आज फिनलैंड दौरे पर जाएंगे विदेश मंत्री जयशंकर, द्विपक्षीय मुददों पर करेंगे चर्चा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Sep 2019 08:39 AM IST
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विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

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अमेरिका जाने से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को फिनलैंड के दौरे पर जाएंगे। फिनलैंड यूरोपियन यूनियन काउंसिल का नया अध्यक्ष है। जयशंकर ऐसे समय पर फिनलैंड जा रहे हैं जब यूरोपियन संसद ने कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की है। यूरोपीय यूनियन में विदेश मामलों की प्रतिनिधि फ्रेडेरिका मोघेरिनी ने भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का द्वीपक्षीय वार्ता के जरिए हल निकालने को कहा है।
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हेलंस्की में जयशंकर फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनिस्तो, प्रधानमंत्री एंटी रिन्ने और विदेश मंत्री पेक्का हाविस्तो से मुलाकात करेंगे। हाविस्तो जयशंकर के होस्ट हैं। फिनलैंड के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, 'विदेश मंत्री जयशंकर संसद के उपसभापति तुला हतैनेन और विदेशी मामलों की समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। वह विदेश नीति संस्थान द्वारा आयोजित एक सेमिनार में भाषण भी देंगे।'
विदेश मंत्री ऐसे समय पर फिनलैंड जा रहे हैं जब गांधी जयंती (2 अक्तूबर) में ज्यादा समय नहीं बचा है। इसके मद्देनजर जयशंकर हेलंस्की में हाविस्तो के साथ गांधी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। बयान में कहा गया है, 'यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर अन्य चीजों के अलावा द्विपक्षीय संबंधों, अतंरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों, मानवाधिकार और यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष और फिनलैंड के राष्ट्रपति संग बातचीत करेंगे। जलवायु परिवर्तन भी एक महत्वपूर्ण विषय होगा।'
एक बयान में फिनलैंड के विदेश मंत्री हाविस्तो ने कहा, 'मैं विदेश मंत्री जयशंकर के साथ चर्चा करने को लेकर उत्सुक हूं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है और देश को वैश्विक जिम्मेदारी का एक बड़ा हिस्सा वहन करने की उम्मीद है। भारत के राजनयिक सर्वोच्च हैं और हमें उम्मीद है कि फिनलैंड की यह यात्रा पूरी होगी।' 

वहीं मोघेरिनी का कहना है कि हमारा रुख साफ है। हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्वक और राजनीतिक समाधान निकालें। जिसमें नियंत्रण रेखा के दोनों ओर कश्मीरी आबादी के हितों का सम्मान किया जाए। यही एक तरीका है जिसके जरिए लंबे समय से आ रहे विवाद को सुलझाया जा सकता है। इसके कारण बहुत समय से इस क्षेत्र में अस्थिरता और असुरक्षा का माहौल है।

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