सचिन जी आइए भाजपा के साथ विचारधारा की लड़ाई लड़ते हैं: सुष्मिता देव

शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Sun, 26 Jul 2020 10:57 PM IST
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सचिन पायलट (फाइल फोटो)
सचिन पायलट (फाइल फोटो) - फोटो : ट्विटर

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सार

  • पायलट युवा, उर्जा और क्षमतावान कांग्रेसी हैं
  • यह समय अभी आपस में झगड़े का नहीं है
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी सोचना चाहिए

विस्तार

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में आर या पार को लेकर तलवारें खिंची हुई है, लेकिन आम कांग्रेसियों का पायलट से मोह नहीं भंग हुआ है।
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अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने भी सचिन पायलट से अपील की है। सुष्मिता देव ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहा कि मैं तो चाहती हूं, सचिन जी भाजपा के साथ सक्रिय राजनीति में विचाराधारा की लड़ाई तेज कर दें। उनके साथ की भी जरूरत है।
सुष्मिता देव ने कहा कि सचिन पायलट में काफी क्षमता है। युवा और ऊर्जावान हैं। वह जब केंद्र सरकार में मंत्री थे और जब वह राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे तो मैंने उनके कामकाज और क्षमता को देखा है। सुष्मिता देव का कहना है कि सचिन पायलट ने भी कांग्रेस नहीं छोड़ी है। उनसे मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला,पी चिदंबरम समेत अन्य भी कह रहे हैं और पायलट को मान जाना चाहिए।
अशोक गहलोत जी यह समय आपस में लडऩे का नहीं है
सुष्मिता देव ने कहा कि अशोक गहलोत के सामने राजनीति में वह बहुत कनिष्ठ हैं। इस समय देश जिन स्थितियों (कोविड-19, आर्थिक, सामाजिक, सुरक्षा और अन्य) में फंसा हुआ है, यह आपस में लडऩे का नहीं है। सुष्मिता देव ने कहा कि गहलोत अनुभवी, सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। युवा नेता को उन्हें भी स्थान देना चाहिए।

यह भाजपा के साथ विचाराधारा की लड़ाई का अब तक का सबसे कठिन दौर है। ऐसे समय में राष्ट्र के हित को कांग्रेस पार्टी ही पूरा कर सकती है। इसलिए राष्ट्रहित में हमें इस तरह के वातावरण से बाहर आ जाना चाहिए। सुष्मिता ने कहा कि लोकतंत्र में नंबर का बड़ा महत्व है।

मध्यप्रदेश और राजस्थान में 2018 में सरकार के गठन के दौरान यह नंबर वहां कमलनाथ के साथ था। राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ था। इसलिए दोनों नेता मुख्यमंत्री पद के योग्य समझे गए। लोगों ने कांग्रेस पार्टी को वोट दिया था। यह वोट किसी सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया को नहीं था। इसलिए उन्हें सचिन पायलट को इसका सम्मान करते हुए पार्टी और राष्ट्र हित में निजता की लड़ाई का परित्याग करना चाहिए।

कुर्सी से उतरने के बाद पीछे वैक्यूम छोड़ने वाला नेता भी अच्छा नहीं
सुष्मिता देव ने उन नेताओं को नसीहत दी है जो कुर्सी से उतरने के बाद अपने पीछे एक बड़ा वैक्यू (शून्य) छोड़कर चले जाते हैं। युवा महिला नेता का कहना है कि यह हर वरिष्ठ नेता की जिम्मेदारी है कि वह अपने पीछे दूसरे लाइन की लीडरशिप तैयार करे।

उसके रिक्त स्थान की भरपाई करने वाले पार्टी में कई युवा नेता मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर संगठन में कभी रिक्तता नहीं आती। उन्होंने कहा यह तभी संभव है, जब युवाओं को वरिष्ठों से अवसर, उचित स्थान और यथोचित स्नेह तथा मार्गदर्शन मिलता है।
 
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लोकतंत्र के लिए बहुत खराब होगा

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