताहिक व्हाट्सएप आधारित प्रश्नोत्तरी और फर्स्ट टर्म परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन व छात्रों के उपलब्धि में सुधार के लिए रणनीतियों पर चर्चा की गई। अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चर्चा के प्रमुख विषयों में स्कूल खोलने पर भी चर्चा की गई।

इसमें 74 फीसदी अभिभावकों ने बताया कि वे बच्चों को मार्गदर्शन के लिए स्कूल भेजने को तैयार हैं। लगभग 89 फीसदी ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की ई-पीटीएम होनी चाहिएं। 75 फीसदी से अधिक शिक्षकों ने बताया कि वे ई-पीटीएम के अलावा भी अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं। राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि शिक्षा विभाग सभी अभिभावकों, शिक्षकों और अधिकारियों की भागीदारी के साथ राज्य के सभी छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रयासरत है।
 
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हिमाचल: बीबीएन की आबोहवा फिर होने लगी जहरीली

एशिया के सबसे बड़े फार्मा हब बीबीएन की आबोहवा फिर जहरीली होने लगी है। लॉकडाउन के दौरान संवर चुका पर्यावरण फिर से दूषित होने लगा है। अप्रैल में जहां हवा में पार्टिकल की मात्रा 49 थी, अब बढ़कर 125 तक पहुंच गई है। यह हवा सांस की बीमारी के रोगियों, बच्चों और बूढ़ों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बीबीएन के नदी-नालों का पानी भी दूषित होने लगा है।

अप्रैल में सरसा नदी के पानी में बीओडी (बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) की मात्रा 0.6 थी। अब सितंबर में 2.0 हो गई है। नालागढ़ की एक फार्मा कंपनी के एक निजी संस्था ने वेस्ट पानी के लिए सैंपल लिए थे, जिसमें सिपलोफ्लोक्सिन की मात्रा आठ हजार गुणा अधिक पाई गई। यही पानी यहां के नदी नालों में जा रहा है, जिससे मछलियां मर रही हैं।

लॉकडाउन के दौरान बीबीएन प्रदूषण मुक्त था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रदूषण वापस बढ़ने लगा है। बीबीएन की सरसा नदी का पानी एकदम साफ हो गया था। अब दूषित पानी आने से मछलियां मर रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक अब नालागढ़-बद्दी राष्ट्रीय मार्ग पर 30 हजार छोटे-बड़े वाहन रोज चलना शुरू हो गए हैं। सड़कों पर हॉर्न का तीखा शोर और प्रदूषण बढ़ने लगा है। यहां स्थापित कुल दो हजार उद्योगों में से 90 फीसदी ने काम करना शुरू कर दिया है। 
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CoronaVirus in Himachal: दो की मौत, 190 नए मामलों के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 20 हजार के पार

हिमाचल प्रदेश में दो और कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है। शुक्रवार को कुल्लू के बजौरा की 48 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिया। आईजीएमसी शिमला में भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अस्पताल के कोरोना संदिग्ध वार्ड में शुक्रवार को नाहन से रेफर एक मरीज की मौत हो गई। मौत के बाद उसका कोरोना की जांच के लिए टेस्ट लिया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. शोमिन धीमान ने इसकी पुष्टि की है।  वहीं, प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 190 नए मामले आए हैं। मंडी जिले में 33, शिमला 35, हमीरपुर 21, ,कुल्लू 34, सोलन 17, कांगड़ा 14, सिरमौर 16, किन्नौर 8 ,चंबा  7, ऊना 3, बिलासपुर 2, और लाहौल-स्पीति 1 पॉजिटिव मामला आया है।  इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 20040 पहुंच गया है। 2620 सक्रिय मामले हैं। 17113 मरीज ठीक हो चुके हैं। अब तक 280 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में कोरोना के मामले आने से हड़कंप मचा हुआ है। अब तक तीन शिक्षक कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं, कुछ दिन पहले संजौली स्कूल का एक शिक्षक संक्रमित निकला था। वहीं शुक्रवार को राजकीय उच्च विद्यालय अन्नाडेल की एक अध्यापिका कोरोना पॉजिटिव आई है।



इसी स्कूल की एक अन्य अध्यापिका की रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आई थी। डीसी आदित्य नेगी ने एसडीएम शहरी मंजीत शर्मा को जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम शहरी के आदेशों पर शुक्रवार को स्कूल को सैनिटाइज करवाया गया। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना पाजिटिव आई शिक्षिकाओं के संपर्क में जो भी कर्मचारी आए हैं वह खुद को आइसोलेट कर लें। जिला प्रशासन ने सीएमओ शिमला को इन शिक्षिकाओं के संपर्क में आए लोगों को तलाशने को कहा है। स्कूल में आजकल बच्चे नहीं आ रहे, सिर्फ कर्मचारी ही आ रहे हैं। 

कोरोना पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य केंद्र बंद
वहीं, हमीरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा और भरेड़ी में चार लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने के कारण दोनों अस्पतालों को 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। भोटा पीएचसी में भर्ती दो महिला मरीज शुक्रवार को कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मरीजों के संक्रमित पाए जाने से अस्पताल आए अन्य मरीजों व स्टाफ में हड़कंप हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी में आपतकालीन और इंडोर सेवाएं 48 घंटों के लिए बंद कर दी हैं। क्षेत्र के मरीजों को अब स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का ही रुख करना होगा। 

आईजीएमसी से विधानसभा अध्यक्ष को मिली छुट्टी
विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार को आईजीएमसी से बुधवार शाम को घर भेज दिया गया है। उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद डॉक्टरो ने यह फैसला लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट सामान्य आई है। हालांकि अभी उनका दोबारा से कोविड परीक्षण नहीं किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी टेस्ट लेने की समयावधि पूरी नहीं हुई है। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि विस अध्यक्ष के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई है।
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हिमाचल: गांव में भड़की आग, धू-धूकर जले काष्ठकुणी शैली में बने पुश्तैनी मकान

सांकेतिक तस्वीर

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हिमाचल: किन्नौर के पूर्वणी गांव में आग से 10 घर राख, देखें वीडियो

इन स्कूलों में नहीं होंगी सर्दियों की छुट्टियां, शिक्षा विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

कोरोना संकट के चलते इस बार स्कूलों में होने वाली सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। हिमाचल में शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में साल 2021 में जनवरी और फरवरी में स्कूल खुले रहेंगे। सिर्फ अधिक बर्फबारी होने पर जिला प्रशासन स्कूलों को बंद रखने का फैसला अपने स्तर पर लेगा। अगर बर्फबारी नहीं होती है तो स्कूल नियमित तौर पर लगेंगे।

शिक्षा विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव के तहत ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी साथ रखा गया है। कोरोना संकट के चलते शैक्षणिक सत्र 2020-21 में टीचिंग डे पूरे करने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। नवंबर या दिसंबर में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते इस साल मार्च से हिमाचल में स्कूल बंद हैं।

बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए ऑनलाइन शिक्षण सामग्री व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा रही है। इस दौरान ऑनलाइन फर्स्ट टर्म परीक्षाएं भी ली गई। सेकेंड टर्म परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू हो गई है। ई-पीटीएम भी शिक्षा विभाग दो बार कर चुका है। अब प्रदेश में पहले के मुकाबले हालात कुछ सामान्य हो रहे हैं। नवंबर से बोर्ड कक्षाओं की नियमित कक्षाएं लगने के आसार हैं।
 
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