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पहाड़ों पर बदला मौसमः द्रास और गुलमर्ग में बर्फबारी, मुगल रोड वाहनों के लिए बंद

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह/शिमला  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 26 Oct 2020 05:37 AM IST
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श्रीनगर-लेह हाईवे पर बर्फबारी...
श्रीनगर-लेह हाईवे पर बर्फबारी... - फोटो : amar ujala

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पहाड़ों पर रविवार को मौसम ने करवट बदली। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुगल रोड, गुलमर्ग और द्रास में रविवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इसको देखते हुए एहतियातन मुगल रोड पर यातायात की आवाजाही को बंद कर दिया गया है। 
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वहीं, हिमाचल में दोपहर बाद से रोहतांग सहित लाहौल के घेपन पीक, लेडी आफ केलांग, मुलकिला, नीलकंठ, कुगती पास के अलावा शिकराअप की पहाड़ियों पर बर्फ के फाहे गिरे। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और लद्दाखियों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले श्रीनगर-लेह हाईवे पर लद्दाख के प्रवेश द्वार द्रास सेक्टर में श्रीनगर लेह हाइवे पर हिमपात के लगातार जारी रहने की सूरत में जोजिला दर्रा बंद होने के आसार बन गए हैं। 


सामान्य रूप से जोजिरा दर्रा नवंबर माह में बंद होता है। पहले ही सीजन में निर्धारित समय से पहले बर्फबारी का असर जोजिला दर्रे पर 14.2 किमी लंबी सुरंग के निर्माण पर पड़ सकता है। 

कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में  आज बारिश-बर्फबारी के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार अगले 24 घंटों में कश्मीर संभाग के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी या बारिश के आसार हैं। जम्मू संभाग में मौसम हालांकि शुष्क ही बना रहेगा। 
एलएसी पर बढ़ेंगी दुश्वारियां
लद्दाख में एलएसी के पास की चोटियों पर पारा माइनस में पहुंच चुका है। सर्दी सीजन अपने सामान्य शेड्यूल से पहले शुरू होने पर अग्रिम इलाकों में तैनात सैन्य जवानों की दुश्वारियां भी बढ़ सकती हैं। हालांकि सेना की ओर से जवानों के लिए हीटिंग सिस्टम से लेकर रहने-खाने की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।  

जोजिला सुरंग के काम पर भी होगा असर
दशकों इंतजार के बाद जोजिला दर्रे पर 14.2 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण 15 अक्तूबर से शुरू किया गया है। निर्माण एजेंसी अभी भी मशीनरी समेत अन्य सामान पहुंचाने में जुटी हुई है। पहले ही सीजन में निर्धारित समय से पहले बर्फबारी का असर सुरंग निर्माण पर पड़ सकता है। मेघा कंस्ट्रक्शंस के एक प्रतिनिधि ने बताया कि समुद्रतल से अत्यधिक ऊंचाई और मौसम की दुश्वारियों के बीच समय से निर्माण चुनौती है। पहला साल चूंकि सर्दियों की आमद पर शुरू हो रहा है, ऐसे में आगामी कुछ महीनों में काम की ज्यादा गति निकलना मुश्किल है। हालांकि हर संभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर निर्माण जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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