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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

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Digital Edition

दुनिया की वो छह जगहें, जहां 100 साल तक जीते हैं लोग, लंबी उम्र का राज है बड़ा खास

नए कोरोना वायरस के कारण बहुत से लोग समय से पहले जान गंवा रहे हैं। सिर्फ कोविड-19 ही क्यों, बहुत सी ऐसी बीमारियां हैं, जो वक्त से पहले लोगों की जिंदगी छीन लेती हैं। ऐसे में जब कोई 'जीवेत शरद: शतम्' यानी सौ साल जीने का आशीर्वाद देता है, तो वो आशीर्वाद सच कैसे साबित हो? आखिर क्या करें कि सौ साल या उससे ज्यादा जिएं?

इन सवालों के जवाब हमें दुनिया के उन इलाकों में रहने वालों से मिल सकते हैं, जहां के लोगों की औसत आयु बाकी दुनिया से कहीं अधिक है। जहां के रहने वाले अक्सर सौ साल से ज्यादा जीते हैं। 

आखिर, लंबी उम्र का राज क्या है? किन जगहों के लोग सबसे अधिक उम्र तक जीते हैं? 

मध्य अमेरिकी देश कोस्टारिका का निकोया, इटली का सार्डीनिया, यूनान का इकारिया, जापान का ओकिनावा और अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य का लोम्बा लिंडा। ये दुनिया के वो छह इलाके हैं जिन्हें वैज्ञानिक 'ब्लू जोन' कहते हैं। जहां के रहने वालों की औसत उम्र बाकी दुनिया से कहीं ज्यादा है। इन छह जगहों पर रहने वालों के सौ साल की उम्र तक पहुंचने की संभावना ज्यादा होती है। 

पाकिस्तान की वो जगह, जहां महिलाएं 80 साल की उम्र में भी लगती हैं जवान और खूबसूरत

इन इलाकों को ब्लू जोन सबसे पहले इटली के महामारी विशेषज्ञ गियान्नी पेस और बेल्जियम के आबादी विशेषज्ञ माइकल पोउलेन ने कहा था। उसके बाद पेस और पोउलेन ने अमेरिकी पत्रकार डैन ब्यूटेनर के साथ मिल कर इन छह जगहों के बारे में किताब भी लिखी। 

लंबी उम्र की लॉटरी

डैन ब्यूटेनर ने अपनी किताब के लिए रिसर्च के दौरान पाया कि ब्लू जोन कहे जाने वाले इलाकों में रहने वालों की जिंदगी में कई खूबियां हैं। पहली चीज तो है खानपान। ब्लू जोन इलाकों में रहने वाले लोग कम खाते हैं। जैसे कि, जापान के ओकिनावा में लोग 80 फीसदी पेट भरने के बाद खाना बंद कर देते हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि अगर हम 10 फीसदी कैलोरी कम ले लेते हैं, तो इससे उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है। 

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जीन विशेषज्ञ डी. गोविंदराजू कहते हैं कि कम खाना खाने से हमारे डीएनए में नुकसानदेह परिवर्तन नहीं होते। दूसरी बात ये है कि ब्लू जोन वाले इलाकों में लोग शाकाहारी खाने को तरजीह देते हैं। इससे भी उनके मेटाबॉलिज्म यानी खाना पचाने की क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। 
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कोरोना पर चीन: जांच के लिए तैयार, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो दोनों ही चीन पर कोरोना वायरस से संबंधित जानकारियां छिपाने का आरोप लगा चुके हैं। दोनों ही लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि यह वायरस चीन की एक प्रयोगशाला से ही निकला है। वहीं, इस संबंध में अधिकतर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस जानवरों से इंसान में आया है। 

