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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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जम्मू-कश्मीरः रामनगर में 12 बच्चों की मौत का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग 

उधमपुर जिले के रामनगर ब्लॉक में 12 बच्चों की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास पहुंच गया है।

5 अप्रैल 2020

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राजौरी

रविवार, 5 अप्रैल 2020

जम्मूः सेना के एक हवलदार ने खुद को मारी गोली, उपचार के दौरान मौत

बेटा पेंशन लेने आए हैं, बैंक के अंदर जाने की सामर्थ्य नहीं है, फिर दिखा जम्मू-कश्मीर पुलिस का ये चेहरा

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जम्मू-कश्मीर के लिए राहत की खबर, सात संक्रमितों की रिपोर्ट आई नेगेटिव

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के बीच जम्मू-कश्मीर के लिए राहत की खबर है। सात संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अभी जांच के लिए एक बार और सैंपल भेजे जाएंगे। इसके बाद क्वारंटीन अवधि पूरी कर लेने पर ही उक्त लोगों को घर जाने की इजाजत दी जाएगी।

इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में तब्लीगी जमात के दो लोगों समेत पांच कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जमात के दोनों उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के हैं। दोनों निजामुद्दीन के जलसे में शामिल होने के बाद जम्मू संभाग के सांबा पहुंचे थे। वहां से फिर बारामुला पहुंचे।

दोनों को खोज निकालने के बाद जांच में पॉजिटिव निकले। इस बीच शुक्रवार को कश्मीर में चार और जम्मू में एक और पॉजिटिव सामने आया है। मालूम हो कि इससे पहले तब्लीगी जमात से जुड़े 23 लोग संक्रमित पाए गए थे।
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जीएमसी राजोरी की नर्सों ने किया प्रदर्शन  1 साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर कर दिया गया है उन्हें निष्कासित

राजोरी । सरकारी मेडिकल कॉलेज राजौरी में कंट्रक्शन पर लगाएगी नर्स व कुछ अन्य कर्मचारियों का 1 साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।   निष्कासित किए जाने का नोटिस मिलने के बाद गुस्साई नर्स व अन्य कर्मचारियों ने शनिवार को जीएमसी के बाहर प्रदर्शन किया।  प्रदर्शनकारी नर्सों व अन्य ने कहा कि मौजूदा समय में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य कर्मी सबसे आगे हैं और बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। जीएमसी राजोरी में कोरोना  वायरस को लेकर पहले ही बहुत अफरा-तफरी मची हुई है और कर्मियों की सख्त किल्लत है।  ऐसे में उन्हें इस समय निष्कासित करना सही नहीं है क्योंकि वो  अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है।  प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने गुहार लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग उन्हें फिर से नियुक्त करें।  वही इस संबंध में जीएमसी राजोरी के प्रिंसिपल ने बताया कि निष्कासित की गई नर्सों को फिर से नियुक्त करना उनके हाथ में नहीं है इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग या सरकार को आदेश जारी करती है तो उन्हें फिर से नियुक्त किया जा सकता है. ... और पढ़ें
राजौरी में जीएमसी के बाहर प्रदर्शन करती नर्स राजौरी में जीएमसी के बाहर प्रदर्शन करती नर्स

जानिए उमर अब्दुल्ला ने ऐसा क्यों कहा- दिल्ली ने गलती कर दी, सही समय पर बोलूंगा

नए अधिवास अधिनियम को लेकर एक बार फिर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने इस संकट के समय अधिवास नियम जारी करके गलती की है। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त के बाद से मैंने अपने मन की बात नहीं कही है। लेकिन मौजूदा समय खत्म होते ही मैं अपनी बात कहूंगा।

 



इससे पहले एक अप्रैल को 
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नए अधिवास अधिनियम पर कई सवाल उठाए थे। उमर ने कहा कि यदि भारत सरकार के पास कोरोना वायरस जैसी महामारी के बीच अधिवास कानून जारी करने का समय है तो उन्हें महबूबा मुफ्ती को रिहा करने का समय क्यों नहीं मिल सकता है।
 

If Govt of India has the time to issue a domicile law in the midst of this #COVID crisis why can’t they find the time to release @MehboobaMufti, Sagar Sahib & other leaders unjustly detained? They should be released without further loss of time.

— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) April 1, 2020


उन्होंने अधिवास अधिनियम जारी करने के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे समय हमारे सभी प्रयास और पूरा ध्यान कोरोना वायरस से लड़ने पर केंद्रित होना चाहिए था। उमर ने कहा कि अधिवास कानून इतना खोखला है कि दिल्ली के आशीर्वाद से बनी नई पार्टी जिसके नेता इस कानून के लिए दिल्ली में पैरवी कर रहे थे उन्हें भी इसकी आलोचना करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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भूखा ना रहे कोई के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कर रही राशन वितरित

राजौरी । कोरोना वायरस से आम जनता को बचाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान घर में फंसे गरीब व बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक आगे आया है।   पिछले 1 हफ्ते से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने सेंकरो परिवारों में राशन व अन्य जरूरी सामान वितरित किया है।   संघ की रजौरी इकाई ने भूखा ना रहे कोई कार्यक्रम के अंतर्गत शहर व आसपास के इलाकों में करीब 500 परिवारों में आटा,  चावल,  दाले, तेल व अन्य जरूरी सामान वितरित किया है।   कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस प्रकार की सहायता आगे भी जारी रखेंगे और जब तक कोरोना की लड़ाई में जीत नहीं हो जाती और लॉकडाउन पूर्ण से खुल नहीं जाता तब तक गरीब परिवारों की मदद करते रहेंगे और राशन आदि माहिया करवाते रहेंगे ... और पढ़ें

जम्मूः तब्लीगी जमात से लौटे व्यक्ति से फैला वायरस, दो बेटियां-छह महीने की नातिन हुई संक्रमित

जम्मू संभाग में उधमपुर की चिनैनी तहसील के नरसू इलाके में एक ही परिवार के तीन और सदस्य कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसी परिवार से तब्लीगी जमात में शामिल हुआ एक सदस्य पूर्व में संक्रमित पाया गया था। कोरोना के नए संक्रमित मरीजों में जमाती की 12 व 26 साल की दो बेटियों के साथ छह महीने की नातिन भी शामिल है। जिला प्रशासन ने संक्रमित मामले आने के बाद जमाती के रिश्तेदारों और संपर्क में रहे सात लोगों को क्वारंटीन में भेज दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने सामने आए संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान और तलाश तेज कर दी है। बता दें कि उधमपुर जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार कोरोना संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही नरसू इलाके से तब्लीगी जमात का एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया था।

गत शुक्रवार को प्रशासन ने इस व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले परिवार और अन्य 22 सदस्यों को कोरोना जांच के लिए जम्मू भेजा था। जिसमें तीन संक्रमित पाए गए। सभी संक्रमितों का जीएमसी जम्मू में इलाज चल रहा है। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि तीनों नए संक्रमित पूर्व के संक्रमितों के संपर्क में थे।
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बैकों में पेंशन लेने वालों की लगी भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ध्यान

जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
राजोरी। बैंकों में पेंशन लेने वालों की लगी भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ध्यान संवाद न्यूज़ एजेंसी राजौरी कोरोनावायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन के दौरान कई जगह सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार करता देखा जा सकता है। खासकर बैंकों के बाहर पेंशन लेने वालों की भीड़ दिखती है लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ध्यान नहीं रखता है। शनिवार को राजोरी शहर व आसपास के इलाकों में j&k बैंक मै लंबी भीड़ थी, लेकीन कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का कोई खास ध्यान नहीं रखा जा रहा था।  पेनशन लेने वाले लोग सोशल डिस्टेंसनग  को तार-तार करके पेंशन लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।  वही इस अवसर पर ना तो बैंक कर्मचारी ना कोई पुलिस जवान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ज्ञान देता नजर आया और वह लोग बिना परवाह किए भीड़ में खड़े रहे।  इतना ही नहीं सरकारी डिपो पर राशन लेने वाले लोग भी सोशल डिस्पेंसिंग को तार-तार कर राशन लेते नजर आते हैं।  कहीं पर भी कोई भी सरकारी कर्मचारि या पुलिस जवान उन्हें सोशल डिस्टेंस मेंटेन करने के लिए प्रेरित करता नजर नहीं आता।  ... और पढ़ें

जम्मूः बुजुर्ग महिला ने कोरोना को दी मात, इनका संदेश बदल सकता है इस जंग की तस्वीर, जानें ऐसा क्या बोलीं

लद्दाख निवासी बुजुर्ग महिला ने कोरोना से जंग में जीत हासिल कर ली। यह महिला जम्मू-कश्मीर में पहली कोरोना संक्रमित मरीज थीं। एक माह तक मेडिकल कॉलेज जम्मू में भर्ती रही महिला की आंखों में घर जाने के दौरान खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि इस महामारी से जंग सरकार और चिकित्सकों द्वारा दिए जा रहे दिशानिर्देशों का पालन करने से ही जीती जा सकती है।

लद्दाख की मूल निवासी और वर्तमान में सरवाल में रह रहीं 63 वर्षीय महिला को एक मार्च के दिन जीएमसी में भर्ती कराया गया था। प्रदेश में पहले पाजिटिव मामले के बाद हड़कंप मच गया था। लेकिन इस बुजुर्ग ने अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को पूरा सहयोग दिया।

 
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कोरोना वायरस से जंग में सेना ने संभाला मोर्चा, पड़ोसी देशों की सहायता के लिए भी तैयार 'भारत के लाल'

