हाथ मिलाना और गले लगना हुआ खत्म, अब क्या नमस्ते ही बचा एकमात्र विकल्प?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 May 2020 02:38 PM IST
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क्या नमस्ते होगा अभिवादन का तरीका
क्या नमस्ते होगा अभिवादन का तरीका - फोटो : ग्राफिक्स/रोहित झा/अमर उजाला

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सार

  • संक्रमण का सबसे बड़ा वाहक है हैंडशेक
  • डॉक्टर स्केलांस्की ने 2014 में ही किया था हैंडशेक का विरोध
  • नमस्ते गेस्चर को अपना सकती है दुनिया

विस्तार

मार्क स्केलांस्की को हमेशा से हाथ मिलाने से नफरत होती रही है। यूसीएलए मैटल चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के बाल चिकित्सा कार्डियोलॉजी के प्रमुख स्केलांस्की का कहना है कि हाथ गर्म और गीले होते हैं जो संक्रमण को फैलाने के लिए काफी हैं। आज भले ही संक्रमण के कारण हाथ मिलाना और गले मिलना बंद हो गया है, लेकिन साल 2014 में ही स्केलांस्की और उनके सहयोगियों ने अपने एक हाथ मिलाने (हैंड शेक) को लेकर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि हाथ मिलाने से किसी बीमारी या संक्रमण के फैलने का खतरा काफी ज्यादा होता है। 
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