चीन के सालाना संसद सत्र के बाद एक प्रेस वार्ता में वांग ने कहा, 'चीन जांच के लिए तैयार है लेकिन हम यह मानते हैं कि यह जांच पेशेवर, निष्पक्ष और रचनात्मक होनी चाहिए। निष्पक्षता का मतलब यह है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो, सभी देशों की संप्रभुता का पालन किया जाए।' बता दें कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के करीब 100 देशों ने हाल ही में वैश्विक महामारी की उत्पत्ति की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी।

'वायरस को लेकर चीन के खिलाफ मुकदमा गैरकानूनी'

वांग ने कहा कि कोविड-19 को लेकर चीन के खिलाफ कोई भी मुकदमा तथ्यहीन आधार वाला होगा। चीन भी अन्य देशों की तरह इस वैश्विक महामारी का शिकार हुआ है और उसने अन्य जरूरतमंद सरकारों की सहायता भी की है। वांग ने कहा कि तथ्यों से अनजान कुछ अमेरिकी नेताओं ने चीन के खिलाफ बहुत झूठ गढ़े हैं और कई सारी साजिशें रची हैं। 

उन्होंने कहा कि इस तरह के मुकदमे अंतरराष्ट्रीय कानून की कसौटी पर खरे नहीं उतरेंगे और ये मानवीय विवेक से परे होंगे। यह असत्य, गैरन्यायसंगत और गैरकानूनी है। चीन के खिलाफ इस तरह के मामले जो लोग लाएंगे, वे दिन में ही सपने देख रहे हैं और ऐसा करके वह खुद को अपमानित करेंगे। 
 
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फ्रांस ने कहा, भारत को कोरोना दवा के उत्पादन में बड़ी भूमिका निभानी होगी

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी जारी है, मृतकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर में फिलहाल इसके रोकथाम के लिए कोई दवा या टीका विकसित नहीं हो पाया है, हालांकि फ्रांस को भारत से इस दिशा में काफी उम्मीदें हैं।

रविवार को फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनाइन ने कहा कि एक बार कोरोना वायरस संक्रमण का उपचार मिल जाए तो उसके बाद भारत को पड़े पैमाने पर दवा और टीके के उत्पादन में अहम भूमिका निभानी होगी। इमैनुएल लेनाइन ने कहा, 'अगर हम चाहते हैं कि कोविड-19 की दवा और टीका आने के बाद दुनियाभर में उसका समान वितरण हो तो इसके लिए सभी देशों के बीच समन्वय की बहुत आवश्यकता है। इसमें दवाओं और टीकों के उत्पादक देश के तौर पर भारत को अहम भूमिका निभानी होगी।'

दरअसल, भारत दुनियाभर में टीकों और जेनेरिक दवाओं का अग्रणी निर्माता देश है और कोरोना के इस बुरे दौर में भी देश के अनेक शोध संस्थान कोरोना वायरस संक्रमण की दवा तलाशने में लगे हुए हैं।

फ्रांस के राजदूत का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब बड़ी संख्या में देश और यूरोपीय संघ ऐसे प्रयास कर रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार की कोई भी दवा अथवा टीके का व्यापक पैमाने पर उत्पादन हो ताकि सभी तक इसकी न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित हो सके। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की दो दिवसीय बैठक में भी यह मुद्दा जोर शोर से उठा था और कई देशों ने सभी देशों के लिए दवा उपलब्ध कराने की मांग की थी। उसका कहना था कि ऐसे न हो कि सारी दवाएं अमीर देशों के पास पहुंच जाएं।

बता दें कि विश्व में अब तक कोरोना संक्रमण के कारण 3.30 लाख से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं जबकि 50 लाख से अधिक संक्रमित हैं। वहीं दुनियाभर में कई शोधकर्ता कोरोना वायरस की दवा तैयार करने के काम में दिन रात जुटे हुए हैं।
 
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भूकंप के दौरान भी टीवी चैनल को साक्षात्कार देती रहीं न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न सोमवार सुबह एक टेलीविजन चैनल को लाइव इंटरव्यू दे रही थीं कि तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन उन्होंने साक्षात्कार जारी रखा।

