जम्मू-कश्मीरः कृष्णा घाटी में पाकिस्तान ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन, सेना का एक जवान शहीद

विज्ञापन
Prashant Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 21 Jan 2021 06:14 PM IST
हवलदार निर्मल सिंह की फाइल फोटो
हवलदार निर्मल सिंह की फाइल फोटो - फोटो : भारतीय सेना

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में कृष्णाघाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अकारण संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इस दौरान सीमा पार से भारी गोलाबारी की गई। भारतीय सेना के जवानों ने दुश्मन की गोलाबारी का कड़ा जवाब दिया। इस घटना में सेना के हवलदार निर्मल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन


जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि हवलदार निर्मल सिंह बहादुर और ईमानदार सैनिक थे। उनके सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए राष्ट्र हमेशा उनका ऋणी रहेगा।


उधर, अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ और सांबा जिले में ड्रोन से हथियार गिराने के लिए पाकिस्तान ने साजिशें तेज कर दी हैं। जम्मू-कश्मीर में सांबा से गुजरने वाला हाईवे अंतरराष्ट्रीय सीमा से सबसे नजदीक पड़ता है। विजयपुर में एम्स के नजदीक हाईवे की जीरो लाइन से दूरी बमुश्किल छह किलोमीटर है। इसी नजदीकी को भुनाने के लिए पाकिस्तान ने हाल के समय में सुरंगें खोदने और ड्रोन से हथियार गिराने का सिलसिला तेज किया है। ड्रोन से हथियार गिराने की ताजा घटना भी इसी क्रम को दर्शाती है।

यह भी पढ़ेंः लद्दाख की रहस्यमयी पहाड़ी जहां छुपा है गहरा राज, जानिए कैसे खुद-ब-खुद ऊपर चढ़ती हैं गाड़ियां  

नगरोटा में मारे गए आतंकियों का रूट भी सांबा जिले में खोदी गई सुरंग से जुड़ा था। वहीं कई बार ड्रोन से हथियार गिराने की घटनाएं हो चुकी हैं। दरअसल बसंतर और देविका नदी जिस जगह आपस में जुड़ती हैं, उससे बिल्कुल नजदीक अंतरराष्ट्रीय सीमा पड़ती है। इसी नदी क्षेत्र को आतंकी गतिविधियाें के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस रूट से हाईवे और सीमा की दूरी छह किलोमीटर से भी कम है। 

यह भी पढ़ेंः कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्दः हाथ पैर की हड्डियां तोड़ी, आंख फोड़ी फिर... 

रक्षा सूत्रों के अनुसार सुरंग से आतंकी घुसपैठ होने पर आतंकियों के लिए हाईवे तक पहुंचने का फासला अन्य इलाकों की तुलना में काफी कम है। यही वजह है कि सीमा पार से आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए सांबा सेक्टर में हलचल तेज की गई है। हाईवे के दोनों तरफ नदी का क्षेत्र है जबकि उत्तर दिशा में जंगल क्षेत्र है, जिसे संदिग्ध गतिविधियाें के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। बंसतर व देविका नदी क्षेत्र आतंकी घुसपैठ के पुराने मार्ग रहे हैं। इन्हीं मार्गों को आतंकी दोबारा सक्रिय करने की फिराक में हैं।


 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X