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कड़े कानून ने दिखाया अपना रंग, 75 फीसदी तक कम हुए सड़क दुर्घटना के मामले

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 25 Nov 2019 11:07 PM IST
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मोटर व्हीकल एक्ट
मोटर व्हीकल एक्ट - फोटो : Social
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मोटर वाहन कानून में संशोधन कर उसे सख्त बनाने की कोशिश रंग लाती दिख रही है। नया कानून लागू होने के बाद सितंबर और अक्तूबर में घातक सड़क हादसों में 75 फीसदी तक की कमी देखने को मिली है। 
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नया मोटर वाहन कानून एक सितंबर से लागू हुआ था, जिसके बाद से कुछ राज्यों और चंडीगढ़ समेत कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी आई है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। 
गडकरी ने बताया कि सितंबर और अक्तूबर में चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना में सिर्फ दो लोगों की मौत हुई। जबकि पिछले साल 8 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। पुडुचेरी में पिछले साल की तुलना में हादसे 31 फीसदी घट गए और नौ लोगों की मौत हुई। 

उत्तराखंड में 22 तो गुजरात में 14 फीसदी कमी : 

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि उत्तराखंड में इस दौरान मौतों की संख्या 22 फीसदी घट गई। पिछले साल इस अवधि में 78 लोगों की जान गई थी जबकि इस बार 61 लोगों की मौत हुई। नितिन गडकरी ने कहा कि गुजरात में इन महीनों में मौत की संख्या घटकर 480 रह गई, जो 14 फीसदी कम है। एक साल पहले 557 लोगों ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाई थी। 

यूपी, बिहार में भी गिरावट 

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने संसद में बताया कि बिहार में पिछले साल की तुलना में मृत्यु दर 10.5 फीसदी कम रही। इन दो महीनों में पिछले साल 459 लोगों की जान गई थी जबकि इस बार यह आंकड़ा 411 रहा। उत्तर प्रदेश में भी सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत में 10 फीसदी कमी आई है। पिछले साल यह आंकड़ा 1503 था जबकि इस बार यह 1355 रहा। उन्होंने बताया कि केरल में सड़क दुर्घटना से संबंधित मौतों में 2.1 प्रतिशत की कमी आई जबकि छत्तीसगढ़ में दुर्घटना से संबंधित मौतों में 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
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