आर्डर्न ने साक्षात्कारकर्ता रयान ब्रिज को बीच में रोककर बताया कि राजधानी वेलिंगटन में संसद परिसर में क्या हो रहा है। आर्डर्न ने कहा कि रयान यहां भूकंप आया है, हमें ठीक-ठाक झटका महसूस हुआ है।

उन्होंने कमरे में दाएं-बाएं देखते हुए कहा कि आप मेरे पीछे चीजों को हिलते हुए देख सकते हैं। न्यूजीलैंड प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में पड़ता है और यहां अक्सर भूकंप आने की वजह से इसे अस्थिर द्वीप भी कहा जाता है।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के मुताबिक सोमवार को आए भूकंप की तीव्रता 5.6 थी और इसका केंद्र उत्तर-पूर्व वेलिंगटन से 100 किलोमीटर दूर समुद्र की गहराई में था।

हालांकि, जान-माल की किसी भी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। आर्डर्न ने साक्षात्कार जारी रखा और साक्षात्कारकर्ता को बताया कि भूकंप थम गया है।

उन्होंने कहा कि हम ठीक हैं रयान। मेरे ऊपर लाइटों ने हिलना बंद कर दिया है, मुझे लगता है कि मैं अब एक ठोस ढांचे के नीचे बैठी हुई हूं।
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न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न

Corona World LIVE: राजधानी टोक्यो और चार अन्य प्रांतों में आपातकाल हटाने को जापान तैयार

कोरोना वायरस अपडेट्स:-

टोक्यो और चार अन्य प्रांतों में आपातकाल हटाने को तैयार है जापान
  • एक विशेष सरकारी पैनल के विशेषज्ञों ने टोक्यो और चार अन्य प्रान्तों में कोरोना वायरस आपातकाल हटाने की योजना को मंजूरी दे दी है।
  • इसके बाद प्रधानमंत्री शिंजो आबे के लिए व्यवसायों को धीरे-धीरे फिर से शुरू करने की अनुमति देकर आपातकाल हटाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
  • अर्थव्यवस्था मंत्री यासुतोषी निशिमुरा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार द्वारा गठित पैनल के विशेषज्ञों ने डेढ़ महीने से अधिक समय तक चले आपातकाल की स्थिति को समाप्त करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

दक्षिण अफ्रीका में एक जून से लॉकडाउन में मिलेगी छूट
  • दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने एक जून से कोरोना वायरस लॉकडाउन के पाबंदियों में रियायत देने की घोषणा की है।

तुर्की में 32 और लोगों की मौत, 1141 नए मामले सामने आए
  • तुर्की में कोविड-19 से 32 और लोगों की मौत हो गई, जिससे देश में संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,340 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री फाहरेतिन कोका ने यह जानकारी दी।
  • कोका ने रविवार को ट्वीट किया कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 1,141 नए मामले भी सामने आए हैं, जिसके साथ ही देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,56,827 हो गए हैं।
  • अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय की वैश्विक सूची में तुर्की नौंवे नंबर पर है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या बताई गई संख्या से कहीं अधिक हो सकती है।
अमेरिका कोरोना वायरस से निपटने के लिए पाकिस्तान को देगा 45.6 करोड़ रुपये
  • अमेरिका ने कहा कि वह कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के पाकिस्तान के प्रयासों में मदद के लिए उसे करीब 45 करोड़ 60 लाख 45 हजार रुपये (60 लाख डॉलर) देगा।
  • पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत पॉल जोन्स ने शनिवार को एक वीडियो संदेश में कहा कि यह धनराशि पाकिस्तान को उन स्वास्थ्यकर्मियों को और प्रशिक्षण देने में काम आएगी जो अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर हालत वाले मरीजों की देखभाल करते हैं।
  •  इससे चिकित्सा केन्द्रों में कोरोना वायरस फैलने से रुकेगा। इसके अलावा इससे संक्रमित इलाकों में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की जांच के लिए मोबाइल प्रयोगशाला भी बनाई जाएगी। 

