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खुलासाः पढ़ाई के बहाने आतंकी-प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजे जा रहे युवा, मौलवी ने पहुंचाई तस्वीरें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 29 Mar 2020 04:37 PM IST
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भारतीय सेना
भारतीय सेना - फोटो : फाइल फोटो
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के पट्टन इलाके से शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के दो मददगारों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मददगारों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने स्थानीय युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने का काम सौंपा था। दोनों युवक अब तक पांच को ट्रेनिंग के लिए भेज भी चुके थे। यह पाकिस्तान में पढ़ाई के नाम पर युवाओं को भेजते थे।
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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें एक सूचना मिली कि वुसन के नजीर अहमद मीर का बेटा मौलवी शौकत अहमद मीर और अंदरगाम के मोहम्मद अकबर यत्तू का बेटा शौकत अहमद यत्तू सक्रिय स्थानीय आतंकी सलीम पररे और पाकिस्तानी आतंकी अबु जरगाम को मदद कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों को धर दबोचा।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि मौलवी को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसे यत्तू के साथ मिलकर लश्कर आतंकियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके रहने के बंदोबस्त का काम सौंपा गया था। साथ ही इन्हें पट्टन में लश्कर की जड़ें मजबूत करने के लिए स्थानीय युवाओं की संगठन में भर्ती का जिम्मा भी सौंपा गया था।
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