कीर्ति आजाद बोले, 400 करोड़ का भ्रष्टाचार उजागर करने के कारण मुझे छोड़नी पड़ी भाजपा

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 31 Oct 2019 06:36 PM IST
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कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद - फोटो : PTI (फाइल)

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भारत के लिए पहला विश्व कप जीतने वाली क्रिकेट टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। दाहिने हाथ के आक्रामक बल्लेबाज रहे कीर्ति आजाद (कीर्तिवर्धन भागवत झा आजाद) अब कांग्रेस के लिए बैटिंग करेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस को मजबूत करने के लिए किस तरह की योजना बना रहे हैं, यह जानने के लिए हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने उनसे मुलाकात की। पेश है वार्ता के प्रमुख अंश-

आप भाजपा के टिकट पर तीन बार दरभंगा से सांसद रह चुके हैं। दिल्ली कांग्रेस में आपको अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा थी। इस पर कुछ आपत्तियां भी आई थीं। लेकिन अब जब सोनिया गांधी ने आपको कैंपेन कमेटी के चेयरमैन जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी है, आप पार्टी को कैसे आगे बढ़ाएंगे?

सबसे पहले तो मैं सोनिया गांधी जी को धन्यवाद कहना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। मैं उनके भरोसे पर पूरा खरा उतरने की कोशिश करूंगा। दूसरी बात, किसी के चयन के पहले थोड़ी-बहुत चीजें हर पार्टी में हर जगह होती हैं। लेकिन चयन के बाद सभी साथ आकर पार्टी के लिए काम करते हैं। मुझे सबका साथ मिल रहा है, आप देख रहे हैं कि किस प्रकार कांग्रेस कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं इन कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत बनाने में सफल रहूंगा।

भाजपा से कांग्रेस में आने का अब तक का अनुभव कैसा रहा है?

मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे जितना सम्मान दिया, उतना सम्मान भाजपा ने मुझे 25 साल में कभी नहीं दिया। मैंने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज 400 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। लेकिन मेरे उस सच को दबाने की कोशिश की गई। ऐसे में मैं और समझौता नहीं कर सकता था। अगर मैं समझौता करना चाहता तो अभी भी वहां बना रह सकता था। लेकिन मैं भ्रष्टाचार के सामने झुकने वालों में से नहीं हूं। यही वजह है कि अपना सच और अपनी आत्मा जिंदा रखने के लिए मुझे अलग राह अपनानी पड़ी। आज मैं कह सकता हूं कि मेरा फैसला बेहद सही था। मैं कांग्रेस में आकर बेहद खुश हूं।

आज दिल्ली में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में नहीं है। पार्टी को मजबूत करने के लिए आप क्या करने वाले हैं? 

देखिए, मैं एक विश्व स्तर की टीम का खिलाड़ी रहा हूं। मैं जूझना जानता हूं। हारना मैंने सीखा नहीं और हार भी गया तो उठकर फिर लड़ना जानता हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने में सफल रहेंगे और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाएंगे। 

दिल्ली की राजनीति में पूर्वांचलियों का अहम योगदान है। आप स्वयं पूर्वांचल से आते हैं तो उन लोगों को कैसे जोड़ेंगे?

आज दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों की जो भी मजबूत स्थिति है, वह शीला दीक्षित जी के कारण है। उन्होंने उनके लिए सब कुछ किया। अब हम उनके मुद्दे उठाएंगे, टिकटों में पूर्वांचल के लोगों को पर्याप्त भागीदारी देंगे और पूरे समाज को खुद से जोड़ेंगे। मैं एक विशेष योजना बनाकर सबसे मिलने की योजना बना रहा हूं। जबकि, भाजपा नेता विजय गोयल 2013 में ही कह चुके हैं कि यूपी-बिहार से आने वाले छात्रों के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिलता। मनोज तिवारी कहते हैं कि बाहरी लोगों के कारण दिल्ली में अपराध होता है। क्या उन्हें पूर्वांचली अपराधी नजर आते हैं?
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ऐसी सोच वालों के साथ पूर्वांचली क्यों जाएंगे? पूर्वांचलियों के लिए छठ से बड़ा कोई त्योहार नहीं होता। इसी त्योहार में जाने के लिए टिकट के नाम पर उन्हें लूटा जा रहा है, 430 रुपये का टिकट 650 में बेचा जा रहा है। कौन जिम्मेदार है? मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि बिहार से 500 का टिकट कटाकर आते हैं और पांच लाख का इलाज कराते हैं। केजरीवाल बताएं कि क्या दिल्ली में आने का अधिकार पूर्वांचलियों को नहीं है?

आम आदमी पार्टी इस विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण तैयारी के साथ उतर रही है। केजरीवाल रोज नई घोषणाएं कर रहे हैं। क्या कहेंगे?

अरविंद केजरीवाल ने पांच साल तक कहा कि केंद्र उसे काम नहीं करने दे रहा है। आज अचानक उनके कामों में कोई अड़चन नहीं आ रही है। क्या कारण है? क्या ये उनकी और भाजपा की कोई  सांठगांठ है? केजरीवाल जिस तरह कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा के साथ साजिश कर रहे हैं, हम जनता के सामने उनकी पोल खोल करेंगे। दोनों दलों की नूरा-कुश्ती जनता के सामने लाएंगे।

भाजपा पूरे देश की तरह दिल्ली में भी एनआरसी का मुद्दा उठा सकती है। आप क्या कहेंगे? 

देश बांटने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। अगर बाहरी लोगों का मुद्दा उठाएंगे तो इसमें हम सब आएंगे- मनोज तिवारी भी बाहरी हैं, अरविंद केजरीवाल भी बाहरी हैं, कीर्ति आजाद भी बाहरी हैं और आप भी बाहरी हैं। ऐसे कैसे काम चलेगा? सबको साथ में लेकर चलने का वक्त  है। बांटने की राजनीति बंद होनी चाहिए।

कांग्रेस का मुकाबला किससे होने जा रहा है, भाजपा या अरविंद केजरीवाल? 

हम अपना काम करने जा रहे हैं। देश को जोड़ने की राजनीति एक बार फिर देश में लाने जा रहे हैं। बांटने वालों को सबक सिखाना जरुरी हो गया है। झूठ की राजनीति करने वालों को रोकना होगा। पूरे देश में एक बार फिर कांग्रेस की स्वीकार्यता बढ़ रही है। दिल्ली की जनता भी उसी क्रम में कांग्रेस को जीत दिलाएगी ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।
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