अमेरिका में 638 की मौत
  • जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में रविवार को 638 लोगों की मौत हुई है।
न्यू साउथ वेल्स में आज से खुलेंगे स्कूल
  • ऑस्ट्रेलिया के राज्य न्यू साउथ वेल्स के शिक्षा विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार से स्कूल पूरी तरह से खुल जाएंगे।
न्यूयॉर्क में 5600 पुलिस कर्मी ड्यूटी पर लौटे
  • न्यूयॉर्क के पुलिस विभाग ने जानकारी दी है कि उसके 5,604 कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अपना उपचार करवाकर काम पर लौट आए हैं।
ब्राजील से अमेरिका आने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने लगाई रोक
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि जो लोग बीते 14 दिनों में ब्राजील की यात्रा पर गए हैं, उनके अमेरिका में प्रवेश पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगा दी गई है।  
ब्राजील में 24 घंटे में 16500 नए मामले
  • अमेरिका के बाद ब्राजील में कोरोना के मामले सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार यहां बीते 24 घंटे में 16,500 नए मामले सामने आए हैं।
मिआमी में 1 जून से खुलेंगे पूल
  • मियामी में डैड काउंटी के मेयर कार्लोस जिमेनेज ने रविवार को एलान किया कि सामुदायिक पुल समुद्र तटों के साथ एक जून को फिर से खुलेंगे।
न्यूयॉर्क: 1500 से ज्यादा नए मामले सामने आए
  • न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्युमो के कार्यालय ने जानकारी दी है कि राज्य में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 1,589 मामले सामने आए हैं। यहां कुल मामलों की संख्या बढ़कर 361,515 हो गई है। 
दक्षिण अफ्रीका में एक जून से खुल जाएंगे उद्योग
  • दक्षिण अफ्रीका में अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने एक जून से अधिकांश उद्योगों को खोलने की घोषणा की है।
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फेफड़ों में खून जाना होता है बंद, हृदय के दाएं चैंबर का आकार बड़ा कर घातक हो रहा वायरस

कोरोना वायरस दिल पर हमला करता है, अब यह कुछ हद तक साबित हो गया है। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई यूनिवर्सिटी के इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना हृदय के दाएं चैंबर (राइट वेंट्रिकल) पर हमला बोलता है जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हार्ट अटैक से मरीज की मौत हो जाती है।

शोधकर्ताओं ने 110 कोरोना संक्रमित मरीजों पर अध्ययन किया है जिनकी हालत संक्रमण के चलते अधिक खराब थी। इसमें पता चला है कि 62 फीसदी मरीजों के दाई और स्थित चैंबर का आकार बड़ा हो गया था।

इसका काम ऑक्सीजन और खून पहुंचाना होता है। संक्रमण के चलते फेफड़ों तक रक्त नहीं पहुंच पाने या दूषित रक्त पहुंचने के चलते मरीजों की मौत हुई। शोधकर्ताओं के जिन 110 मरीजों का चुनाव किया गया था उस में 11 की मौत तुरंत हो गई थी जिसका कारण हृदय संबंधी तकलीफ थी। शोध के अनुसार, इकोकार्डियोग्राम की जांच रिपोर्ट के अनुसार दाएं चैंबर के बड़े होने के कारण 41 फीस दी मरीजों की मौत हुई थी जबकि 11 फीसदी मरीजों की मौत में चैंबर का आकार सामान्य था।

इलाज के दौरान हृदय की जांच भी जरूरी
वैज्ञानिकों का कहना है कि मरीजों के इलाज के साथ उनकी हृदय की जांच भी करते रहना होगा। (जेएसीसी) कार्डियोवैस्कुलर इमेजिंग जर्नल में प्रकाशित शोध में डॉक्टरों का कहना है, संक्रमित की इकोकार्डियोग्राम (ईकेजी) जान जरूरी है जिससे पता चल सके कि वायरस के कारण उसके हृदय की कार्यक्षमता पर कोई असर तो नहीं पड़ा है। ईकेजी जांच में पता चला है कि हकीकत 30 फीसदी मरीजों के राइट वेंट्रीकल का आकार सामान्य से बड़ा है जो चिंताजनक था।

