कमल के निशान पर जो जीता... वो नरेंद्र

डॉ. इन्दुशेखर पंचोली, अमर उजाला Updated Fri, 24 May 2019 06:11 AM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए आसान नहीं था, लेकिन नेतृत्व की ताकत, संगठन की क्षमता, सरकारी योजनाओं के लाभ, ध्रुवीकरण की सियासत और राष्ट्रवाद के परचम से ऐसी रणनीति बनाई गई, जिसने विशुद्ध गैर कांग्रेसी सरकार को दोबारा सत्तानशीं कर दिया। पूरा चुनाव नरेंद्र मोदी की जादुई शख्सियत के इर्द-गिर्द लड़ा गया।
विज्ञापन

 
 

ब्रांड मोदी इतना मजबूत रहा कि वे जनसभाओं में कहते थे कि आपका हर वोट सीधे मोदी के खाते में जाएगा। बाद की सभाओं में तो उम्मीदवारों का परिचय तक नहीं दिया गया। भाजपा ने ऐतिहासिक जीत कैसे हासिल की, पढ़िए डॉ. इन्दुशेखर पंचोली का विश्लेषण
अमित शाह जब यह दावा करते थे कि चुनाव अंकगणित से नहीं केमिस्ट्री से जीता जाता है, तो सुनने वाले भले ही इसे उनका अति-आत्मविश्वास या मजाक समझते रहे, लेकिन नतीजों ने इसे साबित कर दिया। यह केमिस्ट्री सिर्फ मतदाता तक सीमित नहीं थी, सरकार व संगठन की जुगलबंदी से भी यह संतुलन के साथ आगे बढ़ी। इसमें किसी को शक-सुबहा नहीं होना चाहिए कि यह चुनाव सिर्फ और सिर्फ नरेन्द्र मोदी का था। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विपक्ष की रणनीति पर मोदी पर ही केंद्रित रही

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us