जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल बोले- अनुच्छेद 370 की समाप्ति और डोमिसाइल कानून से डरनेे की जरूरत नहींं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 01 Jul 2020 05:59 PM IST
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उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू
उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू - फोटो : सोशल मीडिया

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उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद निवेशकों में जम्मू-कश्मीर में उद्योग लगाने के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। निवेश बढ़ेगा जिससे यहां रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। कहा, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और डोमिसाइल कानून से न तो किसी को घबराने की जरूरत है और न ही यह भ्रम पाल कर रखना है कि दूसरे प्रांतों से लोग आकर यहां बस जाएंगे। तथ्यों और काल्पनिक बातों को न मिलाएं। ज्ञात हो कि सोशल मीडिया में यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है कि बाहर से लोगों के यहां आने से जनसांख्यिकी में बदलाव होगा। कुछ लोग डोमिसाइल के बहिष्कार की भी अपील कर रहे हैं।
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मंगलवार को एक न्यूज एजेंसी से उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया पर एक तबके की ओर से किया गया दुष्प्रचार भर है जो लोगों के दिमाग में घर कर गया है। जनता को ऐसे दुष्प्रचारों में कतई नहीं फंसना चाहिए। हमारा एकसूत्री एजेंडा विकास के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। हमारा लक्ष्य समृद्धशाली जम्मू-कश्मीर का है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद देशभर में आशा की किरण जगी है।
उद्योगपति अब वह यहां आकर उद्योग लगाने की सोच रहे हैं। कारोबार करने की भी सोच रहे हैं जिससे आर्थिक समृद्धि आएगी। यहां कई लाख करोड़ से अधिक का भी निवेश होगा। पहले एक बड़ी बाधा थी कि यहां निवेश किया जाए या नहीं। यदि कोई गुजराती मुंबई में औद्योगिक इकाई की स्थापना करता है तो क्या वह समस्या बना है। जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस मनोवैज्ञानिक भय के वातावरण से बाहर निकलना होगा। यह समझना होगा कि बाहर से आने वाले लोग यहां जमीन कब्जा करने के लिए नहीं आ रहे हैं। इस वजह से नए जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा में सहभागिता करने की जरूरत है।
औद्योगिकीकरण के लिए खुद आगे आएं लोग
मुर्मू ने कहा कि लोगों को जम्मू-कश्मीर के औद्योगिकीकरण के लिए खुद आगे आना चाहिए। उन्हें भी फैक्टरियां स्थापित करनी चाहिए. किसने इसके लिए मना किया है। एक तरफ तो वे खुद ऐसा नहीं करते हैं और दूसरी तरफ दूसरे को भी ऐसा करने में मदद नहीं कर रहे। यह कैसे संभव हो सकता है। सशक्त भारत के लिए सशक्त जम्मू-कश्मीर होना जरूरी है। देश के किसी कोने में हो रहे विकास को पूरे क्षेत्र के विकास के रूप में नहीं कहा जा सकता है। इसलिए अपने को सशक्त करने की जरूरत है।

ऑटोनॉमी और सेल्फ रूल की बात करने वालों पर कसा तंज
उप राज्यपाल ने ऑटोनॉमी और सेल्फ रूल की बात करने वालों पर भी तंज कसा। कहा कि इसकी बात करने की बजाय विकास के जरिये लोगों को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो ऑटोनॉमी या सेल्फ रूल की जरूरत नहीं होगी। जनता को कुछ लोग दिग्भ्रमित कर रहे हैं। वह डर क्यों रहे हैं। हम उन्हें सशक्त बनाने को तैयार हैं। जब वे सशक्त हो जाएंगे तो उनमें कोई डर नहीं होगा। क्या यूएस डरता है? काफी संख्या में एनआरआई के तौर पर लोग यहां से जाते हैं। यूएस नहीं डरता है क्योंकि वह सशक्त और मजबूत है।
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