हार्ट चैंबर बड़ा होना ह्रदय रोग नहीं
वैज्ञानिकों का कहना है कि हृदय चैंबर का बड़ा होना इस बात का संकेत नहीं है कि हृदय रोग है इससे यह साबित होता है कि कोई और दूसरी चीज है जो हृदय पर दबाव बना रही है हालांकि वैज्ञानिकों को यह पता नहीं चल सका है कि आखिर हृदय का दाया चैंबर ही बड़ा क्यों हो रहा है। बस कयास लगाया जा रहा है कि ऑक्सीजन का स्तर कम होने, रक्त वाहिकाओं के कठोर होने से ऐसा होता है जिसका कारण वायरस का हमला हो सकता है।

35 फीसदी मरीजों में लक्षण नहीं: सीडीसी
ऐसे संक्रमित मरीज दुनिया भर के लिए चुनौती बने हैं जिनमें रोग के लक्षण नहीं हैं। अमेरिकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) ने कहा है कि कोरोना वायरस एक तिहाई मरीज बिना लक्षण वाले हैं।

सीडीसी के अनुसार 40 फीसदी संक्रमण रोग संक्रमण फैलाते रहते हैं और उन्हें पता ही नहीं होता कि वे बीमार हैं। सीडीसी का कहना है कि इन आंकड़ों में बड़ा बदलाव आ सकता है क्योंकि यह 29 अप्रैल तक एकत्र किए गए आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह परिणाम आया है। अमेरिका में 65 और इससे अधिक उम्र के 1.3 फीस दी और 49 वर्ष से कम उम्र के 0.05 फीसदी लोगों की मौत हुई जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखे थे।
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ट्रंप ने मतदाताओं को दिया भरोसा, कहा-मेरा विश्वास करो, 2021 में अर्थव्यवस्था फिर से भरेगी उड़ान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना संकट के बीच भी नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले मतदाताओं को अपनी तरफ रिझाने का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। वे अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीत मिले। उन्होंने रविवार को मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें चार साल और मौका दिया जाए ताकि वे देश को इस संकट से तेजी से उबार सकेंगे।

 उन्होंने मतदाताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 2021 में अर्थव्यवस्था फिर से उड़ान भरेगी। ट्रंप  ने इस दौरान कहा कि आप चौथी तिमाही में अच्छा देखने जा रहे हैं और अगला साल(2021) बहुत ही बेहतरीन होगा। उन्होंने कहा कि हमने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाई है और अगर फिर से मौका मिला तो इससे भी ज्यादा बेहतर करूंगा।

एक आंकड़े के अनुसार अमेरिका में 3.8 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई है। ऐसे में ट्रंप भविष्य में अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने पर जोर दे रहे हैं। ट्रंप ने इस दौरान बार-बार कहा है कि यह बहुत बड़े परिवर्तन का दौर है।
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वुहान की लैब में मिले चमगादड़ों में पाए जाने वाले तीन तरह के वायरस, कोई भी कोरोना जैसा नहीं: अध्ययन

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
चीन के वुहान शहर स्थित वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट में चमगादड़ों में पाए जाने वाले वायरस के तीन प्रकार मिले हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी कोरोनावायरस के वर्तमान स्ट्रेन से मेल नहीं खाता, जिससे दुनियाभर में लाखों जानें गईं। इंस्टीट्यूट की निदेशक वॉन्ग यान्यी ने ये जानकारी दी।

वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना की शुरुआत वुहान से हुई है। इससे 3.40 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये वायरस चमगादड़ों से आया और किसी स्तनपायी जानवर के जरिए इंसानों में फैला। वहीं, वुहान इंस्टीट्यूट के निदेशक वॉन्ग यान्यी ने चीनी मीडिया सीजीटीएन से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अन्य लोगों का दावा पूर्ण रूप से मनगढ़ंत है ।

वॉन्ग के साथ इंटरव्यू 13 मई को रिकॉर्ड किया गया था और इसका प्रसारण शनिवार को किया गया। वॉन्ग ने कहा कि सेंटर में कुछ कोरोनावायरस की पहचान की गई है। हमारे पास जीवित वायरस के तीन स्ट्रेन हैं। लेकिन, सार्स कोव-2 से इनका मात्र 79.8% मेल हो पा रहा है।

 प्रोफेसर शी के पिछले शोध में, उन्होंने ऐसे वायरस पर ध्यान नहीं दिया, जो SARS वायरस के समान नहीं था। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ साजीश के तहत दो महीनों से आरोप लगा रहें कि वायरस वुहान लैब से निकला है।

उन्होंने कहा कि हमें 30 दिसंबर से पहले बिल्कुल पता नहीं था कि इस तरह के वायरस मौजूद है। उन्होंने बताया कि उनके पास 30 दिसंबर को इस वायरस के कुछ सैम्पल्स आए थे। जांच के बाद उसका जीनोम 2 जनवरी को निकाला गया था और 11 जनवरी को डब्ल्यूएचओ को इसकी जानकारी दी गई थी।

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो चीन पर दावा कर चुके हैं कि कोरोनावायरस का वुहान इंस्टीटयूट ऑफ वायरोलॉजी से कनेक्शन है। ट्रम्प ने यह भी कहा था कि उनके पास इसके सबूत हैं। कोरोना इसी लैब में तैयार किया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में बताने की इजाजत नहीं है।

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो लगातार आरोप लगाते आ रहें हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान लैब से निकला है।  
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बाल तस्करी के आरोपों पर हिलेरी डफ ने तोड़ी चुप्पी, ट्वीट कर दिया जवाब

अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका हिलेरी डफ को लेकर अचानक सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चलने लगा। कई यूजर्स ने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि हिलेरी बाल तस्करी में शामिल हैं। 

दरअसल इस विवाद की शुरुआत हिलेरी के एक वीडियो से हुई जिसे उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया था। इस वीडियो में उनका बेटा लुका क्रूज नग्न अवस्था में लेटा था। हालाकि उसने अपने शरीर के प्राइवेट पार्ट्स को ढक रखा था। 

इस पूरे विवाद के बाद हिलेरी ने ट्रोल करने वालों को एक ट्वीट कर जवाब दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मुझे पता है कि हर कोई इस समय ऊब गया है...लेकिन यह वास्तव में घृणित है। जिसने भी इस सपने को देखा और इस कचरे को ब्रह्मांड में फैलाया, उसे अपने बेकार फोन से एक ब्रेक लेना चाहिए। हो सकता है कि ये उसका शौक हो।'
 


साल 2000 में मेडिकल ड्रामा 'शिकागो होप' से एक्टिंग करियर शुरू करने वालीं हिलेरी को 2001 में टीवी सीरीज 'लिजी मैकग्वायर' से प्रसिद्धि मिली। इस सीरीज पर 2003 में फिल्म भी बन चुकी है। एक्टिंग से इतर हिलेरी अपनी आवाज से भी लाखों लोगों को अपना दीवाना बना चुकी हैं। 2002 में हिलेरी ने 'सांटा क्लाउज लेन' से म्यूजिकल करियर की शुरुआत की थी।
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हांगकांग की सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी, चीनी प्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ी

चीन के विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के खिलाफ हांगकांग में हजारों की संख्या में लोकतंत्र समर्थक सड़कों पर उतर आए। विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर आंसू गैस और पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया। देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद यह पहला सबसे बड़ा प्रदर्शन है। इस बीच, विरोध को देखते हुए पुलिस ने चीनी प्रतिनिधियों के कार्यालय पर सुरक्षा को और सख्त कर दिया है।

