जानलेवा बीमारियों से जूझने वाले सेलिब्रिटीज का बस एक ही संदेश- बात करें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 16 May 2019 06:52 PM IST
विज्ञापन
कैंसर से जंग जीत चुके हैं ये सितारे
कैंसर से जंग जीत चुके हैं ये सितारे

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
पूरी दुनिया में होने वाली मौतों की दूसरी सबसे बड़ी वजह कैंसर की बीमारी है । बीते साल इसी बीमारी के चलते करीब 96 लाख लोगों की मौत हुई । विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) की एक रिपोर्ट के अनुसार हर वर्ष दुनियाभर में करीब 4 करोड़ लोगों में कैंसर और हार्ट संबंधी बीमारियों का पता चलता है। हालांकि इस सबके बावजूद भी कुछ हस्तियां ऐसी हैं जो खुद कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़कर दूसरों के लिए प्रेरणा बने । सोशल मीडिया पर इन शख्सियतों के पोस्ट एक तरह से लोगों को जागरूक करने और हिम्मत देने का जरिया हैं ।

प्रेरणादायी हैं सेलेब्स की पोस्ट

सोशल मीडिया पर आयुष्मान खुराना की पत्नी और डायरेक्टर ताहिरा कश्यप खुराना ने कैंसर से लड़ते वक्त एक पोस्ट डाली थी । इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि मुझे राइट ब्रेस्ट में डक्टल कार्किनाम इन सिटू (डीसीआईएस) कैंसर है। मेरे शरीर में कैंसर की कोशिकाएं लगातार बढ़ रही हैं । अब मेरे बैक टिशु का कुछ हिस्सा मेरे ब्रेस्ट में है । इससे मेरी लाइफ को एक नई परिभाषा मिल गई है । इसकी अनिश्चितता का सम्मान करिए और अपनी जिंदगी के ड्रामे का हीरो बनने की हिम्मत और विश्वास रखिए । मैं 35 साल की हूं और दो बार मैमोग्राम करवा चुकी हूं । अगर आपको कोई भी लक्षण दिखे तो आप तुरंत ही उसकी जांच करवाइए ।
विज्ञापन

इसी तरह क्रिकेटर युवराज सिंह ने लिखा, जब मुझे कैंसर हआ था तो सिर्फ एक बात थी जिसने मुझे इस बीमारी से उबरने में मदद की और वो था मेरा विश्वास कि मुझे इस बीमारी को हराना ही है । जब जिंदगी डूबती नजर आती है तो आपके पास एक ही विकल्प होता है और वो है उठो और आगे बढ़ो । अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपनी पोस्ट में लिखा- मुझे जिस तरह का कैंसर हुआ था वो कभी भी वापस आ सकता है। लेकिन हर कीमत पर हमें पॉजिटिव रहना चाहिए । तभी हम इस बीमारी को हरा सकते हैं ।
अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने भी कैंसर से लड़ाई के दौरान हुए अपने अनुभव को एक पोस्ट के जरिए साझा किया । उन्होंने लिखा- कैंसर के दौरान मैंने खुद को रोने, दर्द को सहने और थोड़े समय के लिए खुद पर तरस खाने से नहीं रोका। सिर्फ आपको पता है कि आप किस स्थिति से गुजर रहे हैं और इसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है। भावनाएं गलत नहीं हैं। नकारात्मक महसूस करना भी गलत नहीं है। हालांकि, एक सीमा के बाद इसे पहचानिए और इस भावना को खुद पर हावी होने से रोक दीजिए।
अभिनेता इरफान खान ने अपनी पोस्ट में लिखा- जिंदगी ने मुझे इतना सब कुछ दिया है कि उसके प्रति आभारी होना चाहिए । इलाज के दौरान मेरा जिंदगी के प्रति नजरिया बदला है। मैं अब ऐसी स्थिति में हूं कि अगर मैं 30 साल तक मेडिटेशन भी करता तो भी यहां नहीं पहुंच पाता।

जागरूकता बढ़ाने का प्रयास

जिंदगी में कई बार हम सभी शारीरिक और मानसिक बीमारियों का शिकार होते हैं । इनसे पार पाना जितना आम लोगों के लिए मुश्किल है उतना ही सेलिब्रिटीज के लिए भी है । लेकिन जागरूकता लाने के लिए पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपनी बीमारी को छिपाने के बजाय उस पर बात करना ठीक समझा । इसके लिए पत्र-पत्रिकओं में साक्षात्कार देकर तो कभी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर बयान दिए ।

दीपिका पादुकोण ने साझा किए अनुभव

सारी दुनिया में डिप्रेशन के शिकार 30 करोड़ लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए दीपिका पादुकोण ने ट्विटर का सहारा लिया था । वे साल 2014 में डिप्रेशन का शिकार हुई थीं । उनके अनुसार भारत में 90 प्रतिशत पीड़ित इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं और इलाज करना जरूरी नहीं समझते । दीपिका ने डिप्रेशन से उबर चुके लोगों के लिए ये भी लिखा कि वे इस बीमारी को लेकर अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करें और इसके साथ हैशटैग नॉट अशेम्ड भी लिखें । साथ ही अवसाद में जी रहे लोगों की उससे बाहर निकलने में मदद करें ।

विशेष पंक्ति का किया उपयोग, लेखन को बनाया माध्यम

हाई-ग्रेड कैंसर को हरा देने वाली सोनाली बेंद्रे ने अपनी हर पोस्ट में हैशटैग स्विच ऑन द सन शाइन, इस पंक्ति को इस्तेमाल किया है । सेलेब्स सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही नहीं बल्कि उनकी जीवनी (बायोग्रफी) भी लोगों को ऐसी बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं ।

ओवेरियन कैंसर का इलाज कराकर भारत लौटीं अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपनी किताब हील्डः हाउ कैंसर गेव मी ए न्यू लाइफ में लिखा कि अपनी बीमारी से बहुत कुछ सीखा। मेरी तरह ही जो लोग कैंसर से ग्रस्त हैं, उनके साथ मैं अपनी निराशा और आशा भरे दिन शेयर करना चाहती हूं । मैंने न्यूयॉर्क के अस्पताल में अकेले कई दिन बिताए क्योंकि उन दिनों किसी को भी मुझसे मिलने नहीं दिया जाता था । मैं कहना चाहती हूं कि दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X