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बंगाल में हिंसा : ममता बनर्जी आज करेंगी अधिकारियों के साथ बैठक, कानून व्यवस्था का लेंगी जायजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 04 May 2021 04:07 PM IST

सार

 ममता बनर्जी के साथ इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर समेत कई बड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे। 
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ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
ममता बनर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

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विस्तार

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा को लेकर जहां राजनीति तेज हो गई है वहीं कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज यानी मंगलवार को उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर समेत कई बड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे। 
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बता दें के पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद ही सोमवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली और इस दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और कई घायल हो गए।


राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान
बंगाल में हिंसा के दौरान नंदीग्राम में महिलाओं के साथ दुष्कर्म-हिंसा के आरोपों पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर तुरंत जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

विपक्ष की एकता के लिए काम करेंगे पवार : राकांपा
इधर, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने मंगलवार को कहा कि उसके प्रमुख शरद पवार विपक्षी दलों और खास तौर पर क्षेत्रीय दलों का एकीकृत मोर्चा बनाने का प्रयास करेंगे।

राकांपा के प्रवक्ता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बयान का हवाला देते हुए यह बात कही। बनर्जी ने कहा था कि विपक्ष की एकता जरूरी है। मलिक ने कहा कि शरद पवार ने भी बंगाल चुनावों से पहले सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया। अगले कुछ दिनों में पवार विपक्षी दलों और खास तौर पर क्षेत्रीय दलों की एकता के लिए काम करेंगे।

बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निंदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल 100 दिनों तक निर्वाचन आयोग के प्रभार में रहा। चुनाव प्रचार के दौरान भी हिंसा की खबरें आईं... जवाबदेही तय करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान और चुनाव परिणाम के बाद हिंसा की निंदा करने की जरूरत है। भाजपा को निशाने पर लेते हुए मलिक ने कहा कि भगवा दल को नफरत की राजनीति बंद करनी चाहिए और ममता बनर्जी सरकार को काम करने देना चाहिए।
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भाजपा बोली- राज्य प्रायोजित हिंसा

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