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वधावन को इजाजत देने में अमिताभ गुप्ता की भूमिका की होगी जांच, अनिल देशमुख ने दिया आदेश

पीटीआई, मुंबई Updated Fri, 10 Apr 2020 06:09 PM IST
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कपिल वधावन (फाइल फोटो)
कपिल वधावन (फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन के बावजूद डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल और धीरज वधावन को यात्रा की इजाजत देने में प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता की भूमिका पर राज्य सरकार जांच करेगी। 
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देशमुख ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक यह जांच करेंगे। बता दें कि कपिल और धीरज यस बैंक तथा डीएचएफएल धोखाधड़ी मामलों में आरोपी हैं। देशमुख ने एक वीडियो बयान में कहा कि कपिल और धीरज वधवान के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270, 34 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51(बी) तथा कोविड-19 नियमावली की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्री ने भाजपा नेता किरीट सोमैया की भी आलोचना की, जिन्होंने इस घटना को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की है। देशमुख ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी आईपीएस अधिकारी को बर्खास्त करने की शक्तियां हैं। गुप्ता राज्य के गृह विभाग में विशेष प्रधान सचिव हैं और वह एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले, दिन में राज्य सरकार ने गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया।


दरअसल, ये खबरें आई थी कि गुप्ता ने वधवान परिवार को मौजूदा लॉकडाउन के दौरान महाबलेश्वर जाने में कथित तौर पर मदद की है। देशमुख ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ हुई चर्चा के मुताबिक गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया है। 

महाबलेश्वर जाने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ियां जब्त की
ईडी ने डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल और धीरज वधावन द्वारा लॉकडाउन के दौरान महाबलेश्वर जाने के लिए इस्तेमाल की गई पांच गाड़ियां जब्त की है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। 

सीबीआई ने सतारा जिलाधीश को बिना अनुमति के वधावन भाइयों को नहीं छोड़ने को कहा
सीबीआई ने महाराष्ट्र में सतारा जिला प्रशासन को डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल और धीरज वधावन को बिना उसकी अनुमति के कोरोना वायरस के पृथक वास से मुक्त नहीं करने को कहा है क्योंकि यस बैंक से धोखाधड़ी मामले में वे गैर जमानती वारंट का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर और अन्य आरोपियों द्वारा धन की हेराफेरी के संबंध में सीबीआई की प्राथमिकी में दोनों भाइयों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कहा कि कपिल और धीरज सात मार्च को मामला दर्ज होने के बाद से ही फरार थे जिसके कारण एजेंसी ने विशेष अदालत से उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया ।

देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर साधा निशाना
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि क्या महाराष्ट्र में अमीरों और धनवानों के लिए कोई लॉकडाउन नहीं है? कोई भी पुलिस की आधिकारिक अनुमति से महाबलेश्वर में छुट्टियां बिता सकता है।'

संजय निरुपम ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने वधावन परिवार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वधावन भाई 30,000 करोड़ के डीएचएफएल घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। ईडी मामले की बहुत धीमी जांच कर रही है। ईडी ने उन्हें गिरफ्तार करने में काफी समय लगाया। इसके बाद तुरंत उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ऐसा लगता है जैसे कोई उन्हें सिस्टम के अंदर से मदद कर रहा हो। अब उन्हें पिकनिक पर जाने की इजाजत दी गई।
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