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जम्मू-कश्मीरः फारूक अब्दुल्ला के बहनोई का निधन, लॉकडाउन के चलते उमर ने की घर से प्रार्थना की अपील

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के बहनोई डॉ. मोहम्मद अली मट्टू का निधन हो गया है।

30 मार्च 2020

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उधमपुर

सोमवार, 30 मार्च 2020

रामनगर में पोसिटिव मामला

ऊंची पर्वतीय श्रृंखला पर गिरी ताजा बर्फ

चिनैनी। लगातार दूसरे दिन भी मौसम का मिजाज शनिवार की दोपहर बाद बदल गया जिससे क्षेत्र में बारिश तथा ओलावृष्टि हुई साथ ही ऊंची पर्वतीय श्रृंखलाओं पर बर्फ भी गिरी है, शनिवार की सुबह मौसम पूरी तरह साफ था और आसमान पर सूर्य देव के दीदार से लोगों ने राहत महसूस की वही दोपहर बाद आसमान पर बादलों का डेरा लगना शुरू हो गया जिसके बाद क्षेत्र में तेज बारिश तथा ओलावृष्टि शुरू हो गई घंटो तक तेज बारिश होने से ठंड बढ़ गई और पहाड़ों पर गिरी बर्फ के चलते बर्फीली हवाएं भी चलने लगी उधर कई ऊंची पर्वतीय श्रृंखलाओं पर बर्फ गिरी जिससे ठंडी हवाओं के चलने का दौर दिलबर जारी रहा लोगों द्वारा ठंड से बचने के लिए अलाव भी जलाए उधर तेज बारिश के कारण नदी नालों का जलस्तर भी बढ़ गया था! ... और पढ़ें

तीन पॉजिटिव मामले आने के बाद सब कुछ बन्द

पस्सियां गिरने से बंद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी नहीं खुला

उधमपुर/रामबन। रामबन और बनिहाल के बीच पस्सियां गिरने से बंद हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को तीसरे दिन भी नहीं खोला जा सका है। इस कारण उधमपुर और रामबन में ट्रकों की लंबी कतार लग गई है। वहीं, चालकों और सहचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतबल रहे कि शुक्रवार को बारिश के बाद रामबन व बनिहाल के बीच कई स्थानों पर पस्सियां गिरने के कारण राजमार्ग बंद हो गया था। शनिवार को मौसम में थोड़ा सुधार होने के बाद लॉकडाउन होने के कारण राजमार्ग को खोलने का काम नहीं किया गया। रविवार को भी स्थिति यही रही। फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी ने तीसरे दिन भी बंद पडेे़ राजमार्ग को खोलने का काम नहीं किया। राजमार्ग बंद होने के कारण उधमपुर व रामबन में फंसे ट्रकों के चालकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। चालकों का कहना है कि अगर उनको ज्यादा दिनों तक रोका जाता है तो उनके वाहनों में रखा सामान खराब होने लगेगा। लॉकडाउन के कारण उनके पास भी खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। ढाबे व टी स्टाल बंद होने के कारण खुद ही खाना बनाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
-मढ़न में भूस्खलन से 20 घरों को खतरा
बिलावर (कठुआ)। बारिश के चलते क्षेत्र के नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसकी वजह से दो दिन पहले एक व्यक्ति अपने माल मवेशियों के साथ उज्ज दरिया में फंस गया, जिसे प्रशासन की मदद से दूसरे दिन बाहर निकाला गया। रविवार सुबह ब्लॉक बग्गन की पंचायत मढ़ून के वार्ड-7 में भूस्खलन से जमीन धंस गई, जिससे क्षेत्र के करीब 20 घरों पर खतरा मंडराने लगा है। बारिश के बाद शुक्रवार को बंद हुआ बनी-बसोहली मार्ग रविवार को भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो सका। ग्रेफ की टीमें मलबे को हटाने में जुटी हुईं हैं।
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संक्रमितों के संपर्क में आए 27 लोगों का करवाया टेस्ट

