दर्द बांटना अपराध है तो हम करेंगे, कांग्रेस ने कहा 20 लाख करोड़ नहीं, सिर्फ 3.22 लाख करोड़ का पैकेज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 18 May 2020 05:02 AM IST
विज्ञापन
बीजेपी कांग्रेस
बीजेपी कांग्रेस - फोटो : SELF

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ट्वीट में कहा कि राहत के मलहम की बजाय घाव पर नमक छिड़कना बंद करें। ये मजदूर हैं मजबूर नहीं हैं। अगर मजदूरों का दर्द बांटना अपराध है तो हम करेंगे। मजदूर की बेबसी आपको ड्रामेबाजी लगती है। नंगे पांव में पड़े सैकड़ों छाले ड्रामेबाजी दिखती है। भूखे-प्यासे चलते जाने की व्यथा ड्रामेबाज़ी है। 135 मजदूरों की मौत क्या उन्हें ड्रामेबाजी लगती है।
विज्ञापन

सुरजेवाला ने कहा, सरकार ने मजदूरों का घोर अपमान किया है। संवेदनहीन सरकार मजदूरों से माफी मांगे। उनका कहना है कि राहुल गांधी उनका दर्द बांटने गए थे। अंधी बहरी सरकारों को जगाना अपराध है, तो हम करेंगे। उन्होंने कहा, ड्रामेबाजी वो थी जब मोदी जी ने वोट लेने के लिए मजदूरों के पांव धोने का स्वांग किया था। ड्रामेबाजी वह थी जब हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को हवाई जहाज में बैठाने का वादा कर सत्ता हथियाई थी। देश का मेहनतकश आपको कभी माफ नहीं करेगा।
  • कांग्रेस बोली, 20 लाख करोड़ नहीं, सिर्फ 3.22 लाख करोड़ का पैकेज
आनंद शर्मा, कांग्रेस

केंद्र की ओर से घोषित उपाय भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल 1.6 प्रतिशत हैं जो 3.22 लाख करोड़ रुपये है लेकिन प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये का दावा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथनी और करनी एक समान रखनी चाहिए। कर्ज की जो घोषणाएं वित्त मंत्री ने की है, उनको प्रोत्साहन पैकेज नहीं कह सकते। छोटे और मध्यम उपक्रमों और गरीबों के हाथों में पैसे देने की घोषणा की जानी चाहिए ताकि अर्थव्यवस्था में फिर से नई जान आ सके। 

 
  • कोरी घोषणाओं और ओछी राजनीति से काम नहीं चलेगा: प्रियंका
प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव
यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं। वे धूप में पैदल चल रहे हैं, आज वे घंटों खड़े रखे जा रहे हैं। उन्हें अंदर आने नहीं दिया जा रहा। उनके पास पिछले 50 दिनों से कोई काम नहीं है। जीविका ठप है। मजदूरों को घर भिजवाने के लिए कोरी घोषणाएं और ओछी राजनीति से काम नहीं चलेगा। इनके लिए ज्यादा ट्रेनें और बसें चलाइए। हमने 1000 बसों की अनुमति मांगी है हमें सेवा करने दीजिए।
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us