लोकतंत्र की वो काली रात, इंदिरा सरकार ने छह महीने पहले ही बना ली थी आपातकाल की योजना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 25 Jun 2019 09:40 AM IST
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1975 आपातकाल
1975 आपातकाल - फोटो : अमर उजाला

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आजादी के महज 28 साल बाद ही देश को तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के फैसले के कारण आपातकाल के दंश से गुजरना पड़ा। 25-26 जून की रात को आपातकाल के आदेश पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के दस्तखत के साथ देश में आपातकाल लागू हो गया। अगली सुबह समूचे देश ने रेडियो पर इंदिरा गांधी की आवाज में संदेश सुना कि भाइयों और बहनों, राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है। लेकिन इससे सामान्य लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।
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इमरजेंसी विशेष: 25 जून 1975 की सुबह एक फोन की घंटी ने देश में लिख दी थी 'आपातकाल' की काली रात


दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई 25 जून की रैली की खबर पूरे देश में न फैल सके इसके लिए दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित अखबारों के दफ्तरों की बिजली रात में ही काट दी गई। रात को ही इंदिरा गांधी के विशेष सहायक आर के धवन के कमरे में बैठ कर संजय गांधी और ओम मेहता उन लोगों की लिस्ट बना रहे थे जिन्हें गिरफ्तार किया जाना था।
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आपातकाल लगाने की वजह

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