बता दें कि चीन ने शुक्रवार को संसद में नया कानून पेश किया था, जिसका मकसद हांगकांग पर नियंत्रण को और सख्त करना है। रविवार को हजारों की संख्या में काले कपड़े पहने लोग प्रमुख शॉपिंग सेंटर कॉजवे बे के बाहर इकट्ठा हुए, जिसके बाद उन्होंने कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

प्रदर्शनकारियों ने ‘हांगकांग के साथ एकजुट’, ‘हांगकांग को आजाद करो’ और ‘हमारे दौर की क्रांति’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान जाने माने कार्यकर्ता टैम टैक-ची को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस की तरफ से आठ से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक को लेकर चेताया गया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। लोकतंत्र समर्थकों ने इस कानून को एक देश, दो व्यवस्था के सिद्धांत के खिलाफ बताया है।

28 मई को पारित हो सकता है कानून

चीनी संसद में नया कानून 28 मई को पारित होने की उम्मीद है। इसके पारित होने से हांगकांग की विधायिका दरकिनार हो जाएगी और सरकार को शहर में मुख्य एजेंसियों को तैनात करने का अधिकार मिल जाएगा। माना जा रहा है कि इससे चीनी एजेंटों को लोकतंत्र समर्थकों को मनमाने ढंग से गिरफ्तार करने की छूट मिल जाएगी।

हांगकांग के आखिरी ब्रिटिश गवर्नर बोले, चीन ने दिया धोखा

हांगकांग के आखिरी ब्रिटिश गवर्नर क्रिस पैटन ने चीन पर धोखा देने का आरोप लगाया है। पैटन ने कहा, मुझे लगता है कि हांगकांग के लोगों  के साथ चीन ने विश्वासघात किया है। नया कानून लाकर हांगकांग पर नियंत्रण करने के इरादे ने यह एक बार फिर साबित कर दिया है। 1997 में चीन के साथ समझौते में यह स्पष्ट था कि एक देश, दो व्यवस्था सिद्धांत के तहत हांगकांग का अपना न्यायिक सिस्टम होगा और 2047 तक पश्चिमी शैली की स्वतंत्रता का अधिकार रहेगा।
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विंडीज में कोरोना के लिए बने नए नियमों के साथ टी-10 क्रिकेट लीग शुरू

गेंद पर लार नहीं, दीर्घा में दर्शक नहीं और मैदान में प्रवेश से पहले हाथों पर सैनिटाइजर लगाना। कोरोना के इस दौर में क्रिकेट की यह नई रूपरेखा बन रही है। वेस्टइंडीज के सेंट विन्सेंट में विंसी टी-10 प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है जिसमें 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिहाज से यह टूर्नामेंट महत्वपूर्ण नहीं है लेकिन किसी टेस्ट खेलने वाले देश में यह स्थानीय क्रिकेट संघ (सेंट विन्सेंट एंड ग्रेनडिनेस क्रिकेट एसोसिएशन) से अनुमति प्राप्त यह पहला टूर्नामेंट है।

हालांकि कोविड-19 के बाद वनातू पहला देश था जहां क्रिकेट शुरू हुआ पर विंसी लीग आईसीसी के पूर्ण सदस्यता वाले देश में हो रहा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं। इस टूर्नामेंट में विंडीज स्टार सुनील अंबरीस, केसरिक विलियम्स, ओेबेद मैकॉय सहित कुल 6 मर्की खिलाड़ी शामिल हैं। छह टीमों ने 11 मई को हुए ड्रॉफ्ट में कुल 72 खिलाड़ियों को चुना है। 

एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर शेलो ने कहा कि पहले इसमें सीमित संख्या (300 या 500) में दर्शकों को अनुमति देने की बाबत सोचा गया था लेकिन बाद में विशेषज्ञों की सलाह पर  ऐसा न करने का फैसला किया गया। किशोर क्रिकेट वेस्टइंडीज के उपाध्यक्ष भी हैं। कोविड-19 से पहले मार्च में अंतिम मान्यता प्राप्त मैच पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स और क्वेटा ग्लेडिएटर्स के बीच खेला गया था। 
 
  • कोरोना के बाद यह पहला टूर्नामेंट है जिसमें गेंदबाज गेंद पर लार का इस्तेमाल नहीं कर रहे।
  • बाउंड्री पर सैनिटाइजर्स रखा रहता है , साथ ही खिलाड़ियों का तापमान भी जांचा जाएगा
  • अंपायर फेस मास्क पहनेंगे, विकेट गिरने पर हाथ नहीं पांव मिलाएंगे, हाई फाइव्स की जगह जमीन की तरफ पंच कर सकते हैं 
  • मैच के दौरान अल्पावधि के अतिरिक्त ब्रेक लिए जा रहे हैं ताकि खिलाड़ी हाथों को सैनिटाइज कर सकें    
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पाक विमान हादसा: हवाई पट्टी से बस 15 मील दूर था प्लेन, पायलट ने अनसुनी कर दी थी यह चेतावनी

पाकिस्तान के कराची में बीते शुक्रवार हुए विमान हादसे की एक अहम वजह सामने आई है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि विमान चालक दल को दो बार चेतावनी दी गई, जिसे पायलट ने नजरअंदाज कर दिया। यही हादसे की सबसे बड़ी वजह रही। बता दें कि इस दुर्घटना में 97 लोगों की मौत हो गई, केवल दो लोग ही जिंदा बच पाए।

पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हादसे के संबंध में कहा है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के पायलट ने विमान की ऊंचाई और गति के बारे में जारी की गई चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था, क्योंकि उसका मानना था कि विमान उतरने के लिए तैयार है।

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जिओ न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ए320 एयरबस में 99 लोग सवार थे, इनमें से 97 की मौत हो गई और दो लोग ही बचे। रिपोर्ट के अनुसार, हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष की ओर से पायलट को करीब ढाई बजे जब हवाई पट्टी से उसकी दूरी सिर्फ 15 नॉटिकल मील बची थी, पहली चेतावनी जारी की गई। इसमें कहा गया कि पायलट विमान को 7000 फीट से 10000 फीट की ऊंचाई पर ले जाए।

परंतु पायलट की ओर से जवाब मिला कि वह विमान की इस ऊंचाई से संतुष्ट है और प्लेन को सुरक्षित ढंग से उतार लेगा। इसके बाद जब विमान की हवाई पट्टी से दूरी करीब 10 मील ही रह गई, तब एटीसी ने दूसरी चेतावनी दी, तब विमान 7000 फीट की ऊंचाई से 3000 फीट पर आ चुका था। इस बार भी पायलट को विमान को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कहा गया। इस बार भी पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लेने की बात कही। 

चश्मदीद ने कहा- तीन पर महसूस हुए थे झटके
हादसे में बचे दो लोगों में से एक बैंक ऑफ पंजाब के प्रेसिडेंट जफर मसूद हैं और दूसरे मोहम्मद जुबैर। जुबैर ने हादसे के बारे में बताते हुए कहा कि विमान ठीक तरीके से उड़ रहा था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले तीन बार झटके महसूस हुए थे। जुबैर का फिलहाल कराची के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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जुबैर उन 99 यात्रियों में से एक थे जो पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के एयरबस ए-320 एयरक्राफ्ट से सफर कर रहे थे, जो एयरपोर्ट के पास घनी आबादी वाले इलाके में हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में नौ बच्चों समेत 97 लोगों की मौत हो गई। फ्लाइट पीके-8303 ने लाहौर से उड़ान भरी थी और कराची के जिन्ना एयरपोर्ट पर इसे लैंडिग करनी थी।
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