जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती के मीडिया से बातचीत पर रोक, पुलिस बोली- नहीं किया गया नजरबंद

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Updated Fri, 27 Nov 2020 01:48 PM IST
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नजरबंद की गईं महबूबा मुफ्ती और बेटी इल्तिजा
नजरबंद की गईं महबूबा मुफ्ती और बेटी इल्तिजा - फोटो : अमर उजाला

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर शुक्रवार को घर से नहीं निकलने दिया गया। पुलिस ने उन्हें मीडिया से मुलाकात करने की भी अनुमति नहीं दी। हालांकि, जम्मू कश्मीर पुलिस ने कहा है कि महबूबा को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है।
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महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने बताया कि वह और उनकी मां को पुलवामा स्थित पार्टी के यूथ विंग के लीडर वहीद उर रहमान पारा के घर जाना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर पर ही नजरबंद रखा। गुपकार स्थित उनके घर के मुख्य गेट पर ही सुरक्षा बलों की एक बख्तरबंद गाड़ी लगा दी गई और उन्हें बाहर आने नहीं दिया गया, ना ही किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।


इस बीच महबूबा ने कुछ दस्तावेज ट्वीट किए, जिसमें पुलवामा जिला पुलिस ने एसएसजी के निदेशक को ट्वीट में लिखा कि एसएसजी सुरक्षा प्राप्त महबूबा मुफ्ती को उनके दौरे के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं कारवाई जा सकती, क्योंकि अधिकतर कर्मी चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं। इसलिए उन्हें उनका आज का दौरा रद्द करने को कहा जाता है।

इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर दोपहर तीन बजे मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया। लेकिन जैसे ही मीडिया कर्मी उनके गुपकार स्थित घर के बाहर पहुंचे तो जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सभी को वहां से लौटा दिया और महबूबा के गुपकार स्थित उनके घर को जाने वाले रास्ते को सील कर दिया। 

पुलिस बोली सुरक्षा, कारणों से नहीं जाने दिया
जब सोशल मीडिया पर महबूबा के  हाउस अरेस्ट की खबर वायरल होने लगी तो जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि महबूबा को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। केवल सुरक्षा कारणों से उनका पुलवामा दौरा रद्द करने को कहा गया है। 

भाजपा नेता पूरे कश्मीर में घूम रहे, सुरक्षा कारण सिर्फ मेरे लिए
इसके बाद  महबूबा ने फिर एक ट्वीट कर प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पिछले दो दिनों से वहीद के घर जाने से रोका जा रहा है। क्या सुरक्षा कारण मेरे ही लिए हैं, क्योंकि भाजपा के नेता कश्मीर के हर कोने में घूम रहे हैं। मुझे बिना किसी लिखित ऑर्डर के नजरबंद रखा गया है। 

गेट पर  ट्रक खड़ा कर देना प्रशासन की एसओपी: उमर
नेशनल कांफ्रेंस उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन करने का आरोप लगाया है। लिखा, प्रशासन की ओर से हमारे घरों के गेट पर एक ट्रक कर देना उनकी एसओपी का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि मेरे पिता के साथ भी हाल के दिनों में ऐसा ही किया गया। उन्हें नमाज के लिए नहीं निकलने दिया गया। व्यक्तिगत स्वतंत्रता को न्यायपालिका के हस्तक्षेप के बिना सरकार इसे अपनी वसीयत मानती है। मालूम हो कि नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुलला को 30 अक्टूबर को ईद-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर हजरतबल दरगाह में नमाज के लिए नहीं जाने दिया गया था।

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