उधमपुर। जिले के तीन अलग-अलग स्थानों से कोरोना वायरस से संक्रमित तीन व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले परिवार सहित अन्य करीब 27 लोगों का जम्मू में कोरोना टेस्ट करवाया गया है। वहीं, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले अन्य लोगों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने आठ टीमें सक्रिय हैं। वहीं, रविवार को होम क्वारंटीन का आंकड़ा 147 पहुंच गया है। 27 लोगों में से 18 लोग रामनगर क्षेत्र से संबंधित हैं।
गौरतलब रहे कि शनिवार रात को उधमपुर के तीन लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला था। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत हरकत में आकर स्वास्थ्य विभाग को तुरंत इन संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने के आदेश दिए थे। रविवार दोपहर तक स्वास्थ्य विभाग ने 13 लोगों का पता लगाया, जिनमें से ज्यादातर उनके ही परिवार के सदस्य हैं। एक व्यक्ति के संपर्क में रहने वाली पत्नी (39), बेटी (17), बेट (22), भाई के बेटे (24) और (22) शामिल हैं। दूसरे व्यक्ति की पत्नी (44) और तीन बेटे (11, 9 व 7) शामिल हैं। तीसरे व्यक्ति की पत्नी (66), बेटा (34), दोस्त (67) और अन्य युवक (31) का पता लगाया है। अभी तक कुल 27 लोगों की पहचान हुई है। इनका टीम ने जम्मू में कोरोना टेस्ट करवाया है। अन्य लोगों का पता लगाने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है।
पाजिटिव मामले सामने आने के बाद किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन हालात पर पूरी नजर बनाए हुए है। पाजिटिव मामलों के संपर्क में रहने वाले लोगों का पता लगाने के लिए आठ टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। सभी लोग घरों में रह कर प्रशासन की मदद करें।
-डॉ. पीयूष सिंगला, डीसी उधमपुर
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तीन संदिग्ध मामले सामने आने पर उधमपुर में प्रशासन ने बंद करवाईं दूध, दवा और किराना दुकानें

उधमपुर। जिले में तीन कोरोना वायरस संक्रमित मामले सामने आने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई है। प्रशासन ने रविवार को सभी तरह की सेवाओं को बंद कर दिया है, जिससे जिले में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर हो गए हैं। सुबह से शाम तक न तो किसी दुकान को खोलने दिया और न ही किसी को घर से बाहर निकलने दिया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षाबल तैनात रहे और किसी को भी सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी गई।
गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद जिला प्रशासन ने सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक दवा, दूध, किराना की दुकानों को होम डिलीवरी की इजाजत दी थी। इसके साथ ही फल व सब्जी को गली-मोहल्लों में जाकर बेचने की अनुमति दी गई थी। इससे शहरवासियों को काफी राहत मिल रही थी। मगर शनिवार रात को जम्मू से सूचना मिली कि उधमपुर के तीन लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद प्रशासन की नींद उड़ गई और रविवार को तड़के ही डीसी ने सभी सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी कर दिए। जिनको इसकी जानकारी नहीं थी वह दूध, फल, सब्जी, दवा लेने के लिए बाजार की तरफ निकले गए, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें बाजार तक पहुंचने ही नहीं दिया और घर लौटा दिया। वहीं, बताया गया कि प्रशासन ने पाबंदी लगा दी है, जिससे लोग मायूस हुए हैं। पूरा जिला सुबह से रात तक लॉकडाउन रहा। सड़कों पर केवल सुरक्षाबलों के वाहन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही दिख रहे थे। सुबह से रात तक शहर की सड़कें सुनसान रहीं।
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तीन संदिग्ध मामले आने के बाद प्रशासन ने रामनगर की सीमा की सील

उधमपुर। कोरोना वायरस संक्रमित तीन पाजिटिव मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने रामनगर की सीमा सील कर दी है। जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर रौनदोमेल इलाके में तवी नदी पर बने पुल पर तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नाका लगाकर रामनगर की तरफ जाने वालों जांच की और रिकार्ड अपने पास रखा।
कोरोना वायरस के तीन पाजीविट मामले सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट हो चुका है। यात्री वाहनों की आवाजाही बंद होने के बावजूद लोग पैदल रामनगर व अन्य तहसील की तरफ आवाजाही कर रहे हैं। इनका कोई भी रिकार्ड प्रशासन के पास मौजूद नही हैं। यह लोग पहाड़ी इलाकों से तवी नदी पर पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन को इसका पता नहीं लग रहा है। इसलिए रविवार को प्रशासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से पुल पर नाका लगा कर लोगों की जांच की।
वहीं, फोन नंबर व घर का पता लेकर आगे जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान रिट्टी पंचायत के सरपंच गिरधारी लाल व पंच प्रभात सिंह भी मौजूद रहे। शाम तक 100 से अधिक लोगों की जांच कर रामनगर की अनुमति मिली।
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भद्रवाह में सरकारी कार्यालयों और बैंकों को किया सैनिटाइज