कोरोना से जंग में भारतीय सेना भी बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है। उधमपुर स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय समेत पांचों सैन्य कमान मुख्यालयों में कोरोना वायरस टेस्टिंग लैब स्थापित कर दी गई हैं। वहीं, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विस ने अपने सभी केंद्रों को नागरिक प्रशासन के सहयोग में लगा दिया है। राहत सामग्री पहुंचाने में भी सहयोग किया जा रहा है।

आर्म्ड फोर्सेज ने देशभर में छह क्वारंटीन सुविधा केंद्र भी शुरू कर दिए हैं। यह केंद्र मुंबई, जैसलमेर, मानेसर, चेन्नई, हिंडन और जोधपुर में हैं। इनमें 1737 लोगों को रखा गया है, जिनमें से 403 को जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा। मानेसर और हिंडन से तीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल रेफर किया गया है।

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर 15 और केंद्रों को शुरू किया जाएगा। देशभर के 51 सैन्य अस्पतालों में एचडीयू और आईसीयू भी तैयार कर दिए गए हैं। इनमें कुछ कोलकाता, विशाखापतनम, कोचि, हैदराबाद के डुंडीगल, बेंगलुरु, कानपुर, जैसलमेर, जोरहट और गोरखपुर में हैं।

देशभर की जरूरत को देखते हुए पांच सैन्य अस्पतालों कमांड अस्पताल (नार्दन कमांड) उधमपुर, दिल्ली कैंट सैन्य अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल), एयरफोर्स कमांड अस्पताल बेंगलूरू, एयरफोर्स मेडिकल कॉलेज पुणे, कमांड अस्पताल (सेंट्रल कमांड) लखनऊ की वायरल टेस्ट लैब भी कोरोना संक्रमण की जांच खोल दी हैं। छह अन्य अस्पतालों में जरूरी उपकरण जल्द स्थापित किए जा रहे हैं।
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जम्मू नगर निगम भी बनाएगा सैनेटाइजेशन चैंबर, कोरोना को हराने के लिए केमिकल की तलाश शुरू

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए नगर निगम जम्मू अब सैनेटाइजेशन चैंबर तैयार कर रहा है। सैनेटाइजेशन चैंबर कहां बनेगा इस पर अंतिम फैसला आज यानी कि शनिवार को लिया जाना है। फिलहाल जम्मू मेडिकल कॉलेज या फिर अन्य नजदीकी अस्पताल में चैंबर बनाने की तैयारी है। चैंबर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस पर रविवार से काम शुरू हो सकता है।

इस चैंबर से गुजरने के दौरान 20 सेकंड में सभी प्रकार के वायरस खत्म हो जाते हैं। श्रीनगर में यह चैंबर शुरू हो चुका है। इस चैंबर के माध्यम के माध्यम से डाक्टरों, नर्सों, अन्य कर्मचारियों समेत रोगियों को सैनिटाइज किया जाना है।

इस पर लिया जाएगा अंतिम फैसला
चैंबर में कौन सा केमिकल प्रयोग में लाया जाना है। इस पर फैसला लिया जाना है। श्रीनगर बायोडिग्रेबल केमिकल प्रयोग में लाया गया है। यहां पर ऐसे केमिकल की तलाश है जो मानव के लिए सुरक्षित हो और वायरस को खत्म करे।

मेडिकल कॉलेज की ओर से चैंबर का निर्माण करवाया जा रहा है। कहां पर चैंबर बनेगा और कौन सा केमिकल प्रयोग में लाया जाएगा। इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।- अवनी लवासा, आयुक्त, नगर निगम
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खुलासाः पाकिस्तान से हथियार मंगाकर युवाओं को दिया जाता था प्रशिक्षण, सुरक्षाबलों ने किया पर्दाफाश

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुला में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने शुक्रवार को लश्कर के बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। हंदवारा और सोपोर में अलग-अलग ऑपरेशन में चार आंतकी और उनके पांच समर्थक गिरफ्तार किए। इनके कब्जे से भारी मात्रा हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है।

आतंकियों से हुई पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। ये आतंकी पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर स्थानीय युवाओं को बहला-फुसलाकर आतंक की राहत पर धकेलते थे। कुछ युवाओं को आतंकी भी बना चुके हैं। ये मॉड्यूल पाकिस्तान से हथियार मंगवाकर स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देकर आतंकी बनाता था।

हंदवारा के एसपी डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने पहले खुफिया सूचना के आधार पर तीन हार्डकोर आतंकी समर्थकों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में पता चला कि वे चार युवाओं को आतंकी बना चुके हैं। शुक्रवार तड़के तीनों की निशानदेही पर चौगुल इलाके में बड़ा ऑपेरशन लांच किया और उन चारों आतंकियों को पकड़ लिया।
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