मन की बात: प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश को सराहा, दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कानून से हुए खुश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 26 Aug 2018 01:33 PM IST
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prime minister's 'Mann Ki Baat' today

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए एक बार फिर देशवासियों से अपने विचार साझा किए। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 47वां संस्करण है। पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम केरल बाढ़ पीड़ितों से शुरू की। उन्होंने कहा कि आपदाएं अपने पीछे जिस प्रकार की बर्बादी छोड़ जाती हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं लेकिन आपदाओं के समय मानवता के भी दर्शन हमें देखने को मिलते हैं। कच्छ से कामरूप और कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर कोई अपने-अपने स्तर पर कुछ-न-कुछ कर रहा है। 
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उन्होंने राहत बचाव कार्य की तारीफ करते हुए सशस्त्र बलों की जमकर प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा, 'सशस्त्र बलों के जवान केरल में चल रहे बचाव कार्य के नायक हैं। उन्होंने बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।'
पीएम मोदी ने केरल से साहस दिखाने की बात कहते हुए फिर से खड़े होने की उम्मीद जताई। वहीं मानसून सत्र की सफलता पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों! अभी कुछ दिन पहले ही संसद का मानसून सत्र समाप्त हुआ है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि लोकसभा की कार्यवाही 118% और राज्यसभा की 74% रही। लोकसभा ने 21 विधेयक और राज्यसभा ने 14 विधेयकों को पारित किया।

महिला सुरक्षा की बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए संसद में कानून लाया गया। मध्य प्रदेश के मंदसौर में अदालत ने बहुत कम वक्त में दोषी को फांसी की सजा सुनाई. ऐसी घटनाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आगे तीन तलाक से संबंधित बिल का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि यह बिल लोकसभा में पास हो गया है, अभी राज्यसभा से पास होना है। पीएम ने कहा, 'मैं मुस्लिम महिलाओं को विश्वास दिलाता हूं कि पूरा देश उन्हें न्याय दिलाने के लिए खड़ा है।'

भाषा के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर भाषा का अपना माहात्म्य होता है। भारत इस बात का गर्व करता है कि तमिल भाषा विश्व की सबसे पुरानी भाषा है और हम सभी भारतीय इस बात पर भी गर्व करते हैं कि वेदकाल से वर्तमान तक संस्कृत भाषा ने भी ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बड़ी भूमिका निभाई है।
इसके बाद पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी पर बोलते हुए कहा कि वर्ष 2001 में अटल जी ने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। अटलजी के समृद्ध और विकसित भारत के सपने को पूरा करने का संकल्प दोहराते हुए मैं हम सबकी ओर से अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं जरुर कहूँगा स्वस्थ लोकतंत्र के लिए, उत्तम लोकतंत्र के लिए अच्छी परम्पराएं विकसित करना, लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करना, चर्चाओं को खुले मन से आगे बढ़ाना, यह अटल जी को एक उत्तम श्रद्धांजलि होगी।

पीएम मोदी ने कहा, 'आज पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा है। सभी देशवासियों को इस पावन पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. यह पर्व बहन और भाई के आपसी प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।'
 
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