क्वारंटीन से छूटे लॉकडाउन में फंसे 30 नेपाली श्रद्धालु

कटड़ा। कोरोना वायरस के खतरे से जहां हर कोई खौफजदा है उस पर अगर क्वारंटीन से छूटने पर लॉकडाउन का सामना हो जाए तो आसमान से गिरे खजूर पर अटकने जैसी स्थिति होगी। नेपाल से माता वैष्णो के दर्शन को आए करीब 30 से 34 श्रद्धालु इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब जब हालात सामान्य होंगे तभी नेपाल जा पाएंगे।
जानकारी के अनुसार 10 मार्च को माता वैष्णो के दर्शन को धर्मनगरी पहुंचे सभी श्रद्धालु ने कोरोना वायरस के चलते 14 दिन बीडीओ कार्यालय के साथ बने गेस्ट हाउस में क्वारंटीन पर रखा था। मगर जब इनकी क्वारंटीन अवधि समाप्त हुई और वह घर लौटना चाहते थे तो उस समय देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हो गई। इसमें सड़क सहित रेल और हवाई यातायात पर भी प्रतिबंध लग गया। इस कारण वह कटड़ा में फंस गए हैं।
श्रद्धालु राजेश तिवारी, महेंद्र कर्ण, उपदेश कुमार मिश्रा, हरदेश नारायण पटेल, दिवेंद्र यादव, दलीप यादव व दिलराज यादव ने बताया कि क्वारंटीन खत्म होने के बाद बिना दर्शन के ही घर लौटने की योजना बनाई थी। मगर लॉकडाउन के चलते ट्रेन सहित बसों की आवाजाही बंद हो गई। एसडीएम अशोक कुमार चौधरी से जाने की अनुमति मांगी पर उन्होंने नहीं दी। पर्यटन विभाग की ओर से ठहरने का प्रबंध किया गया है। श्राइन बोर्ड सुबह-शाम खाना मुहैया करवा रहा है। अब जब हालात सामान्य होंगे तभी घर लौट पाएंगे। उधर, रेलवे स्टेशन के पास कुनदरुड़िया में फंसे यात्रियों को आरली हंसाली के सरपंच सहित अन्य खाने-पीने का प्रबंध कर रहे हैं।
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घर जाने के लिए बस अड्डे पर दिन काट रहे प्रवासी मजदूर, बोले- बहुत परेशान हैं, सरकार मदद करे

निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों, रेहड़ी और दुकानें बंद होने से शहर के विभिन्न इलाकों से प्रवासी मजदूरी शहर छोड़ रहे हैं। शहर से बस, रेल, सड़क और हवाई यातायात की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से बस स्टैंड पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए जाने वाले मजदूर और आम लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। यातायात की सुविधा न होने से यह लोग अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। पिछले दस दिनों से काम नहीं होने के कारण अब लोगों को आर्थिक तंगी होने लगी है।

शहर में लॉकडाउन होने के कारण फंसे लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसफोर्ट कॉरपोरेशन ने सात जिलों के लिए बस सेवा शुरू की है। बस सेवा होने के बावजूद भी यह मजूदर अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जरनल बस स्टैंड में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इनमें डोडा, राजौरी, पुंछ, रामबन, श्रीनगर सहित अन्य जिलों के लोगों की संख्या अधिक है।

शनिवार सुबह भी बस स्टैंड पर लोगों की लंबी लाइन लगी रही। रामबन जाने वाले पवन सिंह ने कहा कि तीन दिनों से लगातार आ रहा हूं। यहां पर पुलिस और प्रशासन के लोग नाम लिखवाने के लिए कहते हैं। मैं हर दिन नाम दर्ज करवाता हूं, कहा जाता है आपकों को फोन कर बताएंगे, लेकिन फोन नहीं आता है। वहीं श्रीनगर जाने वाले अब्दुल अजीज ने कहा कि दिनभर लाइन में लगाया जाता है फिर कहते हैं कल आना। बहुत परेशान हैं सरकार को चाहिए कि हमें घर पहुंचाए।

शनिवार को पुंछ के लिए गईं दो बसें
शनिवार को बस स्टैंड से दो बसें पुंछ के लिए रवाना हुईं। हालांकि, बस स्टैंड पर श्रीनगर और डोडा जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से भी श्रीनगर के लिए बसें नहीं भेजी गईं।
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किश्तवाड़ में कार खाई में गिरी, एसपीओ की मौत और एक घायल

किश्तवाड़। किश्तवाड़ के फागमड़ इलाके में कार के गहरी खाई में गिरने से एसपीओ की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार बटोत-किश्तवाड़ मार्ग पर फागमड़ इलाके में मारुति कार (जेके02जे-1789) अनियंत्रित हो कर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में एसपीओ मुश्ताक अहमद और सज्जाद हुसैन दोनों निवासी ततानी सरूर द्रवशाला गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल किश्तवाड़ पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने मुश्ताक अहमद को मृत लाया घोषित कर दिया। पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता जीएम सरूरी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और उपराज्यपाल और डीजीपी से मृतक के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देने की अपील की।
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जम्मू-कश्मीरः दिनचर्या में शामिल हुआ लॉकडाउन, लोग बोले- बस ये दिक्कत खत्म हो जाए

प्रधानमंत्री की अपील पर शहरवासियों ने धीरे-धीरे लॉकडाउन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। दिन गुजारने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। घरों में रहकर खुद के लिए कई मनोरंजन के साधन जुटाए जा रहे हैं। इसमें सोशल मीडिया के साथ अन्य साधनों का सहारा लिया जा रहा है।

इस बीच चौथे दिन शहर में पूरी तरह से लॉकडाउन रहा। लोग जरूरी खरीदारी के लिए घरों से बाहर निकले। तारबंदी के बीच जगह-जगह नाकों पर गैर जरूरी कार्यों के लिए निकले लोगों को पुलिस ने वापस भेजा। कई जगह सख्ती भी दिखाई गई।

लॉकडाउन के बीच लोगों के मनोरंजन का सबसे मुख्य साधन मोबाइल इंटरनेट बना हुआ है। सोशल साइटों पर अपने दोस्तों, सगे संबंधियों को विभिन्न तरह के वीडियो बनाकर भेजे जा रहे हैं। इनमें अधिकांश वीडियो को लॉकडाउन से जोड़कर दिखाया जा रहा कि किस तरह इन परिस्थितियों में किसकी क्या हालत है। इसके अलावा दूसरा मुख्य साधन टीवी बना हुआ है। कोई न्यूज चैनल से जुड़ा है तो कोई सीरियल देख रहा है। बच्चों का ग्रुप कार्टून का फैन बना हुआ है।
 
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खुलासाः पढ़ाई के बहाने आतंकी-प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजे जा रहे युवा, मौलवी ने पहुंचाई तस्वीरें

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के पट्टन इलाके से शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के दो मददगारों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मददगारों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने स्थानीय युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने का काम सौंपा था। दोनों युवक अब तक पांच को ट्रेनिंग के लिए भेज भी चुके थे। यह पाकिस्तान में पढ़ाई के नाम पर युवाओं को भेजते थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें एक सूचना मिली कि वुसन के नजीर अहमद मीर का बेटा मौलवी शौकत अहमद मीर और अंदरगाम के मोहम्मद अकबर यत्तू का बेटा शौकत अहमद यत्तू सक्रिय स्थानीय आतंकी सलीम पररे और पाकिस्तानी आतंकी अबु जरगाम को मदद कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों को धर दबोचा।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि मौलवी को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसे यत्तू के साथ मिलकर लश्कर आतंकियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके रहने के बंदोबस्त का काम सौंपा गया था। साथ ही इन्हें पट्टन में लश्कर की जड़ें मजबूत करने के लिए स्थानीय युवाओं की संगठन में भर्ती का जिम्मा भी सौंपा गया था।
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